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Updated: 44 min 56 sec ago

ईमेल को हैकरों से कैसे रखें सुरक्षित

22 February, 2018 - 19:08

अपने ईमेल को हैकरों से कैसे सुरक्षित रखने के लिए पांच आदतें सबको जरूर अपनानी चाहिए.
ईमेल एड्रेस किसी की भी ऑनलाइन दुनिया का सबसे अहम हिस्सा होता है.
सभी जानकारी, पासवर्ड, बैंक के ट्रांसक्शन और स्टेटमेंट, क्रेडिट कार्ड की जानकारी और सोशल मीडिया नोटिफिकेशन सभी ईमेल पर ही होते हैं. इन्हें एक दूसरे से अलग करके रखना बहुत ज़रूरी है क्योंकि अगर किसी ने इस ईमेल को हैक कर लिए तो आपके लिए बहुत परेशानी हो जायेगी.
इसलिए ईमेल पर काम करते समय सुरक्षा की कुछ बातों का ज़रूर ध्यान रखना चाहिए. अगर इन आदतों को आप अपना सकेंगे तो अपने लिए ऑनलाइन सुरक्षा बेहतर कर सकेंगे.

जीमेल ने शुरू की ब्लॉक व अनसब्सक्राइब सेवा

22 February, 2018 - 19:08

अनडू ऑप्शन देने के बाद गूगल ने यूजर्स के लिए जीमेल सेवा में ब्लॉक और अनसब्सक्राइब जैसी सुविधाएं मुहैया कराई हैं। इसकी सहायता से यूजर्स सिर्फ कुछ क्लिक में ईमेल आईडी को ब्लॉक और न्यूजलेटर्स को अनसब्सक्राइब कर सकते हैं।

गूगल ने एक ब्लॉगपोस्ट में कहा है कि नए फीचर्स का इस्तेमाल करते हुए यूजर्स वेब पर जीमेल का उपयोग करके विशेष ईमेल एड्रेस को ब्लॉक कर सकते हैं। अगले हफ्ते से यह सेवा एंड्राइड पर भी उपलब्ध होगी। गूगल प्रोडक्ट मैनेजर श्रीहर्षा सोमांची ने बताया कि इसके बाद आगे से आने वाले मेल अपने आप स्पैम फोल्डर में जाएंगे। इसके अलावा आप सेटिंग में जाकर इसे अनब्लॉक भी कर सकते हैं।

कम्‍प्‍यूटर से नहीं सुधरती है स्‍कूली बच्‍चों की पढ़ाई

22 February, 2018 - 19:08

एक सर्वे में पता चला है कि कम्‍प्‍यूटर से पढ़ाई करने वाले छात्रों का प्रदर्शन अन्‍य छात्रों से अधिक या अलग नहीं होता है। ऑर्गनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक कोऑपरेशन एवं डवलपमेंट (ओईसीडी) नाम की एक संस्‍था ने भारतीय स्‍कूलों में सर्वे करने के बाद यह रिपोर्ट जारी की है।

भारत के अधिकांश स्‍कूलों में बच्‍चों को कम्‍प्‍यूटर की सुविधा प्राप्‍त है। इन स्‍कूलों के छात्रों के परीक्षा परिणाम की तुलना उन स्‍कूल के बच्‍चों से की गई, जिनके पास कम्‍प्‍यूटर नहीं है। इससे प्राप्‍त परिणाम में कोई फर्क सामने नहीं आया।

LG वॉलपेपर टीवी जिसे आप दीवार पर चिपका सकेंगे

14 February, 2018 - 00:55

फ्लैट स्‍क्रीन टीवी को दीवार पर माउंट करने में पैसे तो खर्च होते ही हैं साथ ही इसके अनुसार आपको अपने बैठक कक्ष का डिजाइन और इंटीरियर भी बदलना पड़ता है। लेकिन अब ऐसा नहीं करना पड़ेगा। एलजी ने इसका उपाय खोज लिया है।

कंपनी ने एक नया टीवी बनाया है, जिसे दीवार पर टांगा नहीं जाएगा, बल्कि चिपकाया जा सकेगा। वॉलपेपर टीवी नाम से बनाए गए इस टीवी की मोटाई मात्र 1 मिलीमीटर है और इसे चुंबक की मदद से दीवार पर चिपकाया जा सकेगा।

नया गूगल ग्‍लास : बिना कांच के

14 February, 2018 - 00:54

गूगल अपने बहुचर्चित प्रोजेक्‍ट गूगल ग्‍लास को दोबारा लॉन्‍च करने की तैयारियां पूरी करने में जुटा हुआ है। ऐसी खबरें हैं कि कंपनी बिना ग्‍लास वाला गूगल ग्‍लास भी लॉन्‍च कर सकती है।

यानी नए गूगल ग्‍लास को बिना ग्‍लास के लॉन्‍च किया जा सकता है लेकिन इसमेमं ऑडियो की सुविधा बनी रहेगी। ग्‍लास प्रोजेक्‍ट पर गूगल के आरा प्रोजेक्‍ट की टीम ही काम कर रही है।

आपको याद होगा कि गूगल ग्‍लास का पहला प्रोटोटाइप 2013 में पेश किया गया था, हालांकि तकनीकी कारणों से कंपनी ने उसे जनवरी 2015 में बाजार से वापस ले लिया था।

घोंघे के दिमाग से समझदार बनेगा रोबोट

14 February, 2018 - 00:54

एक शोध में सामने आया है कि घोंघा के मस्तिष्क में मात्र दो ही कोशिकाएं होने के बावजूद यह मुश्किल परिस्थिति में कठिन फैसला लेने में सक्षम होता है.
घोंघा के दिमाग की इस खूबी से वैज्ञानिक प्रभावित हैं और वह रोबोट का दिमाग ऐसा ही बनाना चाहते हैं ताकि उसे वह आधिक प्रभावी और समझदार बन सके.

