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प्राकर्तिक जीवन शैली

प्राकर्तिक जीवन

हम सब जानते है कि लकड़ी की चीज़ की मरम्मत लकड़ी से होती है, कपडे की चीज़ की मरम्मत कपडे से होती है, सोने की चीज़ की मरम्मत सोने से होती है| इसी तरह मानव देह  की मरम्मत उन्ही 5 तत्वों से होगी जिनसे यह बनी हैं | इसमें दवाइयों का कोई स्थान ही नहीं है |

मानव शरीर 5 तत्वों से बनी है आकाश, वायु, अग्नि, जल और पृथ्वी | हम ढूंढते है कि iron, calcium, विटामिन कहाँ से मिलेंगा पर आकाश तत्व कहाँ से मिलगा ? जरा जानिये |

पुदीना खाने के औसधीय फायदे

पुदीना खाने

तनाव को करें दूर

पुदीने से आने वाली तेज खुशबू और इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स हमें तनाव से छुटकारा दिलवाने में मदद करते हैं ।

पेट की बीमारियां होंगी दूर

पुदीने की पत्तियों का ताजा रस नींबू और शहद के साथ समान मात्रा में लेने से पेट की सभी बीमारियों में आराम मिलता है।

मुंह की बदबू होगी दूर

बैक्टीरिया से लड़ता है नीम

बैक्टीरिया

दुनिया बैक्टीरिया से भरी पड़ी है। हमारा शरीर बैक्टीरिया से भरा हुआ है। एक सामान्य आकार के शरीर में लगभग दस खरब कोशिकाएँ होती हैं और सौ खरब से भी ज्यादा बैक्टीरिया होते हैं। आप एक हैं, तो वे दस हैं। आपके भीतर इतने सारे जीव हैं कि आप कल्पना भी नहीं कर सकते। इनमें से ज्यादातर बैक्टीरिया हमारे लिए फायदेमंद होते हैं। इनके बिना हम जिंदा नहीं रह सकते, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं, जो हमारे लिए मुसीबत खड़ी कर सकते हैं। अगर आप नीम का सेवन करते हैं, तो वह हानिकारक बैक्टीरिया को आपकी आंतों में ही नष्ट कर देता है।

वात रोग : का उपचार

वात रोग

वात, पित्त और कफ तीनों में से वात सबसे प्रमुख होता है क्योंकि पित्त और कफ 
भी वात के साथ सक्रिय होते हैं। शरीर में वायु का प्रमुख स्थान पक्वाशय में होता है
 और वायु का शरीर में फैल जाना ही वात रोग कहलाता है। हमारे शरीर में वात 
रोग 5 भागों में हो सकता है जो 5 नामों से जाना जाता है।
वात के पांच भाग निम्नलिखित हैं-
• उदान वायु - यह कण्ठ में होती है।
• अपान वायु - यह बड़ी आंत से मलाशय तक होती है।
• प्राण वायु - यह हृदय या इससे ऊपरी भाग में होती है।
• व्यान वायु - यह पूरे शरीर में होती है।
• समान वायु - यह आमाशय और बड़ी आंत में होती है।

रिफाईनड तेल बनता कैसे हैं

रिफाईनड तेल बनता कैसे हैं

आप की हत्या की साजिश
रची गई है! 
और आप स्वयं ही आत्म हत्या के पक्ष में हैं! 
वो भी परिवार सहित.? 

आप का और आप के परिवार का जीवन बचाना चाहते हैं तो यह पोस्ट जरूर पढे!

सबसे ज्यादा मौतें देने वाला भारत में कोई है तो वह है... रिफाईनड तेल

 केरल आयुर्वेदिक युनिवर्सिटी आंफ रिसर्च केन्द्र के अनुसार, हर वर्ष 20 लाख लोगों की मौतों का कारण बन गया है... रिफाईनड तेल

आखिर भाई राजीव दीक्षित जी के कहें हुए कथन सत्य हो ही गये! 

पेट की गैस के घरेलू उपचार

पेट की गैस के घरेलू उपचार
  1. भोजन के साथ सलाद के रूप में टमाटर का प्रतिदिन सेवन करना लाभप्रद होता है। यदि उस पर काला नमक डालकर खाया जाये तो लाभ अधिक मिलता है। पथरी के रोगी को कच्चे टमाटर का सेवन नहीं करना चाहिए।
  2. आधा चम्मच सूखा अदरक पाउडर लें और उसमें एक चुटकी हींग और सेंधा नमक मिलाकर एक कप गर्म पानी में डालकर पीएं।
  3. गैस के कारण सिरदर्द होने पर चाय में काली मिर्च पाउडर डालें। वही चाय पीने से लाभ मिलता है।
  4. 2 चम्मच ब्रैंडी को गर्म पानी में कप में डालकर रात को सोने से पहले पिएं।
  5. स्लाइस की हुई कुछ ताजा अदरक नींबू के रस में भिगोकर भोजन के बाद चूमने से राहत मिलेगी।

WATER THERAPY कैसे करती है फायदा

WATER THERAPY

Water therapy क्या है ? इसके क्या फायदे हैं ?
जी ! Water therapy एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें आप बिना कोई डाइटिंग किए, बिना वर्कआउट किए अपना वज़न कम करते हैं, अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते है..
1. सुबह उठने के बाद बिना कुछ खाए आप 1 लीटर पानी पी लें। इससे आपका पेट एकदम साफ होगा। अनावश्यक चीजें आपके शरीर से बाहर निकल जाएगी।
2. खाना खाने से 45 मिनट पहले एक या दो ग्लास पानी पियें। इससे आपकी भूख कम हो जाएगी और आप को कम खाने की जरूरत होगी।

पहचानें डिप्रेशन के लक्षण

पहचानें डिप्रेशन के लक्षण

आइए हमारे व्यवहार में आनेवाले उन बदलावों पर नज़र डालते हैं, जो बताते हैं कि हम डिप्रेशन यानी अवसाद का शिकार बनते जा रहे हैं. डिप्रेशन से उबरने के लिए इसके लक्षणों और संकेतों को समझना बहुत ज़रूरी है. क्योंकि हम इस बारे में तभी मदद मांग सकते हैं, यदि हमें सही समय पर पता चल सकेगा कि हमारी ज़िंदगी में सबकुछ सही नहीं चल रहा है. ये हैं डिप्रेशन के कुछ लक्षण: 
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* ठीक से नींद न आना
* कम भूख लगना
* अपराध बोध होना
* हर समय उदास रहना 
* आत्मविश्वास में कमी

दूध से सौंदर्य निखार

दूध से  सौंदर्य निखार

कच्चे दूध को गुलाबजल में मिलाकर चेहरे पर लगाने से त्वचा पर निखार आता है। गुलाब के 2 फूलों को पीसकर आधा ग्लास कच्चे दूध में 30 मिनट तक भिगोएं, फिर इस लेप को आहिस्ता-आहिस्ता त्वचा पर मलें, सूखने पर ठंडे पानी से धुल दें, त्वचा गुलाबी और नर्म हो जाएगी। दूध में थोडा सा नमक मिलाकर चेहरे पर सुबह-शाम लगाने से मुहांसे दूर होते हैं। आधा चम्मच काला तिल और आधा चम्मच सरसों को बारीक पीसकर दूध में मिलाकर मुहांसे पर लगाने से मुहांसे समाप्त हो जाते हैं। नीबूं का रस, आलू का रस, आटे का चोकर दूध में मिलाकर उबटन बनाकर मुंहासे के समय लगाएं, मुहांसे समाप्त हो जाएंगे। होंठ अगर काले हो गए हों तो दूध को होठों पर लगा

एलोविरा प्रकृति का वरदान

एलोविरा प्रकृति का वरदान

एलोविरा त्वचा और बालों को खूबसूरत बनाता है वहीं इसका जूस पीने से भी कई फायदे होते हैं।  एलोविरा सनबर्न से राहत दिलाता है, दाग-धब्बे दूर करता है साथ ही बहुत अच्छा मॉइश्चराइजर है। त्वचा के अलावा एलोविरा बालों केलिए बेहतरीन कंडीशनर भी है। चेहरे पर एलोविरा लगाकर सो जाएं और सुबह ठंडे पानी से चेहरा धो लें। ऐसा नियमित करने से चेहरे के दाग-धब्बे दूर होते हैं साथ ही चेहरे पर झुर्रियां नहीं पड़तीं।

फूलगोभी के फायदे

फूलगोभी के फायदे

फूलगोभी की सब्जी खाने में बहुत स्वादिष्ट होती हैं। इसमें फाइबर, विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाया जाता है। फूलगोभी मैंगनीज, तांबा, लोहा, कैल्शियम और पोटेशियम जैसे खनिजों का एक अच्छा स्रोत है। फूलगोभी खाने से कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग, संक्रमण, अधिक वजन, सूजन जैसे कई अन्य बीमारियों को रोकने में मदद करता है।

कच्चे गोभी का प्रयोग

पैर के दर्द का घरेलू उपचार

पैर के दर्द का घरेलू उपचार

पैरों और टांगों में नसों का ऐंठना फूलना व सूजना - टांगों में ऐंठन - नस पर नस का चढ़ जाना - मांस-पेशियाँ में दर्द होना जैसे कि पिंडली में (टांग के पीछे) - माँस-पेशियों की ऐंठन :
कई लोगों को रात में सोते समय टांगों में एंठन की समस्या होती है। नस पर नस चढ़ जाती है। कई लोगों को टांगों और पिंडलियों में मीठा - 2 दर्द सा भी महसूस होता है। पैरों में दर्द के साथ ही जलन, सुन्न, झनझनाहट या सुई चुभने जैसा एहसास होता है।
ऐसा कई कारणों से होता है। कुछ दिन पहले मैने 'पैरों के तलवों में दर्द - कारण व् निवारण' विषय पर लिखा था।

पेचिश (नई या पुरानी)

पेचिश (नई या पुरानी)

स्वच्छ सौंफ ३०० ग्राम और मिश्री ३०० ग्राम लें। सौंफ के दो बराबर हिस्से कर लें। एक हिस्सा तवे पर भून लें। भुनी हुई और बची हुई सौंफ लेकर बारीक पीस लें और उतनी ही मिश्री (पिसी हुई) मिला लें। इस चूर्ण को छः ग्राम (दो चम्मच) की मात्रा से दिन में चार बार खायें। ऊपर से दो घूँट पानी पी सकते हैं। आंवयुक्त पेचिश - नयी या पुरानी (मरोड़ देकर थोडा-थोडा मल तथा आंव आना) के लिए रामबाण है। सौंफ खाने से बस्ती-शूल या पीड़ा सहित आंव आना मिटता है।

दही, भात, मिश्री के साथ खाने से आंव-मरोड़ी के दस्तों में आराम आता है।

करेले को खाये छिलके के साथ

 करेले को खाये छिलके के साथ

करेले का स्वाद भले ही कड़वा हो, लेकिन सेहत के लिहाज से यह बहुत फायदेमंद होता है. करेले में अन्य सब्जी या फल की तुलना में ज्यादा औषधीय गुण पाये जाते हैं. करेले को कुदरत ने कड़वा ने बनाया है लेकिन करेले को निचोड़ के उस की कड़वाहट निकाल देते हैं . करेले का छिलका नहीं उतारना चाहिए और उसका कड़वा रस नहीं निकालना चाहिए . हफ्ते में, पन्दरह दिन में एक दिन करेला खाना तबियत के लिए अच्छा है .

1-लकवे के मरीजों के लिए करेला बहुत फायदेमंद होता है. इसलिए लकवे के मरीज को कच्चा करेला खाना चाहिए.

2-लीवर से संबंधित बीमारियों के लिए तो करेला रामबाण औषधि है.

शहद के फायदे एवम उपयोग

शहद के फायदे

वजन कम करे – शक्कर के मुकाबले शहद में ज्यादा कैलोरी होती है, लेकिन ये शक्कर से कही ज्यादा फायदे पहुंचाती है| अगर आप वजन कम करना चाहते है, खासतौर पर पेट कम करना चाहते है, तो 1 गिलास गुनगुने पानी में आधा निम्बू, ½ चम्मच दालचीनी पाउडर व 1 चम्मच शहद मिलाकर पियें| रोजाना सुबह खली पेट पीने से आपको जल्दी फर्क समझ आएगा|

RO हटाओ, तुलसी लगाओ

RO

आरओ का पानी फिल्टर करने में पानी में उपस्थित जरूरी कैल्शियम और मैग्नीशियम 90% से 99% तक नष्ट हो जाते हैं इस तरह का पानी पीने से आपके शरीर में नुकसान होने की संभावना काफी बढ़ जाती है, यहाँ आपकी जानकारी के लिए बता दें एशिया और यूरोप के कई देश आरओ पर पूर्ण रुप से प्रतिबंध लगा चुके हैं.

गुड़ के बडे़ बडे़ गुण

गुड़ के बडे़ बडे़ गुण

गुड़ गन्ने से तैयार एक शुद्ध, अपरिष्कृत पूरी चीनी है। यह खनिज और विटामिन है जो मूल रूप से गन्ने के रस में ही मौजूद हैं। यह प्राकृतिक होता है। इसे चीनी का शुद्धतम रूप माना जाता है। गुड़ का उपयोग मूलतः दक्षिण एशिया मे किया जाता है। भारत के ग्रामीण इलाकों मे गुड़ का उपयोग चीनी के स्थान पर किया जाता है। गुड़ लोहतत्व का एक प्रमुख स्रोत है और रक्ताल्पता (एनीमिया) के शिकार व्यक्ति को चीनी के स्थान पर इसके सेवन की सलाह दी जाती है। भारतीय आयुर्वेदिक चिकित्सा के अनुसार गुड़ का उपभोग गले और फेफड़ों के संक्रमण के उपचार में लाभदायक होता है। गांधी जी के अनुसार चूँकि गुड़ तेजी से रक्त में नही मिलता है इसल

आंवला खाये, निरोगी हो जाए

आंवला

आंवले में एंटी ओक्सिडेंट होते हैं जो शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढाता है और ये मौसम में होने वाले बदलाव के कारन होने वाले वाइरल संक्रमण से भी बचाता है.

दाल खाने का ये फायदा

दाल खाने का ये फायदा

दाल प्रोटीन का एक अच्छा माध्यम है लेकिन एक नए शोध से खुलासा हुआ है कि इससे वजन भी घटाया जा सकता है. शोधकर्ताओं के मुताबिक 130 ग्राम सेम, मटर, राजमा, छोला या दाल रोजाना खाने से 6 हफ्तों में 340 ग्राम तक वजन कम किया जा सकता है.

दाल के गई सारे गुणों को जानने के बावजूद लोग इसे कम खाते हैं या खाते भी हैं तो कम मात्रा में.

प्रमुख शोधकर्ता टोरंटो के सेंट माइकेल्स अस्पताल के रसेल डिसूजा के अनुसार, हम सबको अपने आहार में दाल की मात्रा बढ़ाने की जरूरत है. खासतौर पर इसके वजन घटाने के गुणों को देखते हुए.

दूध पीने के कुछ नियम

दूध जहाँ पौष्टिक मन जाता है वहीं कुछ लोग दूध पीने से परहेज करते है बचपन में माँ बार बार दूध पिलाने का प्रयास करती थी लेकिन हम लोग बच कर भागते थे आज हम अपने बच्चों को दूध पिलाने का प्रयास करतें है 

 

आयुर्वेद के अनुसार दूध पीने के कुछ नियम

कुछ लोगों को दूध पीने के बाद हजम नहीं हो पाता। उन्‍हें पेट फूलने या फिर बार खराब होने की समस्‍या से जूझना पड़ता है। आयुर्वेद के अनुसार दूध पीने के कुछ नियम हैं, जिनका पालन करने से आपको दूध हजम हो जाएगा।

आयुर्वेद में हैं दूध पीने के कुछ नियम

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सोंठ के फायदे

सोंठ के फायदे

आंखों के रोग

सोंठ नीम के पत्ते या निंबोली पीसकर उसमें थोड़ा सा सेंधा नमक डालकर गोलियां बना लें। गोली को मामूली गर्म कर आंखों पर बांधने से आंखों की पीड़ा कम होती है।

 

वातनाशक औषधि

सोंठ में अदरक के सारे गुण मौजूद होते हैं। सोंठ दुनिया की सर्वश्रेष्ठ वातनाशक औषधि है। सोंठ में वायुनाशक गुण होने से यह विरेचन औषधियों के साथ मिलाई जाती है। यह शरीर में समत्व स्थापित कर जीवनी शक्ति और रोग प्रतिरोधक सामर्थ्य को बढ़ाती है।

 

कई बीमारियों का करेँ उपचार

वरदान है तुलसी

तुलसी

ज्यादातर हिंदू परिवारों में तुलसी की पूजा की जाती है. इसे सुख और कल्याण के तौर पर देखा जाता है लेकिन पौराणिक महत्व से अलग तुलसी एक जानी-मानी औषधि भी है, जिसका इस्तेमाल कई बीमारियों में किया जाता है. सर्दी-खांसी से लेकर कई बड़ी और भयंकर बीमारियों में भी एक कारगर औषधि है.

लहसुन के अनेक फायदे

लहसुन के अनेक फायदे

लहसुन सिर्फ खाने के स्वाद को ही नहीं बढ़ाता बल्कि शरीर के लिए एक औषधी की तरह भी काम करता है।इसमें प्रोटीन, विटामिन, खनिज, लवण और फॉस्फोरस, आयरन व विटामिन ए,बी व सी भी पाए जाते हैं। लहसुन शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता को बढ़ाता है। भोजन में किसी भी तरह इसका सेवन करना शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होता है आज हम बताने जा रहे हैं आपको औषधिय गुण से भरपूर लहसुन के कुछ ऐसे ही नुस्खों के बारे में जो नीचे लिखी स्वास्थ्य समस्याओं में रामबाण है।

व्रत कैसे करे

व्रत

व्रत से शरीर के डाइजेशन सिस्टम को आराम मिलता है और मेटाबॉलिक रेट बढ़ जाता है। हालांकि इस दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, वरना इसका उल्टा प्रभाव भी पड़ सकता है  व्रत के दौरान शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहि इसलिएत 6-8 गिलास पानी जरूर पिएं। डाइट में ऐसे फल शामिल करें, जिसमें पानी की मात्रा अधिक हो। अंगूर, लीची, संतरा, मौसमी ऐसे ही फल हैं। पेट खाली रहने से एसिडिटी बढ़ सकती है। अपने खाने में हाई कार्बोहाइड्रेट डाइट जैसे आलू, साबूदाना आदि को शामिल करें। ड्राई फ्रूट्स लें, इससे जरूरी एनर्जी मिलेगी और कमजोरी नहीं महसूस होगी।

मेथी दाना के लाभ

मेथी दाना

मेथी दाना -२५० ग्राम ,अजवाइन-१०० ग्राम ,काली जीरी-५० ग्राम ।
उपरोक्त तीनो चीज़ों को साफ़ करके हल्का सा सेंक लें ,फिर तीनों को मिलाकर मिक्सर मेंइसका पॉवडरबना लें और कांच की किसी शीशी में भर कर रख लें । रात को सोते समय १/२चम्मच पॉवडरएक गिलास गुनगुने पानी के साथ नित्य लें ,इसके बाद कुछ भी खाना यापीना नहीं है ।इसे सभी उम्र के लोग लेसकते हैं । फायदा पूर्ण रूप से ८०-९० दिन में हो जायेगा ।

योगा के फायदे

योगा के फायदे

योगा : योग एक प्राचीन भारतीय जीवन-पद्धति है। जिसमें शरीर, मन और आत्मा को एक साथ लाने (योग) का काम होता है। योग के माध्यम से शरीर, मन और मस्तिष्क को पूर्ण रूप से स्वस्थ किया जा सकता है। तीनों के स्वस्थ रहने से आप स्‍वयं को स्वस्थ महसूस करते हैं। योग के जरिए न सिर्फ बीमारियों का निदान किया जाता है, बल्कि इसे अपनाकर कई शारीरिक और मानसिक तकलीफों को भी दूर किया जा सकता है। योग प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाकर जीवन में नव-ऊर्जा का संचार करता है। 

तेज पत्ता के फायदे

तेज पत्ता

पाचन में सहायक

तेजपत्ता, पाचन में सहायक होता है और इसके सेवन से कई प्रकार के पाचन सम्बंधी विकार सही हो जाते हैं। अगर आपको कब्ज, एसिड और ऐंठन की शिकायत रहती है तो तेजपत्ता आपके लिए रामबाण साबित हो सकता है।

 

गठिया के रोग में आराम

तेजपत्ते में एंटीफंगल और एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं, यह फंगल या बैक्टीरियल इंफेक्शन को दूर करने में कारगर होता है। इसके प्रयोग से गठिया के रोग में आराम मिलता है।

 

रूसी दूर करें

क्यों होता है अल्जाइमर

क्यों होता है अल्जाइमर

ऐसा मस्तिष्क में तंत्रिका क्षति के कारण होता है, जिसे अक्सर एपीलोपोप्रिटिन ई नामक एक प्रोटीन के कारण होता है जो मस्तिष्क में प्लेग बनाता है। अल्जाइमर रोग के लिए कोई ज्ञात इलाज नहीं है। हालांकि इस रोग से लड़ने के लिए कुछ सावधानी बरती जा सकती है। एक स्वस्थ आहार कुछ हद तक इस रोग से लड़ने में मदद कर सकता है। वैज्ञानिकों ने पाया है कि जो हम खाते हैं वह अक्सर हमारे दिल और हमारे दिमाग को प्रभावित करता है। एक अच्छी डायट अल्जाइमर रोग को 53 फीसदी तक कम कर सकती है। अल्जीमर रोग से बचने के लिए डायट में यह चीजें शामिल होनी चाहिए।

 

खीरा खाने के फायदे

खीरा खाने के फायदे

बालों  त्वचा की देखभाल

खीरे में सिलिकन व सल्फर बालों की ग्रोथ में मदद करते हैं। अच्छे परिणाम के लिए आप चाहें तो खीरे के जूस को गाजर व पालक के जूस के साथ भी मिलाकर ले सकते हैं। फेस मास्क में शामिल खीरे के रस त्वचा में कसाव लाता है। इसके अलावा खीरा त्वचा को सनबर्न से भी बचाता है। खीरे में मौजूद एस्कोरबिक एसिड व कैफीक एसिड पानी की कमी( जिसके कारण आंखों के नीचे सूजन आने लगती है।) को कम करता है।

साधना के लिए नीम

साधना के लिए नीम

नीम आपके सिस्टम को साफ रखने के साथ उसको खोलने में भी खास तौर से लाभकारी होता है। इन सबसे बढ़ कर यह शरीर में गर्मी पैदा करता है। शरीर में इस तरह की गर्मी हमारे अंदर साधना के द्वारा तीव्र और प्रचंड ऊर्जा पैदा करने में बहुत मदद करती है।रोजाना नीम की चार-पांच कोमल पत्तियां चबाकर खाने से खून साफ होता है और कई प्रकार की संक्रामक बीमारियों से बचाव होता है।
1. चेचक का इंफेक्शन होने पर नीम के पत्तों को पानी में उबालकर नहाने से लाभ होता है।
2. फोड़े-फुंसियों पर भी नीम के पत्तों का लेप लगाने से फायदा होता है।

नारियल दाग हटाए

नारियल दाग हटाए

रुखी त्वचा के लिए नारियल तेल को रामबाण माना गया है। नारियल का तेल हल्का होता है और इसकी तासीर ठंडी मानी जाती है, इसलिए ये गर्मियों के लिए भी उपयुक्त है। नारियल के तेल से चेहरे के दाग-धब्बे धीरे-धीरे हल्के हो जाते हैं। ये झुर्रियों से बचाता है और एक बेहतरीन मॉइश्चराइजर है। चेहरे और त्वचा पर अरंडी या जैतून का तेल भी काफी असरकारक है। ये त्वचा में कसाव बनाए रखता है साथ ही रंगत भी निखारता है।

जौ का पानी पीने के फायदे

#1 कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करे
शरीर के सुचारु रूप से कार्य करने के लिए कोलेस्ट्रॉल का होना बहुत ही जरूरी है। इससे शरीर की प्रत्येक कोशिका जीवित रहती हैं। कोलेस्ट्रॉल के सामन्य स्तर बनाए रखने के लिए जौ का पानी बहुत ही फायदेमंद है। इसमें फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है और आपके दिल स्वस्थ रखने में भी मददगार साबित होता है।

काली मिर्च के औषधीय गुण

काली मिर्च के औषधीय गुण

जुकाम होने पर काली मिर्च मिलाकर गर्म दूध पीएं। यदि जुकाम बार-बार होता है, अक्सर छीकें आती हैं तो काली मिर्च की संख्या एक से शुरू करके रोज एक बढ़ाते हुए पंद्रह तक ले जाए फिर प्रतिदिन एक घटाते हुए पंद्रह से एक पर आएं। इस तरह जुकाम एक माह में समाप्त हो जाएगा।

खांसी होने पर आधा चम्मच काली मिर्च का चूर्ण और आधा चम्मच शहद मिलाकर दिन में 3-4 बार चाटें। खांसी दूर हो जाएगी।

गैस की शिकायत होने पर एक कप पानी में आधे नीबू का रस डालकर आधा चम्मच काली मिर्च का चूर्ण व आधा चम्मच काला नमक मिलाकर नियमित कुछ दिनों तक सेवन करने से गैस की शिकायत दूर हो जाती है।

सेहत के दोहे

सेहत के दोहे

पानी में गुड डालिए, बीत जाए जब रात!
सुबह छानकर पीजिए, अच्छे हों हालात!!
धनिया की पत्ती मसल, बूंद नैन में डार!
दुखती अँखियां ठीक हों, पल लागे दो-चार!!
ऊर्जा मिलती है बहुत, पिएं गुनगुना नीर!
कब्ज खतम हो पेट की, मिट जाए हर पीर!!
प्रातः काल पानी पिएं, घूंट-घूंट कर आप!
बस दो-तीन गिलास है, हर औषधि का बाप!!
ठंडा पानी पियो मत, करता क्रूर प्रहार!
करे हाजमे का सदा, ये तो बंटाढार!!
भोजन करें धरती पर, अल्थी पल्थी मार!
चबा-चबा कर खाइए, वैद्य न झांकें द्वार!!
प्रातः काल फल रस लो, दुपहर लस्सी-छांस!

