Nutriworld Artical

जानें सोंठ और सूखी अदरक के फायदे

जानें सोंठ और सूखी अदरक के फायदे

सूखी अदरक या सोंठ का इस्तेमाल कई तरह की घरेलू दवा बनाने या भोजन में अलग स्वाद के लिए किया जाता है। सोंठ का इस्तेमाल आप किन-किन समस्याओं में और किस तरह से कर सकते हैं, जानने के लिए जरूर पढ़ें, सोंठ के स्वास्थ्यलाभ –
1-सोंठ को दूध में उबालकर, ठंडा करके पीने से हिचकी आना बंद हो जाती है। पसलियों में दर्द होने पर इसे पानी में उबालकर ठंडा कर दिन में कम से कम चार बार पीने से लाभ होता है।
2-इसमें कैंसररोधी गुण भी मौजूद होते हैं, जो कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकते हैं। इसके अलावा गर्भाशय के कैंसर की संभावनाओं को कम करने में भी यह फायदेमंद है।

थायराइड के लक्षण

थायराइड के लक्षण

कब्ज-
थाइराइड होने पर कब्ज की समस्या शुरू हो जाती है। खाना पचाने में दिक्कत होती है। साथ ही खाना आसानी से गले से नीचे नहीं उतरता। शरीर के वजन पर भी असर पड़ता है।

हाथ-पैर ठंडे रहना-
थाइराइड होने पर आदमी के हाथ पैर हमेशा ठंडे रहते है। मानव शरीर का तापमान सामान्य यानी 98.4 डिग्री फॉरनहाइट (37 डिग्री सेल्सियस) होता है, लेकिन फिर भी उसका शरीर और हाथ-पैर ठंडे रहते हैं।
प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होना- थाइराइड होने पर शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम़जोर हो जाती है। इम्यून सिस्टम कमजोर होने के चलते उसे कई बीमारियां लगी रहती हैं।

नीम – एक चमत्कारिक औषधि

नीम एक चमत्कारी वृक्ष माना जाता है। नीम जो प्रायः सर्व सुलभ वृक्ष आसानी से मिल जाता है।
नीम के पेड़ पूरे दक्षिण एशिया में फैले हैं और हमारे जीवन से जुड़े हुए हैं। नीम एक बहुत ही अच्छी वनस्पति है जो कि भारतीय पर्यावरण के अनुकूल है और भारत में बहुतायत में पाया जाता है। भारत में इसके औषधीय गुणों की जानकारी हज़ारों सालों से रही है।

शरीर शुद्धिकर फल – नींबू

शरीर शुद्धिकर फल – नींबू

शरीर शुद्धिकर फल – नींबू
नींबू अनुष्ण अर्थात न अति उष्ण है, न अति शीत | यह उत्तम जठराग्निवर्धक, पित्त व वातशामक, रक्त, ह्रदय व यकृत की शुद्धि करनेवाला, कृमिनाशक तथा  पेट के लिए हितकारी है | ह्रदयरोगों को ठीक करने
में यह अंगूर से भी अधिक गुणकारी सिद्ध हुआ है |
इसमें प्रचुर मात्रा में उपलब्ध विटामिन ‘सी’ शरीर की रोगप्रतिकारक शक्ति को बढाता है |

यूरिन कम या बार-बार, मतलब बीमारी के प्रारंभिक लक्षण

ऐसा पौरुष हार्मोन एंड्रोजन के कारण होता है। जैसे ही प्रोस्टेट ग्रंथि का आकार बढऩे लगता है तो मूत्र मार्ग पर दबाव बढ़ता है जिससे धीरे-धीरे पेशाब में रुकावट आने लगती है।

प्रोस्टेट एक ग्रंथि का नाम है जो केवल पुरुषों में पाई जाती है। जन्म के समय इसका वजन नहीं के बराबर होता है।

20   की उम्र में इसका वजन 20 ग्राम होता है।

25   साल तक इसका वजन इतना ही रहता है।

45   साल में वजन में फिर से बढ़ोतरी होने लगती है।

माइग्रेन के लिए 11 घरेलु उपाय.

माइग्रेन के लिए 11 घरेलु उपाय.

1) बादाम 10-12 नग प्रतिदिन खाएं। यह माईग्रेन का बढिया उपचार है।

2) बन्द गोभी को कुचलकर एक सूती कपडे में बिछाकर मस्तक (ललाट) पर बांधें। रात को सोते वक्त या दिन में भी सुविधानुसार कर सकते हैं। जब गोभी का पेस्ट सूखने लगे तो नया पेस्ट बनाककर पट्टी बांधें। मेरे अनुभव में यह माईग्रेन का सफ़ल उपाय हैं।

3) अंगूर का रस 200 मिलि सुबह-शाम पीयें। बेहद कारगर नुस्खा है।

4) नींबू के छिलके कूट कर पेस्ट बनालें। इसे ललाट पर बांधें । जरूर फ़ायदा होगा।

5) गाजर का रस और पालक का रस दोनों करीब 300 मिलि पीयें आधाशीशी में गुणकारी है।

सहजन की पत्तियों से बने बिस्कुट देंगे स्वाद और सेहत

इलाहाबाद: सहजन और इसकी पत्तियां सेहत के लिए स्वास्थ्यवर्धक हैं, लेकिन बच्चे ही नहीं कई बड़े भी इसके स्वाद के चलते इससे दूर भागते हैं। लेकिन अब दोनों ही सहजन को स्वाद लेकर खाएंगे, क्योंकि जल्द ही बाजार में सहजन की पत्तियों से बने बिस्कुट आएंगे, जो पौष्टिक ही नहीं स्वादिष्ट भी होंगे। ​(देश-विदेश की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें) सहजन की पत्तियों का इस्तेमाल कर इस बिस्कुट को द इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड सांसेज ने तैयार किया है। इंस्टीट्यूट का दावा है कि यह बिस्कुट बाजार में मौजूद बिस्कुट की अपेक्षा ज्यादा सेहतमंद और सस्ता होगा। हालांकि अभी इसके बाजार में आने में कुछ समय लगेगा क्योंकि इसे तैया

वात रोग : का उपचार

वात रोग

वात, पित्त और कफ तीनों में से वात सबसे प्रमुख होता है क्योंकि पित्त और कफ 
भी वात के साथ सक्रिय होते हैं। शरीर में वायु का प्रमुख स्थान पक्वाशय में होता है
 और वायु का शरीर में फैल जाना ही वात रोग कहलाता है। हमारे शरीर में वात 
रोग 5 भागों में हो सकता है जो 5 नामों से जाना जाता है।
वात के पांच भाग निम्नलिखित हैं-
• उदान वायु - यह कण्ठ में होती है।
• अपान वायु - यह बड़ी आंत से मलाशय तक होती है।
• प्राण वायु - यह हृदय या इससे ऊपरी भाग में होती है।
• व्यान वायु - यह पूरे शरीर में होती है।
• समान वायु - यह आमाशय और बड़ी आंत में होती है।

सरसों के तेल के ये 7 फायदे

सरसों के तेल के ये 7 फायदे

हम सभी के घरों में सब्जी बनाने या फिर नॉन-वेज बनाने में सरसों के तेल का इस्तेमाल मुख्य रूप से किया जाता है. कुछ जगहों पर इसे कड़वा तेल के नाम से भी जाना जाता है.

सरसों का तेल सेहत और सुंदरता दोनों के ही लिए बहुत फायदेमंद है. सरसों के तेल में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो दर्दनाशक का काम करते हैं. जोड़ों का दर्द हो या फिर कान का दर्द, सरसों का तेल एक औषधि की तरह काम करता है.

आमतौर पर लोग इसे सिर्फ तेल समझकर ही इस्तेमाल करते हैं पर आपको जानकर आश्चर्य होगा कि आयुर्वेद में इसे औषधि की श्रेणी में रखा गया है. सरसों के तेल के ये फायदे आपको हैरान कर देंगे.

लहसुन के अनेक फायदे

लहसुन के अनेक फायदे

लहसुन सिर्फ खाने के स्वाद को ही नहीं बढ़ाता बल्कि शरीर के लिए एक औषधी की तरह भी काम करता है।इसमें प्रोटीन, विटामिन, खनिज, लवण और फॉस्फोरस, आयरन व विटामिन ए,बी व सी भी पाए जाते हैं। लहसुन शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता को बढ़ाता है। भोजन में किसी भी तरह इसका सेवन करना शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होता है आज हम बताने जा रहे हैं आपको औषधिय गुण से भरपूर लहसुन के कुछ ऐसे ही नुस्खों के बारे में जो नीचे लिखी स्वास्थ्य समस्याओं में रामबाण है।

सोंठ के फायदे

सोंठ के फायदे

आंखों के रोग

सोंठ नीम के पत्ते या निंबोली पीसकर उसमें थोड़ा सा सेंधा नमक डालकर गोलियां बना लें। गोली को मामूली गर्म कर आंखों पर बांधने से आंखों की पीड़ा कम होती है।

 

वातनाशक औषधि

सोंठ में अदरक के सारे गुण मौजूद होते हैं। सोंठ दुनिया की सर्वश्रेष्ठ वातनाशक औषधि है। सोंठ में वायुनाशक गुण होने से यह विरेचन औषधियों के साथ मिलाई जाती है। यह शरीर में समत्व स्थापित कर जीवनी शक्ति और रोग प्रतिरोधक सामर्थ्य को बढ़ाती है।

 

कई बीमारियों का करेँ उपचार

योग क्या है ?

योग क्या है ?

योग की उत्पत्ति संस्कृत शब्द ‘युज’ से हुई है जिसका अर्थ जोड़ना है।

 योग शब्द के दो अर्थ हैं और दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। पहला है- जोड़ और दूसरा है समाधि। 

जब तक हम स्वयं से नहीं जुड़ते, समाधि तक पहुंचना असंभव होगा।

 योग का अर्थ परमात्मा से मिलन है।

छह भारतीय दर्शन : (six philosophies of hindu India) 

भारत के छह दर्शनों में से एक है योग। 

ये छह दर्शन हैं- 

1.न्याय 
2.वैशेषिक 
3.मीमांसा 
4.सांख्य 
5.वेदांत और 
6.योग।

योग के प्रकार : (types of yoga) : 

योग के 10 फायदे

योग के 10 फायदे

1) योग का प्रयोग शारीरिक , मानसिक और आध्यत्मिक लाभों के लिए हमेशा से होता रहा है l आज की चिकित्सा शोधों ने ये साबित कर दिया है की योग शारीरिक और मानसिक रूप से मानवजाति के लिए वरदान है |

2) जहाँ जिम आदि से शरीर के किसी खास अंग का ही व्यायाम होता है वहीँ योग से शरीर के समस्त अंग प्रत्यंगों,ग्रंथियों का व्यायाम होता है जिससे अंग प्रत्यंग सुचारू रूप से कार्य करने लगते हैं |

3) योगाभ्यास से रोगों से लड़ने की शक्ति बढती है | बुढ़ापे में भी जवान बने रह सकते हैं त्वचा पर चमक आती है शरीर स्वस्थ,निरोग और बलवान बनता है |

सामान्य बीपी में भी ज्यादा नमक होता है खतरनाक

आमतौर पर हम अपनी खुराक में नमक की मात्रा को लेकर तभी सचेत होते हैं, जब उच्च रक्तचाप (हाई बीपी) की शिकायत हो। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सोच पूरी तरह गलत है। सामान्य रक्तचाप की स्थिति में भी खाने में ज्यादा नमक नुकसान पहुंचा सकता है। एक ताजा शोध में यह बात सामने आई है।

शोध के अनुसार रक्तचाप में बढ़ोतरी न होने पर भी नमक की ज्यादा मात्रा कुछ अंगों को नुकसान पहुंचा सकती है।

रिफाईनड तेल बनता कैसे हैं

रिफाईनड तेल बनता कैसे हैं

आप की हत्या की साजिश
रची गई है! 
और आप स्वयं ही आत्म हत्या के पक्ष में हैं! 
वो भी परिवार सहित.? 

आप का और आप के परिवार का जीवन बचाना चाहते हैं तो यह पोस्ट जरूर पढे!

सबसे ज्यादा मौतें देने वाला भारत में कोई है तो वह है... रिफाईनड तेल

 केरल आयुर्वेदिक युनिवर्सिटी आंफ रिसर्च केन्द्र के अनुसार, हर वर्ष 20 लाख लोगों की मौतों का कारण बन गया है... रिफाईनड तेल

आखिर भाई राजीव दीक्षित जी के कहें हुए कथन सत्य हो ही गये! 

ह्रदय रोग का इलाज

ह्रदय रोग का इलाज

ह्रदय रोगियो की
संख्या बढ़ने का कारण व्
रोकथाम
खराब खानपान की आदतों और पश्चिमी चीज़ों के
अंधे अनुकरण के कारण आज भारत में ह्रदय रोगियों
की संख्या काभी बढ़ गयी है……
मेडिकल आयुर्विज्ञान के अनुसार यह एक जानलेवा
बिमारी है जिसका मेडिकल साइंस में कोई पक्का
इलाज नहीं……क्योंकि इसका इलाज काफी महंगा
और कई बड़ी विदेशी कम्पनियों पर आश्रित है
इसलिए आजकल तो ह्रदय रोग के इलाज के लिए लोन
भी मिलने लगा हैं…..
पर आपको जान कर आश्चर्य होगा की आयर्वेद के
अनुसार यह कोई इतना बड़ा रोग नहीं जिसके लिए

रस्सी कूदें, वज़न घटाएं

रस्सी कूदें, वज़न घटाएं

स्किपिंग यानी रस्सी कूदना एक बेहतरीन ऐरोबिक एक्सरसाइज़ है. इससे पूरे शरीर की एक्सरसाइज़ होती है. यह वज़न कम करने के साथ ही बांह और काफ़ मसल्स को टोन करने में मदद करता है. नियमित रूप से रस्सी कूदने से हड्डियां मज़बूत होती हैं और एकाग्रता व स्टेमिना भी बढ़ता है. इतना ही नहीं, यह हमारे हृदय को स्वस्थ रखने में भी मदद करता है,’’ कहना है फ़िटनेस ट्रेनर योगेश चव्हाण का. स्किपिंग से होनेवाले फ़ायदों के बारे में बताते हुए फ़िटनेस ट्रेनर प्रसाद शेट्टी कहते हैं,‘‘स्किपिंग मेटाबॉलिज़्म व बोन डेंसिटी बढ़ाने के साथ ही पैर, घुटनों और ऐंकल को मज़बूत बनाने में सहायक है.