शोध के अनुसार घोंघा भले ही तुरंत निर्णय नहीं ले पाते लेकिन वे कठिन परिस्थितियों में अपना दिमागी संतुलन बनाए रखते हैं और कड़े निर्णय लेने में सक्षम होते हैं. 

गूगल पर भूल कर भी न करें ये सर्च

14 February, 2018 - 00:54

गूगल पर सर्च करने से पहले ये जानना बेहद जरुरी है कि कौन सी चीजें सर्च कपरने से हमें बचना चाहिए

स्मार्टफोन के लिए एन्क्रिप्शन क्यों ज़रूरी है

14 February, 2018 - 00:54

स्मार्टफोन के लिए एन्क्रिप्शन क्यों ज़रूरी  है 
स्मार्टफ़ोन पर रहने वाला डेटा किसी के लिए भी बेशकीमती होता है. फेसबुक पर सभी की पर्सनल जानकारी, बैंक और खरीदारी के बारे में एसएमएस और न जाने कितनी तरह की और जानकारी मैसेज में छुपी होते हैं. इसीलिए सभी स्मार्टफ़ोन पर डेटा को एन्क्रिप्ट किया जा सकता है.
किसी भी हैकर के लिए आपके बारे में जानकारी इकठ्ठा करना पहला कदम होता है. इसमें आपका नाम, जन्म की तारीख, ईमेल, दोस्त और सहकर्मियों के बारे में जानकारी होती है. ये कभी कभी बड़े आसानी से मिल जाती है.

इस साल विज्ञान की सबसे बड़ी खोज

14 December, 2017 - 13:14

आसमान में आग

अंतरिक्ष पर नज़र रखने वाले वैज्ञानिकों ने 15 फ़रवरी को एक छोटे से ग्रह को धरती के क़रीब आते देखा.

मगर इसके सुरक्षित गुज़रने के बाद दस हज़ार टन की एक अंतरिक्षीय चट्टान रूस के चेल्याविंस्क के ऊपर आसमान में जलकर राख हो गई. हालांकि उसके अवशेषों के ज़मीन पर गिरने से क़रीब एक हज़ार लोग घायल हो गए और आस-पास की कई इमारतों को नुकसान पहुंचा.

इस असाधारण घटना ने वैज्ञानिकों को क्षुद्र ग्रह के 'हमले' का अध्ययन करने का दुर्लभ संयोग दिया. इस जांच के लिए गाड़ियों के डैशबोर्ड पर लगे कैमरों को धन्यवाद देना चाहिए.

800 साल पुराना मोबाइल फोन पाया गया!

18 November, 2017 - 06:00

ऑस्ट्रिया की खुदाई में 800 साल पुराना मोबाइल फोन पाया गया! 800 ऑस्ट्रिया। यूं तो मोबाइल फोन का आविष्कार आधिकारिक रूप से आज से तकरीबन 40 साल पहले हुआ था। लेकिन ऑस्ट्रिया में पुरातत्व विभाग की खुदाई में एक मोबाइल फोन मिला है जिसके 800 साल पुराने होने का दावा किया जा रहा है।  खुदाई में जो मोबाइल फोन पाया गया है वह देखने में 1990 के दशक का लगता है जिसकी सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा हो रही है। फोन के बटन स्फानलिपि के लगते हैं, जोकि प्राचीन समय में प्रयोग होती थी। वैज्ञानिकों का दावा है कि यह फोन मेसोपोटामिया सभ्यता के लोग इस्तेमाल करते थे। इस फोन के बारे कई तरह के दावे किये जा रहे हैं, जिसमें कहा ज

पृथ्वी के भीतर हैं महासागर जाने विस्तार से

18 November, 2017 - 04:56

एक हीरे के अंदर पाई गई रहस्यपूर्ण चट्टान ने इस सवाल को अहम बनाया कि पृथ्वी की सतह के नीचे क्या-क्या छिपा है.

इस रहस्यपूर्ण चट्टान में पानी के कण मिलना महत्वपूर्ण खोज थी. ये चट्टानें हमें बताती हैं कि पृथ्वी के भीतर, सतह के 500-600 किलोमीटर नीचे सदियों पहले क्या हुआ. और वहां क्या मौजूद है.

वैज्ञानिक दशकों से इन सवालों से जूझ रहे हैं कि पृथ्वी पर पानी कैसे आया, महासागर कैसे बनें और क्या पृथ्वी की सतह के नीचे और महासागर छिपे हुए हैं?

अब तक मनुष्य ने पृथ्वी की सतह के नीचे जो सबसे गहरा गड्ढ़ा बनाया है वो 10 किलोमीटर तक ही पहुँच पाया है.

हवा से बिजली तैयार हो सकेगी

18 November, 2017 - 04:56

हवा से मुफ़्त में बिजली बनाना, एक फंतासी जैसा लगता है लेकिन व्यवसायी और पूर्व वैज्ञानिक लॉर्ड ड्रेसन ने लंदन के रॉयल इंस्टीट्यूशन में एक ऐसी ही तकनीक का प्रदर्शन किया.

उनका दावा है कि फ़्रीवोल्ट नामक यह टक्नोलॉजी हवा में मौजूद तरंगों की ऊर्जा को इस्तेमाल कर बहुत कम उर्जा से चलने वाले उपकरणों जैसे सेंसरों को बिजली मुहैया कराई जा सकती है.

असल में इस टेक्नोलॉजी में हवा में 4जी और डिज़िटल टेलीविज़न की रेडियो तरंगों की ऊर्जा का इस्तेमाल होता है.

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