यूरिक एसिड

यूरिक एसिड

सुबह एक पाव लौकी छोटे टुकड़े काटिये, कुकर या गंजी में  रखिये 1 कप पानी, 10 तुलसी पत्ते, 10 पुदीना पत्ते या 5 ग्राम पुदीना चूर्ण पंसारी के यहाँ से, 2 काली मिर्च पीसकर डालिये, कुकर में 1 सिटी लीजिये, उतारिये,पानी छान कर पीजिये गुनगुना। दोनों समय करिय।

इसके बाद एलोवेरा गिलोय रस लीजिये 20 मिली।

रात को हल्का भोजन करिय।
भोजन के बाद आरोग्यवर्धनी वटि 2  लीजिये 3 माह।

भोजन के बाद सोना या या आराम करना नही।

भोजन के बाद सौफ मिश्री खाये। 

बिना भूख के भोजन ना करे। 

भूख लगने पर तुरंत थाली वाला भोजन करिय।

खट्टी चीजो से परहेज

सेंधा नमक के फायदे

सेंधा नमक

पाचन समस्याओं के लिए फायदेमंद सेंधा नमक
सेंधा नमक का उपयोग पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है। इसका सेवन करने से आँतों और पेट से गैस बाहर निकलती है। इसके साथ ही इससे भूख संबंधी समस्या भी दूर होती है। सेंधा नमक पेट की गैस के उत्पादन को कम करने में सहायक होता है। इसके साथ ही यह सीने की जलन को भी कम करता है।

पायरिया के लक्षण और कारण

पायरिया के लक्षण और कारण

नियमित आहार और दाँतों की रक्षा में रुक्षांस की कमी या पूर्ण रूप से अभाव, दाँतों में खान पान के कण अटकना और दाँतों का सड़ना, दाँतों पर अत्यधिक मैल जमना, मुँह से दुर्गन्ध का निकलना और मुँह में अरुचिकर स्वाद का निर्माण होना, जीवाणुओं का पसरण, मसूड़ों में जलन का एहसास होना और छालों का निर्माण होना, जरा सा छूने पर भी मसूड़ों से रक्तस्राव होना इत्यादि पायरिया के लक्षण होते हैं।असल में मुंह में 700 किस्म के बैक्टीरिया होते हैं। इनकी संख्या करोड़ों में होती है। अगर समय पर मुंह, दांत और जीभ की साफ-सफाई नहीं की जाए तो ये बैक्टीरिया दांतों और मसूड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं। पायरिया होने पर दांतों को स

ह्रदय रोग का इलाज

ह्रदय रोग का इलाज

ह्रदय रोगियो की
संख्या बढ़ने का कारण व्
रोकथाम
खराब खानपान की आदतों और पश्चिमी चीज़ों के
अंधे अनुकरण के कारण आज भारत में ह्रदय रोगियों
की संख्या काभी बढ़ गयी है……
मेडिकल आयुर्विज्ञान के अनुसार यह एक जानलेवा
बिमारी है जिसका मेडिकल साइंस में कोई पक्का
इलाज नहीं……क्योंकि इसका इलाज काफी महंगा
और कई बड़ी विदेशी कम्पनियों पर आश्रित है
इसलिए आजकल तो ह्रदय रोग के इलाज के लिए लोन
भी मिलने लगा हैं…..
पर आपको जान कर आश्चर्य होगा की आयर्वेद के
अनुसार यह कोई इतना बड़ा रोग नहीं जिसके लिए

शहद में छिपा है सेहत का राज़

शुद्ध शहद

शहद में कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, अमीनो एसिड, प्रोटीन और खनिज पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। जोकि सेहत के लिए जरूरी होते हैं।

शहद में ग्लूकोज पाया जाता है। साथ ही शहद में पाए जाने वाले  विटामिन शरीर के भीतर जाते ही कुछ ही समय में घुल जाते  है।

बच्चों की खांसी दूर करने के लिए अदरक के रस में शहद मिलाकर देने से खांसी में आराम मिलता है। सूखी खांसी में भी शहद और नींबू का रस लेने से फायदा होता है।

जी मिचला रहा हो या फिर उल्टी आने की शिकायत हो तो शहद लेना चाहिए।

सेब बचाता है स्किन कैंसर से

सेब बचाता है स्किन कैंसर से

हरे सेब स्वास्थ्य के लिए अच्छे माने जाते रहे हैं. ये सहज रूप से विभिन्न प्रकार के आवश्यक पोषक तत्वों से भरे हुए हैं जैसे प्रोटीन, विटामिन, खनिज और फाइबर. ये पाचन संबंधी विकार से राहत प्रदान करने के लिए जाने जाते हैं. ये रक्त में कोलोस्ट्रोल और रक्तचाप को कम करने, रक्त में शर्करा के स्तर को स्थिर रखने और भूख में सुधार लाने में बहुत प्रभावकारी हैं.

अंजीर के फायदे

अंजीर

अंजीर में फाइबर उच्च मात्रा में होता है, जैसे- अंजीर में तीन टुकड़ों में 5 ग्राम फाइबर होता है, जो रोज के 20% ज़रूरत को पूरा करने में समर्थ होता है। इसके नियमित सेवन से कब्ज़ की बीमारी और पेट संबंधी समस्या से राहत मिलती है।अंजीर में फाइबर उच्च मात्रा में होने के साथ-साथ कैलोरी कम होता है। अंजीर के एक टुकड़े में 47 कैलोरी होता है और फैट 0.2 ग्राम होता है। सूखे अंजीर में एन्टीऑक्सिडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं। विनसन जे.ए.

लहसुन के फायदे एवम उपयोग

लहसुन के फायदे एवम उपयोग

प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाये – 
सर्दी जुखाम फ्लू जैसे इन्फेक्शन से बचने के लिए लहसून का सेवन करना चाहिए| रोजाना इसका सेवन करने से सर्दी के 63% चांस कम हो जाते है| जिनकी तासीर सीत वाली होती है , जिनको बहुत जल्दी सर्दी होती है, उनके लिए लहसून रामवाण इलाज है| रोजाना लहसून सर्दी दूर करती है, गले को आराम देती है| हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढाती है, जिससे छोटे मोटे इन्फेक्शन शरीर पर असर नहीं कर पाते|

जामुन के गुण

जामुन के गुण

1)  जामुन की गुठली चिकित्सा की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी मानी गई है। इसकी गुठली के अंदर की गिरी में 'जंबोलीन' नामक ग्लूकोसाइट पाया जाता है। यह स्टार्च को शर्करा में परिवर्तित होने से रोकता है। इसी से मधुमेह के नियंत्रण में सहायता मिलती है। 

२)जामुन के कच्चे फलों का सिरका बनाकर पीने से पेट के रोग ठीक होते हैं। अगर भूख कम लगती हो और कब्ज की शिकायत रहती हो तो इस सिरके को ताजे पानी के साथ बराबर मात्रा में मिलाकर सुबह और रात्रि, सोते वक्त एक हफ्ते तक नियमित रूप से सेवन करने से कब्ज दूर होती है और भूख बढ़ती है।

तुलसी के गुण

  1. तुलसी में गजब की रोगनाशक शक्ति है। विशेषकर सर्दी, खांसी व बुखार में यह अचूक दवा का काम करती है। इसीलिए भारतीय आयुर्वेद के सबसे प्रमुख ग्रंथ चरक संहिता में कहा गया है।
  2. - तुलसी हिचकी, खांसी,जहर का प्रभाव व पसली का दर्द मिटाने वाली है। इससे पित्त की वृद्धि और दूषित वायु खत्म होती है। यह दूर्गंध भी दूर करती है।
  3. - तुलसी कड़वे व तीखे स्वाद वाली दिल के लिए लाभकारी, त्वचा रोगों में फायदेमंद, पाचन शक्ति बढ़ाने वाली और मूत्र से संबंधित बीमारियों को मिटाने वाली है। यह कफ और वात से संबंधित बीमारियों को भी ठीक करती है।

लौकी के फायदे के

लौकी के फायदे के

लौकी इंसान की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद सब्जी है। यह वजन और  आलस को दूर करने का काम करती है। इसके अलावा भी इसमें कई एैसे गुण होते हैं जो इंसान को कई गंभीर रोगों से बचाते है। कुछ लोग लौकी खाने से परहेज करते हैं क्योंकि वे इसके वास्तविक फायदों के बारे में नहीं जानते हैं। लंबी तथा गोल दोनों प्रकार की लौकी वीर्यवर्ध्दक, पित्त तथा कफनाशक और धातु को पुष्ट करने वाली होती है। अगर आए कोई मेहमान आपके घर में, तो आप इसकी सब्जी बनाना न भूलें, बड़ा सरल नाम है ,लौकी। अंग्रेजी में बाटल गार्ड के नाम से प्रचलित इसके बारे में कहा जाता है, कि मनुष्य द्वारा सबसे पहले उगाई गयी सब्जी लौकी ही थी। इसे उबाल कर कम मस

आयुर्वेद से गोरापन

कुछ दिन पहले हमने पूछा था आपको आयुर्वेद में किस विषय के बारे में जानना चाहेंगे तो बहुत से लोगो ने त्वचा और सुन्दरता के लिए सलाह मांगी थी सही भी है भारत में गोरेपन को खूबसूरती का पैमाना माना जाता है। इसी खूबसूरती को हासिल करने के लिए तरह-तरह के उपाय भी किए जाते हैं। महंगी से महंगी क्रीम, लोशन आदि सबका उपयोग किया जाता है। लेकिन यह भी सच है कि रंगत केवल एक ही रात में नही बदली जा सकती इसमें समय लगता है। अगर आप भी अपनी रंगत को गोरा करना चाहते है तो घर में उपलब्‍ध चीजों की सहायता से ऐसा किया जा सकता है।

नाक के रोग:

नाक के रोग:

नजले या जुकाम के साथ-साथ अगर लगातार छींके भी आ रही हो तो 3 ग्राम अदरक को 6 ग्राम गुड़ के साथ मिलाकर रात को सोने से पहले खाने से छींके बंद हो जाती हैं। इसके ऊपर से पानी नहीं पीना चाहिए।
अदरक के रस को पान के पत्ते के रस के साथ मिलाकर सुबह और शाम पीने से और पान के पत्ते के ऊपर एरंड का तेल लगाकर गर्म करके छाती पर बांधने से सर्दी-खांसी में आराम आता है।

फोड़े फुन्सी होने पर

फोड़े फुन्सी

फोड़े-फुन्सी एवं गाँठ
फोड़े फुन्सी होने पर
प्रथम प्रयोगः अरण्डी के बीजों की गिरी को
पीसकर उसकी पुल्टिस बाँधने से अथवा आम की
गुठली या नीम या अनार के पत्तों को पानी में
पीसकर लगाने से फोड़े-फुन्सी में लाभ होता है।
दूसरा प्रयोगः एक चुटकी कालेजीरे को मक्खन के
साथ निगलने से या 1 से 3 ग्राम त्रिफला चूर्ण का
सेवन करने से तथा त्रिफला के पानी से घाव धोने से
लाभ होता है।
तीसरा प्रयोगः सुहागे को पीसकर लगाने से रक्त
बहना तुरंत बंद होता है तथा घाव शीघ्र भरता है।
फोड़े से मवाद बहने परः

सुबह उठ कर कैसा पानी पीना चाहिए

पानी पीना

1. सुबह उठ कर कैसा पानी पीना चाहिए

    उत्तर -     हल्का गर्म

2.  पानी पीने का क्या तरीका होता है

    उत्तर -    सिप सिप करके व नीचे बैठ कर

3. खाना कितनी बार चबाना चाहिए

     उत्तर. -    32 बार

4.  पेट भर कर खाना कब खाना चाहिए

     उत्तर. -     सुबह

5.  सुबह का नाश्ता कब तक खा लेना चाहिए

     उत्तर. -    सूरज निकलने के ढाई घण्टे तक

6.  सुबह खाने के साथ क्या पीना चाहिए
     
     उत्तर. -     जूस

7.  दोपहर को खाने के साथ क्या पीना चाहिए

    उत्तर. -     लस्सी / छाछ

मुलेठी के औषधीय इस्तेमाल

मुलेठी के औषधीय इस्तेमाल

 कफ :
• अधिक कफ होने पर, ३ ग्राम मुलेठी चूर्ण को शहद के साथ लें।
• मुलेठी १० ग्राम + काली मिर्च १० ग्राम + लौंग ५ ग्राम + हरीतकी ५ ग्राम + मिश्री २० ग्राम, को मिलकर पीस लें और शहद के साथ १ चम्मच की मात्रा में शहद के साथ चाट कर लेने से पुरानी खांसी, जुखाम, गले की खराश, सूजन आदि दूर होते हैं।
2. खांसी :
• मुलेठी चूर्ण २ ग्राम + आंवला चूर्ण २ ग्राम को मिला लें। इस चूर्ण को शहद के साथ चाट कर लेने से खासी दूर होती है।
• खांसी के साथ खून आने पर, मुलठी का चूर्ण १ टीस्पून की मात्रा में शहद या पानी के साथ लेना चाहिए।
3. गले के रोग :

क्यों रहते हैं हाथ-पैर ठंडे?

क्यों रहते हैं हाथ-पैर ठंडे?

सर्दियों के मौसम में हाथ-पैरों का ठंडा होना सामान्य है। यूं भी ठंड का सामना करने की क्षमता हर व्यक्ति की अलग होती है। पर कुछ लोग हल्की-सी ठंड भी बर्दाश्त नहीं कर पाते। उनकी उंगलियां हर समय ठंडी रहती हैं। ऐसा होना कुछ और बातों की ओर भी इशारा करता है, जन्हिें  समझना जरूरी है। इस बारे में बता रही हैं अमृता प्रकाश 

रस्सी कूदें, वज़न घटाएं

रस्सी कूदें, वज़न घटाएं

स्किपिंग यानी रस्सी कूदना एक बेहतरीन ऐरोबिक एक्सरसाइज़ है. इससे पूरे शरीर की एक्सरसाइज़ होती है. यह वज़न कम करने के साथ ही बांह और काफ़ मसल्स को टोन करने में मदद करता है. नियमित रूप से रस्सी कूदने से हड्डियां मज़बूत होती हैं और एकाग्रता व स्टेमिना भी बढ़ता है. इतना ही नहीं, यह हमारे हृदय को स्वस्थ रखने में भी मदद करता है,’’ कहना है फ़िटनेस ट्रेनर योगेश चव्हाण का. स्किपिंग से होनेवाले फ़ायदों के बारे में बताते हुए फ़िटनेस ट्रेनर प्रसाद शेट्टी कहते हैं,‘‘स्किपिंग मेटाबॉलिज़्म व बोन डेंसिटी बढ़ाने के साथ ही पैर, घुटनों और ऐंकल को मज़बूत बनाने में सहायक है.

दूर करे तनाव

यदि आप बात-बात पर तनावग्रस्त हो जाती हैं तो इसका मतलब है कि आप हाईटेंशन लाइन के करीब पहुंच रही हैं। कैसे दूर हों इस लाइन से आइए जानें…

अक्सर बहुत सी महिलाएं कहती मिल जायेंगी कि मैं आजकल बहुत तनाव में हूं। अगर आप स्वस्थ और प्रसन्न रहना चाहती हैं तो हमेशा तनावमुक्त रहने की कोशिश करें। तनाव दूर करने के लिए आपको छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना होगा।

1. सुबह नाश्ता जरूर करें

पत्ता गोभी के फायदे

पत्ता गोभी के फायदे

पत्‍ता गोभी कई रंगों और कई किस्‍मों में आती है। लाल और हरे रंग की पत्‍ता गोभी सबसे ज्‍यादा मिलती है। इसे पका कर या कच्‍चा सलाद के रूप में भी खाया जा सकता है। पत्‍ता गोभी का स्‍वाद हल्‍का सा मीठा होता है। इसमें विटामिन, आयरन और पोटेशियम भरपूर मात्रा में होते है। इसे इंडियन और वेस्‍टर्न दोनों तरह के फूड को पकाने में इस्‍तेमाल किया जाता है।

कैंसर को रोकने में मदद करता है

ताई ची सीखें सेहतमंद रहें

ताई ची सीखें सेहतमंद रहें

क्या है ताई ची?
ताई ची की शुरुआत चीन में हुई थी, लेकिन धीरे-धीरे यह दुनियाभर में लोकप्रिय हो गया है. यह एक प्रकार का मार्शल आर्ट है. ताई ची में प्रमुख रूप से छोटी-छोटी शारीरिक गतिविधियों पर ध्यान दिया जाता है, जिससे शारीरिक ताक़त बढ़ने के साथ ही मानसिक एकाग्रता भी बढ़ती है. आप जब यह कला शारीरिक रूप से स्वस्थ बने रहने और बीमारियों को दूर रखने के उद्देश्य से सीखते हैं तो इसे ताई ची कहा जाता है और जब आप इसका प्रयोग आत्मरक्षा के लिए करते हैं तो यह ताई ची चुऐन कहलाता है.

जानें शरीर के दोष

शरीर के दोष

आपकी त्वचा आपकी आयुर्वेदिक संरचना पर आधारित होती है। हमारे शरीर में तीन तरह के दोष पाए जाते हैं- वात, पित्त और कफ। वात दोष युक्त व्यक्ति की त्वचा शुष्क होती है, रोमछि द्र महीन होते हैं और इस पर झुर्रियां जल्दी पड़ती हैं। पित्त दोष से पीडि़त लोगों को त्वचा पर रोजेसिया, पपड़ी पडऩा और दाने पडऩे जैसी  समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है। वहीं कफ दोष से पीडि़त लोगों के रोमछिद्र बड़े होते हैं जिससे ब्लैकहेड्स और मुहासों जैसी समस्याए सामने आती हैं।

छुहारा और खजूर एक ही पेड़ की देन है।

छुहारा और खजूर

छुहारा और खजूर एक ही पेड़ की देन है। इन दोनों की तासीर गर्म होती है और ये दोनों शरीर को स्वस्थ रखने, मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
गर्म तासीर होने के कारण सर्दियों में तो इसकी उपयोगिता और बढ़ जाती है।
खजूर में छुहारे से ज्यादा पौष्टिकता होती है। खजूर मिलता भी सर्दी में ही है।
अगर पाचन शक्ति अच्छी हो तो खजूर खाना ज्यादा फायदेमंद है।
छुहारे का सेवन तो सालभर किया जा सकता है, क्योंकि यह सूखा फल बाजार में सालभर मिलता है।
छुहारा यानी सूखा हुआ खजूर आमाशय को बल प्रदान करता है।

खुबसूरत बाल हर कोई चाहता है

खुबसूरत बाल हर कोई चाहता है

बालों को झड़ने से रोकने के लिए बालों पर प्याज़ के प्रयोग का सबसे बेहतरीन तरीका प्याज का रस के रूप में प्रयोग करना है। प्याज के रस के फायदे, 3-5 प्याज छीलें और उन्हें अच्छे से पीस लें। इस पेस्ट को अपने हाथों से निचोड़कर इसका रस निकाल लें। अब इस रस को अपने सिर पर तथा बालों पर लगाएं। अब इस रस को सिर पर आधे घंटे तक रहने दें एवं एक हलके शैम्पू का प्रयोग करके इसे धो दें। हफ्ते में 3 बार इस पद्दति का इस्तेमाल करने से मनचाहे परिणामों की प्राप्ति होगी। तुरंत अच्छे परिणाम पाने की आशा ना करें क्योंकि प्राकृतिक उपचारों में काफी समय लगता है।

गुलाब जल से करें त्वचा टोन

गुलाब जल से करें त्वचा टोन

हमारी त्वचा को नियमित देखभाल की जरूरत  है, जिसमें टोनिंग भी अहम हिस्सा है। त्वचा दूध से साफ करने के बाद इस पर टोनर के रूप में गुलाब जल लगाएं। गुलाब जल का इस्तेमाल दिन में कई बार किया जा सकता है। वहीं सर्दियों में ग्लिसरीन में गुलाब जल और नींबू मिलाकर लगाने से त्वचा में निखार आता है।

नीम का जूस कैसे पिएं?

नीम का जूस

नीम का रस बहुत कडुआ होता है, जिसे पीना बहुत मुश्‍किल होता है। अगर आपको इसके फायदे चाहिये तो इसे एक ग्‍लास में डाल कर इसको दवा समझ कर पूरा एक साथ पी लें। इसके अलावा ये भी देखिये की नीम के रस को और किस-किसी प्रकार से पिया जा सकता है। नीम त्‍वचा के लिए अमृत होती है 

2. नीम के रस में थोड़ा मसाला डाल दें जिससे उसमें स्‍वाद आ जाए। इसको पीने से पहले उसमें नमक या काली मिर्च और या फिर दोनों ही डाल दें। 

मेरा बच्चा बहुत रोता है

 तो आख़िर कुछ शिशु (छः माह से कम) क्यों अधिक रोते हैं?

चलिए समझते हैं कुछ कारण..