साधना के लिए नीम

साधना के लिए नीम

नीम आपके सिस्टम को साफ रखने के साथ उसको खोलने में भी खास तौर से लाभकारी होता है। इन सबसे बढ़ कर यह शरीर में गर्मी पैदा करता है। शरीर में इस तरह की गर्मी हमारे अंदर साधना के द्वारा तीव्र और प्रचंड ऊर्जा पैदा करने में बहुत मदद करती है।रोजाना नीम की चार-पांच कोमल पत्तियां चबाकर खाने से खून साफ होता है और कई प्रकार की संक्रामक बीमारियों से बचाव होता है।
1. चेचक का इंफेक्शन होने पर नीम के पत्तों को पानी में उबालकर नहाने से लाभ होता है।
2. फोड़े-फुंसियों पर भी नीम के पत्तों का लेप लगाने से फायदा होता है।

लहसुन के फायदे एवम उपयोग

लहसुन के फायदे एवम उपयोग

प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाये – 
सर्दी जुखाम फ्लू जैसे इन्फेक्शन से बचने के लिए लहसून का सेवन करना चाहिए| रोजाना इसका सेवन करने से सर्दी के 63% चांस कम हो जाते है| जिनकी तासीर सीत वाली होती है , जिनको बहुत जल्दी सर्दी होती है, उनके लिए लहसून रामवाण इलाज है| रोजाना लहसून सर्दी दूर करती है, गले को आराम देती है| हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढाती है, जिससे छोटे मोटे इन्फेक्शन शरीर पर असर नहीं कर पाते|

क्या है सेक्स एडिक्शन?

क्या है सेक्स एडिक्शन?

यह एक बड़ी समस्या है.
– सेक्स करने की प्रबल इच्छा जब नियंत्रण से बाहर हो जाती है और हर समय व्यक्ति केवल सेक्स के बारे में ही सोचता रहता है, तो उसे सेक्स एडिक्ट कहते हैं. इसे एक मानसिक बीमारी भी कहा जा सकता है.
– केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि महिलाएं भी सेक्स एडिक्ट हो सकती हैं.
– सेक्स एडिक्ट होना और सेक्स के प्रति रुचि रखना दोनों में बहुत अंतर है.
– सेक्स एडिक्ट सेक्सुअल एक्टिविटी से इस कद्र घिरा हुआ रहता है कि उसका ध्यान तक नहीं रहता कि वो अपने पार्टनर, परिवार और ख़ुद को कितना नुक़सान पहुंचा रहा है.

काली मिर्च के औषधीय गुण

काली मिर्च के औषधीय गुण

जुकाम होने पर काली मिर्च मिलाकर गर्म दूध पीएं। यदि जुकाम बार-बार होता है, अक्सर छीकें आती हैं तो काली मिर्च की संख्या एक से शुरू करके रोज एक बढ़ाते हुए पंद्रह तक ले जाए फिर प्रतिदिन एक घटाते हुए पंद्रह से एक पर आएं। इस तरह जुकाम एक माह में समाप्त हो जाएगा।

खांसी होने पर आधा चम्मच काली मिर्च का चूर्ण और आधा चम्मच शहद मिलाकर दिन में 3-4 बार चाटें। खांसी दूर हो जाएगी।

गैस की शिकायत होने पर एक कप पानी में आधे नीबू का रस डालकर आधा चम्मच काली मिर्च का चूर्ण व आधा चम्मच काला नमक मिलाकर नियमित कुछ दिनों तक सेवन करने से गैस की शिकायत दूर हो जाती है।

मेथी के फायदे

मेथी के फायदे

मेथी का इस्तेमाल आप सब्जी और मसाले दोनों ही रूपों में करते हो। मेथी आयुवेर्दिक दृष्टि से सेहत के लिए बेहद स्वास्थवर्धक है। आइये आपको बताते हैं मेथी खाने के फायदे और एैसे गुणों के बारे में जो शायद आप नहीं जानते। मेथी कई बीमारियों की दवा है। मेथी में पोटेशियम और विटामिन सी जैसे पोषक तत्व पाये जाते हैं। हरी सब्जियों में लोहा अधिक पाया जाता है। जो शरीर की कमजोरी को नष्ट करता है। यह खांसी, कफ, बुखार, बवासीर, टी बी जैसी खतरनाक बीमारियों की रोकथाम करती है। साथ ही मेथी के इस्तेमाल से शरीर की कमजोरी, दांतों की सड़न आदि की बीमारी दूर होती है। मेथी किस तरह से आपकी सेहत के लिए उपयोगी है आइये जानते हैं म

बालों और त्वचा के लिए जरूरी विटामिन

 बालों और त्वचा के लिए जरूरी विटामिन

 ● विटामिन हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी हैं। ये न केवल हमारी सेहत के लिए जरूरी हैं, बल्कि ये हमारी खूबसूरती बनाए रखने में भी काफी मददगार होते हैं। आइये जानें कौन से विटामिन हमारी त्‍वचा और बालों की सुंदरता को बनाये रखने में अहम होते हैं।

मुलेठी के औषधीय इस्तेमाल

मुलेठी के औषधीय इस्तेमाल

 कफ :
• अधिक कफ होने पर, ३ ग्राम मुलेठी चूर्ण को शहद के साथ लें।
• मुलेठी १० ग्राम + काली मिर्च १० ग्राम + लौंग ५ ग्राम + हरीतकी ५ ग्राम + मिश्री २० ग्राम, को मिलकर पीस लें और शहद के साथ १ चम्मच की मात्रा में शहद के साथ चाट कर लेने से पुरानी खांसी, जुखाम, गले की खराश, सूजन आदि दूर होते हैं।
2. खांसी :
• मुलेठी चूर्ण २ ग्राम + आंवला चूर्ण २ ग्राम को मिला लें। इस चूर्ण को शहद के साथ चाट कर लेने से खासी दूर होती है।
• खांसी के साथ खून आने पर, मुलठी का चूर्ण १ टीस्पून की मात्रा में शहद या पानी के साथ लेना चाहिए।
3. गले के रोग :

मेथी दाना के लाभ

मेथी दाना

मेथी दाना -२५० ग्राम ,अजवाइन-१०० ग्राम ,काली जीरी-५० ग्राम ।
उपरोक्त तीनो चीज़ों को साफ़ करके हल्का सा सेंक लें ,फिर तीनों को मिलाकर मिक्सर मेंइसका पॉवडरबना लें और कांच की किसी शीशी में भर कर रख लें । रात को सोते समय १/२चम्मच पॉवडरएक गिलास गुनगुने पानी के साथ नित्य लें ,इसके बाद कुछ भी खाना यापीना नहीं है ।इसे सभी उम्र के लोग लेसकते हैं । फायदा पूर्ण रूप से ८०-९० दिन में हो जायेगा ।

सुबह उठ कर कैसा पानी पीना चाहिए

पानी पीना

1. सुबह उठ कर कैसा पानी पीना चाहिए

    उत्तर -     हल्का गर्म

2.  पानी पीने का क्या तरीका होता है

    उत्तर -    सिप सिप करके व नीचे बैठ कर

3. खाना कितनी बार चबाना चाहिए

     उत्तर. -    32 बार

4.  पेट भर कर खाना कब खाना चाहिए

     उत्तर. -     सुबह

5.  सुबह का नाश्ता कब तक खा लेना चाहिए

     उत्तर. -    सूरज निकलने के ढाई घण्टे तक

6.  सुबह खाने के साथ क्या पीना चाहिए
     
     उत्तर. -     जूस

7.  दोपहर को खाने के साथ क्या पीना चाहिए

    उत्तर. -     लस्सी / छाछ

क्या डायबिटीज से मरीज भी पपीता खा सकते हैं?

क्या डायबिटीज से मरीज भी पपीता खा सकते हैं?

जब बात डायबिटीज़ की आती है तो कुछ भी मीठा खाना जोखिमभरा काम हो सकता है क्योंकि मीठा खाने से ब्लड शुगर लेवल अचानक बढ़ जाता है। इसी वजह से ज्यादातर डायबिटीज़ के मरीज़ नैचुरली स्वीट यानी प्राकृतिक रूप से मीठे फलों को भी नहीं खाते। लेकिन, ये गलत है।

कई एक्सपर्ट्स का यह कहना है कि डायबिटीज़ के मरीज़ों में इस बात को लेकर बहुत गलतफहमियां हैं कि कौन सा फल खाएं और कौन सा न खाएं। डायबिटीज़ के मरीज़, जिनकी शुगर कंट्रोल में हो, वो हर तरह के फल खा सकते हैं, लेकिन सीमित मात्रा में।

यूरिक एसिड

यूरिक एसिड

सुबह एक पाव लौकी छोटे टुकड़े काटिये, कुकर या गंजी में  रखिये 1 कप पानी, 10 तुलसी पत्ते, 10 पुदीना पत्ते या 5 ग्राम पुदीना चूर्ण पंसारी के यहाँ से, 2 काली मिर्च पीसकर डालिये, कुकर में 1 सिटी लीजिये, उतारिये,पानी छान कर पीजिये गुनगुना। दोनों समय करिय।

इसके बाद एलोवेरा गिलोय रस लीजिये 20 मिली।

रात को हल्का भोजन करिय।
भोजन के बाद आरोग्यवर्धनी वटि 2  लीजिये 3 माह।

भोजन के बाद सोना या या आराम करना नही।

भोजन के बाद सौफ मिश्री खाये। 

बिना भूख के भोजन ना करे। 

भूख लगने पर तुरंत थाली वाला भोजन करिय।

खट्टी चीजो से परहेज

सेंधा नमक के फायदे

सेंधा नमक

पाचन समस्याओं के लिए फायदेमंद सेंधा नमक
सेंधा नमक का उपयोग पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है। इसका सेवन करने से आँतों और पेट से गैस बाहर निकलती है। इसके साथ ही इससे भूख संबंधी समस्या भी दूर होती है। सेंधा नमक पेट की गैस के उत्पादन को कम करने में सहायक होता है। इसके साथ ही यह सीने की जलन को भी कम करता है।

क्या है स्लीप डिस्ऑर्डर

स्लीप डिस्ऑर्डर

नींद ना आने की कई वजहें हैं।' 

खर्राटे लेना: खर्राटे लेने को अगर आप गहरी नींद की निशानी समझते हैं, तो यह बिल्कुल गलत है। दरअसल, यह नींद के दौरान ठीक से सांस न ले पाने की वजह से होता है। खर्राटे लेने वाले व्यक्ति की नींद अक्सर पूरी नहीं होती। वह दिनभर नींद से भरा व चिड़चिड़ा रहता है। उसकी याद्दाशत कम होती जाती है और उसे पर्सनैलिटी डिस्ऑर्डर का भी खतरा रहा है। 

नींद न आना: रुटीन सही न रहना, चाय व कॉफी अधिक पीना, ज्यादा ऐल्कॉहॉल लेना, इंटरनेट, लेट नाइट पार्टी, सोने का समय फिक्स न रखना वगैरह से भी स्लीप डिस्ऑर्डर होता है। 

चूने से लगाएं रोगों को चूना !

चूने से लगाएं

चूना पत्थर एक अवसादी चट्टान है जो, मुख्य रूप से कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO3) के विभिन्न क्रिस्टलीय रूपों जैसे कि खनिज केल्साइट या एरेगोनाइट से मिलकर बनी होती है। “चूना को यदि सही ढंग से उपयोग में लाया जाए तो इसके द्वारा कठिन से कठिन रोगों का इलाज सम्भव है। तो आइये जानते है क्या है चूना खाने के या चूने के फायदे और कैसे करना है इसका प्रयोग।

चूना के गुण

आंवले के औषधीय गुण

आंवले के औषधीय गुण

नकसीर –
ताजा आंवले के सिथरे हुए रस की 3-4 बूदे रोगी के नथुनों (नासाछिद्रों) में डालें तथा इसी प्रकार प्रति 15-20 मिनट बाद नस्य देकर ऊपर को चढ़ाने को कहें, नकशीर बन्द हो जायेगी | साथ ही आंवले को भी भूनकर छाछ (मठ्ठा) या काँजी में पीसकर मस्तिष्क पर लेप करा देने से शीघ्र लाभ होगा |

बहुमूत्र –
आंवले के पत्ते का रस २०० ग्राम में दारूहल्दी घिसकर और मिलाकर पिलाने से बहुमूत्र व्याधि से लाभ हो जाता हैं |

करेले को खाये छिलके के साथ

 करेले को खाये छिलके के साथ

करेले का स्वाद भले ही कड़वा हो, लेकिन सेहत के लिहाज से यह बहुत फायदेमंद होता है. करेले में अन्य सब्जी या फल की तुलना में ज्यादा औषधीय गुण पाये जाते हैं. करेले को कुदरत ने कड़वा ने बनाया है लेकिन करेले को निचोड़ के उस की कड़वाहट निकाल देते हैं . करेले का छिलका नहीं उतारना चाहिए और उसका कड़वा रस नहीं निकालना चाहिए . हफ्ते में, पन्दरह दिन में एक दिन करेला खाना तबियत के लिए अच्छा है .

1-लकवे के मरीजों के लिए करेला बहुत फायदेमंद होता है. इसलिए लकवे के मरीज को कच्चा करेला खाना चाहिए.

2-लीवर से संबंधित बीमारियों के लिए तो करेला रामबाण औषधि है.

