विज्ञान एवं तकनीकी समाचार

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Updated: 3 hours 24 min ago

क्‍या जीवनसीमा का पूण विकास हो चुका है

11 July, 2017 - 03:29

चुनौतियां सिद्धांतों का कहना है कि मानव जीवन काल एक सीमा तक पहुंच रहा है, शोधकर्ताओं ने पाया है कि अभी कोई भी प्रमाण नहीं मिला है कि मानव जीवन की सीमा बढ़ना बंद हो गई है। इस बारे में कुछ भी निश्चित नहीं कहा जा सकता है।

पिछले अध्ययनों में शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला है कि मानव उम्र की उच्‍चतम सीमा करीब 115 वर्ष है।

हालांकि, नेचर जर्नल में प्रकाशित हुए नए अध्‍ययन में, एक निष्‍कर्ष निकला था कि ऐसी कोई लिमिट निर्धारित नहीं किया गया है।

स्मार्टफ़ोन है तो लिखने की ज़रुरत नहीं

24 June, 2017 - 22:47

स्मार्टफ़ोन है तो लिखने की ज़रुरत नहीं
किसी भी जगह अगर कुछ लिखना है तो उसके लिए अब कॉपी और कलम नहीं चाहिए.
एंड्राइड स्मार्टफोन पर गूगल कीप किसी के भी काम आ सकता है.
डिजिटल दुनिया में किसी भी बात को याद रखने का ये सबसे आसान तरीका है.
गूगल कीप इस्तेमाल करना बहुत आसान है. अपनी आवाज़ में कोई भी बात रिकॉर्ड कर लीजिये और फिर, अगर आप चाहें, तो वो खुद ही लिखे हुए शब्द में ट्रांसक्राइब हो जाएगा.
अपनी आवाज़ में कुछ भी रिकॉर्ड करने के लिए होम स्क्रीन पर 'गूगल नाउ' का इस्तेमाल कीजिये और 'माइक' को क्लिक करके रिकॉर्डिंग शुरू कर दीजिये.

केंद्र -जम्मू-कश्मीर में खुलेंगे 2 एम्स

24 June, 2017 - 22:47

श्रीनगर। जम्मू एवं कश्मीर सरकार ने गुरुवार को कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य में दो अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) खोलने की मंजूरी दे दी है। राज्य विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विधायक राजीव जसरोटिया के सवाल का जवाब देते हुए स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्री बाली भगत ने कहा कि राज्य सरकार को पिछले महीने इस मंजूरी की जानकारी मिली।
भगत ने कहा कि राज्य सरकार ने दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के अवंतीपुरा और जम्मू क्षेत्र के सांबा जिले में एम्स के लिए जगह दे दी है।

बारिश के लिए है आपका स्मार्टफोन?

24 June, 2017 - 22:47

आजकल कुछ महंगे और सस्ते स्मार्टफोन के विज्ञापन वाटर रेसिस्टेंट और वाटर प्रूफ कह कर बेचे जा रहे हैं.

एक टेलीविज़न विज्ञापन में तो स्मार्टफोन पानी में गिर जाता है और उसके बाद उसे उठा कर बातचीत आगे बढ़ा दी जाती है.

बारिश का मौसम है इसलिए ये समझना ज़रूरी है कि वाटर रेसिस्टेंट और वाटर प्रूफ के नाम से बिकने वाले स्मार्टफोन से आपको क्या उम्मीद करनी चाहिए.

अगर आप पानी में डूबने से ख़राब नहीं होने वाले स्मार्टफोन का इंतज़ार कर रहे थे तो वो इंतज़ार अभी काफी लंबा हो सकता है, क्योंकि कोई भी आम इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस वाटर प्रूफ नहीं होता है. स्मार्टफोन भी नहीं.

इस साल विज्ञान की सबसे बड़ी खोज

24 June, 2017 - 22:47

आसमान में आग

अंतरिक्ष पर नज़र रखने वाले वैज्ञानिकों ने 15 फ़रवरी को एक छोटे से ग्रह को धरती के क़रीब आते देखा.

मगर इसके सुरक्षित गुज़रने के बाद दस हज़ार टन की एक अंतरिक्षीय चट्टान रूस के चेल्याविंस्क के ऊपर आसमान में जलकर राख हो गई. हालांकि उसके अवशेषों के ज़मीन पर गिरने से क़रीब एक हज़ार लोग घायल हो गए और आस-पास की कई इमारतों को नुकसान पहुंचा.

इस असाधारण घटना ने वैज्ञानिकों को क्षुद्र ग्रह के 'हमले' का अध्ययन करने का दुर्लभ संयोग दिया. इस जांच के लिए गाड़ियों के डैशबोर्ड पर लगे कैमरों को धन्यवाद देना चाहिए.