1. शिशु को यदि भूख लगने पर कुछ देर दूध न दिया गया तो वह चिड़चिड़ा जाता है। फिर दूध देने पर भी नहीं पीता और तेज़ तेज़ चिल्लाता जाता है। जिससे आपकी नाक में दम कर सके। 
बच्चे का रोना शायद दुनिया की सबसे तकलीफ़देह आवाज़ जो होती है। सब लग जाते हैं चुप कराने।

"बहू तुझसे एक न पलता हमने छः छः पाल दिए थे। मोबाइल से अलग हो तो कुछ दिखे।"

2. शिशुओं का BMR basal metabolic Rate अधिक होता है।

शरीर शुद्धिकर फल – नींबू

शरीर शुद्धिकर फल – नींबू

शरीर शुद्धिकर फल – नींबू
नींबू अनुष्ण अर्थात न अति उष्ण है, न अति शीत | यह उत्तम जठराग्निवर्धक, पित्त व वातशामक, रक्त, ह्रदय व यकृत की शुद्धि करनेवाला, कृमिनाशक तथा  पेट के लिए हितकारी है | ह्रदयरोगों को ठीक करने
में यह अंगूर से भी अधिक गुणकारी सिद्ध हुआ है |
इसमें प्रचुर मात्रा में उपलब्ध विटामिन ‘सी’ शरीर की रोगप्रतिकारक शक्ति को बढाता है |

सावधान! बाजार में आ गई है जहरीली अदरक... देखने में लगती है साफ और चमकदार

सावधान! बाजार में आ गई है जहरीली अदरक... देखने में लगती है साफ और चमकदार

हम सभी जानते हैं कि हमारे खाने में और खासकर हमारी सुबह की चाय में अदरक का कितना ज्‍यादा महत्‍व है। यह ना केवल खाने का स्‍वाद बढ़ाती है बल्‍कि सेहत के लिये भी काफी फायेमंद है।

लेकिन अगर आपको पता चले कि इन दिनों बाजार में हमें जहर से भरी हुई अदरक महंगे दामों में बेची जा रही है तो?? सब्‍जी मंडी या ठेलों पर से जो आप अदरक लेते हैं, वह दिखने मे काफी साफ-सुथरी और चमकदार दिखती है, जिसको देख कर आप उसे खरीदने से खुदको नहीं रोक पाते।

अंकुरित दानों का सेवन केवल

अंकुरित दानों का सेवन केवल

 सुबह नाश्ते के समय ही करना चाहिये। 
अंकुरित आहार शरीर को नवजीवन देने वाला अमृतमय आहार कहा गया है।
अंकुरित भोजन क्लोरोफिल, विटामिन (`ए´, `बी´, `सी´, `डी´ और `के´) कैल्शियम, फास्फोरस, पोटैशियम, मैगनीशियम, आयरन, जैसे खनिजों का अच्छा स्रोत होता है।
अंकुरीकरण की प्रक्रिया में अनाज/दालों में पाए जाने वाले कार्बोहाइट्रेड व प्रोटीन और अधिक सुपाच्य हो जाते हैं।

अदरक के फायदे -

अदरक का प्रयोग भारतीय परिवारों में आम है पर क्या आप जानते है कि अदरक मानव जाति के स्वास्थ्य के लिए एक अनमोल वरदान है ?

 

पारम्परिक रूप से अदरक का सेवन शरीर के द्रव्य का बहाव सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए भी किया जाता है | अदरक पुरे शरीर में रक्त प्रवाह बढ़ा देता है | इसके सेवन से ह्रदय की मांसपेशियां ज्यादा शक्ति से संकुचित होती है , रक्त वाहिनियाँ फ़ैल जाती है, जिससे उतकों और कोशिकाओं का रक्त प्रवाह बढ़ जाता है और मांसपेशियों का अकड़न, दर्द, तनाव आदि से आराम मिलता है |

 

कलयुग में संजीवनी है कलौंजी (मंगरैला)

कलौंजी एक फायदे अनेक :
कलौंजी का पौधा सौंफ के पौधे से थोड़ा छोटा होता है। इसके फूल हल्के नीले व पीले रंग के होते हैं और इसके आकार तारे के समान होते हैं। लगभग घरों में होते हुए भी आप इसके गुणों से अब तक अनजान है ..! पूरी तरह संतृप्त किए गए बीज में जिंदगी की अत्यधिक ताकत होती है। ब्लैक सीड यानी कलौंजी के सेवन से आपका भविष्य रोग मुक्त बनता है। कलौंजी को रोमन कोरिएंडर, ब्लैक सीसेम, ब्लैक क्यूमिन, ब्लैक कैरावे तथा अनियन सीड के नाम से भी जाना जाता है। इसका इस्तेमाल औषधि, मसाले तथा सौंदर्य प्रसाधनों के तौर पर किया जाता है।

कैसे करें इसका सेवन :

चूने से लगाएं रोगों को चूना !

चूने से लगाएं

चूना पत्थर एक अवसादी चट्टान है जो, मुख्य रूप से कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO3) के विभिन्न क्रिस्टलीय रूपों जैसे कि खनिज केल्साइट या एरेगोनाइट से मिलकर बनी होती है। “चूना को यदि सही ढंग से उपयोग में लाया जाए तो इसके द्वारा कठिन से कठिन रोगों का इलाज सम्भव है। तो आइये जानते है क्या है चूना खाने के या चूने के फायदे और कैसे करना है इसका प्रयोग।

चूना के गुण

एक हफ्ते में वाटर वेट से छुटकारा पाना है तो ये तरीके आजमाएं

एक हफ्ते में वाटर वेट से छुटकारा पाना है तो ये तरीके आजमाएं

अक्सर यह माना जाता है कि पानी पीना सेहत के लिए अच्छा होता है लेकिन कभी कभी ज्यादा पानी पीना भी हमारी सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

आप सोंच रहे होंगे भला ये क्‍या बात होती है, पानी से भला कैसे नुकसान हो सकता है। पर क्‍या आपने वॉटर वेट के बारे में सुना है।

क्‍या आपके फेस पर या बॉडी में सूजन दिखती है या फिर क्‍या लाख जिम में वर्कआउट करने के बाद भी वजन कम होने का नाम नहीं लेता। तो इसका साफ मतलब है कि आपका वजन पानी की वजह से बढा हुआ है।

अपनी याद्दाश्त को बनाएं तेज़

अपनी याद्दाश्त को बनाएं तेज़

बादाम, अखरोट, ब्लूबेरीज़ और पालक व डिल जैसी हरी पत्तियोंवाली सब्ज़ियां-कोई भी वह पदार्थ, जो ओमेगा-३ फ़ैटी ऐसिड्स से भरपूर है, आपकी याद्दाश्त के लिए अच्छा है,’’ कहना है मुंबई की न्यूट्रिशनिस्ट डॉ शारदा अग्रवाल का. ‘‘इन चीज़ों को अपने भोजन में ज़रूर शामिल करें.’’ द न्यू इंग्लैंड जनरल ऑफ़ मेडिसिन के अनुसार, ऐसी महिलाएं जो रोज़ाना सीमित मात्रा में (एक) अल्कोहल ड्रिंक लेती हैं, उनकी भूलने की क्षमता ड्रिंक्स न लेनेवाली और ज़रूरत से ज़्यादा ड्रिंक्स लेनेवाली महिलाओं की तुलना में 20 प्रतिशत तक कम होती है. 

योग क्या है ?

योग क्या है ?

योग की उत्पत्ति संस्कृत शब्द ‘युज’ से हुई है जिसका अर्थ जोड़ना है।

 योग शब्द के दो अर्थ हैं और दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। पहला है- जोड़ और दूसरा है समाधि। 

जब तक हम स्वयं से नहीं जुड़ते, समाधि तक पहुंचना असंभव होगा।

 योग का अर्थ परमात्मा से मिलन है।

छह भारतीय दर्शन : (six philosophies of hindu India) 

भारत के छह दर्शनों में से एक है योग। 

ये छह दर्शन हैं- 

1.न्याय 
2.वैशेषिक 
3.मीमांसा 
4.सांख्य 
5.वेदांत और 
6.योग।

योग के प्रकार : (types of yoga) : 

चुने के चमत्कारी फायदे

चुने के चमत्कारी फायदे

40 वर्ष के बाद हमारे शरीर को कैल्शियम की सबसे अधिक जरुरत होती है , बाहर से दूध , केला लेने पर जब वह हजम होगा तब कैल्शियम मिलेगा अगर उनको हजम का तत्व शरीर में नहीं है या कम है तो कैल्शियम नहीं मिलेगा और विना कैल्शियम के आपके शरीर में विमारी लग गयी तो बिना कैल्शियम की उपस्थति के कोई भी कोई भी विमारी ठीक नहीं होगी ।

चूना जो आप पान में खाते है वो सत्तर बीमारी ठीक कर देते है ।

जैसे किसी को पीलिया हो जाये माने जॉन्डिस उसकी सबसे अच्छी दवा है चूना ।

गेहूँ के दाने के बराबर चूना गन्ने के रस में मिलाकर पिलाने से बहुत जल्दी पीलिया ठीक कर देता है ।

नीम का तेल + कपूर = (All Out) तथा मोर्टीन का बाप

नीम का तेल + कपूर =   (All Out) तथा मोर्टीन का बाप

★ (All Out) की केमिकल वाली खाली रिफिल आपको आपने घर में मिल जायेगी ! अब बाजार से आपको दो चीज लानी है एक तो नीम का तेल और कपूर !

★ खाली रिफिल में आप नीम का तेल डाले और थोड़ा सा कपूर भी डाल दे और रिफिल को मशीन में लगा दे पूरी रात मच्छर नही आयेगे !

★ जब एक प्राकृतिक तरीके से मच्छरो से छुटकारा मिल जाए तो पेस्टीसाइड का जहर अपने जिंदगी मे क्यो घोल रहे है !

★ मच्छर भगाने वाली क्वायल 100 सिगरेट के बराबर नुकसान करती है ! तो सावधान रहिए मच्छर भगाने का सबसे सस्ता, टिकाऊ, आसान और देसी तरीका है पैसे और स्वास्थ्य दोनों की बचत है !

बेसन के उबटन से निखारें रंगत

बेसन के उबटन से निखारें रंगत

अगर आपकी त्वचा तैलीय है, तो बेसन का उबटन आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकता है। उबटन बनाने के लिए बेसन में नींबू का रस, शहद और हल्दी मिलाकार इसमें दूध डालकर पेस्ट बनाएं। इस उबटन का रोजाना इस्तेमाल करने से रंग निखरता है। हल्दी में बैक्टीरियारोधी गुण होते हैं, जिससे ये त्वचा के लिए काफी अच्छी होती है।

क्या डायबिटीज से मरीज भी पपीता खा सकते हैं?

क्या डायबिटीज से मरीज भी पपीता खा सकते हैं?

जब बात डायबिटीज़ की आती है तो कुछ भी मीठा खाना जोखिमभरा काम हो सकता है क्योंकि मीठा खाने से ब्लड शुगर लेवल अचानक बढ़ जाता है। इसी वजह से ज्यादातर डायबिटीज़ के मरीज़ नैचुरली स्वीट यानी प्राकृतिक रूप से मीठे फलों को भी नहीं खाते। लेकिन, ये गलत है।

कई एक्सपर्ट्स का यह कहना है कि डायबिटीज़ के मरीज़ों में इस बात को लेकर बहुत गलतफहमियां हैं कि कौन सा फल खाएं और कौन सा न खाएं। डायबिटीज़ के मरीज़, जिनकी शुगर कंट्रोल में हो, वो हर तरह के फल खा सकते हैं, लेकिन सीमित मात्रा में।

टमाटर के चमत्कारी लाभ

टमाटर के चमत्कारी लाभ

   टमाटर में भरपूर मात्रा में कैल्शियम, फास्फोरस व विटामिन सी पाये जाते हैं। एसिडिटी की शिकायत होने पर टमाटरों की खुराक बढ़ाने से यह शिकायत दूर हो जाती है हालाँकि टमाटर का स्वाद खट्टा होता है, लेकिन यह शरीर में क्षारीय (खारी) प्रतिक्रियाओं को जन्म देता है। लाल-लाल टमाटर देखने में सुन्दर और खाने में स्वादिष्ट होने के साथ पौष्टिक होते हैं। इसके खट्टे स्वाद का कारण यह है कि इसमें साइट्रिक एसिड और मैलिक एसिड पाया जाता है जिसके कारण यह प्रत्यम्ल (एंटासिड) के रूप में काम करता है। टमाटर में विटामिन 'ए' काफी मात्रा में पाया जाता है। यह आँखों के लिये बहुत लाभकारी है

पेट कम करना सबसे चुनौतीपूर्ण है इसलिए

पेट कम करना सबसे चुनौतीपूर्ण है इसलिए

शरीर का वज़न घटाना एक बार के लिए आसान भी हो सकता है, लेकिन पेट कम करना सबसे चुनौतीपूर्ण है इसलिए ही हम आपको पेट कम करने के 5 आसान से टिप्स दे रहे हैं.

प्रोटीन का सेवन करें: हम सभी को शाम 4 बजे के आसपास तेज़ भूख लगती है. उस समय भूख मिटाने के लिए आलू के चिप्स खाने से परहेज़ करें. इसके बजाय प्रोटीन बार, लो फ़ैट चीज़ या थोड़े-से बादाम का सेवन करें. ऐसे खाद्य पदार्थ मेटाबॉलिज़्म बढ़ाने में मदद करते हैं.

क्या होता है जब आप नियमित खाते हैं साबूदाना

क्या होता है जब आप नियमित खाते हैं साबूदाना

छोटे-छोटे मोतियों की तरह दिखने वाले साबूदाने अक्सर व्रत में ही खाए जाते हैं। अगर स्वास्थ्य के लिहाज से देखा जाए तो इनमें काफी पोषण होता है जो आपके पूरे स्वास्थ्य और लाभ पहुंचा सकते हैं। चाहे साबूदाने की खिचड़ी खाइये या फिर साबूदाने की खीर, साबूदाने से बनी हरी ची$ज स्वादिष्ट तो होती ही है और साथ साथ एनीमिया, बीपी, पेट से जुड़ी बीमारियों और अन्य बीमारियों को दूर करने में मददगार होती है। आपको जानकार हैरानी होगी कि साबूदाने में आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन तथा मिनरल्स की भरमार होती है। इसलिये आपको इसे केवल व्रत में ही नहीं बल्कि आम दिनों में भी खाना चाहिये। मासपेशियां बनती हैं – साबुदाने

थायराइड के लक्षण

थायराइड के लक्षण

कब्ज-
थाइराइड होने पर कब्ज की समस्या शुरू हो जाती है। खाना पचाने में दिक्कत होती है। साथ ही खाना आसानी से गले से नीचे नहीं उतरता। शरीर के वजन पर भी असर पड़ता है।

हाथ-पैर ठंडे रहना-
थाइराइड होने पर आदमी के हाथ पैर हमेशा ठंडे रहते है। मानव शरीर का तापमान सामान्य यानी 98.4 डिग्री फॉरनहाइट (37 डिग्री सेल्सियस) होता है, लेकिन फिर भी उसका शरीर और हाथ-पैर ठंडे रहते हैं।
प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होना- थाइराइड होने पर शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम़जोर हो जाती है। इम्यून सिस्टम कमजोर होने के चलते उसे कई बीमारियां लगी रहती हैं।

क्या है स्लीप डिस्ऑर्डर

स्लीप डिस्ऑर्डर

नींद ना आने की कई वजहें हैं।' 

खर्राटे लेना: खर्राटे लेने को अगर आप गहरी नींद की निशानी समझते हैं, तो यह बिल्कुल गलत है। दरअसल, यह नींद के दौरान ठीक से सांस न ले पाने की वजह से होता है। खर्राटे लेने वाले व्यक्ति की नींद अक्सर पूरी नहीं होती। वह दिनभर नींद से भरा व चिड़चिड़ा रहता है। उसकी याद्दाशत कम होती जाती है और उसे पर्सनैलिटी डिस्ऑर्डर का भी खतरा रहा है। 

नींद न आना: रुटीन सही न रहना, चाय व कॉफी अधिक पीना, ज्यादा ऐल्कॉहॉल लेना, इंटरनेट, लेट नाइट पार्टी, सोने का समय फिक्स न रखना वगैरह से भी स्लीप डिस्ऑर्डर होता है। 

क्या रात में दही खाना सही है?

क्या रात में दही खाना सही है?

गर्मियों में ठंडा खाने की सलाह दी जाती है. विशेषज्ञों की मानें तो इस दौरान बहुत अधिक तेल-मसाले के सेवन से बचना चाहिए. उन्हीं चीजों को खाना चाहिए जिनकी तासीर ठंडी हो. इससे अंदरुनी ठंडक बनी रहती है और इस लिहाज से दही काफी फायदेमंद है.

कैसे तेजी से घटाएं अपना वज़न ?

 कैसे तेजी से घटाएं अपना वज़न ?

● Weight Lose या Reduce करना एक ऐसा topic है जिसपे जितने मुंह उतनी बातें सुनने को मिलती हैं. लोग एक से एक tips या diet-plan बताते हैं, जिसके हिसाब से Weight Reduce करना मानो बच्चों का खेल हो. पर हकीकत तो आप जानते ही हैं कि ये असल में कितना challenging काम है. इसीलिए मैं आज आपके साथ How to reduce weight, Hindi में share कर रहा हूँ. मेरी कोशिश होगी की यह लेख Hindi में इस विषय पर लिखे गए सबसे अच्छे लेखों में से एक हो.

सोने के समय ये करें || ये बिल्कुल न करें

सोने के समय ये करें || ये बिल्कुल न करें

हल्के-फुल्के बदलाव आपको हर रोज़ अच्छी नींद देंगे
* अपनी जीवनशैली के लिए उपयुक्त सोने और उठने का समय निर्धारित करें और हर रोज़ उसी का पालन करें. यहां तक कि सप्ताहांत में भी. आठ घंटे की नींद ज़रूर पूरी करें. 
* दिन में सोए नहीं. अपनी नींद की समय सारणी के अनुसार ही काम करें.
* सोने से 3 से 6 घंटे पहले वर्कआउट करें. दिन में हल्की-फुल्की एक्सरसाइज़ करें.
* सोने से कम से कम दो घंटे पहले डिनर करें. यदि आपको देर रात भूख लगी हो और आपको अपचन की समस्या न हो तो आप कार्बोहाइड्रेट समृद्ध भोजन कर सकती हैं. कम-शुगर वाले सिरीयल्स या केला सबसे बेहतरीन हैं.

वेरीकोज नसों का कारण क्या हैं?

वेरीकोज नसों का कारण क्या हैं?

घरेलू उपचार स्पाइडर नस या वेरिकोस वेंस के इलाज के लिए...
वेरीकोज वेन्स/मकड़ी नस वे नसें होती हैं जो त्वचा की ऊपरी सतह से उभरी हुयी दिखाई देती हैं। 
अधिक दबाव पड़ने के कारण नसों के वाल्व (द्वार) खराब हो जाते हैं जिसकी वजह से ऐसा होता है।
सूजीं, मुड़ीं हुईं और उभरी हुयी ये नसें लाल या नीले रंग की होती हैं जो मुख्य रूप से जाँघों या पिंडलियों में दिखाई देती हैं।

नीम – एक चमत्कारिक औषधि

नीम एक चमत्कारी वृक्ष माना जाता है। नीम जो प्रायः सर्व सुलभ वृक्ष आसानी से मिल जाता है।
नीम के पेड़ पूरे दक्षिण एशिया में फैले हैं और हमारे जीवन से जुड़े हुए हैं। नीम एक बहुत ही अच्छी वनस्पति है जो कि भारतीय पर्यावरण के अनुकूल है और भारत में बहुतायत में पाया जाता है। भारत में इसके औषधीय गुणों की जानकारी हज़ारों सालों से रही है।

डाइट में छुपा है राज वजन घटानें का

कामकाजी हो या गृहिणी, घर-बार के अलावा उन्हें खुद को संभालने का वक्त बहुत कम मिल पाता है। कम वक्त और सही जानकारी के अभाव में, सैकड़ों बार कोशिश करने के बावजूद हमारा वजन कभी कम नहीं हो पाता। लेकिन इस बार होगा, कैसे? आइए जानते हैं वजन कम करने के सही तरीके, बता रही हैं रुचि गुप्ता

खाना खाने के बाद आपके पेट में क्यों दर्द होता है

हम कभी नहीं चाते हैं कि एक शानदार डिनर लेने के बाद हमारा पेट दर्द हो या हमें अच्‍छा महसूस न हो। लेकिन कई बार ऐसा हम सभी के साथ होता है।

भोजन करने के बाद पेट का दुखना, डास्‍सेप्सिया कहलाता है जोकि अपच का ही एक नाम है। इसमें व्‍यक्ति के पेट में दर्द होता है, ऐंठन होती है और आपको पेट में बहुत ज्‍यादा भारीपन महसूस हो।

ऐसा अक्‍सर भोजन करने के बाद ही लगता है। पेट दुखने के कई कारण हो सकते हैं जिनके बारे में आज हम इस लेख में आपको विस्‍तापूर्वक बताएंगे। इनमें से सबसे प्रमुख कारण गैस्‍ट्रोएस्‍फोगल रिफ्लक्‍स बीमारी होती है।

सरसों के तेल के ये 7 फायदे

सरसों के तेल के ये 7 फायदे

हम सभी के घरों में सब्जी बनाने या फिर नॉन-वेज बनाने में सरसों के तेल का इस्तेमाल मुख्य रूप से किया जाता है. कुछ जगहों पर इसे कड़वा तेल के नाम से भी जाना जाता है.

सरसों का तेल सेहत और सुंदरता दोनों के ही लिए बहुत फायदेमंद है. सरसों के तेल में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो दर्दनाशक का काम करते हैं. जोड़ों का दर्द हो या फिर कान का दर्द, सरसों का तेल एक औषधि की तरह काम करता है.

आमतौर पर लोग इसे सिर्फ तेल समझकर ही इस्तेमाल करते हैं पर आपको जानकर आश्चर्य होगा कि आयुर्वेद में इसे औषधि की श्रेणी में रखा गया है. सरसों के तेल के ये फायदे आपको हैरान कर देंगे.

बाजरे की रोटी खाने के ये फायदे

आमतौर पर हम सभी के घरों में गेंहूं के आटे से बनी रोटियां ही खायी जाती हैं लेकिन कई जगहों पर लोग गेंहू की जगह बाजरे की रोटी खाना पसंद करते हैं.

बाजरा न केवल पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने का काम करता है बल्क‍ि ये कई तरह की बीमारियों से भी बचाता है.

बाजरा खाने के फायदे:

1. एनर्जी के लिए: 
बाजरा खाने से एनर्जी मिलती है. ये ऊर्जा एक बहुत अच्छा स्त्रोत है. इसके अलावा अगर आप वजन घटाना चाह रहे हैं तो भी बाजरा खाना आपके लिए फायदेमंद होगा. दरअसल, बाजरा खाने के बाद काफी देर तक भूख नहीं लगती है. जिससे वजन कंट्रोल करने में मदद मिलती है.

ज़ुकाम क्यों होता है ?

ज़ुकाम क्यों होता है ?