गुलाब जल से करें त्वचा टोन

गुलाब जल से करें त्वचा टोन

हमारी त्वचा को नियमित देखभाल की जरूरत  है, जिसमें टोनिंग भी अहम हिस्सा है। त्वचा दूध से साफ करने के बाद इस पर टोनर के रूप में गुलाब जल लगाएं। गुलाब जल का इस्तेमाल दिन में कई बार किया जा सकता है। वहीं सर्दियों में ग्लिसरीन में गुलाब जल और नींबू मिलाकर लगाने से त्वचा में निखार आता है।

तेज पत्ता के फायदे

तेज पत्ता

पाचन में सहायक

तेजपत्ता, पाचन में सहायक होता है और इसके सेवन से कई प्रकार के पाचन सम्बंधी विकार सही हो जाते हैं। अगर आपको कब्ज, एसिड और ऐंठन की शिकायत रहती है तो तेजपत्ता आपके लिए रामबाण साबित हो सकता है।

 

गठिया के रोग में आराम

तेजपत्ते में एंटीफंगल और एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं, यह फंगल या बैक्टीरियल इंफेक्शन को दूर करने में कारगर होता है। इसके प्रयोग से गठिया के रोग में आराम मिलता है।

 

रूसी दूर करें

मेरा बच्चा बहुत रोता है

 तो आख़िर कुछ शिशु (छः माह से कम) क्यों अधिक रोते हैं?

चलिए समझते हैं कुछ कारण..

1. शिशु को यदि भूख लगने पर कुछ देर दूध न दिया गया तो वह चिड़चिड़ा जाता है। फिर दूध देने पर भी नहीं पीता और तेज़ तेज़ चिल्लाता जाता है। जिससे आपकी नाक में दम कर सके। 
बच्चे का रोना शायद दुनिया की सबसे तकलीफ़देह आवाज़ जो होती है। सब लग जाते हैं चुप कराने।

"बहू तुझसे एक न पलता हमने छः छः पाल दिए थे। मोबाइल से अलग हो तो कुछ दिखे।"

2. शिशुओं का BMR basal metabolic Rate अधिक होता है।

जौ का पानी पीने के फायदे

#1 कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करे
शरीर के सुचारु रूप से कार्य करने के लिए कोलेस्ट्रॉल का होना बहुत ही जरूरी है। इससे शरीर की प्रत्येक कोशिका जीवित रहती हैं। कोलेस्ट्रॉल के सामन्य स्तर बनाए रखने के लिए जौ का पानी बहुत ही फायदेमंद है। इसमें फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है और आपके दिल स्वस्थ रखने में भी मददगार साबित होता है।

डाइट में क्या ध्यान रखे?

डाइट में क्या ध्यान रखे?

जिस किसी को भी तेज बुखार है, फिर चाहे कोई-सा भी बुखार हो, उसे हर घंटे बाद गिलास भर लिक्विड लेना चाहिए। बेहतर है कि मरीज को खाली पानी के बजाय नीबू-पानी, ओआरएस का घोल, शिकंजी, नारियल पानी, जूस, दूध, छाछ, मिल्क शेक आदि पीने को दें। बुखार में पानी शरीर से सेल्स में चला जाता है और शरीर के गर्म होने या पसीना आने से उड़ भी जाता है। इससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। खाने में फल, सब्जियां, दाल आदि ज्यादा खाएं। बुखार के दौरान ठोस खाने के बजाय सेमी-सॉलिड और कम मसाले वाला खाना खाएं। विटामिन-सी (नीबू, संतरा, कीवी आदि) भी खाएं। ये मेटाबॉलिज्म बढ़ाते हैं। चाय-कॉफी से परहेज करें। ये लिक्विड को शरीर में

शहद : स्वास्थ्य और सौंदर्य के लिए शहद

शहद : स्वास्थ्य और सौंदर्य के लिए शहद

शहद या मधु एक प्राकृतिक मधुर पदार्थ है जो मधुमक्खियों द्वारा फूलों के रस को चूसकर तथा उसमें अतिरिक्त पदार्थों को मिलाने के बाद छत्ते के कोषों में एकत्र करने के फलस्वरूप बनता है। शहद हर किसी के जीवन में महत्व रखता है। फिर चाहे वह खानपान, चिकित्सा से संबंधित हो या फिर सौंदर्य से। इसमें प्रचुर मात्रा में गुण हैं। आज से हजारों वर्ष पहले से ही दुनिया के सभी चिकित्सा शास्त्रों, धर्मशास्त्रों, पदार्थवेत्ता-विद्वानों, वैधों-हकीमों ने शहद की उपयोगिता व महत्व को बताया है। आयुर्वेद के ऋषियों ने भी माना है कि तुलसी व मधुमय पंचामृत का सेवन करने से संक्रमण नहीं होता और इसका विधिवत ढंग से सेवन कर अनेक रोग

सहजन का पेड़ सेहत का खजाना

सहजन का पेड़ सेहत का खजाना

सहजन या सुजना एक बहुत उपयोगी पेड़ है। इस सेंजन और मुनगा आदि नामों से भी जाना जाता है। इसे अंगे्रजी में ड्रमस्टिक भी कहा जाता है। इसका वनस्पति नाम मोरिंगा ओलिफेरा है। फिलीपीन्स, मैक्सिको, श्रीलंका, मलेशिया आदि देशों में भी सहजन का उपयोग बहुत अधिक किया जाता है। दक्षिण भारत में व्यंजनों में इसका उपयोग खूब किया जाता है। सहजन के बीज से तेल निकाला जाता है और छाल पत्ती, गोंद, जड़ आदि से आयुर्वेदिक दवाएं तैयार की जाती हैं। इसमें दूध की तुलना में 4 गुना कैल्शियम और दुगना प्रोटीन पाया जाता है। आयुर्वेद में 300 रोगों का सहजन से उपचार बताया गया है। इसीलिए आज हम आपको परिचित करवाने जा रहे हैं। सहजन की कुछ

शहद में छिपा है सेहत का राज़

शुद्ध शहद

शहद में कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, अमीनो एसिड, प्रोटीन और खनिज पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। जोकि सेहत के लिए जरूरी होते हैं।

शहद में ग्लूकोज पाया जाता है। साथ ही शहद में पाए जाने वाले  विटामिन शरीर के भीतर जाते ही कुछ ही समय में घुल जाते  है।

बच्चों की खांसी दूर करने के लिए अदरक के रस में शहद मिलाकर देने से खांसी में आराम मिलता है। सूखी खांसी में भी शहद और नींबू का रस लेने से फायदा होता है।

जी मिचला रहा हो या फिर उल्टी आने की शिकायत हो तो शहद लेना चाहिए।

सेब बचाता है स्किन कैंसर से

सेब बचाता है स्किन कैंसर से

हरे सेब स्वास्थ्य के लिए अच्छे माने जाते रहे हैं. ये सहज रूप से विभिन्न प्रकार के आवश्यक पोषक तत्वों से भरे हुए हैं जैसे प्रोटीन, विटामिन, खनिज और फाइबर. ये पाचन संबंधी विकार से राहत प्रदान करने के लिए जाने जाते हैं. ये रक्त में कोलोस्ट्रोल और रक्तचाप को कम करने, रक्त में शर्करा के स्तर को स्थिर रखने और भूख में सुधार लाने में बहुत प्रभावकारी हैं.

लम्बाई बढ़ाने के घरेलू उपचार

आज के दौर में हर आदमी चाहता है की उसकी लम्बाई अच्छी हो। जिन लोगों की हाइट कम होती है वे लोग अपने पर्सनालिटी में कुछ कमी सी महसूस करते हैं। ज्यादातर लोग यही सोचते हैं कि हम लोगों की लंबाई केवल 18 साल तक ही बढ़ सकती है पर ऐसा भी नहीं है कि 18 साल के बाद लम्बाई बिल्कुल नहीं बढ़ाई जा सकती हैं नियमित रूप से व्यायाम, पौष्टिक आहार के सेवन और कुछ नियमों का पालन करके हम अपनी लम्बाई को अवश्य ही कुछ और इंच तक बढा सकते हैं।

आन्त्रिक ज्वर का कारण

आन्त्रिक ज्वर का कारण

इसे छूत का बुखार कहा जाता है | यह मारक महामारी के रूप में भी फैलता है | इस रोग का जीवाणु मुंह के रास्ते पेट में चला जाता है और छोटी आंत में गुच्छों के रूप में जम जाता है, जिससे लम्बे समय तक ज्चर बना रहता है, इसीलिए इसे मियादी बुखार या मन्थर ज्वर भी कहा गया है | शरीर के अधिक थकने, अधिक उपवास करने, गन्दे स्थानों में रहने तथा दूषित मल के सम्पर्क में आने और दूषित पदार्थ खाने से भी यह रोग होता है | बड़ी आंत तथा छोटी आंत को हानि पहुंचती है | तिल्ली और जिगर भी प्रभावित होते हैं | रक्त और लसीका ग्रन्थियों तथा मल-मूत्र में भी इस रोग के जीवाणु मिलते हैं | इसके कारण शरीर में दाह होता है, रोगी भ्रम में

जानें शरीर के दोष

शरीर के दोष

आपकी त्वचा आपकी आयुर्वेदिक संरचना पर आधारित होती है। हमारे शरीर में तीन तरह के दोष पाए जाते हैं- वात, पित्त और कफ। वात दोष युक्त व्यक्ति की त्वचा शुष्क होती है, रोमछि द्र महीन होते हैं और इस पर झुर्रियां जल्दी पड़ती हैं। पित्त दोष से पीडि़त लोगों को त्वचा पर रोजेसिया, पपड़ी पडऩा और दाने पडऩे जैसी  समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है। वहीं कफ दोष से पीडि़त लोगों के रोमछिद्र बड़े होते हैं जिससे ब्लैकहेड्स और मुहासों जैसी समस्याए सामने आती हैं।

गुड़ के बडे़ बडे़ गुण

गुड़ के बडे़ बडे़ गुण

गुड़ गन्ने से तैयार एक शुद्ध, अपरिष्कृत पूरी चीनी है। यह खनिज और विटामिन है जो मूल रूप से गन्ने के रस में ही मौजूद हैं। यह प्राकृतिक होता है। इसे चीनी का शुद्धतम रूप माना जाता है। गुड़ का उपयोग मूलतः दक्षिण एशिया मे किया जाता है। भारत के ग्रामीण इलाकों मे गुड़ का उपयोग चीनी के स्थान पर किया जाता है। गुड़ लोहतत्व का एक प्रमुख स्रोत है और रक्ताल्पता (एनीमिया) के शिकार व्यक्ति को चीनी के स्थान पर इसके सेवन की सलाह दी जाती है। भारतीय आयुर्वेदिक चिकित्सा के अनुसार गुड़ का उपभोग गले और फेफड़ों के संक्रमण के उपचार में लाभदायक होता है। गांधी जी के अनुसार चूँकि गुड़ तेजी से रक्त में नही मिलता है इसल

घर में ही हो जाता है पथरी का इलाज

घर में ही हो जाता है पथरी का इलाज

किडनी में स्‍टोन यूरीन सिस्टम का एक रोग है जिसमें किडनी के अन्दर छोटे-छोटे पत्थर जैसी कठोर वस्तुएं बन जाती हैं. आमतौर पर यह ये पथरियां यूरीन के रास्ते शरीर से बाहर निकल जाती है. बहुत से ऐसे घरेलू उपाय है जिनको अपनाकर इनसे निजात पाई जा सकती है. आइए जाने ऐसे ही कुछ उपायों के बारे में.

दाल खाने का ये फायदा

दाल खाने का ये फायदा

दाल प्रोटीन का एक अच्छा माध्यम है लेकिन एक नए शोध से खुलासा हुआ है कि इससे वजन भी घटाया जा सकता है. शोधकर्ताओं के मुताबिक 130 ग्राम सेम, मटर, राजमा, छोला या दाल रोजाना खाने से 6 हफ्तों में 340 ग्राम तक वजन कम किया जा सकता है.

दाल के गई सारे गुणों को जानने के बावजूद लोग इसे कम खाते हैं या खाते भी हैं तो कम मात्रा में.

प्रमुख शोधकर्ता टोरंटो के सेंट माइकेल्स अस्पताल के रसेल डिसूजा के अनुसार, हम सबको अपने आहार में दाल की मात्रा बढ़ाने की जरूरत है. खासतौर पर इसके वजन घटाने के गुणों को देखते हुए.

लौकी के गुण

लौकी के गुण

सब्जी के रुप में खाए जाने वाली लौकी हमारे शरीर के कई रोगों को दूर करने में सहायक होती है। यह बेल पर पैदा होती है और कुछ ही समय में काफी बड़ी हो जाती है। वास्तव  में यह एक औषधि है और इसका उपयोग हजारों रोगियों पर सलाद के रूप में अथवा रस निकालकर या सब्‍जी के रुप में एक लंबे समय से किया जाता रहा है। 

      लौकी को कच्‍चा भी खाया जाता है, यह पेट साफ करने में भी बड़ा लाभदायक साबित होती है और शरीर को स्‍वस्‍य और शुद्ध भी बनाती है। लंबी तथा गोल दोनों प्रकार की लौकी वीर्य वर्धक , पित्‍त तथा कफनाशक और धातु को पुष्ट  करने वाली होती है। आइए इसके औषधीय गुणों पर एक नज़र डालते हैं- 

फोड़े फुन्सी होने पर

फोड़े फुन्सी

फोड़े-फुन्सी एवं गाँठ
फोड़े फुन्सी होने पर
प्रथम प्रयोगः अरण्डी के बीजों की गिरी को
पीसकर उसकी पुल्टिस बाँधने से अथवा आम की
गुठली या नीम या अनार के पत्तों को पानी में
पीसकर लगाने से फोड़े-फुन्सी में लाभ होता है।
दूसरा प्रयोगः एक चुटकी कालेजीरे को मक्खन के
साथ निगलने से या 1 से 3 ग्राम त्रिफला चूर्ण का
सेवन करने से तथा त्रिफला के पानी से घाव धोने से
लाभ होता है।
तीसरा प्रयोगः सुहागे को पीसकर लगाने से रक्त
बहना तुरंत बंद होता है तथा घाव शीघ्र भरता है।
फोड़े से मवाद बहने परः

फूलगोभी के फायदे

फूलगोभी के फायदे

फूलगोभी की सब्जी खाने में बहुत स्वादिष्ट होती हैं। इसमें फाइबर, विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाया जाता है। फूलगोभी मैंगनीज, तांबा, लोहा, कैल्शियम और पोटेशियम जैसे खनिजों का एक अच्छा स्रोत है। फूलगोभी खाने से कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग, संक्रमण, अधिक वजन, सूजन जैसे कई अन्य बीमारियों को रोकने में मदद करता है।

कच्चे गोभी का प्रयोग

नीम का जूस कैसे पिएं?