घर जो खुद करेगा ढेरों काम

21 June, 2017 - 11:56

सोचिए, आपका घर खुद ब खुद साफ हो जाए। कपड़े धुल जाएं और सूख जाएं। घर का सारा सामान खुद ब खुद व्‍यवस्थित हो जाए। क्‍या ऐसा हो सकता है। हो सकता है कि आपके मन में यह सवाल उठ रहा हो कि यह सब काम कौन करेगा।

यदि इन सब कामों को घर खुद ही कर ले तो। जी हां, तकनीकी उन्‍नतिकरण के जिस युग में हम जी रहे हैं उसमें अगले कुछ वर्षों में यह संभव होने वाला है। 15 वर्ष बाद आपका घर स्‍मार्ट हाउस बन सकेगा और ऊपर बताए हुए सारे काम खुद ही कर लेगा।

साल 2030 इन सब कामों को करने के लिए आपके पास सोशल मीडिया शॉवर कर्टन, स्‍मार्ट स्‍केल, मैजिक मिरर और हर कमरे के लिए एक स्‍मार्ट गैजेट होगा।

दक्षिण अफ़्रीका: मानव जैसी प्रजाति की खोज

21 June, 2017 - 06:00

दक्षिण अफ़्रीका में वैज्ञानिकों ने गुफ़ाओं में बनी क़ब्रों में मानव जैसी नई प्रजाति खोजी है.

वैज्ञानिकों ने 15 आंशिक कंकाल पाए गए हैं जिसे अफ़्रीका में इस तरह की अब तक की सबसे बड़ी खोज बताया जा रहा है.

शोधकर्ताओं का दावा है कि ये खोज हमारे पूर्वजों के बारे में अब तक की हमारी सोच को ही बदल देगी.

भूकंप और सुनामी की चेतावनी देने वाला नया उपकरण

21 June, 2017 - 02:56

वैज्ञानिकों ने भूकंप या सुनामी के खतरे की पहले से चेतावनी देने वाला एक उपकरण तैयार किया है जिसका नाम "द ब्रिंको" रखा गया है। इसकी सुविधा मोबाइल एप के रूप में भी उपलब्ध है।

खास बात यह है कि द ब्रिंको अंतरराष्ट्रीय सीस्मिक नेटवर्क से जुड़ा होता है और क्षेत्र में भूकंप या सुनामी का खतरा होने पर यह बोलकर, फ्लैश लाइट और अलार्म के जरिये चेतावनी देता है।

धातु निर्मित सिलेंडरनुमा इस उपकरण में प्राकृतिक आपदाओं को मापने वाला मॉनीटरिग सिस्टम लगा होता है। भूकंप की चेतावनी यह पांच-दस या तीस मिनट पहले देता है, लेकिन सुनामी के बारे में घंटों पहले चेतावनी देता है।

व्हाट्सऐप बना सिर दर्द मोबाइल कंपनियों के लिए

20 June, 2017 - 22:48

हर महीने व्हाट्सऐप को 100 करोड़ से भी ज़्यादा लोग इस्तेमाल करते हैं.
दुनिया का ये सबसे पसंदीदा मेसेजिंग सर्विस है और टेलीकॉम कंपनियों के लिए ख़ासा सिर दर्द बन गया है.
सभी उम्र के लोगों के बीच ये काफी पसंद किया जाता है और इसीलिए दुनिया भर में इसकी धूम है.
53 भाषाओँ और 109 देशों में काम करने वाले व्हाट्सऐप पर आजकल हर दिन औसतन 42 सौ करोड़ मैसेज भेजे जाते हैं. यह संख्या तेज़ी से बढ़ रही है.

हिमालय में आ सकता है एम 8 तीव्रता का भूकंप

20 June, 2017 - 22:48

हिमालय रेंज में जनवरी 2016 में एम 8 तीव्रता का भूकंप आने की संभावना है। रूस के वैज्ञानिक वी. कोस्वोकोव ने यह भविष्यवाणी की है। हालांकी इस भविष्यवाणी में भूकंप का केन्द्र के बारे में कोई खुलासा नहीं किया है। रूसी वैज्ञानिक की इस चेतावनी के बाद राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण हिमालय के साथ लगे राज्यों हिमाचल, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा व जम्मू कश्मीर की सरकारों को कई माह पहले ही पत्र लिखकर आगाह कर चुका है।

कैसा है बिना बैटरी वाला कैमरा जाने यहां

20 June, 2017 - 22:48

डिजनी रिसर्च एवं यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन के वैज्ञानिकों ने बताया है कि ऊर्जा-संरक्षित कैमरों से युक्त संवेदी नोडों का एक नेटवर्क, अपने विषय से प्राप्त संकेतों को सूंघकर स्वतः ही हर कैमरे के पोज अर्थात् उसका रुख निश्चित कर सकता है। ऐसे नेटवर्क ‘इंटरनेट ऑफ थिंग्स' (आईओटी) का ही भाग हो सकते हैं, जिससे जानकारियों का आदान-प्रदान हो सकता है। 

प्लूटो से छिन गया ग्रह का दर्जा

4 June, 2017 - 10:44

नासा ने जब मिशन 'न्यू होराइजन्स' रवाना किया था, उस समय प्लूटो को सोलर सिस्टम (सौरमंडल) के नौंवे ग्रह का दर्जा हासिल था। इस मिशन के लिए स्पेसक्राफ्ट के रवाना होने के कुछ महीने बाद ही नए पिंडों की खोज को मान्यता देने और उन्हें नाम देने वाली अंतरराष्ट्रीय एजेंसी इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमिकल यूनियन ने पहली बार ग्रहों की परिभाषा तय करने पर बहस छेड़ दी। इसके बाद प्लूटो से ग्रह का दर्जा छीन गया और इसकी पहचान क्वीपर बेल्ट के मलबे के ढेर में मौजूद एक बौने ग्रह की रह गई। अब इसे आधिकारिक तौर पर 'एस्ट्रॉएड नंबर 134340' से जाना जाता है।