ज़ुकाम और गले में जलन एक आम बीमारी है जो शयद संसार में हर किसी को भोगनी पड़ती है। पूरे संसार में इसके उपर किसी भी तरह की कोई खोज बीन नहीं की गयी और ना ही इसका इलाज सामने आया है और जो भी इलाज ज़ुकाम को लेकर किया जाते है उससे कफ अंदर ही दब जाता है पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाता

ज़ुकाम का इलाज न ढूँढ पाने का एक कारण यह भी है कि आज तक ये कोई नहीं बता पाया की आखिर ज़ुकाम की वजह से गले में जलन क्यों होती है और जो कफ शरीर में से नाक के रास्ते निकलता है वह क्यों कैसे और कहाँ बनता है

आँखों में जलन दूर करने के उपाय

प्रदूषित वातावरण, धूल-मिट्टी, पूरे दिन टीवी, मोबाइल और कंप्यूटर के सामने बैठे रहना ये कुछ ऐसी चीजें हैं जो हमारी आंखों को नुकसान पहुंचाती हैं। जिसके कारण आंखों में दर्द, जलन और चुभन जैसी समस्या से हम ग्रसित हो जाते हैं। आइए जानते हैं आँखों में जलन के उपाय यानि आंखों में जलन से कैसे छुटकारा पाएं।

करेला के गुण

करेला के गुण

एक असाध्य बीमारी है मधुमेह ‘डायबिटीज’ । करेला मधुमेह के रोगियों के लिए ‘अमृत’ तुल्य है। 100 मिली. के रस में इतना ही पानी मिलाकर दिन में तीन बार लेने से लाभ होता है और प्रात: चार किलोमीटर टहलना चाहिए तथा मिठाई खाने से परहेज रखना चाहिए। करेला मधुमेह के अलावा अन्य शारीरिक तकलीफों में भी लाभदायक है। जैसे-
कब्ज : नित्य करेला सेवन करने से कब्ज दूर होता है। यह एक अनुपम सब्जी है और इसमें ज्यादा तेल-मसाले नहीं डालने चाहिए।

पीलिया : ताजा करेले का रस सुबह-शाम पीने से लाभ होता है।
दमा : दमा के मरीज भी करेले का रस सुबह खाली पेट लेकर राहत पा सकते हैं। सब्जी भी ज्यादा खानी चाहिए।

लाख दुखों की एक दवा : नीम

लाख दुखों की एक दवा : नीम

नीम में इतने गुण हैं कि ये कई तरह के रोगों के इलाज में काम आता है। यहाँ तक कि इसको भारत में ‘गांव का दवाखाना’ कहा जाता है। यह अपने औषधीय गुणों की वजह से आयुर्वेदिक मेडिसिन में पिछले चार हजार सालों से भी ज्यादा समय से इस्तेमाल हो रहा है। नीम को संस्कृत में ‘अरिष्ट’ भी कहा जाता है, जिसका मतलब होता है, ‘श्रेष्ठ, पूर्ण और कभी खराब न होने वाला।’

किडनी की बीमारी

किडनी की बीमारी

किडनी संबंधी बीमारियां सामान्य होती जा रही हैं. मधुमेह और हाइपरटेंशन से पीड़ित लोगों व 60 वर्ष से अधिक आयुवालों को किडनी की बीमारी होने का ख़तरा ज़्यादा होता है. ऐसी बीमारी में किडनी काम करना बंद कर देती है, जिसके कारण पानी और मूत्र ख़ून में एकत्रित होने लगता है. 
इससे बचने का तरीक़ा: इस बीमारी से बचने में भोजन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. अधिक मात्रा में फल, सब्ज़ियां, दाल व फलियां ग्रहण करें. मछली व कम चर्बी वाला गोश्त खाएं. नमक और शक्कर का सेवन कम से कम करें. मीठे पेय पदार्थों से परहेज़ करें. प्रतिदिन 2 से 3 लीटर पानी पिएं और व्यायाम करके अतिरिक्त चर्बी घटाएं.

फल खाना भी हो सकता है खतरनाक

जब भी हम अच्छी सेहत की बात करते हैं या फिर किसी को अच्छी सेहत की सलाह देते हैं तो उसे फल खाने के लिए जरूर कहते हैं. इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए, सर्दी-जुकाम से छुटारा पाने के लिए, इंफेक्शन के खतरे को कम करने के लिए विटामिन सी से युक्त खट्टे फलों को खाने की सलाह दी जाती है. यूं तो खट्टे फल खाना सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद और जरूरी है लेकिन कई बार इन्हें खाना खतरनाक हो सकता है. क्या आप जानते हैं कब और किन परिस्थितियों में ये फल नहीं खाने चाहिए?

क्या आप भी पेट की समस्याओं से परेशांन हैं?

क्या आप भी पेट की समस्याओं से परेशांन हैं?

आजकल पेट की समस्याएं कब्ज, गैस, एसिडिटी, बहुत ही आम हो गईं हैं। यह छोटी लगने वाली पेट की समस्याएं ही आगे चल कर गम्भीर बीमारियों में बदल जाती हैं। कब्ज अर्थात पेट का ठीक से साफ न होना हज़ार बीमारियों की जड़ माना जाता है।यदि अधिक समय तक कब्ज बनी रहे तो अल्सरेटिव कोलायटिस, कोलन कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी होने की आशंका रहती है। एसिडिटी के कारण पेट व् छोटी आंत में अल्सर हो जाते जाते है। जिनका भी आगे चलकर कैंसर में बदलने का खतरा बना रहता है। इसके अतिरिक्त शरीर का अम्ल क्षार घनत्व भी बिगड़ जाता है। जिसके कारण भी शरीर में विभिन्न संमस्याएँ हो जाती हैं। पेट में एसिडिटी रोकने की दवाएं जैसे ओमेप्रजोल( जो ओ

लौकी के गुण

लौकी के गुण

सब्जी के रुप में खाए जाने वाली लौकी हमारे शरीर के कई रोगों को दूर करने में सहायक होती है। यह बेल पर पैदा होती है और कुछ ही समय में काफी बड़ी हो जाती है। वास्तव  में यह एक औषधि है और इसका उपयोग हजारों रोगियों पर सलाद के रूप में अथवा रस निकालकर या सब्‍जी के रुप में एक लंबे समय से किया जाता रहा है। 

      लौकी को कच्‍चा भी खाया जाता है, यह पेट साफ करने में भी बड़ा लाभदायक साबित होती है और शरीर को स्‍वस्‍य और शुद्ध भी बनाती है। लंबी तथा गोल दोनों प्रकार की लौकी वीर्य वर्धक , पित्‍त तथा कफनाशक और धातु को पुष्ट  करने वाली होती है। आइए इसके औषधीय गुणों पर एक नज़र डालते हैं- 

क्षमता बढ़ाने मे मददगार होते हैं ये आहार

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी जिसमें लोगों के पास समय का आभाव हैं वह न केवल अपने पर बल्कि अपने खान-पान पर सही तरह से ध्यान नहीं दे पाते, जिसका नतीजा यह होता है कि वे कई बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में लोगों की सेक्स क्षमता पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। सेक्स के मामले में लोगो को उचित आहार लेना जरूरी हैं। विटामिन ई की कमी से भी सेक्स क्षमता कम होने की संभावनाएं बढ जाती हैं। सेक्स क्षमता बढाने के लिए उचित आहार की बहुत अवश्यकता है। आइए जानें सेक्स क्षमता के बारे में।

शरीर को शक्तिशाली बनाने और सेक्स ऊर्जा प्राप्त करने के लिए उत्तम एवं पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए।

खूबसूरत कौन नहीं दिखना चाहता

खूबसूरत  कौन नहीं दिखना चाहता

 रंग-रूप बदलना हमारे हाथ में नहीं, मगर अपनी त्वचा की सही देखभाल करके बेदाग और आकर्षक जरूर दिखा जा सकता है। स्वस्थ त्वचा हमारी खूबसूरती ही नहीं बढ़ाती, बल्कि हमारे अच्छे स्वास्थ्य की भी निशानी है। अगर आप कुदरती तौर पर खूबसत और उजली रंगत के मालिक हैं, तो भी आपको ये खूबसूरती बरकरार रखने के लिए उचित देखभाल की जरूरत है। बाजार ऐसे कई उत्पादों से भरे पड़ें हैं जो खूबसरती बढ़ाने का दावा करते हैं, लेकिन इनके इस्तेमाल से पहले हमें इनमें मौजूद केमिकल के दुष्परिणामों के बारे में भी सोच लेना चाहिए। आयुर्वेद खूबसूरती बढ़ाने के लिए काफी प्राचीन विज्ञान के रूप में जाना जाता है। आयुर्वेदिक उत्पाद जड़ी बूटिय

शरीफा है कितना जरूरी!

शरीफा है कितना जरूरी!

बाहर से कठोर दिखने वाला शरीफा अंदर से बहुत ही मुलायम होता है. शरीफे का इस्तेमाल कई तरह की स्वीट डिश और आइस- क्रीम बनाने के लिए भी किया जाता है. शरीफा कैल्शियम , मैग्निशियम, फाइबर के साथ कई प्रकार के न्यूट्रिएंट्स से भरपूर होता है. इतना ही नहीं, बल्कि शरीफे के पत्तों का इस्तेमाल युनानी दवाई बनाने के लिए भी किया जाता है.

शरीफे का सेवन कई बड़ी बीमारियों से छुटकारा दिलाने में भी बहुत लाभकारी होता है. आइए जानते हैं शरीफे के बेशुमार फायदे.

1. शरीफे में अधिक मात्रा में विटामिन बी-6 पाया जाता है, जो अस्थमा के अटैक से बचाने में मदद करता है.

कोलेस्ट्रोल के नाम पर महाधोखा

कोलेस्ट्रोल के नाम पर महाधोखा

चालीस साल से कोलेस्ट्रोल के नाम पर दुनिया को धोखा दिया जा रहा था। 
अमेरिकी डाक्टरों, वैज्ञानिकों और ड्रग कंपनियों के गठजोड़ ने 1970 से अब तक कोलेस्ट्रोल कम करने की दवाएं बेच-बेच कर 1.5 खरब डालर डकार लिए। 
बेहिचक इसे कोलेस्ट्रोल महाघोटाला कहा जाए तो कोई हर्ज नहीं। पेथलेबों में इसकी जांच का धंधा भी खूब चमका। डाक्टरों और ड्रगिस्ट की भी चांदी हुई। पता नहीं अनेक लोगों ने कोलेस्ट्रोल फोबिया के कारण ही दम तोड़ दिया होगा। कोलेस्ट्रोल घटाने वाली दवाओं के दुष्प्रभाव से ना मालूम कितने लोगों के शरीर में नई-नई विकृतियों ने जन्म लिया होगा। 

रोजाना एक इलायची खाने के फायदे

रोजाना एक इलायची खाने के फायदे

इलायची एक सुगंधित मसाला है। यह मीठे व्यंजन का स्वाद बढ़ाने के लिए उपयोग में लाई जाती है। इसकी गंध तीखी होती है। इसलिए इसका उपयोग माउथ फ्रेशनर के रूप में किया जाता है। इसमें आयरन और राइबोफ्लेविन, विटामिन सी के साथ ही नियासिन भी पाया जाता है। ये रेड ब्लड सेल्स के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इलायची खाने के कई फायदे हैं चलिए आज हम जानते हैं इलायची खाने के ऐसे ही कुछ फायदों के बारे में...
1. पाचन को ठीक कर देती है

चाय के बारे मे सबसे पहली बात ये

मित्रो चाय के बारे मे सबसे पहली बात ये कि चाय जो है वो हमारे देश भारत का उत्पादन नहीं है ! अंग्रेज़ जब भारत आए थे तो अपने साथ चाय का पौधा लेकर आए थे ! और भारत के कुछ ऐसे स्थान जो अंग्रेज़ो के लिए अनुकूल (जहां ठंड बहुत होती है) वहाँ पहाड़ियो मे चाय के पोधे लगवाए और उसमे से चाय होने लगी !

तो अंग्रेज़ अपने साथ चाय लेकर आए भारत मे कभी चाय हुई नहीं !1750 से पहले भारत मे कहीं भी चाय का नाम और निशान नहीं था ! ब्रिटिशर आए east india company लेकर तो उन्होने चाय के बागान लगाए ! और उन्होने ये अपने लिए लगाए !

क्यूँ लगाए ???

एलोवेरा औषधीय गुणों से परिपूर्ण है।

एलोवेरा औषधीय गुणों से परिपूर्ण है।

एलोवेरा के सेवन से कई तरह के रोगों को दूर किया जा सकता है। एलोवेरा औषधीय गुणों से परिपूर्ण है। साथ ही एलोवेरा बढिय़ा एंटीबायोटिक और एंटीसेप्टिक के रूप में भी काम करता है।

कैसे खाएं 

  • इसके लिए एलोवेरा की पट्टी लें और उसे बीच से काट लें अब इसके जेल को निकाल लें
  • अब आप एक गिलास जूस या शहद में 1 चम्मच जेल मिला कर खा सकते हैं। इससे आपकी सर्दी ठीक हो जायेगी।
  • इसके साथ अगर आपको कोई घाव हो जाये या आप जल जाएँ तो भी आप इस जेल का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  •  

वायु प्रदूषण के चलते शरीर पर बेअसर हो रही दवाइयां

वायु प्रदूषण के चलते शरीर पर बेअसर हो रही दवाइयां

दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण से हम सभी लोग बेहाल हैं। लोग कई बीमारियों से घिर चुके हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वायु प्रदूषण से जीवाणुओं की क्षमता में वृद्धि होने जाने से सांस संबंधी संक्रमण के इलाज में दी जाने वाली एंटीबॉयोटिक दवाएं बेअसर हो जाती हैं। यह बात एक शोध में सामने आई।

लहसुन की शक्ति

लहसुन की शक्ति

लहसुन इतना प्रभावशाली है कि इसकी गंध से कई कीड़े इसके आस पास तक नहीं फटकते. यदि आपके अंदर कोई बीमारी है तो यह उन बीमारी के कीड़ों को मारने में काफी  तेजी से काम करता है. लहसुन की एक कली हमारे अंदर पैदा होने वाले अनेको रोगों का नाश कर सकती है. यह कई बीमारियों की रोकथाम तथा उपचार में प्रभावी है. जब आप कुछ भी खाने या पीने से पहले लहसुन खाते हैं तो आपकी ताकत बढ़ती है, तथा यह एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक एंटीबायोटिक की तरह कार्य करता है. सुबह खाली पेट लहसुन खाने से यह अधिक प्रभावकारी होता है. इससे बैक्टीरिया ओवरएक्सपोज्ड हो जाते हैं तथा लहसुन की शक्ति से वे अपनी रक्षा नहीं कर पाते.

जम कर नींद ले और मधुमेह से बचें

मधुमेह की शुरुआत जिन लोगो में हो रही है यदि वे पर्याप्त नींद लेना शुरू कर दे तो उनमे मधुमेह होने का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है एक नये अध्ययन में दावा किया गया है कि अगर आप भरपूर नींद लेते हैं तो आप में टाइप ..2 मधुमेह होने का जोखिम काफी कम हो जाता है।लास ऐंजिलिस बायोमेडिकल रिसर्च इस्टीट्यूट के अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि सप्ताहांत में तीन रात की अच्छी नींद काफी हद तक इंसुलिन की सक्रियता बढा देती जिसके न बनने अथवा शरीर पर उसकी प्रतिक्रिया नहीं होने से यह बीमारी होती ।

कम उम्र में सफेद हुए बालों को काला करे

कम उम्र में सफेद हुए बालों को काला करे

कम उम्र में बाल सफेद होना आजकल एक आम समस्या है। इस
समस्या के सबसे मुख्य कारण फास्ट लाइफ कल्चर में बालों
की ठीक से देखभाल न हो पाना और
प्रदूषण आदि हैं। ऐसे में कम उम्र में आई सफेदी को
छुपाने के लिए डाई करना या कलर करना ही एकमात्र
विकल्प नहीं है।कुछ घरेलू नुस्खे आजमा कर
भी सफेद बालों को काला किया जा सकता है। हम आपको
बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे ही सिंपल घरेलू फंडे जिनसे
आप कम उम्र में सफेद हुए बालों को फिर से काला बना सकते हैं।
1. तुरई को काटकर नारियल तेल में उबालें व जब तुरई
काली हो जाए, तब उसे छानकर किसी बोतल

आलस्य मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है

आलस्य मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। आलस्‍य को दूर करना सफलता हासिल करने के लिए बहुत महत्‍वपूर्ण है। यहां दिये उपाय आलस्‍य को अपने रास्‍ते से दूर करने में मददगार साबित हो सकते है। आजकल की लाइफ भागदौड़ से भरी हुई है। ऐसे में लोगों को अपनी सेहत पर ध्यान देने का वक्त ही नहीं मिलता, जिसके कारण वे कई तरह की बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। अगर आप चाहते हैं कि बीमारियां आप से कोसो दूर रहे, तो हम आपको यहां कुछ टिप्स बताने जा रहे हैं। हेल्दी रहने के लिए इन टिप्स को आप अपना सकते हैं।

कपालभाति का जादू

कपालभाति का जादू

सांस को फेंकते समय पेट को अन्दर की तरफ धक्का देना है, इस में सिर्फ् सांस को छोडते रहना है| दो सांसो के बीच अपने आप सांस अन्दर चली जायेगी जान-बुजके सांस को अन्दर नही लेना है| कपाल केहते है मस्तिष्क के अग्र भाग को, भाती कहते है ज्योति को,कान्ति को,तेज को, कपालभाती प्राणायाम करने लगतार करने से चहरे का लावण्य बढाता है| कपालभाती प्राणायाम धरती की सन्जीवनी कहलाता है| कपालभाती प्राणायाम करते समय मुलाधार चक्र पे ध्यान केन्द्रित करना है| इससे मुलाधार चक्र जाग्रत हो के कुन्ड्लिनी शक्ति जागृत होने मे मदत होती है| कपालभाती प्राणायाम करते समय ऐसा सोचना है की, हमारे शरीर के सारे नीगेटिव तत्व शरीर से बहर

फल और सब्जियों के 'रंगों' में छिपा है हमारे स्‍वास्‍थ्‍य का राज!

शशिरंजन वर्मा। हमारे  जीवन में रंगों का प्रभाव शुरू से ही रहा है चाहे वह मनुष्य का रंग-रूप, रक्त, बाल या भी फिर पहनावा, सभी में रंगों का अपना प्रभाव है। अगर यह कहा जाय कि रंगों के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है, तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। इस बात का प्रमाण अब तक हुए कई शोधों से भी होता है। अब कई शोधें ने यह भी साबित कर दिया है कि फलों और सब्जियों में मौजूद रंग हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद और लाभकारी हैं। हम इस आलेख के जरिए आपको बताएंगे कि कैसे छिपा है रंगों में सेहत का राज।

गर्भावस्था में लें सही आहार

गर्भावस्था में लें सही आहार

हर महिला कि यह इच्छा होती है कि वह एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दे। इस इच्छा को पूर्ण करने के लिए गर्भावस्था मे पौष्टिक आहार का सेवन पर्याप्त मात्रा मे करना बेहद जरुरी है। गर्भस्थ शिशु का विकास माता के आहार पर निर्भर होता है। गर्भवती महिला को ऐसा आहार करना चाहिए जो उसके गर्भस्थ शिशु के पोषण कि आवश्यक्ताओ को पुरा कर सके।
 

क्या है सेक्स एडिक्शन?

क्या है सेक्स एडिक्शन?

यह एक बड़ी समस्या है.
– सेक्स करने की प्रबल इच्छा जब नियंत्रण से बाहर हो जाती है और हर समय व्यक्ति केवल सेक्स के बारे में ही सोचता रहता है, तो उसे सेक्स एडिक्ट कहते हैं. इसे एक मानसिक बीमारी भी कहा जा सकता है.
– केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि महिलाएं भी सेक्स एडिक्ट हो सकती हैं.
– सेक्स एडिक्ट होना और सेक्स के प्रति रुचि रखना दोनों में बहुत अंतर है.
– सेक्स एडिक्ट सेक्सुअल एक्टिविटी से इस कद्र घिरा हुआ रहता है कि उसका ध्यान तक नहीं रहता कि वो अपने पार्टनर, परिवार और ख़ुद को कितना नुक़सान पहुंचा रहा है.

नीलगिरी तेल के फायदे बेशुमार

नीलगिरी तेल के फायदे बेशुमार

ऐसे कई एसेंशियल ऑयल हैं, जो हमारी त्वचा एवं बालों की समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं. इनमें से एक है नीलगिरी का तेल, जो त्वचा एवं बालों से संबंधित हर समस्या को दूर करता है.

नीलगिरी तेल के क्या-क्या फायदे हैं जानिये...

त्वचा के लिए : प्रदूषण के साथ नमी त्वचा को नुकसान पहुंचाती है. हवा में मौजूद नमी के कारण हमारी त्वचा को सूक्ष्म जीवाणुओं द्वारा नुकसान पहुंचने की संभावना होती है.

अब ई-स्किन पर होगा कॉस्मेटिक उत्पादों का परीक्षण

मोटापे का इलाज

मोटापे का इलाज

(१) खाना खूब चबा-चबाकर खायें |
(२) चूना खाना है (एक गेहूं के दाने के बराबर दिन में एक बार ) दस मिनट धूप में टहलें |
(३) त्रिफला चूर्ण एक चम्मच एक गिलास गर्म पानी में उबालकर दो चम्मच गुड़ या शहद मिलाकर काढ़ा बनाकर पियें |
(४) त्रिफला और गिलोय चूर्ण तीन-तीन ग्राम में मिलाकर चाटना है |
(५) पानी हमेशा बैठकर घूँट-घूँट पियें |
(६) भोजन तीन बार से अधिक न करें, भोजन भूख से थोड़ा कम करें |
(७) दिन में कभी न सोयें |
रोग मुक्ति के लिये आवश्यक नियम :
पानी के सामान्य नियम :
१) सुबह बिना मंजन/कुल्ला किये दो गिलास गुनगुना पानी पिएं ।

गन्ने के रस में है कैंसर से लड़ने की ताकत

गन्ने के रस में है कैंसर से लड़ने की ताकत

गन्ने का रस बहुत ही सेहतमंद और गुणकारी पेय है. इसमें कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन, मैग्नेशियम और फॉस्फोरस जैसे आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं. इनसे हड्डियां मजबूत बनती हैं और दांतों की समस्या भी कम होती है. गन्ने के रस के ये पोषक तत्व शरीर में खून के बहाव को भी सही रखते हैं. वहीं इस रस में कैंसर व मधुमेह जैसी जानलेवा बीमारियों से लड़ने की ताकत भी होती है.

चीनी का स्क्रब दे दमकती त्वचा

चीनी का स्क्रब दे दमकती त्वचा

चेहरे और हाथों की मृत त्वचा हटाने के लिए चीनी केस्क्रब का इस्तेमाल करें। चीनी में नींबूऔर मलाई मिलाकर इसे कुछ देर के लिए रख दें। इसके बाद इस मिश्रण को चेहरे पर लगा लें। कुछ देर सूखने के बाद इसे गोलाई से मलकर स्क्रब की तरह छुड़ा लें। इस स्क्रब का इस्तेमाल होठों की मृत त्वचा हटाने केलिए किया जा सकता है। स्क्रब में मौजूद नींबू में ब्लीचिंग के गुण होते हैं, जिससे त्वचा के दाग-धब्बे दूर होते हैं। चीनी प्राकृतिक स्क्रब का काम करती है, वहींमलाई त्वचा में चमक लाती है।

कहीं आपमें खून की कमी तो नहीं?

कहीं आपमें खून की कमी तो नहीं?

सामान्यतः जिसे हम खून की कमी होना कहते हैं।वस्तुतः वह खून में हीमोग्लोबिन नमक तत्व की कमी होती है। मेडिकल भाषा में इसे एनेमिया कहते हैं। हीमोग्लोबिन के कारण ही खून का रंग लाल होता है। लाल रक्त कणिकाओं का मुख्य भाग हीमोग्लोबिन ही होता है। खून की कमी का पता हमें तब ही चल पाता है जब किसी वजह से या डॉ के कहने पर खून की जाँच करवाते हैं।कभी कभी जब हमारे किसी प्रियजन को खून की आवश्यकता होती है और हम रक्त दान करने ब्लड बैंक जाते हैं, रक्त दान से पहले खून की जांच होती है जिसमे लोगों को अक्सर पता चलता है कि खून में हीमोग्लोबिन कम है।इस कारण आप रक्त दान नही कर सकते हैं। इस लेख में हम आपको बताएँगे की क

फिजियोथेरपिस्ट की जरूरत कब?