नीम का जूस

नीम का रस बहुत कडुआ होता है, जिसे पीना बहुत मुश्‍किल होता है। अगर आपको इसके फायदे चाहिये तो इसे एक ग्‍लास में डाल कर इसको दवा समझ कर पूरा एक साथ पी लें। इसके अलावा ये भी देखिये की नीम के रस को और किस-किसी प्रकार से पिया जा सकता है। नीम त्‍वचा के लिए अमृत होती है 

2. नीम के रस में थोड़ा मसाला डाल दें जिससे उसमें स्‍वाद आ जाए। इसको पीने से पहले उसमें नमक या काली मिर्च और या फिर दोनों ही डाल दें। 

योगा के फायदे

योगा के फायदे

योगा : योग एक प्राचीन भारतीय जीवन-पद्धति है। जिसमें शरीर, मन और आत्मा को एक साथ लाने (योग) का काम होता है। योग के माध्यम से शरीर, मन और मस्तिष्क को पूर्ण रूप से स्वस्थ किया जा सकता है। तीनों के स्वस्थ रहने से आप स्‍वयं को स्वस्थ महसूस करते हैं। योग के जरिए न सिर्फ बीमारियों का निदान किया जाता है, बल्कि इसे अपनाकर कई शारीरिक और मानसिक तकलीफों को भी दूर किया जा सकता है। योग प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाकर जीवन में नव-ऊर्जा का संचार करता है। 

क्यों होता है अल्जाइमर

क्यों होता है अल्जाइमर

ऐसा मस्तिष्क में तंत्रिका क्षति के कारण होता है, जिसे अक्सर एपीलोपोप्रिटिन ई नामक एक प्रोटीन के कारण होता है जो मस्तिष्क में प्लेग बनाता है। अल्जाइमर रोग के लिए कोई ज्ञात इलाज नहीं है। हालांकि इस रोग से लड़ने के लिए कुछ सावधानी बरती जा सकती है। एक स्वस्थ आहार कुछ हद तक इस रोग से लड़ने में मदद कर सकता है। वैज्ञानिकों ने पाया है कि जो हम खाते हैं वह अक्सर हमारे दिल और हमारे दिमाग को प्रभावित करता है। एक अच्छी डायट अल्जाइमर रोग को 53 फीसदी तक कम कर सकती है। अल्जीमर रोग से बचने के लिए डायट में यह चीजें शामिल होनी चाहिए।

 

मेथी खाओ कैंसर दूर भगाओ!

कानपुर। आयुर्वेद में मेथी के कई गुणों का बखान किया गया है। मधुमेह में इसका प्रयोग बेहद लाभकारी है लेकिन एक शोध में मेथी त्वचा के कैंसर का इलाज करने में कारगर साबित हुई है। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) कानपुर, दि आइआइएस यूनीवर्सिटी जयपुर एवं यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान के वैज्ञानिकों ने मिलकर मेथी पर शोध किया। इसकी सफलता का परिणाम अंतर्राष्ट्रीय जर्नल टॉक्सीकोलॉजी इंटरनेशनल में प्रकाशित हो चुका है।

मैथी के फायदे और गुण

मैथी के फायदे

मां के दूध को बढ़ाएं

मेथी के दानों का सेवन करने से मां के शरीर में ज्यादा दूध बनता है क्योंकि मेथी में भरपूर मात्रा में डाईसोजेनिन होता है जिससे दूध ज्यादा मात्रा में बनता है।

 

शिशु के जन्म की प्रक्रिया को आसान करता है

अंकुरित दानों का सेवन केवल

अंकुरित दानों का सेवन केवल

 सुबह नाश्ते के समय ही करना चाहिये। 
अंकुरित आहार शरीर को नवजीवन देने वाला अमृतमय आहार कहा गया है।
अंकुरित भोजन क्लोरोफिल, विटामिन (`ए´, `बी´, `सी´, `डी´ और `के´) कैल्शियम, फास्फोरस, पोटैशियम, मैगनीशियम, आयरन, जैसे खनिजों का अच्छा स्रोत होता है।
अंकुरीकरण की प्रक्रिया में अनाज/दालों में पाए जाने वाले कार्बोहाइट्रेड व प्रोटीन और अधिक सुपाच्य हो जाते हैं।

पेचिश (नई या पुरानी)

पेचिश (नई या पुरानी)

स्वच्छ सौंफ ३०० ग्राम और मिश्री ३०० ग्राम लें। सौंफ के दो बराबर हिस्से कर लें। एक हिस्सा तवे पर भून लें। भुनी हुई और बची हुई सौंफ लेकर बारीक पीस लें और उतनी ही मिश्री (पिसी हुई) मिला लें। इस चूर्ण को छः ग्राम (दो चम्मच) की मात्रा से दिन में चार बार खायें। ऊपर से दो घूँट पानी पी सकते हैं। आंवयुक्त पेचिश - नयी या पुरानी (मरोड़ देकर थोडा-थोडा मल तथा आंव आना) के लिए रामबाण है। सौंफ खाने से बस्ती-शूल या पीड़ा सहित आंव आना मिटता है।

दही, भात, मिश्री के साथ खाने से आंव-मरोड़ी के दस्तों में आराम आता है।

कैसे बनाएं मेथी का पानी

कैसे बनाएं मेथी का पानी

रात को एक बड़ी चम्मच मेथी के दानों को दो गिलास पानी मे भिगोने के लिए रख दें। और सुबह इसे छानकर पीएं।

मेथी के अन्य फायदे

अंजीर के फायदे

अंजीर

अंजीर में फाइबर उच्च मात्रा में होता है, जैसे- अंजीर में तीन टुकड़ों में 5 ग्राम फाइबर होता है, जो रोज के 20% ज़रूरत को पूरा करने में समर्थ होता है। इसके नियमित सेवन से कब्ज़ की बीमारी और पेट संबंधी समस्या से राहत मिलती है।अंजीर में फाइबर उच्च मात्रा में होने के साथ-साथ कैलोरी कम होता है। अंजीर के एक टुकड़े में 47 कैलोरी होता है और फैट 0.2 ग्राम होता है। सूखे अंजीर में एन्टीऑक्सिडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं। विनसन जे.ए.

धूप सेंकने से सेहत को किस तरह होते हैं फायदे

धूप सेंकने से सेहत को किस तरह होते हैं फायदे

सर्दी का मौसम शुरू हो चुका है. इस मौसम में ज्यादातर लोग धूप से दोस्ती कर के इसका आनंद लेते हैं. क्योंकि इस मौसम में धूप सेंकने का अपना ही मजा होता है. धूप सेंकने से केवल विटामिन डी ही नहीं मिलता बल्कि इससे सेहत को कई तरह के अन्य लाभ भी होते हैं.

आइए जानते हैं सर्दी में धूप सेंकने से सेहत को किस तरह होते हैं फायदे:

1. यह तो सभी जानते हैं कि धूप सेंकने से शरीर को भरपूर मात्रा में विटामिन डी मिलता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है. इसके साथ ही धूप सेंकने से जोड़ों का दर्द और सर्दी से होने वाले बदन दर्द से भी राहत मिलती हैं.

हरी मिर्च खाने के चमत्कार

मिर्च कैप्सिकम वंश के एक पादप का फल है, तथा यह सोलेनेसी (Solanaceae) कुल का एक सदस्य है। वनस्पति विज्ञान मे इस पौधे को एक बेरी की झाड़ी समझा जाता है। स्वाद, तीखापन और गूदे की मात्रा, के अनुसार इनका उपयोग एक सब्जी (शिमला मिर्च) या एक मसाले (लाल मिर्च) के रूप में किया जाता है। मिर्च प्राप्त करने के लिए इसकी खेती की जाती है।

छुहारा और खजूर एक ही पेड़ की देन है।

छुहारा और खजूर

छुहारा और खजूर एक ही पेड़ की देन है। इन दोनों की तासीर गर्म होती है और ये दोनों शरीर को स्वस्थ रखने, मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
गर्म तासीर होने के कारण सर्दियों में तो इसकी उपयोगिता और बढ़ जाती है।
खजूर में छुहारे से ज्यादा पौष्टिकता होती है। खजूर मिलता भी सर्दी में ही है।
अगर पाचन शक्ति अच्छी हो तो खजूर खाना ज्यादा फायदेमंद है।
छुहारे का सेवन तो सालभर किया जा सकता है, क्योंकि यह सूखा फल बाजार में सालभर मिलता है।
छुहारा यानी सूखा हुआ खजूर आमाशय को बल प्रदान करता है।

RO हटाओ, तुलसी लगाओ

RO

आरओ का पानी फिल्टर करने में पानी में उपस्थित जरूरी कैल्शियम और मैग्नीशियम 90% से 99% तक नष्ट हो जाते हैं इस तरह का पानी पीने से आपके शरीर में नुकसान होने की संभावना काफी बढ़ जाती है, यहाँ आपकी जानकारी के लिए बता दें एशिया और यूरोप के कई देश आरओ पर पूर्ण रुप से प्रतिबंध लगा चुके हैं.

आंवला खाये, निरोगी हो जाए

आंवला

आंवले में एंटी ओक्सिडेंट होते हैं जो शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढाता है और ये मौसम में होने वाले बदलाव के कारन होने वाले वाइरल संक्रमण से भी बचाता है.

पेट की गैस के घरेलू उपचार

पेट की गैस के घरेलू उपचार
  1. भोजन के साथ सलाद के रूप में टमाटर का प्रतिदिन सेवन करना लाभप्रद होता है। यदि उस पर काला नमक डालकर खाया जाये तो लाभ अधिक मिलता है। पथरी के रोगी को कच्चे टमाटर का सेवन नहीं करना चाहिए।
  2. आधा चम्मच सूखा अदरक पाउडर लें और उसमें एक चुटकी हींग और सेंधा नमक मिलाकर एक कप गर्म पानी में डालकर पीएं।
  3. गैस के कारण सिरदर्द होने पर चाय में काली मिर्च पाउडर डालें। वही चाय पीने से लाभ मिलता है।
  4. 2 चम्मच ब्रैंडी को गर्म पानी में कप में डालकर रात को सोने से पहले पिएं।
  5. स्लाइस की हुई कुछ ताजा अदरक नींबू के रस में भिगोकर भोजन के बाद चूमने से राहत मिलेगी।

चुने के चमत्कारी फायदे

चुने के चमत्कारी फायदे

40 वर्ष के बाद हमारे शरीर को कैल्शियम की सबसे अधिक जरुरत होती है , बाहर से दूध , केला लेने पर जब वह हजम होगा तब कैल्शियम मिलेगा अगर उनको हजम का तत्व शरीर में नहीं है या कम है तो कैल्शियम नहीं मिलेगा और विना कैल्शियम के आपके शरीर में विमारी लग गयी तो बिना कैल्शियम की उपस्थति के कोई भी कोई भी विमारी ठीक नहीं होगी ।

चूना जो आप पान में खाते है वो सत्तर बीमारी ठीक कर देते है ।

जैसे किसी को पीलिया हो जाये माने जॉन्डिस उसकी सबसे अच्छी दवा है चूना ।

गेहूँ के दाने के बराबर चूना गन्ने के रस में मिलाकर पिलाने से बहुत जल्दी पीलिया ठीक कर देता है ।

आलस्य मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है

आलस्य मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। आलस्‍य को दूर करना सफलता हासिल करने के लिए बहुत महत्‍वपूर्ण है। यहां दिये उपाय आलस्‍य को अपने रास्‍ते से दूर करने में मददगार साबित हो सकते है। आजकल की लाइफ भागदौड़ से भरी हुई है। ऐसे में लोगों को अपनी सेहत पर ध्यान देने का वक्त ही नहीं मिलता, जिसके कारण वे कई तरह की बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। अगर आप चाहते हैं कि बीमारियां आप से कोसो दूर रहे, तो हम आपको यहां कुछ टिप्स बताने जा रहे हैं। हेल्दी रहने के लिए इन टिप्स को आप अपना सकते हैं।

कितनी फायदेमंद है सौंफ

सौंफ में कई औषधीय गुण मौजूद होते हैं, जिनका सेवन करने से स्वास्थ्य को फायदा होता है। सौंफ हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद होती है। 
1-सौंफ में कैल्शियम, सोडियम, आयरन, पोटैशियम जैसे तत्व पाये जाते हैं। सौंफ का फल बीज के रूप में होता है और इसके बीज को प्रयोग किया जाता है। पेट की समस्याओं के लिए सौंफ बहुत फायदेमंद होती है।
सौंफ के लाभ –
1-यदि आपको पेट में दर्द होता है तो भुनी हुई सौंफ चबाइए इससे आपको आराम मिलेगा। सौंफ की ठंडाई बनाकर पीजिए। इससे गर्मी शांत होगी और जी मिचलाना बंद हो जाएगा।

पहचानें डिप्रेशन के लक्षण

पहचानें डिप्रेशन के लक्षण

आइए हमारे व्यवहार में आनेवाले उन बदलावों पर नज़र डालते हैं, जो बताते हैं कि हम डिप्रेशन यानी अवसाद का शिकार बनते जा रहे हैं. डिप्रेशन से उबरने के लिए इसके लक्षणों और संकेतों को समझना बहुत ज़रूरी है. क्योंकि हम इस बारे में तभी मदद मांग सकते हैं, यदि हमें सही समय पर पता चल सकेगा कि हमारी ज़िंदगी में सबकुछ सही नहीं चल रहा है. ये हैं डिप्रेशन के कुछ लक्षण: 
 ‌
* ठीक से नींद न आना
* कम भूख लगना
* अपराध बोध होना
* हर समय उदास रहना 
* आत्मविश्वास में कमी

सूजन दूर करता है शकरकंद

सूजन दूर करता है शकरकंद

शकरकंद या स्वीट पोटैटो का सेवन सर्दियों में लाभदायक होता है। सर्दियों में कंद-मूल अधिक फायदेमंद रहते हैं, क्योंकि ये शरीर को गर्म रखते हैं। शकरकंद की गहरे रंग की प्रजाति में कैरोटिनॉयड जैसे, बीटा-कैरोटीन और विटामिन ए अधिक मात्रा में पाया जाता है। 100 ग्राम शकरकंद में 400 फीसदी से अधिक विटामिन ए पाया जाता है। यह उच्च मात्रा वाला स्टार्च फूड है, जिसके 100 ग्राम में 90 कैलोरीज होती हैं। शकरकंद खाने में मीठा होता है। इसके सेवन से मोटापा, मधुमेह, हृदय रोगों और सम्पूर्ण तौर पर मृत्युकारक जोखिम कम होते हैं। यह आरोग्यवर्धक तथा ऊर्जा वर्धक होता है, पर वजन को कम करने में मददगार होता है।

नीम का तेल + कपूर = (All Out) तथा मोर्टीन का बाप

नीम का तेल + कपूर =   (All Out) तथा मोर्टीन का बाप

★ (All Out) की केमिकल वाली खाली रिफिल आपको आपने घर में मिल जायेगी ! अब बाजार से आपको दो चीज लानी है एक तो नीम का तेल और कपूर !

