फिट रहना है तो प्याज से करें प्यार

स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधित सभी प्रकार के प्रश्नों के लिए आप हमसे संपर्क  कर सकते हैं

स्वास्थ्य सम्बंधित समस्या के लिए फार्म भरें .

या 

WhatsApp No 6396209559  या

हमें फ़ोन काल करें 6396209559

 

प्याज से करें प्यार

प्याज का प्रयोग लगभग प्रत्येक भारतीय रसोई में कच्चे एवं पक्के दोनों रूप में किया जाता है। इसका लैटिन नाम ऐलियम सिफा है। यह जमीन के अंदर उगती है। इसकी ऊपरी शक्ल गहरे कत्थई, लाल तथा सफेद रंगों में होती है। प्याज की प्रकृति गर्म और खुश्क होती है। रसोई में इसकी पैठ मध्य तथा उत्तर भारत में बहुतायत से है। इसे गरीबों की कस्तूरी कहा जाता है। इसका उत्पादन गर्मी में ज्यादा होता है। यही कारण है कि गर्मी में लगने वाली लू का इलाज भी यही प्याज है।

प्याज में विटामिन सी, लोहा, गंधक, तांबे जैसे बहुमूल्य खनिज पाए जाते हैं, जिनसे शारीरिक शक्ति बढ़ती है। खाने के साथ कच्चे प्याज का सेवन लाभदायक होता है। जहां पर इसका उपयोग शाकाहार अथवा मांसाहार व्यंजनों को स्वादिष्ट बनाने में किया जाता है, वहीं पर प्याज के कई औषधीय फायदे भी हैं-

  • प्याज का रस कनपटियों और छाती पर मलने से लू नहीं लगती। खाने के साथ कच्चे प्याज का सेवन लाभदायक होता है।
  • कान में दर्द अथवा मवाद बहने की शिकायत होने पर प्याज के रस की (5-6 बूंदें) हल्का गर्म करके कान में डालने से आराम मिलता है।
  • गाय के ताजे दही के साथ कच्चा प्याज काटकर खाने से खून के दस्त में आराम मिलता है। प्याज का रस नाभि पर लेप करने से दस्त बंद हो जाते हैं।
  • आधा कप सफेद प्याज के रस में गुड़ और पिसी हल्दी मिलाकर प्रात: व शाम को पीने से पीलिया में लाभ होता है। छोटे प्याज को छीलकर चौकोर काटकर सिरके या नींबू के रस में भिगो दें, ऊपर से नमक व काली मिर्च डाल दें। पीलिया का यह शर्तिया इलाज है।
  • प्याज से हृदय-धमनियों में रुधिर के थक्के नहीं बनते और इस प्रकार हृदय संभावित क्षतियों से बचा रहता है।
  • यदि किसी कुत्ते ने काट लिया हो, तो कटे हुए स्थान पर प्याज को पीसकर शहद के साथ मिलाकर लगाने से विष का प्रभाव जाता रहता है।
  • सरसों का तेल व प्याज का रस मिलाकर मालिश करने से गठिया के रोगी को लाभ पहुंचता है।
  • प्याज को कूटकर सूंघने से खांसी, सांस-गले के रोग, टॉन्सिल व फेफड़े के कष्ट दूर होते हैं।
  • प्याज के रस में शहद मिलाकर चाटने से दमा और खांसी में आश्चर्यजनक सुधार होता है।
  • प्याज का रस नाक व गले के संक्रमण को दूर करता है।
  • यह जुकाम की सर्वोत्तम औषधि है। कच्चा प्याज खाने से जुकाम का पानी नाक से बहना बंद हो जाता है।
  • दांत या मसूड़ों में दर्द होने पर कच्चे प्याज का टुकड़ा उस जगह पर रख देने से दर्द कम हो जाता है।
  • प्याज में अदरक का रस मिलाकर देने से उल्टी बंद हो जाती है।
  • अगर आपको पथरी की शिकायत है, तो प्याज आपके लिए बहुत उपयोगी है।
  • प्याज के रस को चीनी में मिलाकर शरबत बनाकर पीने से पथरी से निजात मिलती है। प्याज का रस सुबह खाली पेट पीने से पथरी अपने आप कटकर बाहर निकल जाती है।
  • बाल गिरने की समस्या से निजात पाने के लिए प्याज अत्यंत लाभदायक है। गिरते हुए बालों के स्थान पर प्याज का रस रगडऩे से बाल गिरना बंद हो जाएंगे।
  • इसके अलावा प्याज कई अन्य शारीरिक बिमारियों जैसे मोतियाबिंद, सिरदर्द और सांप के काटने पर भी प्रयोग किया जाता है।

 

(साभार - शशिकांत सदैव, साधना पथ)