फिजियोथेरपिस्ट की जरूरत कब?

अगर 8-10 दिन बाद भी दर्द कम न हो तो फिजियोथेरपिस्ट के पास जाएं। दर्द की वजह से जिन जॉइंट्स का लंबे समय तक नहीं मूव नहीं कर पाते, वे अकड़ जाते हैं। फिजियोथेरपिस्ट उन जॉइंट्स को चलाते हैं और इसमें दर्द भी नहीं होता। 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को फिजियोथेरपी की ज्यादा जरूरत पड़ती है। 8-10 सिटिंग्स में जॉइंटस से राहत मिल जाती है। वैसे, ज्यादा दर्द होने पर आप फिजियोथेरपिस्ट से टेंस (TENS) भी खरीद सकते हैं। यह छोटी-सी मशीन होती है तो जो हल्के इलेक्ट्रिकल करंट से नर्व्स को स्टिमुलेट करती है और पेन को ब्लॉक करती है। इसकी सेटिंग फिजियोशेरपिस्ट से करानी चाहिए। यह 2-4 हजार रु. में आती है।

मेथी खाओ कैंसर दूर भगाओ!

कानपुर। आयुर्वेद में मेथी के कई गुणों का बखान किया गया है। मधुमेह में इसका प्रयोग बेहद लाभकारी है लेकिन एक शोध में मेथी त्वचा के कैंसर का इलाज करने में कारगर साबित हुई है। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) कानपुर, दि आइआइएस यूनीवर्सिटी जयपुर एवं यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान के वैज्ञानिकों ने मिलकर मेथी पर शोध किया। इसकी सफलता का परिणाम अंतर्राष्ट्रीय जर्नल टॉक्सीकोलॉजी इंटरनेशनल में प्रकाशित हो चुका है।

निम्बू है कई बिमारियों का इलाज

निम्बू है कई बिमारियों का इलाज

नींबू : गुण में मीठा, स्वाद में खट्टा
* सुबह-शाम एक गिलास पानी में एक नींबू
निचोड़कर पीने से मोटापा दूर होता है।
* बवासीर (पाइल्स) में रक्त आता हो तो नींबू
की फांक में सेंधा नमक भरकर चूसने से
रक्तस्राव बंद हो जाता है।
* आधे नींबू का रस और दो चम्मच शहद मिलाकर
चाटने से तेज खाँसी, श्वास व जुकाम में लाभ
होता है।
* नींबू ज्ञान तंतुओं की उत्तेजना को शांत
करता है। इससे हृदय की अधिक धड़कन सामान्य
हो जाती है। उच्च रक्तचाप के रोगियों की
रक्तवाहिनियों को यह शक्ति देता है।
* एक नींबू के रस में तीन चम्मच शकर, दो चम्मच

अब ऑनलाइन अंगदान करना हुआ आसान

अंगदान और अंग प्रत्यारोपण कार्यक्रम को व्यवस्थित करने के लिए सफदरजंग अस्पताल में बनाए जा रहे राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (नोटो) की वेबसाइट की अधिकारिक रूप से शुरुआत कर दी गई। लोग नोटो की वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन अंगदान के लिए पंजीकरण करा सकते हैं। इसके जरिए अंगदान करना आसान हो जाएगा। अंगदान को बढ़ावा देने के लिए सफदरजंग अस्पताल में राष्ट्रीय अंगदान दिवस मनाया गया। सम्मेलन में छत्तीसगढ़, हरियाणा, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, असम, महाराष्ट्र, कर्नाटक सहित कई राज्यों के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने पहुंचकर अंगदान और अंग प्रत्यारोपण पर चर्चा की। इसका मकसद देशभर के अस्पतालों के

लहसुन के ये अद्भुत व गज़ब फायदे

लहसुन के ये अद्भुत व गज़ब फायदे

आमतौर पर लहसुन का इस्तेमाल खाने के स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाता है लेकिन कम लोगों को ही पता होता है कि लहसुन के कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं.
लहसुन में एलिसिन नामक मुख्य कंपाउंड होता है, जोकि एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल, एंटीफंगल और एंटीऑक्सीडेंड गुणों से भरपूर होता है. साथ ही इसमें विटामिन और पोषक तत्व भी भरपूर मात्रा में होते हैं. विटामिन B1, B6, C होने के साथ ही इसमें मैगनीज, कैल्शियम, कॉपर, सेलेनियम और दूसरे प्रमुख लवण होते हैं.

सहजन का पेड़ सेहत का खजाना

सहजन का पेड़ सेहत का खजाना

सहजन या सुजना एक बहुत उपयोगी पेड़ है। इस सेंजन और मुनगा आदि नामों से भी जाना जाता है। इसे अंगे्रजी में ड्रमस्टिक भी कहा जाता है। इसका वनस्पति नाम मोरिंगा ओलिफेरा है। फिलीपीन्स, मैक्सिको, श्रीलंका, मलेशिया आदि देशों में भी सहजन का उपयोग बहुत अधिक किया जाता है। दक्षिण भारत में व्यंजनों में इसका उपयोग खूब किया जाता है। सहजन के बीज से तेल निकाला जाता है और छाल पत्ती, गोंद, जड़ आदि से आयुर्वेदिक दवाएं तैयार की जाती हैं। इसमें दूध की तुलना में 4 गुना कैल्शियम और दुगना प्रोटीन पाया जाता है। आयुर्वेद में 300 रोगों का सहजन से उपचार बताया गया है। इसीलिए आज हम आपको परिचित करवाने जा रहे हैं। सहजन की कुछ

दही दूर कर सकता है अपके पैरों का फंगल इंफेक्शन

दही दूर कर सकता है अपके पैरों का फंगल इंफेक्शन

फंगल इंफैक्शन एक प्रकार की स्किन एलर्जी होती है जो हमारी बॉडी के किसी भी हिस्से पर कभी भी हो सकती है। पर अक्सर फंगल इन्फेक्शन की समस्या पैरो की उंगलियों में ही होती है, फंगल इन्फेक्शन होने पर पैरों की उंगलियों की स्किन में लाल पपड़ी जैसे दाग हो जाते है जिनमे बहुत खुलजी, रैशेज और दर्द होती है। कभी कभी फंगल इन्फेक्शन के कारण पैरों में सूजन और नाखुनों का पीलापन भी आ जाता है। फंगल इंफैक्शन होने का कारण पसीना आना, एंटीबॉयोटिक दवाओं के साइड इफैक्ट्स, साफ सफाई न रखना, शरीर में गर्मी, अधिक देर तक पैरों का गीला रहना और ब्लड सर्कुलेशन की कमी भी हो सकता है, पर आज हम आपको एक ऐसा उपाय बताने जा रहे है जि

चर्बी घटाने का सबसे आसान तरीका

चर्बी घटाने

बढ़ते वजन से परेशान ज्‍यादातर लोगों के लिए वजन घटाने की कोशिश एक मुद्दे की तरह होती है। इसके लिए वह जिम, योग और विशेष प्रकार की डाइट को भी अपनाते हैं। इन तरीकों में से अधिकांश बहुत प्रभावी होते हैं। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि कुछ खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल कर आप आसानी से फैट कम करने में सफल हो सकते हैं। हालांकि आपको इस बात पर विश्‍वास नहीं हो रहा होगा लेकिन यह सच है ऐसे खाद्य पदार्थ चयापचय को बढ़ाकर, फैट की रिहाई करने वाले हार्मोंन को उत्‍तेजित कर, शरीर के विषैले पदार्थों को बाहर कर फैट घटाने में मदद करते हैं। इसलिए इन खाद्य पदार्थों को अपने स्‍वस्‍थ आहार योजना का हिस्‍सा बनाना

दर्द की स्थिति में कितना मूवमेंट करें?

दर्द की स्थिति में कितना मूवमेंट करें?

जब तक बुखार रहे, पूरी तरह बेड रेस्ट करें। बुखार के दौरान बेड पर ही जोड़ों का हल्का-फुल्का मूवमेंट शुरू करें। मूवमेंट से ब्लड सप्लाई बढ़ती है और हीलिंग जल्दी होती है। चार-पांच दिन बाद रूटीन काम शुरू करें। हफ्ते भर बाद नॉर्मल लाइफ शुरू कर सकते हैं। बुखार ना हो, पर दर्द हो तो भी आराम ही करें। आराम न करने से दर्द बढ़ता है।

 

जीरा उतारता है बिच्छू का ज़हर

जीरा उतारता है बिच्छू का ज़हर

भोजन में अरुचि, पेट फूलना, अपच आदि को दूर करने में जीरा विश्वसनीय औषधि है. जीरा पाचक और सुगंधित मसाला है. आइये जानते है जीरे से होने  वाले  स्वास्थ्य लाभो के बारे में  –

1-भुने हुए जीरे को लगातार सूँघने से जुकाम की छीकें आना बंद हो जाती है. 

2-प्रसूति के पश्चात जीरे के सेवन से गर्भाशय की सफाई हो जाती है. 

 3-जीरे को उबाल कर उस पानी से स्नान करने से खुजली मिटती है. 

 4-बवासीर में मिश्री के साथ सेवन करने से शांति मिलती है. 

 5-जीरे व नमक को पीसकर घी व शहद में मिलाकर थोड़ा गर्म करके बिच्छू के डंक पर लगाने से विष उतर जाता है.

गर्मी के दिनों में क्या खाएं क्या न खाएं?

गर्मी के दिनों में क्या खाएं क्या न खाएं?

बदलती ऋतुओं के अनुसार शरीर में स्वाभाविक  रासायनिक परिवर्तन होते हैं और इस परिवर्तन में  ऋतूचर्यानुसार  खाध्य  पदार्थों  का सेवन किया जाए तो वात-पित्त-कफ के उभार से होने वाले रोगों से बचा जा सकता है| यहाँ मैं  गर्मी की ऋतू  में अच्छी सेहत के लिए  सेहतमंद दिन चर्या  की बात करूँगा-

भूख लगने पर ही खाएं खाना वरना

भूख लगने पर ही खाएं खाना वरना

भूखे न होने पर भी कुछ न कुछ खाने की आदत आपकी सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकती है. शिकागो की इलिनोइस यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता डेविड गाल के अनुसार, बार-बार खाना फायदेमंद होता है लेकिन तब जब वाकई भूख लगी हो. भूख न होने पर भी खाना सेहत के लिए अच्छा नहीं है.

वैज्ञानिकों ने इस शोध के लिए स्नातक के 45 छात्रों को शामिल किया. इन छात्रों से सबसे पहले इनके भूख के स्तर की जानकारी ली गई. इसके बाद इन्हें कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन दिया गया.

काइन पेपर का इस्तेमाल विभिन्न रोग-विकारों की दवाइयां बनाने में किया जाता हैं।

काइन पेपर

आयुर्वेद में काइन पेपर का इस्तेमाल विभिन्न रोग-विकारों की दवाइयां बनाने में किया जाता हैं। काइन पेपर के गुणों से परिचित होने के बाद बहुत सारे लोग घरेलू औषधि के रूप में भी करने लगे हैं। यह कफ, खांसी और जुकाम को ठीक करने में बहुत फायदेमंद है। कम भूख लगना, बदहजमी, अफारा और साँस की बीमारी जैसे दमा आदि में काइन पेपर के सेवन से बहुत लाभ होता है।

कैसे खाएं 

स्किन के हिसाब से करे साबुन का चुनाव

स्किन के हिसाब से करे साबुन का चुनाव

अक्सर देखा जाता है कि लोग कोई भी सोप इस्तेमाल कर लेते हैं क्योंकि अधिकतर लोगों को लगता है कि इससे त्वचा की सफाई ही तो होनी है. लेकिन ऐसा नहीं होता है त्वचा की सफाई के साथ ही यह भी जरूरी है कि स्किन टाइप के अनुसार सोप का चुनाव किया जाए-

1-ग्लिसरीन युक्त साबुन मेडिकेटेड सोप होते हैं और यह मिली-जुली यानि कॉम्बिनेशन स्किन टाइप वालों के लिए फायदेमंद होता है. इसके अलावा जिनकी त्वचा रूखी और संवेदनशील होती है उन्हें भी इस सोप का इस्तेमाल करना चाहिए.

ऑफिस में स्ट्रेस से बचने के लिए खाने से ज्यादा नींद है जरूरी

ऑफिस में स्ट्रेस से बचने के लिए खाने से ज्यादा नींद है जरूरी

ऑफिस में थकान, तनाव और मूड खराब रहना आम बात है। एक नई स्टडी में कहा गया है कि बेहतर नींद से नौकरी के तनाव और शाम को खाए गए अस्वस्थ खाने से सुरक्षा मिल सकती है।

यह स्टडी ऑफिस में लोगों की खानपान की आदतों को जानने के लिए किया गया था। अध्‍ययन में पता चला कि जिन लोगों का ऑफिस में दिन अच्छा नहीं गुज़रा वो रात को डिनर टेबल पर भी सुस्त और उदास दिखाई दिए।

इस अध्‍ययन के सह शोधकर्ता चू-ह्सियांग डेसी चैंग का कहना है कि ऑफिस में बीते खराब दिन के कारण लोगों के मन में अधिक नकारात्मक विचार रहे और उन्होंने सेहतमंद खाने की जगह जंक फूड को प्राथमिकता दी।

गुलाबी गाल पाने के घरेलू उपाय

#1 गुलाबी गाल के लिए बादाम
पौष्टिक तत्वों से भरपूर बादाम कैल्शि‍यम, विटामिन, जिंक, मैग्नीशि‍यम और ओमेगा 3 फैटी एसिड का अच्छा स्रोत है। बादाम त्वचा के रोमछिद्रों को खोल देता है और चेहरे पर चमक लाता है। इसके लिए आप पीसे हुए बादाम में पांच-पांच चम्मच पुदीना का रस और शहद मिलाएं। फिर इसमें गुलाब की पंखुड़ी भी पीस लें। रात को सेते समय लगाएं। चेहरे पर ग्लो और गुलाबी चमक आएगी।

केले वाली चाय पीने का ये फायदा

अगर आपको भी अच्छी नींद नहीं आती है और सोने के दौरान आप बीच-बीच में उठ बैठते हैं तो केले वाली चाय पीना आपके लिए बहुत फायदेमंद है.

आमतौर पर लोग अच्छी नींद के लिए नींद की गोली ले लेते हैं लेकिन आप चाहें तो नींद की गोली की जगह केले वाली चाय ले सकते हैं. वैसे भी नींद की गोली लेने से अक्सर भारीपन, कब्ज और पेट दर्द की शिकायत हो जाती है.

केले में पोटैशियम की भरपूर मात्रा पायी जाती है. इसके साथ ही ये मैग्नीशियम का भी खजाना है. ये दोनों ही तत्व नर्वस सिस्टम को रीलैक्स करने का काम करते हैं और तनाव को कम करते हैं.

कैसे बनाएं मेथी का पानी

कैसे बनाएं मेथी का पानी

रात को एक बड़ी चम्मच मेथी के दानों को दो गिलास पानी मे भिगोने के लिए रख दें। और सुबह इसे छानकर पीएं।

मेथी के अन्य फायदे

लिवर को स्वस्थ रखने के लिए पीयें मुलेठी की चाय

मुलेठी की चाय

लिवर को स्वस्थ रखने के लिए पीयें मुलेठी की चाय------------------
यदि आप लिवर की समस्याओं से ग्रस्त हैं या अपने लिवर को हमेशा स्वस्थ बनाए रखना चाहते हैं तो आज से ही मुलेठी की चाय पीना शुरू कर दे। मुलेठी की चाय के औषधिक गुणों का जिक्र हमारे आर्युवेद में भी किया गया हैं। इसका नियमित रूप से सेवन करने से लिवर मजबूत बनता हैं। मुलेठी की चाय बनाने के लिए यह विधि अपनाए-
1-एक चुटकी मुलेठी के पाउडर को उबलते हुए पानी में डालें। इसके बाद उसमे थोड़ी सी चायपत्ती भी डालें। इस चाय को दस मिनट तक उबाल कर छान लें । जहाँ तक हो सके इसे सुबह गरमागरम ही पियें।

हल्दी के प्रयोग से रहें निरोग

हमारे किचन में एक मसाले के रूप में व्यवहृत हल्दी  अपने भीतर सैंकडों  आरोग्यकारी गुण समाविष्ट किये हुए है | नीचे  पूरा वर्णन  दिया जा रहा है-- 
सौन्दर्यवर्धक

बाल झड़ते है तो यह तरीका अपनाये

  1. बालों में आमतौर पर कुछ समस्याएं जैसे- बालो का गिरना, सफेद बाल, डैण्ड्रफ, सिर की त्वचा के रोग इत्यादि शामिल हैं। 
  2. लेकिन बालों की समस्या को थोड़ी सावधानी बरतकर आसानी से दूर किया जा सकता है। मजबूत तथा स्वस्थ बालों के लिए तेल से मालिश आवश्यक है। 
  3. सर की मालिश करने से बालों की जड़ो को पोषण मिलता है और बालों के झड़ने में कमी आती है। 
  4. सरसो के तेल में मेहंदी की पत्ती गर्म करें। ठंडा कर के बालों में लगायें, इससे बालों का झड़ना रूक सकता हैं। 

अमरुद में है स्वाद भी और सेहत भी

अमरुद में है स्वाद भी और सेहत भी

अमरूद में मौजूद विटामिन और खनिज शरीर को कई तरह की बीमारियों से बचाने में मददगार होते हैं. साथ ही ये इम्यूंन सिस्टरम को भी मजबूत बनाता है.

1- अमरूद में मौजूद लाइकोपीन नामक फाइटो न्यूयट्रिेएंट्स शरीर को कैंसर और ट्यूमर के खतरे से बचाने में सहायक होते हैं.

2- फल के साथ ही अमरूद की पत्तियों का सेवन मुंह के छालों को दूर करने में कारगर होता है. 

3- अमरूद हाई एनर्जी फ्रूट है जिसमें भरपूर मात्रा में विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं. ये तत्व हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होते हैं.

पीपल के पेड़ और पत्तों के फायदे

पीपल

1 अस्थमा में बहुत ही फायदेमंद
अस्थमा फेफड़ों से संबंधित बीमारी है जिससे ज्यादातर बूढ़े और बच्चे प्रभावित होते हैं। अस्थमा या सांस की बीमारी में पीपल के पेड़ की छाल बहुत ही गुणकारी है। इसके लिए छाल का अंदरूनी हिस्सा निकालर उसका चूर्ण बना लें। इसे खाने से सांस संबंधित समस्याएं दूर हो सकती है।

#2 पीलिया रोग में दे लाभ
पीलिया में आपकी त्वचा और आपकी आंखें पीले हो जाते हैं। यह रोग कुछ दिनों के लिए रहता है। यदि आप इससे छुटकारा पाना चाहते हैं तो नियमित रूप से पीपल के पत्तों का शरबत बनाकर और मिश्री मिलाकर पीने से लाभ मिलता है।

कोल्ड ड्रिंक पीने वालो हो जाओ सावधान

सोडा या कोल्ड ड्रिंक कितना खतरनाक हो सकता है, इसका अंदाजा एक स्टडी के नतीजों से लगाया जा सकता है। हाल ही में हुए एक अध्ययन में पता चला है कि हर साल दुनिया में लगभग एक लाख 80 हजार मौतें कोल्ड ड्रिंक्स की वजह से होती हैं।

अजवाइन खाने से दूर होती है किडनी की स्‍टोन

  आपने अपने घरों की रसोईं में अनेकों प्रकार के मसाले देखे होगें। उन्‍हीं में से एक है अजवाइन जिसका नाम हर किसी ने सुना और देखा होगा। क्‍या आपको पता है यह केवल एक किस्‍म का मसाला ही नहीं बल्कि एक ऐसी औषधि भी है जिसके प्रयोग से आपके स्‍वास्‍थ्‍य पर अच्‍छे प्रभाव पड सकते हैं। क्‍या आपको पता है कि इसके नियमित सेवन से किडनी में स्‍टोन की बीमारी भी ठीक हो सकती है। इसलिए आज हम आपको बताएगें की कसके खाने से आपको क्‍या फायदा हो सकता है। क्‍या हैं इसके फायदे-

फिट रहना है तो रात में कम, सुबह ज्यादा खाएं

फिट रहना है तो रात में कम, सुबह ज्यादा खाएं

जर्नल ऑफ न्यूट्रीशन में प्रकाशित रिसर्च में दावा किया गया है कि इटक यानी बॉडी मास इंडेक्स को ठीक रखने और शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए रात में कम से कम खाएं लेकिन नाश्ता भरपूर करें। 50 हजार लोगों पर करवाए गए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि सुबह नाश्ते के समय सबसे ज्यादा आहार लेने वाले लोगों का इटक उन लोगों की तुलना में कम होता है जो दिनभर कम खाने के बाद रात को छक कर ढेर सारा खाना खाते हैं। खास बात यह है कि दोनों ही तरह के लोग पूरे दिन बराबर कैलरी लेते हैं। अमेरिका में लोमा लिंडा यूनिवसर्टी स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के अनुसंधानकर्ताओं के मुताबिक सुबह के नाश्ते और रात के भोजन के बीच वक्त

१०० ग्राम अच्छे लहसुन में विशेषताएं

१०० ग्राम अच्छे लहसुन में निम्नलिखित विशेषताएं होती हैं:

१०० ग्राम अच्छे लहसुन में निम्नलिखित विशेषताएं होती हैं:

  • पानी- ६२%
  • प्रोटीन्स- ६.३%
  • वसा- ०.२%
  • खनिज- २%
  • रेशे-०.८ %
  • श्वेतसार- २९.८%
  • कैल्शियम- ३० मि.ग्राम
  • फॉस्फोरस- ३२९ मि.ग्राम
  • लोह- २.३ मि. ग्राम
  • विटामिन- २३ मिली ग्राम
  • विटामिन बी काम्प्लेक्स- अल्प मात्रा

लह्सुन का उष्मांक मुल्य १४५ है|

वजन घटाना है तो रोज सुबह पिए नारियल का पानी

वजन घटाना है तो रोज सुबह पिए नारियल का पानी

सुबह के समय नारियल पानी पीना सबसे अधिक फायदेमंद होता है. अगर आप सुबह के समय नारियल पानी पीते हैं तो ये आपके शरीर को दिनभर स्फूर्तिवान बनाए रखता है.

1- किडनी को स्वस्थ बनाए रखने के लिए भी नारियल पानी का सेवन करना अच्छा रहता है. ये यूरीनरी ट्रैक को साफ रखने में मददगार होता है और साथ ही किडनी में स्टोन को नहीं पनपने देता है.

2- नारियल पानी के नियमित सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बूस्ट होती है. जिससे कई बीमारियों के होने की आशंका कम हो जाती है.

क्या आप प्रेगनेंसी में आम खा सकती हैं?

क्या आप प्रेगनेंसी में आम खा सकती हैं?