★ खाली रिफिल में आप नीम का तेल डाले और थोड़ा सा कपूर भी डाल दे और रिफिल को मशीन में लगा दे पूरी रात मच्छर नही आयेगे !

★ जब एक प्राकृतिक तरीके से मच्छरो से छुटकारा मिल जाए तो पेस्टीसाइड का जहर अपने जिंदगी मे क्यो घोल रहे है !

★ मच्छर भगाने वाली क्वायल 100 सिगरेट के बराबर नुकसान करती है ! तो सावधान रहिए मच्छर भगाने का सबसे सस्ता, टिकाऊ, आसान और देसी तरीका है पैसे और स्वास्थ्य दोनों की बचत है !

टमाटर के चमत्कारी लाभ

टमाटर के चमत्कारी लाभ

   टमाटर में भरपूर मात्रा में कैल्शियम, फास्फोरस व विटामिन सी पाये जाते हैं। एसिडिटी की शिकायत होने पर टमाटरों की खुराक बढ़ाने से यह शिकायत दूर हो जाती है हालाँकि टमाटर का स्वाद खट्टा होता है, लेकिन यह शरीर में क्षारीय (खारी) प्रतिक्रियाओं को जन्म देता है। लाल-लाल टमाटर देखने में सुन्दर और खाने में स्वादिष्ट होने के साथ पौष्टिक होते हैं। इसके खट्टे स्वाद का कारण यह है कि इसमें साइट्रिक एसिड और मैलिक एसिड पाया जाता है जिसके कारण यह प्रत्यम्ल (एंटासिड) के रूप में काम करता है। टमाटर में विटामिन 'ए' काफी मात्रा में पाया जाता है। यह आँखों के लिये बहुत लाभकारी है

पैर के दर्द का घरेलू उपचार

पैर के दर्द का घरेलू उपचार

पैरों और टांगों में नसों का ऐंठना फूलना व सूजना - टांगों में ऐंठन - नस पर नस का चढ़ जाना - मांस-पेशियाँ में दर्द होना जैसे कि पिंडली में (टांग के पीछे) - माँस-पेशियों की ऐंठन :
कई लोगों को रात में सोते समय टांगों में एंठन की समस्या होती है। नस पर नस चढ़ जाती है। कई लोगों को टांगों और पिंडलियों में मीठा - 2 दर्द सा भी महसूस होता है। पैरों में दर्द के साथ ही जलन, सुन्न, झनझनाहट या सुई चुभने जैसा एहसास होता है।
ऐसा कई कारणों से होता है। कुछ दिन पहले मैने 'पैरों के तलवों में दर्द - कारण व् निवारण' विषय पर लिखा था।

WATER THERAPY कैसे करती है फायदा

WATER THERAPY

Water therapy क्या है ? इसके क्या फायदे हैं ?
जी ! Water therapy एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें आप बिना कोई डाइटिंग किए, बिना वर्कआउट किए अपना वज़न कम करते हैं, अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते है..
1. सुबह उठने के बाद बिना कुछ खाए आप 1 लीटर पानी पी लें। इससे आपका पेट एकदम साफ होगा। अनावश्यक चीजें आपके शरीर से बाहर निकल जाएगी।
2. खाना खाने से 45 मिनट पहले एक या दो ग्लास पानी पियें। इससे आपकी भूख कम हो जाएगी और आप को कम खाने की जरूरत होगी।

एड्स क्या है?

एड्स क्या है?

एड्स एचआईवी वायरस के कारण होने वाली एक बीमारी है| 4 यह तब होता है जब व्यक्ति का इम्यून सिस्टम इंफेक्शन से लड़ने में कमज़ोर पड़ जाता है और तब विकसित होता है जब एचआईवी इंफेक्शन बहुत अधिक बढ़ जाता है| यह एचआईवी इंफेक्शन का अंतिम चरण होता है जब शरीर स्वयं की रक्षा नहीं कर पाता और शरीर में कई प्रकार की बीमारियाँ, संक्रमण हो जाते हैं जिनका उपचार न होने पर मृत्यु तक हो सकती है|

दूध से सौंदर्य निखार

दूध से  सौंदर्य निखार

कच्चे दूध को गुलाबजल में मिलाकर चेहरे पर लगाने से त्वचा पर निखार आता है। गुलाब के 2 फूलों को पीसकर आधा ग्लास कच्चे दूध में 30 मिनट तक भिगोएं, फिर इस लेप को आहिस्ता-आहिस्ता त्वचा पर मलें, सूखने पर ठंडे पानी से धुल दें, त्वचा गुलाबी और नर्म हो जाएगी। दूध में थोडा सा नमक मिलाकर चेहरे पर सुबह-शाम लगाने से मुहांसे दूर होते हैं। आधा चम्मच काला तिल और आधा चम्मच सरसों को बारीक पीसकर दूध में मिलाकर मुहांसे पर लगाने से मुहांसे समाप्त हो जाते हैं। नीबूं का रस, आलू का रस, आटे का चोकर दूध में मिलाकर उबटन बनाकर मुंहासे के समय लगाएं, मुहांसे समाप्त हो जाएंगे। होंठ अगर काले हो गए हों तो दूध को होठों पर लगा

कब्ज के लिए आयुर्वेदिक उपचार

कब्ज के लिए आयुर्वेदिक उपचार

कब्ज होने का अर्थ है आपका पेट ठीक तरह से साफ नहीं हुआ है या आपके शरीर में तरल पदार्थ की कमी है। कब्ज के दौरान व्यक्ति तरोजाता महसूस नहीं कर पाता। अगर आपको लंबे समय से कब्ज रहता है और आपने इस बीमारी का इलाज नहीं कराया है तो ये एक भयंकर बीमारी का रूप ले सकती है। कब्ज होने पर व्यक्ति को पेट संबंधी दिक्कते भी होती हैं, जैसे पेट दर्द होना, ठीक से फ्रेश होने में दिक्कत होना, शरीर का मल पूरी तरह से न निकलना इत्यादि । कब्ज के लिए प्रभावी प्राकृतिक उपचार तो मौजूद है ही साथ ही आयुर्वेदिक उपचार के माध्यम से भी कब्ज को दूर किया जा सकता है। आइए जानें कब्ज के लिए कौन-कौन से आयुर्वेदिक उपचार मौजूद हैं।

एप्पल और हरे टमाटर से रहेंगी मांसपेशियां मजबूत

न्यूयॉर्क। बढ़ती उम्र के साथ मांसपेशियों में कमजोरी और क्षरण के कारक प्रोटीन का पता लगाने के दौरान यूनिवर्सिटी ऑफ आयोवा के वैज्ञानिकों ने दो ऐसे प्राकृतिक यौगिकों का भी पता लगाया है जो बूढ़ी होती मांसपेशियों में इस प्रोटीन की सक्रियता को कम कर देते हैं, जिसके कारण मांसपेशियों के क्षरण और कमजोरी को कम किया जा सकता है। एटीएफ4 नामक यह प्रोटीन मांसपेशियों के जीन की अभिव्यक्ति में बदलाव लाता है, जिसके कारण मांसपेशियों के प्रोटीन संश्लेषण, ताकत और घनत्व में कमी आ जाती है।

मुहांसों के लिए मेथी है बहुत उपयोगी

अगर आपके चेहरे में बहुत से मुहांसों के दाग व धब्बे हैं तो मेथी काफी सहायता कर सकती है। जी हां, मेथी के पत्तों का फेस-पैक बना सकते है आप या चाहे तो आप मेथी के बीजों को उबालकर उनका पेस्ट भी बना सकते हैं। इसे चेहरे के दाग धब्बो पर लगाए और लगभग 15-20 मिनट के लिए छोड़ दे। बाद में ठंडे पानी से धो डाले।

ताई ची सीखें सेहतमंद रहें

ताई ची सीखें सेहतमंद रहें

क्या है ताई ची?
ताई ची की शुरुआत चीन में हुई थी, लेकिन धीरे-धीरे यह दुनियाभर में लोकप्रिय हो गया है. यह एक प्रकार का मार्शल आर्ट है. ताई ची में प्रमुख रूप से छोटी-छोटी शारीरिक गतिविधियों पर ध्यान दिया जाता है, जिससे शारीरिक ताक़त बढ़ने के साथ ही मानसिक एकाग्रता भी बढ़ती है. आप जब यह कला शारीरिक रूप से स्वस्थ बने रहने और बीमारियों को दूर रखने के उद्देश्य से सीखते हैं तो इसे ताई ची कहा जाता है और जब आप इसका प्रयोग आत्मरक्षा के लिए करते हैं तो यह ताई ची चुऐन कहलाता है.

गुलाबी गाल पाने के घरेलू उपाय

#1 गुलाबी गाल के लिए बादाम
पौष्टिक तत्वों से भरपूर बादाम कैल्शि‍यम, विटामिन, जिंक, मैग्नीशि‍यम और ओमेगा 3 फैटी एसिड का अच्छा स्रोत है। बादाम त्वचा के रोमछिद्रों को खोल देता है और चेहरे पर चमक लाता है। इसके लिए आप पीसे हुए बादाम में पांच-पांच चम्मच पुदीना का रस और शहद मिलाएं। फिर इसमें गुलाब की पंखुड़ी भी पीस लें। रात को सेते समय लगाएं। चेहरे पर ग्लो और गुलाबी चमक आएगी।

हिस्टीरिया : मनोरोग का प्रकोप

हिस्टीरिया : मनोरोग का प्रकोप

सर्वप्रथम एरंड तेल में भुनी हुई छोटी काली हरड़ का चूर्ण ५ ग्राम प्रतिदिन लगातार दे कर उसका उदर शोधन तथा वायु का शमन करें।

सरसों, हींग, बालवच, करजबीज, देवदाख मंजीज, त्रिफला, श्वेत अपराजिता मालकंगुनी, दालचीनी, त्रिकटु, प्रियंगु शिरीष के बीज, हल्दी और दारु हल्दी को बराबर-बराबर ले कर, गाय या बकरी के मूत्र में पीस कर, गोलियां बना कर, छाया में सुखा लें। इसका उपयोग पीने, खाने, या लेप में किया जाता है। इसके सेवन से हिस्टीरिया रोग शांत होता है।

लहसुन को छील कर, चार गुना पानी और चार गुना दूध में मिला कर, धीमी आग पर पकाएं। आधा दूध रह जाने पर छान कर रोगी को थोड़ा-थोड़ा पिलाते रहें।

तुलसी के गुण

  1. तुलसी में गजब की रोगनाशक शक्ति है। विशेषकर सर्दी, खांसी व बुखार में यह अचूक दवा का काम करती है। इसीलिए भारतीय आयुर्वेद के सबसे प्रमुख ग्रंथ चरक संहिता में कहा गया है।
  2. - तुलसी हिचकी, खांसी,जहर का प्रभाव व पसली का दर्द मिटाने वाली है। इससे पित्त की वृद्धि और दूषित वायु खत्म होती है। यह दूर्गंध भी दूर करती है।
  3. - तुलसी कड़वे व तीखे स्वाद वाली दिल के लिए लाभकारी, त्वचा रोगों में फायदेमंद, पाचन शक्ति बढ़ाने वाली और मूत्र से संबंधित बीमारियों को मिटाने वाली है। यह कफ और वात से संबंधित बीमारियों को भी ठीक करती है।

फिट रहना है तो रात में कम, सुबह ज्यादा खाएं

फिट रहना है तो रात में कम, सुबह ज्यादा खाएं

जर्नल ऑफ न्यूट्रीशन में प्रकाशित रिसर्च में दावा किया गया है कि इटक यानी बॉडी मास इंडेक्स को ठीक रखने और शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए रात में कम से कम खाएं लेकिन नाश्ता भरपूर करें। 50 हजार लोगों पर करवाए गए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि सुबह नाश्ते के समय सबसे ज्यादा आहार लेने वाले लोगों का इटक उन लोगों की तुलना में कम होता है जो दिनभर कम खाने के बाद रात को छक कर ढेर सारा खाना खाते हैं। खास बात यह है कि दोनों ही तरह के लोग पूरे दिन बराबर कैलरी लेते हैं। अमेरिका में लोमा लिंडा यूनिवसर्टी स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के अनुसंधानकर्ताओं के मुताबिक सुबह के नाश्ते और रात के भोजन के बीच वक्त