हाँ यह आम का सीज़न है। गर्मियों की प्रेगनेंसी में आप आम खाए बिना रहें इस बात की संभावना काफी कम है। क्या आपको प्रेगनेंसी में आम नहीं खाने चाहिए, या इस दौरान आम खाए जा सकते हैं? चलिए इस बारे में पढ़ते हैं:

आम के फायदे

ठण्डा मतलब टॉयलेट क्लीनर, नारियल मतलब रोग क्लीनर

नारियल

नारियल पानी पीने से शरीर को ऊर्जा मिलती है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बूस्ट होती है और साथ ही ये कई तरह की बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करने का भी काम करता है. अगर आप अपनी बढ़े हुए वजन से परेशान हैं तो भी नारियल पानी पीना आपके लिए फायदेमंद रहेगा.नारियल पानी में मौजूद मिनरल, पोटेशियम और मैग्नीशियम गुर्दे में होने वाली पथरी के खतरे को कम करते हैंताजे नारियल पानी में कम मात्रा में विटामिन सी (ऐस्कोरबिक एसिड) होती है। इस में 4% या 2.5 मिलीग्राम आर डी ए होता है। विटामिन सी पानी में घुल जाने वाला एटीआॉक्सीडेंट है।

धूप सेंकने से सेहत को किस तरह होते हैं फायदे

धूप सेंकने से सेहत को किस तरह होते हैं फायदे

सर्दी का मौसम शुरू हो चुका है. इस मौसम में ज्यादातर लोग धूप से दोस्ती कर के इसका आनंद लेते हैं. क्योंकि इस मौसम में धूप सेंकने का अपना ही मजा होता है. धूप सेंकने से केवल विटामिन डी ही नहीं मिलता बल्कि इससे सेहत को कई तरह के अन्य लाभ भी होते हैं.

आइए जानते हैं सर्दी में धूप सेंकने से सेहत को किस तरह होते हैं फायदे:

1. यह तो सभी जानते हैं कि धूप सेंकने से शरीर को भरपूर मात्रा में विटामिन डी मिलता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है. इसके साथ ही धूप सेंकने से जोड़ों का दर्द और सर्दी से होने वाले बदन दर्द से भी राहत मिलती हैं.

सहजन की पत्तियों से बने बिस्कुट देंगे स्वाद और सेहत

इलाहाबाद: सहजन और इसकी पत्तियां सेहत के लिए स्वास्थ्यवर्धक हैं, लेकिन बच्चे ही नहीं कई बड़े भी इसके स्वाद के चलते इससे दूर भागते हैं। लेकिन अब दोनों ही सहजन को स्वाद लेकर खाएंगे, क्योंकि जल्द ही बाजार में सहजन की पत्तियों से बने बिस्कुट आएंगे, जो पौष्टिक ही नहीं स्वादिष्ट भी होंगे। ​(देश-विदेश की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें) सहजन की पत्तियों का इस्तेमाल कर इस बिस्कुट को द इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड सांसेज ने तैयार किया है। इंस्टीट्यूट का दावा है कि यह बिस्कुट बाजार में मौजूद बिस्कुट की अपेक्षा ज्यादा सेहतमंद और सस्ता होगा। हालांकि अभी इसके बाजार में आने में कुछ समय लगेगा क्योंकि इसे तैया

जानें सोंठ और सूखी अदरक के फायदे

जानें सोंठ और सूखी अदरक के फायदे

सूखी अदरक या सोंठ का इस्तेमाल कई तरह की घरेलू दवा बनाने या भोजन में अलग स्वाद के लिए किया जाता है। सोंठ का इस्तेमाल आप किन-किन समस्याओं में और किस तरह से कर सकते हैं, जानने के लिए जरूर पढ़ें, सोंठ के स्वास्थ्यलाभ –
1-सोंठ को दूध में उबालकर, ठंडा करके पीने से हिचकी आना बंद हो जाती है। पसलियों में दर्द होने पर इसे पानी में उबालकर ठंडा कर दिन में कम से कम चार बार पीने से लाभ होता है।
2-इसमें कैंसररोधी गुण भी मौजूद होते हैं, जो कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकते हैं। इसके अलावा गर्भाशय के कैंसर की संभावनाओं को कम करने में भी यह फायदेमंद है।

हरी मिर्च खाने के चमत्कार

मिर्च कैप्सिकम वंश के एक पादप का फल है, तथा यह सोलेनेसी (Solanaceae) कुल का एक सदस्य है। वनस्पति विज्ञान मे इस पौधे को एक बेरी की झाड़ी समझा जाता है। स्वाद, तीखापन और गूदे की मात्रा, के अनुसार इनका उपयोग एक सब्जी (शिमला मिर्च) या एक मसाले (लाल मिर्च) के रूप में किया जाता है। मिर्च प्राप्त करने के लिए इसकी खेती की जाती है।

अंकुरित दानों का सेवन कब

अंकुरित दानों का सेवन केवल सुबह नाश्ते के समय ही करना चाहिये। 
अंकुरित आहार शरीर को नवजीवन देने वाला अमृतमय आहार कहा गया है।
अंकुरित भोजन क्लोरोफिल, विटामिन (`ए´, `बी´, `सी´, `डी´ और `के´) कैल्शियम, फास्फोरस, पोटैशियम, मैगनीशियम, आयरन, जैसे खनिजों का अच्छा स्रोत होता है।
अंकुरीकरण की प्रक्रिया में अनाज/दालों में पाए जाने वाले कार्बोहाइट्रेड व प्रोटीन और अधिक सुपाच्य हो जाते हैं।

ज़ुकाम होने पर क्या सावधानी बरतें ?

ज़ुकाम होने पर क्या सावधानी बरतें ?

अब आप लोग समझ ही गए होंगे की कफ हमारे शरीर में कब कहाँ और क्यों बनता है अब हम आपको बताते हैं की यदि आप ज़ुकाम से पीड़ित हैं तो आपको क्या करना चाहिये

आपको यह भी जानना चाहिये की शरीर में पानी की मात्रा कम कैसे होती है इसके कुछ मुख्य कारण निम्न है

11 आदतें जिनसे त्वचा रहे खिलीखिली

 11 आदतें जिनसे त्वचा रहे खिलीखिली

वक्त यहीं रुक जाए... पल यहीं थम जाएं... काश हम अपनी बढ़ती उम्र को भी यही कह सकते। रोक लेते उसकी रफ्तार को, ताकि हम साल-दर साल यूं ही रहते।लेकिन उम्र को तो रोका नहीं जा सकता, हां उसके बढ़ते प्रभावों को बखूबी कम किया जा सकता है। तभी तो कई लोगों को देखकर लगता है कि जैसे उनकी उम्र थम सी गई हो। कुछ ऐसी आदतें जो आपको रखेंगी हमेशा जवां-जवां और आपकी स्किन रहेगी खिली-खिली।

शाकाहार करे और रोगों से दूर रहें

केलिफोर्निया के हृदयरोग विशेषज्ञ डा. डीन ओरनिश के अनुसार केवल शाकाहार अपनाकर हृदय और कैंसर रोग को आसानी से ठीक किया जा सकता है।उनका कहना है की दवाईयां तो लेनी होगी लेकिन उनका असर सत्तर प्रतिशत तेजी से होगा। डा. डीन पहले ऐसे चिकित्सा विज्ञानी हैं जो रोगियों को बिना चीर फाड़ किए ठीक करने में यकीन करते हैं। उन्होंने इलाज के लिए आए मरीजों की खानपान की आदतें बदल कर उन्हें ठीक किया है।

घर में ही हो जाता है पथरी का इलाज

घर में ही हो जाता है पथरी का इलाज

किडनी में स्‍टोन यूरीन सिस्टम का एक रोग है जिसमें किडनी के अन्दर छोटे-छोटे पत्थर जैसी कठोर वस्तुएं बन जाती हैं. आमतौर पर यह ये पथरियां यूरीन के रास्ते शरीर से बाहर निकल जाती है. बहुत से ऐसे घरेलू उपाय है जिनको अपनाकर इनसे निजात पाई जा सकती है. आइए जाने ऐसे ही कुछ उपायों के बारे में.

सर दर्द से राहत के लिए करें ये घरेलु उपचार

सर दर्द से राहत के लिए करें ये घरेलु उपचार

1. तेज़ पत्ती की काली चाय में निम्बू का रस निचोड़ कर पीने से सर दर्द में अत्यधिक लाभ होता है.

2 .नारियल पानी में या चावल धुले पानी में सौंठ पावडर का लेप बनाकर उसे सर पर लेप करने भी सर दर्द में आराम     पहुंचेगा.

3. सफ़ेद चन्दन पावडर को चावल धुले पानी में घिसकर उसका लेप लगाने से भी फायेदा होगा.

4. सफ़ेद सूती का कपडा पानी में भिगोकर माथे पर रखने से भी आराम मिलता है.

5. लहसुन पानी में पीसकर उसका लेप भी सर दर्द में आरामदायक होता है.

6. लाल तुलसी के पत्तों को कुचल कर उसका रस दिन में माथे पर २ , ३ बार लगाने से भी दर्द में राहत देगा.

नवरात्रि में उपवास के दौरान खाएं काजू, पास नही आएगी कमजोरी..

नवरात्रि में उपवास के दौरान खाएं काजू, पास नही आएगी कमजोरी..

नवरात्रि आते ही आपके पास सबसे बड़ी समस्या खाने की होती है। आप ये सोचते हैं कि व्रत रखते हुए किन चीजों का सेवन करने से शरीर में एनर्जी बनी रही है।

आप उपवास रहने के साथ-साथ घर का और दफ्तर का काम भी करते हैं।

तो आज हम आपको एक ऐसी चीज के बारे में बताएंगे जिसको उपवास के दौरान खाकर आप एनर्जी पा सकते है।

काजू खाकर उपवास में रहे तंदुरुस्त

एक ग्लास दूध से ज्यादा फायदेमंद है बियर

एक ग्लास दूध से ज्यादा फायदेमंद है बियर

अक्सर अपने लोगो को कहते सुना होगा की दूध सेहत के लिए काफी फायदेमंद रहता है. लेकिन आपको जानकार हैरानी होगी की बियर दूध से ज्यादा फायदेमंद होती है. हमे पता है आपको हमारी बात पर यकीन नहीं होगा.

इसलिए हम आपको बियर से होने वाले फायदे बताने जा रहे है. जिससे सुनने के बाद आप खुद हमारी बात पर यकीन करेंगे.

- बियर में हेट्रोसाइकिलिक अमीन्स पाया जाता है. कार्सिनोजेन (कैंसर पैदा करने वाले हानिकारक तत्व) जैसे हानिकारक तत्व को हमारे शरीर से हटाने में मदद करता है.

- संतुलित मात्रा में बियर का सेवन करने से दिल से जुड़े रोग होने की सम्भावना में 31 प्रतिशत तक की कमी आती है.

क्या मैं प्रेगनेंसी में डांस कर सकती हूँ?

क्या मैं प्रेगनेंसी में डांस कर सकती हूँ?

क्या प्रेगनेंसी में डांस करना सुरक्षित है?

हाँ, प्रेगनेंसी में डांस करना आमतौर पर सेफ माना जाता है। यह एक्सर्साइज़ करने का अच्छा तरीका है। अगर आप डांस करती रहती हैं तो आप प्रेगनेंसी में यह जारी रख सकती हैं। तो आपका जब भी डांस का मन करे आप बेफिक्र होकर डांस करें।

सेहत के लिए केले के छिलकों के फायदे:

सेहत के लिए केले के छिलकों के फायदे:

1.केले का छिलका हमारे मूड को अच्छा रखने में मदद करता है. क्योंकि केले के छिलके में सेरोटोनिन हार्मोन होता है जो हमें अच्छा महसूस कराता है. यूनिवर्सिटी ऑफ ताइवान की एक स्टडी के अनुसार 3 दिन तक रोजाना केले के 2 छिलके खाने से शरीर में सेरोटोनिन हार्मोन की मात्रा 15 फीसदी तक बढ़ जाती है.

2.केले के छिलकों में ट्रिप्टोफेन नाम का एक केमिकल होता है जो एक अच्छी और सुकुन की नींद लेने में मदद करता है.

सर्दियों में तिल से लगाएं दिल...दूर होगी स्वास्थ्य सबंधी मुश्किल

सर्दिया आते ही हमारे पास खाने के ढेरों ऑप्शन मिल जाते हैं इन्ही ऑप्शन में एक है तिल। सर्दियों में तिल का इस्तेमाल करने के बहुत फायदे हैं। इसमें कैल्शियम, आयरन, जिंक और फाइबर मैग्नीशियम, कॉपर, भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो आपके संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए बहतरीन है।  आइए आपको बताते हैं

हड्डियां मजबूत करे

 

इससे हड्डियां मजबूत रहती हैं। ये गठिया की बीमारी में  बहुत फायदा करता है इसमें कॉपर पाया जाता है जो दर्द और सूजन को ठीक रखता है।

 

त्वचा को सही रहे

 

पेट के सभी प्रकार के रोग

पेट के सभी प्रकार के रोग

पिसी हुई सोंठ एक ग्राम, जरा-सा हींग और सेंधानमक को पीसकर चूर्ण बनाकर गर्म पानी के साथ फंकी के रूप में सेवन करने से पेट के दर्द में लाभ होता है।
एक चम्मच सोंठ का बारीक चूर्ण और सेंधानमक को एक गिलास पानी में गर्म करके पीने से पेट की पीड़ा में लाभ होता है।
अदरक के काटे हुऐ टुकड़ों को देशी घी में सेंककर स्वादानुसार नमक डालकर रोजाना दिन में 2 बार सुबह और शाम से पेट के दर्द में आराम होता है। 

पाउच वाला पानी अमृत नहीं जहर है

पाउच वाला पानी अमृत नहीं जहर है

तपिश भरी गर्मी में हर किसी को दो बूंद पानी की दरकार होती है। सूखते कंठ की प्यास बुझाने के लिए इन दिनों पानी के पाउच और बोतलों की बिक्री में खासा इजाफा हो रहा है। पानी पाउच के कारोबारी इन दिनों पानी की गुणवत्ता और मानकों का भी ध्यान नहीं रख रहे हैं। सार्वजनिक स्थलों, चौराहों और बस स्टैंडों पर इन पाउचों की भारी खपत हो रही है।
दो रुपये में मिलने वाला पानी का पाउच लोगों की प्यास बुझाने के नाम पर बीमारियां परोस रहा है।पाउच वाला पानी पीने का सीधा असर सेहत पर पड़ता है। इसलिए इस पानी को पीने से बचना चाहिए। 

1. पाउच वाले पानी के नुकसान :

चिकनगुनिया के दर्द से राहत दिलाने वाला तेल

चिकनगुनिया के दर्द से राहत दिलाने वाला तेल

चिकनगुनिया के दर्द से राहत दिलाने वाला तेल--
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सामग्री :-
50 ग्राम सरसों का तेल 
50 ग्राम सफेद तिल का तेल 
15 लौंग 
1 टुकडा दालचीनी 
2 टेबल स्पून अजवायन 
1 टेबल स्पून मेथी दाना 
15 लहसुन की कली बारिक कटी हुई 
1 छोटा टुकडा अदरक पिसा हुआ 
1 टी स्पून हल्दी 
2 बडे पीस कपूर 
1 टेबल स्पून एलोवेरा जैल 

 

पानी क्यों ना पीये खाना खाने के बाद।

पानी क्यों ना पीये खाना खाने के बाद।

सारे दिन में 8-10 गिलास पानी जरुर पियें
पानी जब भी पियें बैठ कर और सिप केर केर के पियें ताकि उसमे लार मिल सके
भोजन करने से 30 मिनट पहले और भोजन करने के 1 घंटा 50 मिनट बाद पानी जरुर पीना चाहिये
ठन्डे पेय, चाय, कॉफ़ी जैसे पदार्थ बिल्कुल बंद कर देने चाहिये
अधिक मीठा या अधिक नमकीन नहीं खानी चाहिये
हो सकते तो गरम पानी पीना चाहिये ताकि कफ ढीला हो कर जल्दी बाहर निकल जाये

कब्ज को करें खास अंदाज में गुडबाय

कब्ज को करें खास अंदाज में गुडबाय

कब्ज शरीर की सबसे आम बीमारियों में गिनी जाती है। खान-पान में गड़बड़ी व खराब जीवनशैली के कारण अधिकांश लोग इसकी चपेट में आ जाते हैं।

 

शरीर में वात के बढऩे से कब्ज होती है। खान-पान की गलत आदतें, भूख से ज्यादा खाना, मीट और मुश्किल से पचने वाली भारी अन्न को खाना और फल-सब्जियां-सलाद कम खाने से कब्ज होती है। नींद पूरी न होना, तनाव-भय-चिंता या शोक आदि भी कब्ज का कारण हो सकते हैं। आंत में गांठ और रुकावट की वजह से भी कब्ज हो सकता है।

 

कब्ज भगाने के नुस्खे

दमा व श्वास का घरेलू उपचार

एक पका केला छिला लेकर चाकू से लम्बाई में चीरा लगाकर उसमें एक छोटा चम्मच दो ग्राम कपड़छान की हुई काली मिर्च भर दें । फिर उसे बगैर छीलेही, केले के वृक्ष के पत्ते में अच्छी तरह लपेट कर डोरे से बांध कर 2-3 घंटे रख दें । बाद में केले के पत्ते सहित उसे आग में इस प्रकार भूने की उपर का पत्ता जले । ठंडा होने पर केले का छिलका निकालकर केला खा लें ।प्रतिदिन सुबह में केले में काली मिर्च का चूर्ण भरें। और शाम को पकावें । 15-20 दिन में खूब लाभ होगा ।

 

मछली, मीट त्यागकर केवल पूर्ण शाकाहारी भोजन आपकी सर की रूसी दूर करने में सहायक होगा

मछली, मीट  त्यागकर केवल पूर्ण शाकाहारी भोजन आपकी सर की रूसी दूर करने में सहायक होगा

1. नारियल के तेल में निम्बू का रस पकाकर रोजाना सर की मालिश करें.

2. पानी में भीगी मूंग को पीसकर नहाते समय शेम्पू की जगह प्रयोग करें.

3. मूंग पावडर में दही मिक्स करके सर पर एक घंटा लगाकर धो दें.

4. रीठा पानी में मसलकर उससे सर धोएं.

5. मछली, मीट अर्थात nonveg त्यागकर केवल पूर्ण शाकाहारी भोजन का प्रयोग भी आपकी सर की रूसी दूर करने में सहायक होगा.

 

दूर करे घुटने और कोहिनी का कालापन

दूर करे घुटने और कोहिनी का कालापन

आमतौर पर हमारे कोहनी और घुटने का रंग हमारे शरीर के रंग से कुछ गहरा होता है. लेकिन आप चाहें तो कोहनी और घुटने के कालेपन को कुछ खास घरेलू उपायों की मदद से दूर कर सकते हैं.

एक चम्मच जीरा कम कर देगा 15 किलो वजन

एक चम्मच जीरा 20 दिनों में कम कर देगा 15 किलो वजन

अक्सर लोग अपना वजन कम करन के लिए घंटों जिम में पसीना बहाते हैं, जमकर एक्सरसाइज करते हैं. इतना ही नहीं, खाने-पीने पर ना जाने कितनी रोक-टोक लगा लेते हैं. डाइटिंग करते हैं, लेकिन फिर भी कई बार उनके हाथ केवल निराशा ही लगती है.

लेकिन आज हम आपको एक ऐसा नुस्खा बताने जा रहे हैं, जिसे अपना कर आप चुटिकयों में बिना किसी मेहनत के अपना वजन आसानी से कम कर सकते हैं. वजन कम करने का रामबाण हैं जीरा. आपको ये जानकर हैरानी होगी कि रोज एक चम्मच जीरे के सेवन से तीन गुना तेजी फैट से कम होता है.

काली मिर्च के फायदे सुनकर आप भी करेंगे इसका इस्तेमाल

हमारे किचन का एक बेहद खास मसाला है काली मिर्च। जो आपके खाने का स्वाद बढाने के साथ साथ आपके हेल्थ के लिए बेहतरीन है। आइए जानते हैं काली

सर्दी जुकाम से बचाए

सर्दी जुकाम से निजात पाने के लिए पानी में तुलसी, काली मिर्च, अदरक लौंग और इलाइची के साथ उबाल कर इसकी चाय बना कर पिएं।

मांसपेशियों के दर्द से निजात

तेल को हल्का गर्म कर के उसमें काली मिर्च मिलाकर इससे पीठ और कंधों की मालिश करें।  गठिया रोग में भी काली मिर्च काफी फायदेमंद साबित होती है।

रखे हमेशा फिट

दूध आयुर्वेद में बहुत ही महत्वपूर्ण और कीमती भोजन है।

दूध आयुर्वेद में बहुत ही महत्वपूर्ण और कीमती भोजन है। यह हमारे शरीर और दिमाग को जरुरी पोषण प्रदान करता है। यह ठंडा, वात और पित्‍त दोष को बैलेंस करने का काम करता है। आयुर्वेद के अनुसार गाय का दूध सबसे ज्‍यादा पौष्टिक होता है। दूध भूख को शांत करता है और मोटापे से भी छुटकारा दिलाने में मददगार है। गाय का दूध शिशुओं के लिये अच्‍छा है पर अगर आपको नींद नहीं आती तो आपके लिये भैंस का दूध अच्‍छा रहेगा। किसका दूध है सबसे सेहतमंद - गाय का या भैंस का?

रस्सी कूदने से ये बेमिसाल फायदे

रस्सी कूदने के अदभुत लाभ

अक्सर आपने बचपन में कई बार रस्सी कदूी होगी। रस्सी कूदना वाकई में आपकी सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है। खेल—खेल में रस्सी कूदने के जो फायदे आपको बचपन में मिलते थे। वही फायदे आप आपको अब भी मिल सकते हैं। रस्सी कूदने से हमारी एब्स, जांघ और मांसपेश्यिां मजबूत बनती है। वैदिक वाटिका आपको बता रही है रस्सी कूदने से आपको मिलने वाले फायदों के बारे में। यदि आप अपने शरीर को चुस्त और फिट रखना चाहते हैं तो आप केवल रस्सी कूदें

मकड़ी नस / वेरीकोज वेन्स का घरेलू उपचार

1. आहार– विटामिन, मिनरल्स, लो फैट और कार्बोहाइड्रेट से युक्त संतुलित आहार लें। जंक फ़ूड, आइसक्रीम, तम्बाकू, अल्कोहल, अधिक शक्कर एवं नमक जैसी चीजों से दूर रहें।
2. वर्जिश – नियमित तौर पर व्यायाम करें।
3. कपड़े – तंग कपड़ों को पहनने से बचें खासकर टाइट जूते और मोज़े कभी न पहने।
4. घंटो तक न बैठे रहें और न खड़े रहें अगर ऐसा करना पड़े तो पैरों की स्थिति को थोड़े थोड़े समय में बदलते रहें।
5. भारी वजन उठाते समय पैरो की स्थिति सही रखें।
6. संतरे जैसे फल जिनमे विटामिन-C होता है, अवश्य खायें।

एसिडिटी को क्या आप जानते हैं

एसिडिटी की दवा से हो सकती हैं आपकी किडनी खराब। जब हम खाना खाते हैं तो इस को पचाने के लिए शरीर में एसिड बनता हैं। जिस की मदद से ये भोजन आसानी से पच जाता हैं। ये ज़रूरी भी हैं। मगर कभी कभी ये एसिड इतना ज़्यादा मात्रा में बनाता  हैं के इसकी वजह से
सर दर्द, सीने में जलन और पेट में अलसर और अलसर के बाद कैंसर तक होने की सम्भावना हो जाती हैं।
ऐसे में हम नियमित ही घर में इनो या पीपीआई (प्रोटॉन पंप इनहिबिटर्स) दवा का सेवन करते रहते हैं। मगर आपको जान कर आश्चर्य होगा के ये दवाये सेहत के लिए बहुत खतरनाक हैं। पीपीआई ब्लड में मैग्नीशियम की कमी कर देता है। अगर खून पर असर पड़ रहा है तो

हाई बीपी और माइग्रेन में फायदेमंद है मेंहदी

हाई बीपी और माइग्रेन में फायदेमंद है मेंहदी

किसी शादी या त्योहार में महिलाएं मेंहदी लगाने की रस्म जरूर अदा करती है। मेंहदी जहां हाथों की खूबसूरती बढ़ा देती है, वहीं इससे कई स्वास्थ्य लाभ भी मिलते है। जी हां, मेंहदी लगाने से बहुत सी बीमारियां छुमंतर हो जाती है। आइए जानते है कैसे। * माइग्रेन माइग्रेन की समस्या आजकल आम होती जा रही है। हर कोई सिर दर्द जैसी समस्या से परेशान है। अगर आप भी माइग्रेन के दर्द से झुझ रहे है तो रात को सोने से पहले 200 ग्राम पानी में सौ ग्राम मेहंदी के पत्तों को कूटकर भिगों ले। फिर सुबह उठते ही इस पानी को छानकर पिएं। 

चमकती त्वचा चाहिए तो लीजिये सेहतमंद आहार

शरीर के सभी अंग सही तरीके से काम करें, इसके लिए उन्हें भरपूर पोषण की जरूरत होती है। खूबसूरत त्वचा को भी पर्याप्त आहार चाहिए। आपकी त्वचा की क्या-क्या जरूरतें हैं, बता रही हैं पूनम महाजन

सेहतमंद रहने के लिए जैसे हमें अच्छे खानपान और पोषण की जरूरत होती है, ठीक वैसे ही त्वचा को भी खूबसूरत बने रहने के लिए भरपूर पोषण की जरूरत होती है।

गर्मियों में कैसा होना चाहिए आपका खानपान

 गर्मीयो चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के मौसम में आपकी कार्यक्षमता पर तो बुरा असर पड़ता ही है, साथ के साथ अपने ऊपर अधिक ध्यान देने की भी जरूरत होती है। खासकर खानपान का तो इस मौसम में विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। अपने खानपान का खयाल कैसे रखें, बता रही हैं हेल्थ एंड वेलनेस एक्सपर्ट डॉ. शिखा शर्मा

तुलसी का काढ़ा फायदा ही फायदा

तुलसी का काढ़ा पीने से निकलती है किडनी की पथरी बाहर, ये हैं 10 फायदे

भारत के हर हिस्से में तुलसी का पौधा पाया जाता है। इसका पौधा केवल डेढ़ या दो फुट तक बढ़ता है। तुलसी को हिन्दू संस्कृति में अतिपूजनीय पौधा माना गया है। माता तुल्य तुलसी को आंगन में लगा देने मात्र से अनेक रोग घर में प्रवेश नहीं करते हैं। यह हवा को भी शुद्ध बनाने का कार्य करती है। तुलसी का वानस्पतिक नाम ओसीमम सैन्कटम है। आदिवासी भी तुलसी को अनेक हर्बल नुस्खों में अपनाते हैं। आज हम तुलसी से जुडे आदिवासियों के ऐसे 10 हर्बल नुस्खों के बारे में बता रहे है जिनके बारे में शायद ही आपने कभी सुना हो।

गाजर है ब्रेस्ट कैंसर से बचाव का बेहतर उपाय

 गाजर है ब्रेस्ट कैंसर से बचाव का बेहतर उपाय

 बेस्ट कैंसर की अंतिम स्टेज में सर्जरी कराने के सिवा कोई दूसरा विकल्प नहीं रह जाता है. पर हाल ही में हुए एक शोध में कहा गया है कि गाजर खाने से ब्रैस्ट कैंसर  होने की आशंका  60 फीसदी तक कम हो जाती है. इसमें मौजूद बीटा कैरोटीन कैंसर के खतरे को कम करने में सहायक होता है. इसके अलावा दूसरी कई ऐसी सब्जियां और फल हैं जिनमें बीटा-कैरोटीन पाया जाता है. पालक, लाल मिर्च और आम में भी इस तत्व की प्रचुर मात्रा होती है. 

प्रेगनेंसी के दौरान कब कहें काम को बाय-बाय

प्रेगनेंसी के दौरान कब कहें काम को बाय-बाय

प्रेग्रनेंसी, यह नौ महीनों का समय हर औरत के लिए खास और यादगार होता है। लेकिन इस दौरान एक साधारण सा सवाल सभी औरतों के मन में चलता है कि आखिर इस दौरान काम करना सही होगा या गलत?

क्या इस समय काम करने से बॉडी एक्टिव रहती है? तो इसका जवाब यह है कि काम करने से एक्टिवनेस बनी रहती है, लेकिन इस दौरान काम और उन्हें करने के तौर-तरीके बदल जाते है।

प्रेग्नेंट महिला पर निर्भर करता है कि वह कितने टाइम तक काम को निरंतर कर सकती और करना चाहती है। अगर वह फुल टाइम तक काम करने में सहज है तो काम करना चाहिए।

आज हम बोतलों में पी रहे है जहर हो जाए सावधान

pani

आजकल प्लास्टिक की बोतलों में पानी पीने का प्रचलन अधिक हो गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्लास्टिक की बोतल में पानी पीने से हो सकता है जानलेवा खतरा। 
वैज्ञानिकों ने शोध के आधार पर यह बताया है कि यदि आप प्लास्टिक की बोतल में पानी पीते हैं तो इससे  डायबीटीज और कैसंर जैसी कई खतरनाक बीमारियां हो सकती हैं।।ईडीसी केमिकल जब इंसान के शरीर में प्रवेश करता है तब मोटापा, कैंसर,  दिमागी परेशानी, पुरूषों में बांझपन, महिलाओं में गर्भाश्य में बांझपन का होना आदि की समस्या हो सकती है।

चूहे भगाने के लिए जरुर अपनाएं ये उपाय

चूहे भगाने के

सभी के घरों में चूहों का होना लाजमी है अगर घर में चूहें हैं तो नुकसान का होना भी लाजमी है चूहे आपके घर के हर एक सामान को कुतर कर कबाड़ा बनाते देते हैं चूहे किसी भी चीज़ को कतरने से नही छोड़ते हैं चाहे वो सोफे हो या कपडे हो, चूहे किसी भी चीज़ को नही बक्शते हैं अगर रसोई में खाने की चीज़ को कुतर जाएँ उसे अनजाने में खा लें तो ये हमारे शरीर के लिए खतरनाक हो सकता है आइए हम आपको बताते है चूहों को घर से बाहर भगाने के अचूक उपाय!

नाभि में रोज लगाएं तेल, इतनी समस्याएं हो जाएंगी दूर

बचपन से आपने घर में देखा होगा कि आपके बूढ़े बुजुर्ग जरूर सरसों के तेल का ही प्रयोग करते होगें। जब दादी मां बच्चे की मालिश करती होगी तो थोड़ा सा सरसों का तेल बच्चे की नाभि में लगाती होगी। क्या आप जानते है कि ऐसा क्यों हैं। दरअसल नाभि में तेल लगाने के कई फायदे होते है। सभी जानते हैं नाभि हमारे शरीर का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। 

औषधीय गुणों से भरपूर प्याज

प्याज का प्रयोग हर घर में होता है। प्याज का तड़का लगाने से खाना ओर भी अधिक स्वादिष्ट बन जाता है। प्याज सिर्फ खाने के स्वाद को ही नहीं ब्लकि हमारे शरीर को भी कई रोगों से राहत दिलवाता है। प्याज में क्रोमियम पाया जाता है। ये हमारे शरीर को स्वास्थ्य रखने में मदद करता है। इसमें कई औषधीय गुण भी पाए जाते है। यें बालों की समस्या को दूर करने में,सेक्‍स क्षमता को बढ़ाने में भी सहायक है । प्याज चाहें हरा हो,लाल या सफेद तीनों ही कई गुणों से भरपूर है। प्याज खाने के फायदे।

1.प्याज का सेवन करने से बाल गिरने की समस्या से राहत मिलती है।

दो मिनट का मैसेज आपकी सेहत के लिए

दो मिनट का मैसेज आपकी सेहत के लिए

दो मिनट का मैसेज आपकी सेहत के लिए 
क्या आपको अक्सर पेट सम्बंधित समस्याएं जैसे कब्ज, गैस एसिडिटी, आदि रहती हैं?
क्या आपको अक्सर जल्दी ही थकान हो जाती है?
क्या आपका काम में मन नही लगता है ?
क्या आपके चेहरे की चमक दिन प्रतिदिन कम होती जा रही है ?
क्या आप अपनी वास्तविक उम्र से ज्यादा के दिखने लगे हैं ?
क्या आपका आत्म विश्वास कम होता जा रहा है ?
आपकी उपरोक्त स्वास्थ्य सम्बन्धी संमस्याएँ मात्र सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी के कारण भी हो सकती हैं । समस्याओं का पोषक तत्वों द्वारा स्थाई समाधान पायें।

संपर्क करें-

NutriWorld.in

क्या गर्म पानी से नहाना त्वचा के लिए अच्छा है ?

गर्म पानी से नहाना

रोज़ नहाने से आप खुद को साफ़ सुथरा रख सकते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि गर्म पानी से नहाने से आपकी त्वचा को नुक्सान हो सकता है। सर्दियों में ज्यादातर लोग गर्म पानी से नहाते हैं। इसके कुछ फायदे भी हैं जैसे यह स्ट्रेस और टेंशन को दूर रखता हैं। 

मगर इसे अपनी आदत ना बनाये क्योंकि रोज़ गर्म पानी से नहाने से आपकी त्वचा का सारा तेल निकल जाता है जिससे आपकी त्वचा सूखी हो जाती है। जिससे आगे चल कर त्वचा में खुजली हो जाती है। 

हर 4 में से 1 भारतीय बच्चे को है डिप्रेशन!

हर 4 में से 1 भारतीय बच्चे को है डिप्रेशन!

आज विश्व स्वास्थ्य दिवस यानी वर्ल्ड हेल्थ डे है. विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO की स्थापना के उपलक्ष्य में हर साल 7 अप्रैल को मनाए जानेवाले इस दिन हर वर्ष स्वास्थ्य से संबंधित एक थीम का चयन किया जाता है. इस साल वर्ल्ड हेल्थ डे की थीम है डिप्रेशन. प्रस्तुत हैं डिप्रेशन से संबंधित WHO की ताज़ा रिपोर्ट की ख़ास बातें.  

सुपारी के सेवन से किया जा सकता है पागलपन को कम

सुपारी के सेवन से किया जा सकता है पागलपन को कम

पान का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ सुपारी आपके स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है. सुपारी पेट से जुड़ी समस्याओं जैस गैस, सूजन, कब्ज, पेट के कीड़े आदि के इलाज के लिए बहुत कारगर होती है.

1-डायबिटीज के कारण लोगों का मुंह ड्राई हो जाता है, ऐसे लोगों को इस स्थिति से बचने के लिए सुपारी बहुत मदद करती हैं. क्योंकि सुपारी चबाना से बड़ी मात्रा में सलाइवा का उत्पादन होता है. जिससे मुंह सुखने की स्थिति से बचा जा सकता है.

हैरान कर देंगे कच्चे दूध के गुण

हैरान कर देंगे कच्चे दूध के गुण

दूध पीने में जितना फायदेमंद होता है उतना ही खूबसूरती निखारने में भी। कच्चे दूध का इस्तेमाल क्लींजर के रूप में किया जा सकता है। रुई के फाहे में कच्चा दूध लगाकर इससे मेकअप छुड़ाएं।  रोमछिद्रों से गंदगी हटाने में कच्चा दूध काफी लाभदायक होता है। कच्चे दूधमें मॉश्चराइजिंग के गुण होने के साथ ये त्वचा को ठंडक पहुंचाता है। इसके अलावा बालों को धोने के लिए कंडीशनर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इतना ही नहीं नहाने के पानी में दूध मिलाने से आपकी त्वचा को काफी फायदे पहुंचाता है।

ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के लिए जरूर खाएं टमाटर

ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के लिए जरूर खाएं टमाटर

टमाटर खाने से आपको अनगिनत स्वास्थ्य लाभ होते हैं। क्या आप जानते हैं आप टमाटर से अपना ब्लड प्रेशर कंट्रोल रख सकते हैं? हाइपरटेंशन एक ऐसे बीमारी है जिससे आपको दिल से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं। आप अपनी डायट में टमाटर को शामिल करके इस तरह के जोखिम को थोड़ा कम कर सकते हैं।

कार्डियोवस्कुलर ड्रग्स एंड थेरेपी में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, हाइपरटेंशन से पीड़ित लोगों का टमाटर का रस पीने से बीपी लेवल कम देखा गया था।

दो औषधियों के जरिये पा सकते है सफेद दांत

दो औषधियों के जरिये पा सकते है सफेद दांत

बेहद व्यस्त दिनचर्या के चलते हम अपने शरीर के महत्वपूर्ण अंगों की सही से देखभाल नहीं कर पाते जिनमें दांत एक है | हम सब पीले दांतों से परेशान है और सफेद दांतों के बारे में भूलते जा रहे है | आज के दिनों में सफेद दांत होना अति आवश्क है |अगर आपके पास सफेद दांत है तो आप खुल के हस पायेगे, किसी के नजदीक जा पायेगे | अगर आपके दांत पीले और गंदे हैं तो आप अपनी इज्जत की खातिर हसना भूल जायेगे,, शर्म के मारे किसी के नजदीक नहीं जा पायेगें |

टी ट्री आयल इसमें एंटीबायोटिक गुण पाए जाते हैं

टी ट्री आयल  इसमें एंटीबायोटिक गुण पाए जाते हैं

टी ट्री आयल 

इसमें एंटीबायोटिक गुण पाए जाते हैं।

कैसे खाएं 

  • 1:1 अनुपात में टी ट्री आयल को मिला लें और घाव पर लगाएं
  • इसे आखों के नीचे इस्तेमाल करते वक़्त सावधानी बरते।

कितनी फायदेमंद है सौंफ

सौंफ में कई औषधीय गुण मौजूद होते हैं, जिनका सेवन करने से स्वास्थ्य को फायदा होता है। सौंफ हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद होती है। 
1-सौंफ में कैल्शियम, सोडियम, आयरन, पोटैशियम जैसे तत्व पाये जाते हैं। सौंफ का फल बीज के रूप में होता है और इसके बीज को प्रयोग किया जाता है। पेट की समस्याओं के लिए सौंफ बहुत फायदेमंद होती है।
सौंफ के लाभ –
1-यदि आपको पेट में दर्द होता है तो भुनी हुई सौंफ चबाइए इससे आपको आराम मिलेगा। सौंफ की ठंडाई बनाकर पीजिए। इससे गर्मी शांत होगी और जी मिचलाना बंद हो जाएगा।

गर्भावस्था के दौरान क्या फ्लू की दवाईयां लेना सुरक्षित है?

गर्भावस्था के दौरान क्या फ्लू की दवाईयां लेना सुरक्षित है?

यदि आप गर्भवती महिला हैं तो आपके मन में यह विचार अवश्य आता होगा कि कहीं किसी बीमारी से मैं और मेरा बच्चा प्रभवित न हों, है न? गर्भावस्था वह समय होता है जब महिलाओं को अपने स्वास्थ्य की अतिरिक्त देखभाल करने की आवश्यकता होती है क्योंकि उसे अपने साथ साथ अपने अन्दर पल रहे बच्चे की सुरक्षा का ध्यान भी रखना होता है।

यही कारण है कि जब आप गर्भवती होती हैं तब आपको अपने स्वास्थ्य की अतिरिक्त देखभाल करने की आवश्यकता होती है और विशेष रूप से आपको संक्रामक बीमारियों से बचना होता है।

माइग्रेन (आधे सिर में दर्द) रोग होने का कारण-

माइग्रेन (आधे सिर में दर्द) रोग होने का कारण-

माइग्रेन (आधे सिर में दर्द) रोग रोगी व्यक्ति को दूसरे रोगों के फलस्वरूप हो जाता है जैसे- नजला, जुकाम, शरीर के अन्य अंग रोग ग्रस्त होना, पुरानी कब्ज आदि।
2. स्त्रियों को यदि मासिकधर्म में कोई गड़बड़ी हो जाती है तो इसके कारण स्त्रियों को माइग्रेन रोग (आधे सिर में दर्द) हो जाता है।
3. आंखों में दृष्टिदोष तथा अन्य रोग होने के कारण भी माइग्रेन रोग (आधे सिर में दर्द) हो जाता है।
4. यकृत (जिगर) में किसी प्रकार की खराबी तथा शरीर में अधिक कमजोरी आ जाने के कारण व्यक्ति को माइग्रेन रोग (आधे सिर में दर्द) हो जाता है।

क्या आप इन रोगो से परेशान है ?

क्या आप इन रोगो से परेशान है ?

ब्रेन मलेरिया, टाइफाईड, चिकुनगुनिया,
डेंगू, स्वाइन फ्लू,
इन्सेफेलाइटिस, माता व अन्य प्रकार के बुखार का इलाज ...................¥

1. 20 पत्ते तुलसी, नीम पर चढ़ी हुई गिलोय (गुडूचि ,गिरुच ,अमृता) का सत् 5gm, सोंठ (सुखी अदरक) 10gm,
10 छोटी पीपर के टुकड़े, सब आपके घर मे आसानी से
उपलब्ध हो जाती है। सब एक जगह पर कूटने के बाद एक गिलास पानी में
उबालकर काढ़ा बनाना है ठन्डा होने के बाद दिन में सुबह, दोपहर और श्याम
तीन बार पीना चाहिए।

अच्छे स्वास्थ्य के 6 लक्षण, जानिए कितने स्वस्थ हैं आप?

अच्छे स्वास्थ्य के 6 लक्षण, जानिए कितने स्वस्थ हैं आप?

हर इंसान स्वयं को पूरी तरह से स्वस्थ व हेल्दी महसूस करता है, जब तक कि उसे अचानक कोई रोग नहीं घेरता। रोग होने पर उसे पता चलता है कि वह किस भ्रम में जी रहा था। एक सामान्य मनुष्य को देखकर यह पता लगाना मुश्किल है कि वह वास्तव में पूरी तरह से स्वस्थ है या नहीं। कुछ लोग स्वयं को फिट दिखाने की कोशिश जरूर करते हैं, लेकिन वास्तविकता में ऐसा होता नहीं है। अच्छे स्वास्थ्य के कुछ खास मापदंड हैं। आज हम आपको इन्हीं मापदंडों के बारे में बता रहे हैं। आप इन मापदंडों पर कितने खरे उतरते हैं, इसके आधार पर आप स्वयं के स्वास्थ्य के बारे में अनुमान लगा सकते हैं- 1.

इडली को क्‍यूं माना जाता है वर्ल्‍ड का बेस्‍ट ब्रेकफास्‍ट

इडली को क्‍यूं माना जाता है वर्ल्‍ड का बेस्‍ट ब्रेकफास्‍ट

साउथ इंडिया का सबसे पॉपुलर ब्रेकफास्‍ट अगर किसी को माना जाता है तो वह है इडली। इडली, सांभर और नारियल की चटनी ना केवल खाने में ही टेस्‍टी होते हैं बल्‍कि नाश्ते के लिए संतुलित पोषण से भी भरी हुई है।

क्‍या आप जानते हैं कि इडली को विश्‍व का बेस्‍ट ब्रेकफास्‍ट माना गया है क्‍योंकि इसमें ढेर सारा प्रोटीन, विटामिन और मिनरल होता है। इडली को उड़द की दाल और उसने चावल से तैयार किया जाता है जो कि अन्‍य चावल के मुकाबले ज्‍यादा अच्‍छा होता है। इसी के साथ उड़द दाल में भी उच्‍च मात्रा में फाइबर, 26% प्रोटीन, विटामिन B1/B2/B6 और कुछ मात्रा में मिनरल्‍स होते हैं।

अपनी पत्नी को क्यों पिलाएं कलौंजी वाला दूध ?

अपनी पत्नी को क्यों पिलाएं कलौंजी वाला दूध ?

आयुर्वेद के अनुसार रात को सोने से पहले दूध पीने से पुरुषों को कई हेल्थ बेनिफिट्स मिलते हैं। अगर इस दूध में कलौंजी के दाने (पांच दाने भी काफी होंगे) मिलाकर पिएं तो ये फायदे और भी बढ़ जाएंगे। दूध और कलौंजी में ऐसे न्यूट्रिएंट्स होते हैं तो मिलकर पुरुषों को हेल्दी रखने में मदद करते हैं। जम्मू इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद के डॉ. अटल बिहारी त्रिवेदीबता रहे हैं रोज कलौंजी वाला दूध पीने के 7 फायदे। साथ ही इस दूध को पीने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

अपनी पत्नी को क्यों पिलाएं कलौंजी वाला दूध ?

सूजी हुई नसों में आराम देगी हरे टमाटर से बनी यह प्राकृतिक दवा

सूजी हुई नसों में आराम देगी हरे टमाटर से बनी यह प्राकृतिक दवा

बढ़ती उम्र के साथ हमें बहुत सी चिंताएं सताने लगती है। क्योंकि एक ओर जहां बढ़ती उम्र में हमारी एनर्जी कम होती जाती है तो वहीं बीमारियां भी हमें घेरना शुरू कर देती है।

हालांकि इंसान जिंदगी के किसी भी पड़ाव पर बीमार हो सकता है। लेकिन जब हम जवां होते है तो हमारा इम्युन सिस्टम अच्छे से डेवलप नहीं होता इसलिए हम छोटी-छोटी बीमारियों के चक्कर में आ जाते है।

जबकि वहीं उम्र के बढ़ने के साथ हमारा मेटाबॉलिज्म धीमा होने लगता है और कोशिकाएं फिर से बनने लगती है।

सुबह नमक वाला पानी पीने के चमत्कारी फायदे

सुबह नमक वाला पानी पीने के चमत्कारी फायदे

स्वस्थ जीवन और निरोगी काया कौन नहीं चाहता है। यदि स्वस्थ जीवन चाहते हैं तो रोज सुबह उठकर काला नमक या सेंधा नमक को पानी में मिलाकर पीएं। इस पानी को अंग्रेजी में सोल वाटर कहते हैं। नमक वाले पानी को पीने से ब्लड शुगर, मोटापा और ब्लड प्रेशर आदि बीमारियों से मुक्ति मिलेगी ही साथ यह आपको अन्य घातक बीमारियों से भी बचाता है। आपको पानी में केवल काला नमक व सेंधा नमक ही मिलाना है। किचन में मैजूद साधा नमक न मिलाएं। 80 से ज्यादा खनिज काले नमक में होते हें जो शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। आइये जानते हैं नमक वाला पानी कैसे आपको कई तरह की बीमारियों से छुटकारा दिलवाता है।

योग के 10 फायदे

योग के 10 फायदे

1) योग का प्रयोग शारीरिक , मानसिक और आध्यत्मिक लाभों के लिए हमेशा से होता रहा है l आज की चिकित्सा शोधों ने ये साबित कर दिया है की योग शारीरिक और मानसिक रूप से मानवजाति के लिए वरदान है |

2) जहाँ जिम आदि से शरीर के किसी खास अंग का ही व्यायाम होता है वहीँ योग से शरीर के समस्त अंग प्रत्यंगों,ग्रंथियों का व्यायाम होता है जिससे अंग प्रत्यंग सुचारू रूप से कार्य करने लगते हैं |

3) योगाभ्यास से रोगों से लड़ने की शक्ति बढती है | बुढ़ापे में भी जवान बने रह सकते हैं त्वचा पर चमक आती है शरीर स्वस्थ,निरोग और बलवान बनता है |

हल्दी में शरीर से बैक्टीरियल को नष्ट करने की भरपूर क्षमता होती है।

हल्दी

हल्दी में शरीर से बैक्टीरियल को नष्ट करने की भरपूर क्षमता होती है। चोट लगने, कटने, फटने, जलने पर हल्दी दूध पीने से शरीर चोट घाव जल्दी ठीक हो जाता है। और फुन्सी, गलन, जख्म खराब होने से बचाता है।

कैसे खाएं 

  • 1 कप गर्म दूध में 1 चम्मच हल्दी और 1/8 चम्मच काली मिर्च मिलाएं।
  • संक्रमण से लड़ने में मदद करने के लिए हर 4 घंटे में इसे पीएं।
  • 1 चम्मच शहद के साथ 1 चम्मच हल्दी मिला कर पीने से संक्रमण से लड़ने और घावों को ठीक मदद मिलती है।
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प्याज के बड़े फायदे कि आप डॉक्टर भूल जायेंगे

प्याज के बड़े फायदे

प्याज़ एक वनस्पति है जिसका कन्द सब्ज़ी के रूप में प्रयोग किया जाता है। भारत में महाराष्ट्र में प्याज़ की खेती सबसे ज्यादा होती है। यहाँ साल मे दो बार प्याज़ की फ़सल होती है - एक नवम्बर में और दूसरी मई के महीने के क़रीब होती है। प्याज़ भारत से कई देशों में निर्यात होता है, जैसे कि नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, इत्यादि।  प्याज के फायदे इतने हैं कि आपको एक ही बार में बताया नहीं जा सकता है.