शहद के फायदे एवम उपयोग

शहद के फायदे

वजन कम करे – शक्कर के मुकाबले शहद में ज्यादा कैलोरी होती है, लेकिन ये शक्कर से कही ज्यादा फायदे पहुंचाती है| अगर आप वजन कम करना चाहते है, खासतौर पर पेट कम करना चाहते है, तो 1 गिलास गुनगुने पानी में आधा निम्बू, ½ चम्मच दालचीनी पाउडर व 1 चम्मच शहद मिलाकर पियें| रोजाना सुबह खली पेट पीने से आपको जल्दी फर्क समझ आएगा|

लाख दुखों की एक दवा : नीम

लाख दुखों की एक दवा : नीम

नीम में इतने गुण हैं कि ये कई तरह के रोगों के इलाज में काम आता है। यहाँ तक कि इसको भारत में ‘गांव का दवाखाना’ कहा जाता है। यह अपने औषधीय गुणों की वजह से आयुर्वेदिक मेडिसिन में पिछले चार हजार सालों से भी ज्यादा समय से इस्तेमाल हो रहा है। नीम को संस्कृत में ‘अरिष्ट’ भी कहा जाता है, जिसका मतलब होता है, ‘श्रेष्ठ, पूर्ण और कभी खराब न होने वाला।’

किडनी की बीमारी

किडनी की बीमारी

किडनी संबंधी बीमारियां सामान्य होती जा रही हैं. मधुमेह और हाइपरटेंशन से पीड़ित लोगों व 60 वर्ष से अधिक आयुवालों को किडनी की बीमारी होने का ख़तरा ज़्यादा होता है. ऐसी बीमारी में किडनी काम करना बंद कर देती है, जिसके कारण पानी और मूत्र ख़ून में एकत्रित होने लगता है. 
इससे बचने का तरीक़ा: इस बीमारी से बचने में भोजन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. अधिक मात्रा में फल, सब्ज़ियां, दाल व फलियां ग्रहण करें. मछली व कम चर्बी वाला गोश्त खाएं. नमक और शक्कर का सेवन कम से कम करें. मीठे पेय पदार्थों से परहेज़ करें. प्रतिदिन 2 से 3 लीटर पानी पिएं और व्यायाम करके अतिरिक्त चर्बी घटाएं.

सेहत के लिए केले के छिलकों के फायदे:

सेहत के लिए केले के छिलकों के फायदे:

1.केले का छिलका हमारे मूड को अच्छा रखने में मदद करता है. क्योंकि केले के छिलके में सेरोटोनिन हार्मोन होता है जो हमें अच्छा महसूस कराता है. यूनिवर्सिटी ऑफ ताइवान की एक स्टडी के अनुसार 3 दिन तक रोजाना केले के 2 छिलके खाने से शरीर में सेरोटोनिन हार्मोन की मात्रा 15 फीसदी तक बढ़ जाती है.

2.केले के छिलकों में ट्रिप्टोफेन नाम का एक केमिकल होता है जो एक अच्छी और सुकुन की नींद लेने में मदद करता है.

पेट के सभी प्रकार के रोग

पेट के सभी प्रकार के रोग

पिसी हुई सोंठ एक ग्राम, जरा-सा हींग और सेंधानमक को पीसकर चूर्ण बनाकर गर्म पानी के साथ फंकी के रूप में सेवन करने से पेट के दर्द में लाभ होता है।
एक चम्मच सोंठ का बारीक चूर्ण और सेंधानमक को एक गिलास पानी में गर्म करके पीने से पेट की पीड़ा में लाभ होता है।
अदरक के काटे हुऐ टुकड़ों को देशी घी में सेंककर स्वादानुसार नमक डालकर रोजाना दिन में 2 बार सुबह और शाम से पेट के दर्द में आराम होता है। 

लौकी के फायदे के

लौकी के फायदे के

लौकी इंसान की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद सब्जी है। यह वजन और  आलस को दूर करने का काम करती है। इसके अलावा भी इसमें कई एैसे गुण होते हैं जो इंसान को कई गंभीर रोगों से बचाते है। कुछ लोग लौकी खाने से परहेज करते हैं क्योंकि वे इसके वास्तविक फायदों के बारे में नहीं जानते हैं। लंबी तथा गोल दोनों प्रकार की लौकी वीर्यवर्ध्दक, पित्त तथा कफनाशक और धातु को पुष्ट करने वाली होती है। अगर आए कोई मेहमान आपके घर में, तो आप इसकी सब्जी बनाना न भूलें, बड़ा सरल नाम है ,लौकी। अंग्रेजी में बाटल गार्ड के नाम से प्रचलित इसके बारे में कहा जाता है, कि मनुष्य द्वारा सबसे पहले उगाई गयी सब्जी लौकी ही थी। इसे उबाल कर कम मस

करेला के गुण

करेला के गुण

एक असाध्य बीमारी है मधुमेह ‘डायबिटीज’ । करेला मधुमेह के रोगियों के लिए ‘अमृत’ तुल्य है। 100 मिली. के रस में इतना ही पानी मिलाकर दिन में तीन बार लेने से लाभ होता है और प्रात: चार किलोमीटर टहलना चाहिए तथा मिठाई खाने से परहेज रखना चाहिए। करेला मधुमेह के अलावा अन्य शारीरिक तकलीफों में भी लाभदायक है। जैसे-
कब्ज : नित्य करेला सेवन करने से कब्ज दूर होता है। यह एक अनुपम सब्जी है और इसमें ज्यादा तेल-मसाले नहीं डालने चाहिए।

पीलिया : ताजा करेले का रस सुबह-शाम पीने से लाभ होता है।
दमा : दमा के मरीज भी करेले का रस सुबह खाली पेट लेकर राहत पा सकते हैं। सब्जी भी ज्यादा खानी चाहिए।

आयुर्वेद से गोरापन

कुछ दिन पहले हमने पूछा था आपको आयुर्वेद में किस विषय के बारे में जानना चाहेंगे तो बहुत से लोगो ने त्वचा और सुन्दरता के लिए सलाह मांगी थी सही भी है भारत में गोरेपन को खूबसूरती का पैमाना माना जाता है। इसी खूबसूरती को हासिल करने के लिए तरह-तरह के उपाय भी किए जाते हैं। महंगी से महंगी क्रीम, लोशन आदि सबका उपयोग किया जाता है। लेकिन यह भी सच है कि रंगत केवल एक ही रात में नही बदली जा सकती इसमें समय लगता है। अगर आप भी अपनी रंगत को गोरा करना चाहते है तो घर में उपलब्‍ध चीजों की सहायता से ऐसा किया जा सकता है।

नाक के रोग:

नाक के रोग:

नजले या जुकाम के साथ-साथ अगर लगातार छींके भी आ रही हो तो 3 ग्राम अदरक को 6 ग्राम गुड़ के साथ मिलाकर रात को सोने से पहले खाने से छींके बंद हो जाती हैं। इसके ऊपर से पानी नहीं पीना चाहिए।
अदरक के रस को पान के पत्ते के रस के साथ मिलाकर सुबह और शाम पीने से और पान के पत्ते के ऊपर एरंड का तेल लगाकर गर्म करके छाती पर बांधने से सर्दी-खांसी में आराम आता है।

दमा व श्वास का घरेलू उपचार

एक पका केला छिला लेकर चाकू से लम्बाई में चीरा लगाकर उसमें एक छोटा चम्मच दो ग्राम कपड़छान की हुई काली मिर्च भर दें । फिर उसे बगैर छीलेही, केले के वृक्ष के पत्ते में अच्छी तरह लपेट कर डोरे से बांध कर 2-3 घंटे रख दें । बाद में केले के पत्ते सहित उसे आग में इस प्रकार भूने की उपर का पत्ता जले । ठंडा होने पर केले का छिलका निकालकर केला खा लें ।प्रतिदिन सुबह में केले में काली मिर्च का चूर्ण भरें। और शाम को पकावें । 15-20 दिन में खूब लाभ होगा ।

 

दूध पीने के कुछ नियम

दूध जहाँ पौष्टिक मन जाता है वहीं कुछ लोग दूध पीने से परहेज करते है बचपन में माँ बार बार दूध पिलाने का प्रयास करती थी लेकिन हम लोग बच कर भागते थे आज हम अपने बच्चों को दूध पिलाने का प्रयास करतें है 

 

आयुर्वेद के अनुसार दूध पीने के कुछ नियम

कुछ लोगों को दूध पीने के बाद हजम नहीं हो पाता। उन्‍हें पेट फूलने या फिर बार खराब होने की समस्‍या से जूझना पड़ता है। आयुर्वेद के अनुसार दूध पीने के कुछ नियम हैं, जिनका पालन करने से आपको दूध हजम हो जाएगा।

आयुर्वेद में हैं दूध पीने के कुछ नियम

Tags: 

वरदान है तुलसी

तुलसी

ज्यादातर हिंदू परिवारों में तुलसी की पूजा की जाती है. इसे सुख और कल्याण के तौर पर देखा जाता है लेकिन पौराणिक महत्व से अलग तुलसी एक जानी-मानी औषधि भी है, जिसका इस्तेमाल कई बीमारियों में किया जाता है. सर्दी-खांसी से लेकर कई बड़ी और भयंकर बीमारियों में भी एक कारगर औषधि है.

औषधीय गुणों से भरपूर प्याज

प्याज का प्रयोग हर घर में होता है। प्याज का तड़का लगाने से खाना ओर भी अधिक स्वादिष्ट बन जाता है। प्याज सिर्फ खाने के स्वाद को ही नहीं ब्लकि हमारे शरीर को भी कई रोगों से राहत दिलवाता है। प्याज में क्रोमियम पाया जाता है। ये हमारे शरीर को स्वास्थ्य रखने में मदद करता है। इसमें कई औषधीय गुण भी पाए जाते है। यें बालों की समस्या को दूर करने में,सेक्‍स क्षमता को बढ़ाने में भी सहायक है । प्याज चाहें हरा हो,लाल या सफेद तीनों ही कई गुणों से भरपूर है। प्याज खाने के फायदे।

1.प्याज का सेवन करने से बाल गिरने की समस्या से राहत मिलती है।

व्रत कैसे करे

व्रत

व्रत से शरीर के डाइजेशन सिस्टम को आराम मिलता है और मेटाबॉलिक रेट बढ़ जाता है। हालांकि इस दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, वरना इसका उल्टा प्रभाव भी पड़ सकता है  व्रत के दौरान शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहि इसलिएत 6-8 गिलास पानी जरूर पिएं। डाइट में ऐसे फल शामिल करें, जिसमें पानी की मात्रा अधिक हो। अंगूर, लीची, संतरा, मौसमी ऐसे ही फल हैं। पेट खाली रहने से एसिडिटी बढ़ सकती है। अपने खाने में हाई कार्बोहाइड्रेट डाइट जैसे आलू, साबूदाना आदि को शामिल करें। ड्राई फ्रूट्स लें, इससे जरूरी एनर्जी मिलेगी और कमजोरी नहीं महसूस होगी।

लौंग के फायदे

लौंग

लौंग 
चाहे भोजन का जायका बढ़ाना हो या फिर दर्द से
छुटकारा, छोटी सी लौंग को न सिर्फ अलग-अलग
तरीकों से इस्तेमाल किया जा सकता है बल्कि इसके
फायदे भी अनेक हैं। साधारण से सर्दी-जुकाम से लेकर
कैंसर जैसे गंभीर रोग के उपचार में लौंग का इस्तेमाल
किया जाता है। इसके गुण कुछ ऐसे हैं कि न सिर्फ
आयुर्वेद बल्कि होम्योपैथ व एलोपैथ जैसी
चिकित्सा विधाओं में भी बहुत अधिक महत्व आंका
जाता है।
भोजन में फायदेमंद
मसाले के रूप में लौंग का इस्तेमाल शरीर के लिए बहुत
फायदेमंद है। इसमें प्रोटीम, आयरन, कार्बोहाइड्रेट्स,

नारियल दाग हटाए

नारियल दाग हटाए

रुखी त्वचा के लिए नारियल तेल को रामबाण माना गया है। नारियल का तेल हल्का होता है और इसकी तासीर ठंडी मानी जाती है, इसलिए ये गर्मियों के लिए भी उपयुक्त है। नारियल के तेल से चेहरे के दाग-धब्बे धीरे-धीरे हल्के हो जाते हैं। ये झुर्रियों से बचाता है और एक बेहतरीन मॉइश्चराइजर है। चेहरे और त्वचा पर अरंडी या जैतून का तेल भी काफी असरकारक है। ये त्वचा में कसाव बनाए रखता है साथ ही रंगत भी निखारता है।

सेहत के दोहे

सेहत के दोहे

पानी में गुड डालिए, बीत जाए जब रात!
सुबह छानकर पीजिए, अच्छे हों हालात!!
धनिया की पत्ती मसल, बूंद नैन में डार!
दुखती अँखियां ठीक हों, पल लागे दो-चार!!
ऊर्जा मिलती है बहुत, पिएं गुनगुना नीर!
कब्ज खतम हो पेट की, मिट जाए हर पीर!!
प्रातः काल पानी पिएं, घूंट-घूंट कर आप!
बस दो-तीन गिलास है, हर औषधि का बाप!!
ठंडा पानी पियो मत, करता क्रूर प्रहार!
करे हाजमे का सदा, ये तो बंटाढार!!
भोजन करें धरती पर, अल्थी पल्थी मार!
चबा-चबा कर खाइए, वैद्य न झांकें द्वार!!
प्रातः काल फल रस लो, दुपहर लस्सी-छांस!