सूजन दूर करता है शकरकंद

सूजन दूर करता है शकरकंद

शकरकंद या स्वीट पोटैटो का सेवन सर्दियों में लाभदायक होता है। सर्दियों में कंद-मूल अधिक फायदेमंद रहते हैं, क्योंकि ये शरीर को गर्म रखते हैं। शकरकंद की गहरे रंग की प्रजाति में कैरोटिनॉयड जैसे, बीटा-कैरोटीन और विटामिन ए अधिक मात्रा में पाया जाता है। 100 ग्राम शकरकंद में 400 फीसदी से अधिक विटामिन ए पाया जाता है। यह उच्च मात्रा वाला स्टार्च फूड है, जिसके 100 ग्राम में 90 कैलोरीज होती हैं। शकरकंद खाने में मीठा होता है। इसके सेवन से मोटापा, मधुमेह, हृदय रोगों और सम्पूर्ण तौर पर मृत्युकारक जोखिम कम होते हैं। यह आरोग्यवर्धक तथा ऊर्जा वर्धक होता है, पर वजन को कम करने में मददगार होता है।

पथरी का आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक इलाज

पथरी का आयुर्वेदिक

पथरी का आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक इलाज 
सबसे पहले कुछ परहेज !
मित्रो जिसको भी शरीर मे पथरी है वो चुना कभी ना खाएं ! (काफी लोग पान मे डाल कर खा जाते हैं )
क्योंकि पथरी होने का मुख्य कारण आपके शरीर मे अधिक मात्रा मे कैलशियम का होना है | मतलब जिनके शरीर मे पथरी हुई है उनके शरीर मे जरुरत से अधिक मात्रा मे कैलशियम है लेकिन वो शरीर मे पच नहीं रहा है वो अलग बात हे| इसलिए आप चुना खाना बंद कर दीजिए|
आयुर्वेदिक इलाज !
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सामान्य बीपी में भी ज्यादा नमक होता है खतरनाक

आमतौर पर हम अपनी खुराक में नमक की मात्रा को लेकर तभी सचेत होते हैं, जब उच्च रक्तचाप (हाई बीपी) की शिकायत हो। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सोच पूरी तरह गलत है। सामान्य रक्तचाप की स्थिति में भी खाने में ज्यादा नमक नुकसान पहुंचा सकता है। एक ताजा शोध में यह बात सामने आई है।

शोध के अनुसार रक्तचाप में बढ़ोतरी न होने पर भी नमक की ज्यादा मात्रा कुछ अंगों को नुकसान पहुंचा सकती है।

आंखों की प्रॉब्लम्स को दूर करने का रामबाण तरीका

आज के समय में अधिकतर लोगों को आंखों से जुड़ी कोई न कोई समस्या होती है। यही कारण है कि कम उम्र में ही कई लोगों को आंखों की कमजोरी के कारण चश्मा लग जाता है। यदि समय-समय पर आंखों की भी देखभाल की जाए तो काफी हद तक इसमें पैदा होने वाली समस्याओं पर रोक लगाई जा सकती है। एक्युप्रेशर भी एक ऐसा ही नेचुरल तरीका है। जिसका उपयोग करके आप आंखों को चश्में से दूर व स्वस्थ रखा जा सकता है। 

हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करना है तो अदरक से बनी इन चीजों का करें सेवन

हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करना है तो अदरक से बनी इन चीजों का करें सेवन

आजकल की व्यस्त जीवनशैली में अधिकतर लोग हाइपरटेंशन के मरीज होते जा रहे हैं। ऐसा इसलिए भी हैं क्योंकि खराब खानखान और खराब स्लीपिंग पैटर्न लोगों की दैनिक दिनचर्या का हिस्सा हो गया है।

ब्लड प्रेशर वह मापक होता है जो दर्शाता है कि खून का प्रवाह किस गति से हो रहा है। हाई ब्लड प्रेशर इसीलिए एक गंभीर समस्या है क्योंकि इसमें आपका हार्ट सामान्य से ज्यादा तीव्र गति से काम करने लगता है। ऐसे में हार्ट स्ट्रोक या किडनी से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

शरीर को फौलाद बना देगा ये प्रयोग।

फौलाद

शरीर को फौलाद बना देगा ये प्रयोग।

कैल्शियम हड्डियों और दांतों की सरंचना में मुख्य भूमिका निभाता है। कैल्शियम की कमी से हड्डियों में अनेक रोग हो जाते हैं, मसल्स में अकड़ाव आने लगता है। जोड़ों में दर्द रहने लगता है। कैल्शियम की कमी के कारण शरीर में दर्द लगातार बना रहता है। ऐसे अनेक रोग कैल्शियम के कारण होने लगते हैं। महिलाओं में यह समस्या ज्यादा पायी जाती है।

आज हम आपको एक ऐसा नुस्खा बताने जा रहे हैं जिसके प्रयोग से आपकी कैल्शियम की कमी दूर होगी और आपकी हड्डिया फौलाद बन जाएँगी।

सामग्री—

(1) हल्दीगाँठ 1 किलोग्राम

(2) बिनाबुझा चूना 2 किलो

माइग्रेन के लिए 11 घरेलु उपाय.

माइग्रेन के लिए 11 घरेलु उपाय.

1) बादाम 10-12 नग प्रतिदिन खाएं। यह माईग्रेन का बढिया उपचार है।

2) बन्द गोभी को कुचलकर एक सूती कपडे में बिछाकर मस्तक (ललाट) पर बांधें। रात को सोते वक्त या दिन में भी सुविधानुसार कर सकते हैं। जब गोभी का पेस्ट सूखने लगे तो नया पेस्ट बनाककर पट्टी बांधें। मेरे अनुभव में यह माईग्रेन का सफ़ल उपाय हैं।

3) अंगूर का रस 200 मिलि सुबह-शाम पीयें। बेहद कारगर नुस्खा है।

4) नींबू के छिलके कूट कर पेस्ट बनालें। इसे ललाट पर बांधें । जरूर फ़ायदा होगा।

5) गाजर का रस और पालक का रस दोनों करीब 300 मिलि पीयें आधाशीशी में गुणकारी है।

एप्‍पल साइडर विनगर एंटीबायोटिक के रूप में कार्य करता है।

एप्‍पल साइडर विनगर एंटीबायोटिक के रूप में कार्य करता है।

यह भी एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक के रूप में कार्य करता है। इसे एंटीफंगल,एंटीसेप्टिक गुणों के कारण जाना जाता है जो हमारे शरीर को एल्कालाइज कर देता है।

कैसे खाएं 

  • बैक्टीरिया को और बढ़ने से रोकने के लिए आप 1 चम्मच एप्‍पल साइडर विनगर को गर्म पानी में मिला कर सुबह खली पेट पीएं।
  • यही नहीं इससे आप खुल्ला भी कर सकते हैं जिससे गाला साफ़ रहेगा
  • इसके साथ आप शहद मिला कर भी पी सकते हैं आपको खासी में आराम मिलेगा
  • और अगर आपको चोट लग जाये तो रुई के फैये को एप्‍पल साइडर विनगर में भिगो कर चोट पर लगाएं।

एचआईवी के बारे में मूलभूत तथ्य

एचआईवी के बारे में मूलभूत तथ्य

ह्युमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस (Human immunodeficiency virus) (एचआईवी) (HIV) एक लेंटिवायरस (रेट्रोवायरस परिवार का एक सदस्य) है, जो अक्वायर्ड इम्युनोडेफिशिएंसी सिंड्रोम (acquired immunodeficiency syndrome) (एड्स) (AIDS) का कारण बनता है,जो कि मनुष्यों में एक अवस्था है, जिसमें प्रतिरक्षा तंत्र विफल होने लगता है और इसके परिणामस्वरूप ऐसे अवसरवादी संक्रमण हो जाते हैं, जिनसे मृत्यु का खतरा होता है। एचआईवी (HIV) का संक्रमण रक्त के अंतरण, वीर्य, योनिक-द्रव, स्खलन-पूर्व द्रव या मां के दूध से होता है। इन शारीरिक द्रवों में, एचआईवी (HIV) मुक्त जीवाणु कणों और प्रतिरक्षा कोशिकाओं के भीतर उपस्थित जीवाणु,

लंबी उम्र पाने के लिए रोज पीएं 3 कप कॉफी

लंबी उम्र पाने के लिए रोज पीएं 3 कप कॉफी

प्रतिदिन तीन कप कॉफी पीने से कुछ बीमारियों के कारण समयपूर्व मौत का खतरा कम हो सकता है। एक नए शोध में यह बात कही गई है

यॉर्क। प्रतिदिन तीन कप कॉफी पीने से कुछ बीमारियों के कारण समयपूर्व मौत का खतरा कम हो सकता है। एक नए शोध में यह बात कही गई है। हारवर्ड युनिवर्सिटी के 'टी. एच. चान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ' के शोधकर्ताओं को अध्ययन में पता चला कि कैफीन युक्त या कैफीन रहित दोनों तरह की कॉफी पीने के कई फायदे हैं। अन्य फायदों के अतिरिक्त इससे दिल के रोगों, मस्तिष्क संबंधी रोगों, टाइप टू डायबिटीज और आत्महत्या का खतरा भी कम हो सकता है।

एंटीबायोटिक दवाओं से अधिक गुण है लहसुन में!

एंटीबायोटिक दवाओं से अधिक गुण है लहसुन में!

लहसुन सिर्फ मसाले के रूप में खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाती बल्कि अब तो डॉक्‍टर भी मानने लगे है कि लहसुन कई बीमारियों में लाभदायक औषधि की तरह काम करता है। जर्मनी की हेल्थ एडवाइस एसोसिएशन के अनुसार लहसुन को प्रतिदिन के खाने में नियमित रूप से शामिल करना चाहिए। इसमे विटामिन ए,सी व सल्फाइड पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। लहसुन के ऐसे ही कुछ जबरदस्त औषधिय गुणों का वर्णन आयुर्वेद में भी मिलता है हम आपको बताने जा रहे हैं आयुर्वेद के खजाने से कुछ खास नुस्खे जो बीमारियों में रामबाण की तरह काम करते हैं।

दांतों के दर्द में फायदेमंद

पाचन में सहायक मां का दूध

 का दूध शिशुओं के लिए अमृत माना जाता है। इससे अच्छे जीवाणु भी मिलते हैं जो आगे चलकर ठोस भोजन पचाने के लिए उन्हें ज्यादा तैयार करते हैं, जबकि मां के दूध से वंचित बच्चों को पेट दर्द जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

यूनिवर्सिटी ऑफ नार्थ कैरोलिना के शोधकर्ताओं ने पाया कि शुरुआती महीनों में एक शिशु का आहार पेट के जीवाणुओं की संरचना, विविधता और स्थिरता पर खासा असर डालता है। शोध से संबद्ध एसोसिएट प्रोफेसर एंडिया पेरिल ने बताया, ‘सिर्फ मां के दूध से पोषित शिशु में सूक्ष्म जीवाणु पाए जाते हैं।

थकान भरी त्वचा को ऐसे दीजिये राहत

एक लंबे और थकान भरे दिन के बाद चेहरा बिल्कुल मुर्झाया हुआ सा दिखाई देने लगता है। ऐसा लगता है कि मानों चेहरे से सारी रौनक ही गायब हो गई हो। यही नहीं अगर आप ठीक से अपनी नींद पूरी नहीं करती तो भी चेहरा थका हुआ सा लगता है। चेहरे की थकान कई त्वचा संबन्धी समस्याएं पैदा करती है। जैसे, झुर्रियां, आंखों के नीचे डार्क सर्कल, झाइयां और काले धब्बे आदि। 

बाल झड़ने की समस्या से बचने के लिए कुछ टिप्स

बालों का झड़ना और गंजापन आजकल एक आम समस्या है। पहले 40-45 साल की उम्र के बाद ही बालों के झड़ने की समस्या सामने आती थी, लेकिन अब कम उम्र में ही बाल झड़ने लगते हैं।
बालों को पकड़े हुए आदमी
 
बाल झड़ने की एक बड़ी वजह अनियमित जीवनशैली और प्रदूषण है। हालांकि कई बार इसके पीछे अनुवांशिक कारण भी होते हैं। लेकिन समय रहते अगर बालों की सही देखभाल की जाए तो काफी हद तक गंजेपन की समस्या से बचा जा सकता है। अगर आपके बाल बहुत तेजी से झड़ रहे हैं तो आप निम्न कुछ टिप्स आजमा कर देख सकते हैं।
 
 
गंजेपन के कारण

ब्‍लड ग्रुप के अनुसार कैसा होना चाहिये आपका आहार

ब्‍लड ग्रुप के अनुसार कैसा होना चाहिये आपका आहार

इस ब्लड ग्रुप वाले लोगों का इम्यून सिस्टम (प्रतिरक्षा तंत्र) बहुत संवेदनशील होता है तथा उन्हें अपने प्रतिरक्षा तंत्र की अच्छी देखभाल करनी चाहिए। इस ब्लड समूह के लोगों में मांस को पचाने की क्षमता भी कम होती है। अत: उन्हें चिकन, मटन या मछली का सेवन कम करना चाहिए। उन्हें गाजर, आडू, हरी पत्तेदार सब्जियां, अंजीर, नाशपाती, लहसुन, ब्रोकोली और एवोकेडो का सेवन अवश्य करना चाहिए।

ए ब्लड ग्रुप वाले ना खाएं ये चीज़ें

ब्लड प्रेशर को कैसे रखें नियंत्रित

ब्लड प्रेशर को कैसे रखें नियंत्रित

उच्च रक्तचाप को काबू में करने के लिए हमें अपने डॉक्टर की सलाह अनुसार नियमित दवा लेनी चाहिए। दवा लेने के साथ-साथ हमें कुछ विशेष बातों का ख्याल भी रखना चाहिए जिससे की दवा की मात्रा कम रहे और शरीर के अन्य उपयोगी अंग जैसे की गुर्दे / Kidney, यकृत / Liver, ह्रदय / Heart और रक्त वाहिनियों पर होनेवाले side effects से बचा जा सके।उच्च रक्तचाप या Hypertension, जिसे हम बोलचाल की भाषा में High BP भी कहते हैं यह एक ज्वालामुखी की तरह हैं। उच्च रक्तचाप से पीड़ित व्यक्ति को काफी समय तक कोई लक्षण नजर नहीं आता हैं। ज्वालामुखी की तरह ही यह ऊपर से शांत रहता है पर जब यह फूटता है तब रोगी को लकवा, ह्रदय रोग, गुर्

नीम की पत्तियों से होने वाले स्वास्थ्य लाभ

नीम की पत्तियों से होने वाले स्वास्थ्य लाभ के बारे में तो अाप जानते ही होगें लेकिन क्या अाप नीम के बीज के गुणों के बारे में जानते है । अगर नहीं तो अाइए जानते है इससे होने वाले लाभ... 
 
 
1.मलेरिया की रोकथाम
 
नाम के बीज मलेरिया के प्रभावी उपचार के लिए उपयोग किया जाता है अौर नीम के पीसे हुए बीजों की दुर्गन्‍ध से मच्‍छरों को दूर रखने में मदद मिलती है। 
 
2.त्वचा संबंधी रोग
 

अपनाइये यह आयुर्वेदिक नुस्खे

अपनाइये यह आयुर्वेदिक नुस्खे

1.भूख नही लगने पर आधा माशा फ़ूला हुआ सुहागा एक कप गुनगुने पानी में दो तीन बार लेने से भूख खुल जाती है।
2.काला नमक चाटने से गैस खारिज होती है,और भूख बढती है,यह नमक पेट को भी साफ़ करता है।
3.हरड का चूर्ण सौंठ और गुड के साथ अथवा सेंधे नमक के साह सेवन करने से मंदाग्नि ठीक होती है।
4.सेंधा नमक,हींग अजवायन और त्रिफ़ला का समभाग लेकर कूट पीस कर चूर्ण बना लें,इस चूर्ण के बराबर पुराना गुड लेकर सारे चूर्ण के अन्दर मिला दें,और छोटी छोटी गोलियां बना लें,रोजाना ताजे पानी से एक या दो गोली लेना चालू कर दे,यह गोलियां खाना खाने के बाद ली जाती है,इससे खाना पचेगा भी और भूख भी बढेगी।

नारियल के तेल में काफी बड़ी मात्रा में कैप्रेलिक

नारियल के तेल में काफी बड़ी मात्रा में कैप्रेलिक

नारियल का तेल 

नारियल के तेल में काफी बड़ी मात्रा में कैप्रेलिक एसिड पाया जाता है जो शरीर में होने वाले संक्रमण के प्रभाव को कम कर, उसे बढ़ने से रोकता है। यह इंफेक्शन को दूर करने के लिए प्रयोग की जानें वाली दवाओं में भी कैप्रेलिक एसिड ही पाया जाता है। इसलिए नारियल का तेल इसके लिए उपयुक्त माना गया है।

कैसे खाएं 

  • अपना टूथ पेस्ट खुद बनाएं जिसमें नारियल के तेल मिलाएं जिसमें एंटीबायोटिक होता है। नारियल के तेल से आयल पुल्लिंग करें इससे मुँह के बैक्टीरिया ख़त्म हो जाएंगे।

पथरी का सबसे बढि़या आयुर्वेदिक इलाज

पथरी का सबसे बढि़या आयुर्वेदिक इलाज

वृक्क अश्मरी या गुर्दे की पथरी (वृक्कीय कैल्कली, नेफरोलिथियासिस) (अंग्रेजी:Kidney stones) मूत्रतंत्र की एक ऐसी स्थिति है जिसमें, वृक्क (गुर्दे) के अन्दर छोटे-छोटे पत्थर सदृश कठोर वस्तुओं का निर्माण होता है। गुर्दें में एक समय में एक या अधिक पथरी हो सकती है। सामान्यत: ये पथरियाँ बिना किसी तकलीफ मूत्रमार्ग से शरीर से बाहर निकाल दी जाती हैं, किन्तु यदि ये पर्याप्त रूप से बड़ी हो जाएं (२-३ मिमी आकार के) तो ये मूत्रवाहिनी में अवरोध उत्पन्न कर सकती हैं। इस स्थिति में मूत्रांगो के आसपास असहनीय पीड़ा होती है।

लौंग के फायदे

लौंग

लौंग 
चाहे भोजन का जायका बढ़ाना हो या फिर दर्द से
छुटकारा, छोटी सी लौंग को न सिर्फ अलग-अलग
तरीकों से इस्तेमाल किया जा सकता है बल्कि इसके
फायदे भी अनेक हैं। साधारण से सर्दी-जुकाम से लेकर
कैंसर जैसे गंभीर रोग के उपचार में लौंग का इस्तेमाल
किया जाता है। इसके गुण कुछ ऐसे हैं कि न सिर्फ
आयुर्वेद बल्कि होम्योपैथ व एलोपैथ जैसी
चिकित्सा विधाओं में भी बहुत अधिक महत्व आंका
जाता है।
भोजन में फायदेमंद
मसाले के रूप में लौंग का इस्तेमाल शरीर के लिए बहुत
फायदेमंद है। इसमें प्रोटीम, आयरन, कार्बोहाइड्रेट्स,

सावन व् भादो मास में खान पान का विशेष् ध्यान रखे।

सावन व् भादो मास में खान पान का विशेष् ध्यान रखे।

सावन व् भादो मास में खान पान का विशेष् ध्यान रखे। इस मौसम में जठराग्नि (पाचन शक्ति) कमजोर व् मंद हो जाती है।इसलिए वात् पित्त व् कफ रोग बढ़ जाते है।वर्षा ऋतू में जलवायु में विषाक्त कीटाणु पैदा हो जाते है।जो बीमारियां फैलाते है।
क्या न खाए ---
1. दूध,दही, लस्सी न पिए।
2. हरी पते वाली सब्ज़िया न खाएं।
3. रसदार फल न खाएं। 
4. बैंगन न खाएं इनमे कीड़े हो जाते है   और गैस भी बनाते है।
5. चकुंदर,खीरा, ककड़ी न खाए।
6. फ़ास्ट फूड न खाएं।
7. ज्यादा मिठाई न खाएं।
8. मास मदिरा न ले।
9.ठंडी व् बासी चीज न खाय।

दूध के उपयोग से वापस पाएं बालों की खूबसूरती

● हम सभी जानते हैं दूध, मलाई और दही हमारी त्‍वचा के लिये कितने असरदार होते हैं। इसी तरह से जब बालों की देखभाल की बात आती है तो भी दूध कमाल का असर दिखाते हैं।
दूध में कई पोषक तत्‍व होते हैं जो ना केवल पीने पर ही बल्‍कि लगाने पर भी फायदा पहुंचाता है।

● अगर आपके बालों से शाइनिंग चली गई है और बाल बेजान दिखते हैं तो दूध का उपयोग कर के उसे ठीक करें। अगर आप बालों के लिये घुरेलू उपचार करना चाहती हैं तो दूध को उसमें शामिल करना बिल्‍कुल भी ना भूलियेगा।
आइये जानते हैं कि दूध का प्रयोग बालों को स्‍वस्‍थ्‍य और शाइनी रखने में कैसे प्रयोग कर सकते हैं।

लंच करने के बाद ना करें ये गलतियां

लंच करने के बाद ना करें ये गलतियां

क्या आप एक भारी लंच करने के बाद तुरंत टहलने के लिये निकल जाते हैं? हो सकता है आप ना जाते हों लेकिन आप जैसे बहुत से लोग ऐसा रोज करते हैं। यह एक बहुत ही हानिकारक आदत है जिसे तुरंत रोक देनी चाहिये। एक्सपर्ट के मुताबिक हमारा पाचन तंत्र इतना मजबूत है कि आप लंच में चाहे जो कुछ भी उल्टा सीधा क्यूं ना खा लें, वह सब कुछ हजम कर लेगा।

पार्टी के लिए क्विक मेकओवर करना है तो अपनाएं ये टिप्स

पार्टी के लिए क्विक मेकओवर करना है तो अपनाएं ये टिप्स

स्लिप ड्रेस ट्राय करें। ये फेश फ्री होती है और बॉडी को बेहद शालीन तरह से शेप करती है बिना स्किन टाईट फील दिए। इस पर एक्सेसरीज कम कैरी करें। अगर मेकअप करना ही है तो बोल्ड लिप्स के साथ बाकी मेकअप माइल्ड ही रखें। या फेस मेकअप बोल्ड कर रहे हों तो लिप्सटिक माइल्ड रखें। ऐसे ग्राफिक्स लें जो इस सीजन के लायक हों, मजेदार हों और उनमें फेस्टिव फील भी हो। ट्रेंडी मेटैलिक स्कर्ट्स ट्राय करें। टेक्स्चर और लेस के साथ प्ले करें। एक बेसिक आउटफिट के साथ एक स्टैंड-ऑउट पीस टीम करें जिससे आपका लुक एलिवेट हो सके।