दूर करे तनाव

यदि आप बात-बात पर तनावग्रस्त हो जाती हैं तो इसका मतलब है कि आप हाईटेंशन लाइन के करीब पहुंच रही हैं। कैसे दूर हों इस लाइन से आइए जानें…

अक्सर बहुत सी महिलाएं कहती मिल जायेंगी कि मैं आजकल बहुत तनाव में हूं। अगर आप स्वस्थ और प्रसन्न रहना चाहती हैं तो हमेशा तनावमुक्त रहने की कोशिश करें। तनाव दूर करने के लिए आपको छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना होगा।

1. सुबह नाश्ता जरूर करें

दूध के उपयोग से वापस पाएं बालों की खूबसूरती

● हम सभी जानते हैं दूध, मलाई और दही हमारी त्‍वचा के लिये कितने असरदार होते हैं। इसी तरह से जब बालों की देखभाल की बात आती है तो भी दूध कमाल का असर दिखाते हैं।
दूध में कई पोषक तत्‍व होते हैं जो ना केवल पीने पर ही बल्‍कि लगाने पर भी फायदा पहुंचाता है।

● अगर आपके बालों से शाइनिंग चली गई है और बाल बेजान दिखते हैं तो दूध का उपयोग कर के उसे ठीक करें। अगर आप बालों के लिये घुरेलू उपचार करना चाहती हैं तो दूध को उसमें शामिल करना बिल्‍कुल भी ना भूलियेगा।
आइये जानते हैं कि दूध का प्रयोग बालों को स्‍वस्‍थ्‍य और शाइनी रखने में कैसे प्रयोग कर सकते हैं।

पपीते के बीज के फायदे

पपीते के बीज

1 लीवर को साफ करने में मदद करता है पपीते का बीज
लीवर हमारे शरीर में सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है क्योंकि इसका कार्य कई रोगों को रोकने के लिए विषाक्त पदार्थों को फ़िल्टर करना है। अगर आपका लीवर खराब हो गया, तो आपको कई तरह के बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। पपीपे के बीज आपके लिए एक बेहतर सहयोगी हो सकते हैं, खासकर लीवर सिरोसिस की समस्या में इसे सही माना जाता है।

पायरिया के आयुर्वेदिक उपचार:

पायरिया के आयुर्वेदिक उपचार:

1. नीम के पत्ते साफ कर के छाया में सुखा लें। अच्छी तरह सूख जाएँ तब एक बर्तन में रखकर जला दें और बर्तन को तुरंत ढँक दें। पत्ते जलकर काले हो जाएँगे और इसकी राख काली होगी। इसे पीसकर कपड़छान कर लें। जितनी राख हो, उतनी मात्रा में सेंधा नमक पीसकर शीशी में भर लें। इस चूर्ण से तीन-चार बार मंजन कर कुल्ले कर लें। भोजन के बाद दाँतों की ठीक से सफाई कर लें। यह नुस्खा अत्यंत गुणकारी है।

लहसुन के ये अद्भुत व गज़ब फायदे

लहसुन के ये अद्भुत व गज़ब फायदे

आमतौर पर लहसुन का इस्तेमाल खाने के स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाता है लेकिन कम लोगों को ही पता होता है कि लहसुन के कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं.
लहसुन में एलिसिन नामक मुख्य कंपाउंड होता है, जोकि एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल, एंटीफंगल और एंटीऑक्सीडेंड गुणों से भरपूर होता है. साथ ही इसमें विटामिन और पोषक तत्व भी भरपूर मात्रा में होते हैं. विटामिन B1, B6, C होने के साथ ही इसमें मैगनीज, कैल्शियम, कॉपर, सेलेनियम और दूसरे प्रमुख लवण होते हैं.

अब ऑनलाइन अंगदान करना हुआ आसान

अंगदान और अंग प्रत्यारोपण कार्यक्रम को व्यवस्थित करने के लिए सफदरजंग अस्पताल में बनाए जा रहे राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (नोटो) की वेबसाइट की अधिकारिक रूप से शुरुआत कर दी गई। लोग नोटो की वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन अंगदान के लिए पंजीकरण करा सकते हैं। इसके जरिए अंगदान करना आसान हो जाएगा। अंगदान को बढ़ावा देने के लिए सफदरजंग अस्पताल में राष्ट्रीय अंगदान दिवस मनाया गया। सम्मेलन में छत्तीसगढ़, हरियाणा, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, असम, महाराष्ट्र, कर्नाटक सहित कई राज्यों के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने पहुंचकर अंगदान और अंग प्रत्यारोपण पर चर्चा की। इसका मकसद देशभर के अस्पतालों के

ऊंची एड़ी के पहनावे के दुष्प्रभाव

आपने बहुत सारे लोगों को जोड़ों के दर्द और हड्डियों की समस्याओं के कारण परेशान होते हुये देखा होगा। धीरे-धीरे यह समस्या बहुत बुरी स्थिति में आ जाती है। साठ के दशक से ही ऊंची एड़ी के पहनावे प्रचलन में थे। ऊंची एड़ी के पहनावे उन लोगों के लिये अच्छे है जिनकी ऊंचाई कम होती है और अच्छी ऊंचाई वाली महिलाओं के सामने शर्मिंदा होती है।

पायरिया के लक्षण और कारण

पायरिया के लक्षण और कारण

नियमित आहार और दाँतों की रक्षा में रुक्षांस की कमी या पूर्ण रूप से अभाव, दाँतों में खान पान के कण अटकना और दाँतों का सड़ना, दाँतों पर अत्यधिक मैल जमना, मुँह से दुर्गन्ध का निकलना और मुँह में अरुचिकर स्वाद का निर्माण होना, जीवाणुओं का पसरण, मसूड़ों में जलन का एहसास होना और छालों का निर्माण होना, जरा सा छूने पर भी मसूड़ों से रक्तस्राव होना इत्यादि पायरिया के लक्षण होते हैं।असल में मुंह में 700 किस्म के बैक्टीरिया होते हैं। इनकी संख्या करोड़ों में होती है। अगर समय पर मुंह, दांत और जीभ की साफ-सफाई नहीं की जाए तो ये बैक्टीरिया दांतों और मसूड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं। पायरिया होने पर दांतों को स

अदरक के फायदे -

अदरक का प्रयोग भारतीय परिवारों में आम है पर क्या आप जानते है कि अदरक मानव जाति के स्वास्थ्य के लिए एक अनमोल वरदान है ?

 

पारम्परिक रूप से अदरक का सेवन शरीर के द्रव्य का बहाव सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए भी किया जाता है | अदरक पुरे शरीर में रक्त प्रवाह बढ़ा देता है | इसके सेवन से ह्रदय की मांसपेशियां ज्यादा शक्ति से संकुचित होती है , रक्त वाहिनियाँ फ़ैल जाती है, जिससे उतकों और कोशिकाओं का रक्त प्रवाह बढ़ जाता है और मांसपेशियों का अकड़न, दर्द, तनाव आदि से आराम मिलता है |

 

क्या रात में दही खाना सही है?

क्या रात में दही खाना सही है?

गर्मियों में ठंडा खाने की सलाह दी जाती है. विशेषज्ञों की मानें तो इस दौरान बहुत अधिक तेल-मसाले के सेवन से बचना चाहिए. उन्हीं चीजों को खाना चाहिए जिनकी तासीर ठंडी हो. इससे अंदरुनी ठंडक बनी रहती है और इस लिहाज से दही काफी फायदेमंद है.

किशमिश खाने के सेहत भरे जादू

किशमिश खाने के सेहत भरे जादू

किशमिश सूखे अंगूरों को कहा जाता है। पारम्परिक रूप से बड़े अकार के अंगूरों की किशमिश को हिन्दी में मुनक़्क़ा कहा जाता है।

कलयुग में संजीवनी है कलौंजी (मंगरैला)

कलौंजी एक फायदे अनेक :
कलौंजी का पौधा सौंफ के पौधे से थोड़ा छोटा होता है। इसके फूल हल्के नीले व पीले रंग के होते हैं और इसके आकार तारे के समान होते हैं। लगभग घरों में होते हुए भी आप इसके गुणों से अब तक अनजान है ..! पूरी तरह संतृप्त किए गए बीज में जिंदगी की अत्यधिक ताकत होती है। ब्लैक सीड यानी कलौंजी के सेवन से आपका भविष्य रोग मुक्त बनता है। कलौंजी को रोमन कोरिएंडर, ब्लैक सीसेम, ब्लैक क्यूमिन, ब्लैक कैरावे तथा अनियन सीड के नाम से भी जाना जाता है। इसका इस्तेमाल औषधि, मसाले तथा सौंदर्य प्रसाधनों के तौर पर किया जाता है।

कैसे करें इसका सेवन :

जीरा उतारता है बिच्छू का ज़हर

जीरा उतारता है बिच्छू का ज़हर

भोजन में अरुचि, पेट फूलना, अपच आदि को दूर करने में जीरा विश्वसनीय औषधि है. जीरा पाचक और सुगंधित मसाला है. आइये जानते है जीरे से होने  वाले  स्वास्थ्य लाभो के बारे में  –

1-भुने हुए जीरे को लगातार सूँघने से जुकाम की छीकें आना बंद हो जाती है. 

2-प्रसूति के पश्चात जीरे के सेवन से गर्भाशय की सफाई हो जाती है. 

 3-जीरे को उबाल कर उस पानी से स्नान करने से खुजली मिटती है. 

 4-बवासीर में मिश्री के साथ सेवन करने से शांति मिलती है. 

 5-जीरे व नमक को पीसकर घी व शहद में मिलाकर थोड़ा गर्म करके बिच्छू के डंक पर लगाने से विष उतर जाता है.

कलौंजी का तेल – दूर रखें कैंसर डायबिटीज

कलौंजी का तेल

बता दें आपको कि इस अनमोल चमत्कारिक दवा का नाम ब्लैक सीड ऑइल है, जिसे हम कलौंजी का तेल भी कहते हैं। यह तोल बाजार में काफी आसानी से उपलब्ध होता है, यही नहीं यह दवा बेहद प्रभावी और उपयोगी भी साबित हो सकती है। कलौंजी तेल में मौजूद दो बेहद प्रभावकारी तत्व थाइमोक्विनोन और थाइमोहाइड्रोक्विनोन इसके विशेष हीलींग प्रभाव के लिए भी जिम्मेदार माने जाते हैं। यह दोनों तत्व मिलकर इन सभी बीमारियों से लड़ने और शरीर को हील करने में मदद करते हैं।

भूख लगने पर ही खाएं खाना वरना

भूख लगने पर ही खाएं खाना वरना

भूखे न होने पर भी कुछ न कुछ खाने की आदत आपकी सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकती है. शिकागो की इलिनोइस यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता डेविड गाल के अनुसार, बार-बार खाना फायदेमंद होता है लेकिन तब जब वाकई भूख लगी हो. भूख न होने पर भी खाना सेहत के लिए अच्छा नहीं है.

वैज्ञानिकों ने इस शोध के लिए स्नातक के 45 छात्रों को शामिल किया. इन छात्रों से सबसे पहले इनके भूख के स्तर की जानकारी ली गई. इसके बाद इन्हें कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन दिया गया.

पुरुषों को दिखना है आकर्षक, तो अपनाएं ये उपाय

पुरुषों को दिखना है आकर्षक, तो अपनाएं ये उपाय

स्मार्ट और आकर्षक दिखना हर पुरुष की चाहत होती है, इसलिए महिलाओं की तरह बालों, स्किन और पैरों का ख्याल रखना पुरुषों के लिए भी जरूरी है. इसके साथ ही चेहरे पर मॉइस्चराइजर लगाना भी जरूरी है, ताकि उनकी स्किन रूखी और बेजान न लगे. ब्यूटी एक्सपर्ट्स की मानें तो, हर प्रकार की स्किन को देखभाल की जरूरत होती है. यह आपको आपकी वास्तविक उम्र से 20 साल तक कम उम्र का और जवां दिखा सकता है. इसके लिए अच्छे सैलून के ब्यूटी एक्सपर्ट ही आपको आपकी स्किन के अनुकूल अच्छे उत्पादों के बारे में बता सकते हैं.

वेरीकोज नसों का कारण क्या हैं?

वेरीकोज नसों का कारण क्या हैं?

घरेलू उपचार स्पाइडर नस या वेरिकोस वेंस के इलाज के लिए...
वेरीकोज वेन्स/मकड़ी नस वे नसें होती हैं जो त्वचा की ऊपरी सतह से उभरी हुयी दिखाई देती हैं। 
अधिक दबाव पड़ने के कारण नसों के वाल्व (द्वार) खराब हो जाते हैं जिसकी वजह से ऐसा होता है।
सूजीं, मुड़ीं हुईं और उभरी हुयी ये नसें लाल या नीले रंग की होती हैं जो मुख्य रूप से जाँघों या पिंडलियों में दिखाई देती हैं।

जिन लोगों ने प्लांट बेस्ड डाइट को अपनाया

जिन लोगों ने प्लांट बेस्ड डाइट को अपनाया

एक नई स्टडी में यह बात सामने आई है कि जो लोग अपनी डाइट में ज्यादा फल और हरी सब्जियों का सेवन करते हैं उनमें हार्ट अटैक का खतरा 42 फीसदी तक कम हो जाता है.

एक दूसरी स्टडी के अनुसार, हफ्ते में कम से कम एक बार कॉफी पीने से हार्ट अटैक का खतरा 7 फीसदी तक कम होता है, साथ ही इससे स्ट्रोक का खतरा भी 8 फीसदी तक कम हो जाता है.

ये दोनों स्टडी कैलिफोर्निया की 'अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन साइंटिफिक सेशन' की मीटिंग में प्रकाशित की गई हैं.

केले वाली चाय पीने का ये फायदा

अगर आपको भी अच्छी नींद नहीं आती है और सोने के दौरान आप बीच-बीच में उठ बैठते हैं तो केले वाली चाय पीना आपके लिए बहुत फायदेमंद है.

आमतौर पर लोग अच्छी नींद के लिए नींद की गोली ले लेते हैं लेकिन आप चाहें तो नींद की गोली की जगह केले वाली चाय ले सकते हैं. वैसे भी नींद की गोली लेने से अक्सर भारीपन, कब्ज और पेट दर्द की शिकायत हो जाती है.

केले में पोटैशियम की भरपूर मात्रा पायी जाती है. इसके साथ ही ये मैग्नीशियम का भी खजाना है. ये दोनों ही तत्व नर्वस सिस्टम को रीलैक्स करने का काम करते हैं और तनाव को कम करते हैं.

अमरुद में है स्वाद भी और सेहत भी

अमरुद में है स्वाद भी और सेहत भी

अमरूद में मौजूद विटामिन और खनिज शरीर को कई तरह की बीमारियों से बचाने में मददगार होते हैं. साथ ही ये इम्यूंन सिस्टरम को भी मजबूत बनाता है.

1- अमरूद में मौजूद लाइकोपीन नामक फाइटो न्यूयट्रिेएंट्स शरीर को कैंसर और ट्यूमर के खतरे से बचाने में सहायक होते हैं.

2- फल के साथ ही अमरूद की पत्तियों का सेवन मुंह के छालों को दूर करने में कारगर होता है. 

3- अमरूद हाई एनर्जी फ्रूट है जिसमें भरपूर मात्रा में विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं. ये तत्व हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होते हैं.

पीपल के पेड़ और पत्तों के फायदे

पीपल

1 अस्थमा में बहुत ही फायदेमंद
अस्थमा फेफड़ों से संबंधित बीमारी है जिससे ज्यादातर बूढ़े और बच्चे प्रभावित होते हैं। अस्थमा या सांस की बीमारी में पीपल के पेड़ की छाल बहुत ही गुणकारी है। इसके लिए छाल का अंदरूनी हिस्सा निकालर उसका चूर्ण बना लें। इसे खाने से सांस संबंधित समस्याएं दूर हो सकती है।

#2 पीलिया रोग में दे लाभ
पीलिया में आपकी त्वचा और आपकी आंखें पीले हो जाते हैं। यह रोग कुछ दिनों के लिए रहता है। यदि आप इससे छुटकारा पाना चाहते हैं तो नियमित रूप से पीपल के पत्तों का शरबत बनाकर और मिश्री मिलाकर पीने से लाभ मिलता है।

7 लाभ, जो एलोवेरा को बनाते है घर आँगन का फायदेमंद पौधा

7 लाभ, जो एलोवेरा को बनाते है घर आँगन का फायदेमंद पौधा

एलोवेरा कोई साधारण पौधा नहीं है. इसमें समाया हुआ है प्राकृतिक तत्वों का रहस्य जिससे आप अभी तक अनजान थे. एलोवेरा में ही छिपा हुआ है कई बीमारियों का इलाज. आप भी एलोवेरा का पेड़ अपने घर आंगन में लगा सकते हो और इसके फायदे उठा सकते हो. आइये अब इसके फायदों को जानते है.

- एलोवेरा में 18 धातु, 15 एमिनो एसिड और 12 विटामिन मौजूद होते हैं जो खून की कमी को दूर कर रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढाते हैं.

- एलोवेरा के कांटेदार पत्तियों को छीलकर रस निकाला जाता है. 3 से 4 चम्मच रस सुबह खाली पेट लेने से दिन-भर शरीर में चुस्ती व स्फूर्ति बनी रहती है.

सर्दियों में आंखों में होती है ड्राइ आइज की दिक्कत

सर्दियों में आंखों में होती है ड्राइ आइज की दिक्कत

ड्राइ आइज आांखों की एक समस्या है, जो समय के साथ अधिक से अधिक लोगों को अपनी गिरफ्त में लेती जा रही है। यह समस्या वैसे तो सामान्य है, लेकिन इसे नजरअंदाज करने पर यह आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है। इस बारे में हमें कुछ जानकारी हो, तो हम इससे अपनी आंखों को बचा सकते हैं। इस बारे में कुछ खास जानकारी :- क्या है ड्राइ आइज : सामान्य शब्दों में अगर हम कहें, तो इसमें आंखों में प्रयाप्त मात्रा में नमी की कमी हो जाती है, जो आंखों के लिए हानिकारक है।

लक्षण : आंखों में खुजली, जलन, संवेदनशीलता, लाली, आंखों की नमी का अचानक कम हो जाना आदि इसके कुछ सामान्य लक्षण हैं।

ठण्डा मतलब टॉयलेट क्लीनर, नारियल मतलब रोग क्लीनर

नारियल

नारियल पानी पीने से शरीर को ऊर्जा मिलती है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बूस्ट होती है और साथ ही ये कई तरह की बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करने का भी काम करता है. अगर आप अपनी बढ़े हुए वजन से परेशान हैं तो भी नारियल पानी पीना आपके लिए फायदेमंद रहेगा.नारियल पानी में मौजूद मिनरल, पोटेशियम और मैग्नीशियम गुर्दे में होने वाली पथरी के खतरे को कम करते हैंताजे नारियल पानी में कम मात्रा में विटामिन सी (ऐस्कोरबिक एसिड) होती है। इस में 4% या 2.5 मिलीग्राम आर डी ए होता है। विटामिन सी पानी में घुल जाने वाला एटीआॉक्सीडेंट है।

आँखों में जलन दूर करने के उपाय

प्रदूषित वातावरण, धूल-मिट्टी, पूरे दिन टीवी, मोबाइल और कंप्यूटर के सामने बैठे रहना ये कुछ ऐसी चीजें हैं जो हमारी आंखों को नुकसान पहुंचाती हैं। जिसके कारण आंखों में दर्द, जलन और चुभन जैसी समस्या से हम ग्रसित हो जाते हैं। आइए जानते हैं आँखों में जलन के उपाय यानि आंखों में जलन से कैसे छुटकारा पाएं।

अंकुरित दानों का सेवन कब

अंकुरित दानों का सेवन केवल सुबह नाश्ते के समय ही करना चाहिये। 
अंकुरित आहार शरीर को नवजीवन देने वाला अमृतमय आहार कहा गया है।
अंकुरित भोजन क्लोरोफिल, विटामिन (`ए´, `बी´, `सी´, `डी´ और `के´) कैल्शियम, फास्फोरस, पोटैशियम, मैगनीशियम, आयरन, जैसे खनिजों का अच्छा स्रोत होता है।
अंकुरीकरण की प्रक्रिया में अनाज/दालों में पाए जाने वाले कार्बोहाइट्रेड व प्रोटीन और अधिक सुपाच्य हो जाते हैं।

जामुन के गुण

जामुन के गुण

1)  जामुन की गुठली चिकित्सा की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी मानी गई है। इसकी गुठली के अंदर की गिरी में 'जंबोलीन' नामक ग्लूकोसाइट पाया जाता है। यह स्टार्च को शर्करा में परिवर्तित होने से रोकता है। इसी से मधुमेह के नियंत्रण में सहायता मिलती है। 

२)जामुन के कच्चे फलों का सिरका बनाकर पीने से पेट के रोग ठीक होते हैं। अगर भूख कम लगती हो और कब्ज की शिकायत रहती हो तो इस सिरके को ताजे पानी के साथ बराबर मात्रा में मिलाकर सुबह और रात्रि, सोते वक्त एक हफ्ते तक नियमित रूप से सेवन करने से कब्ज दूर होती है और भूख बढ़ती है।

फल खाना भी हो सकता है खतरनाक

जब भी हम अच्छी सेहत की बात करते हैं या फिर किसी को अच्छी सेहत की सलाह देते हैं तो उसे फल खाने के लिए जरूर कहते हैं. इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए, सर्दी-जुकाम से छुटारा पाने के लिए, इंफेक्शन के खतरे को कम करने के लिए विटामिन सी से युक्त खट्टे फलों को खाने की सलाह दी जाती है. यूं तो खट्टे फल खाना सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद और जरूरी है लेकिन कई बार इन्हें खाना खतरनाक हो सकता है. क्या आप जानते हैं कब और किन परिस्थितियों में ये फल नहीं खाने चाहिए?

अपनी याद्दाश्त को बनाएं तेज़

अपनी याद्दाश्त को बनाएं तेज़

बादाम, अखरोट, ब्लूबेरीज़ और पालक व डिल जैसी हरी पत्तियोंवाली सब्ज़ियां-कोई भी वह पदार्थ, जो ओमेगा-३ फ़ैटी ऐसिड्स से भरपूर है, आपकी याद्दाश्त के लिए अच्छा है,’’ कहना है मुंबई की न्यूट्रिशनिस्ट डॉ शारदा अग्रवाल का. ‘‘इन चीज़ों को अपने भोजन में ज़रूर शामिल करें.’’ द न्यू इंग्लैंड जनरल ऑफ़ मेडिसिन के अनुसार, ऐसी महिलाएं जो रोज़ाना सीमित मात्रा में (एक) अल्कोहल ड्रिंक लेती हैं, उनकी भूलने की क्षमता ड्रिंक्स न लेनेवाली और ज़रूरत से ज़्यादा ड्रिंक्स लेनेवाली महिलाओं की तुलना में 20 प्रतिशत तक कम होती है. 

कोलेस्ट्रोल के नाम पर महाधोखा

कोलेस्ट्रोल के नाम पर महाधोखा

चालीस साल से कोलेस्ट्रोल के नाम पर दुनिया को धोखा दिया जा रहा था। 
अमेरिकी डाक्टरों, वैज्ञानिकों और ड्रग कंपनियों के गठजोड़ ने 1970 से अब तक कोलेस्ट्रोल कम करने की दवाएं बेच-बेच कर 1.5 खरब डालर डकार लिए। 
बेहिचक इसे कोलेस्ट्रोल महाघोटाला कहा जाए तो कोई हर्ज नहीं। पेथलेबों में इसकी जांच का धंधा भी खूब चमका। डाक्टरों और ड्रगिस्ट की भी चांदी हुई। पता नहीं अनेक लोगों ने कोलेस्ट्रोल फोबिया के कारण ही दम तोड़ दिया होगा। कोलेस्ट्रोल घटाने वाली दवाओं के दुष्प्रभाव से ना मालूम कितने लोगों के शरीर में नई-नई विकृतियों ने जन्म लिया होगा। 

एसिडिटी को क्या आप जानते हैं

एसिडिटी की दवा से हो सकती हैं आपकी किडनी खराब। जब हम खाना खाते हैं तो इस को पचाने के लिए शरीर में एसिड बनता हैं। जिस की मदद से ये भोजन आसानी से पच जाता हैं। ये ज़रूरी भी हैं। मगर कभी कभी ये एसिड इतना ज़्यादा मात्रा में बनाता  हैं के इसकी वजह से
सर दर्द, सीने में जलन और पेट में अलसर और अलसर के बाद कैंसर तक होने की सम्भावना हो जाती हैं।
ऐसे में हम नियमित ही घर में इनो या पीपीआई (प्रोटॉन पंप इनहिबिटर्स) दवा का सेवन करते रहते हैं। मगर आपको जान कर आश्चर्य होगा के ये दवाये सेहत के लिए बहुत खतरनाक हैं। पीपीआई ब्लड में मैग्नीशियम की कमी कर देता है। अगर खून पर असर पड़ रहा है तो

एलोविरा प्रकृति का वरदान

एलोविरा प्रकृति का वरदान

एलोविरा त्वचा और बालों को खूबसूरत बनाता है वहीं इसका जूस पीने से भी कई फायदे होते हैं।  एलोविरा सनबर्न से राहत दिलाता है, दाग-धब्बे दूर करता है साथ ही बहुत अच्छा मॉइश्चराइजर है। त्वचा के अलावा एलोविरा बालों केलिए बेहतरीन कंडीशनर भी है। चेहरे पर एलोविरा लगाकर सो जाएं और सुबह ठंडे पानी से चेहरा धो लें। ऐसा नियमित करने से चेहरे के दाग-धब्बे दूर होते हैं साथ ही चेहरे पर झुर्रियां नहीं पड़तीं।

चूहे भगाने के लिए जरुर अपनाएं ये उपाय

चूहे भगाने के

सभी के घरों में चूहों का होना लाजमी है अगर घर में चूहें हैं तो नुकसान का होना भी लाजमी है चूहे आपके घर के हर एक सामान को कुतर कर कबाड़ा बनाते देते हैं चूहे किसी भी चीज़ को कतरने से नही छोड़ते हैं चाहे वो सोफे हो या कपडे हो, चूहे किसी भी चीज़ को नही बक्शते हैं अगर रसोई में खाने की चीज़ को कुतर जाएँ उसे अनजाने में खा लें तो ये हमारे शरीर के लिए खतरनाक हो सकता है आइए हम आपको बताते है चूहों को घर से बाहर भगाने के अचूक उपाय!

तुलसी का काढ़ा फायदा ही फायदा

तुलसी का काढ़ा पीने से निकलती है किडनी की पथरी बाहर, ये हैं 10 फायदे

भारत के हर हिस्से में तुलसी का पौधा पाया जाता है। इसका पौधा केवल डेढ़ या दो फुट तक बढ़ता है। तुलसी को हिन्दू संस्कृति में अतिपूजनीय पौधा माना गया है। माता तुल्य तुलसी को आंगन में लगा देने मात्र से अनेक रोग घर में प्रवेश नहीं करते हैं। यह हवा को भी शुद्ध बनाने का कार्य करती है। तुलसी का वानस्पतिक नाम ओसीमम सैन्कटम है। आदिवासी भी तुलसी को अनेक हर्बल नुस्खों में अपनाते हैं। आज हम तुलसी से जुडे आदिवासियों के ऐसे 10 हर्बल नुस्खों के बारे में बता रहे है जिनके बारे में शायद ही आपने कभी सुना हो।

हैरान कर देंगे कच्चे दूध के गुण

हैरान कर देंगे कच्चे दूध के गुण

दूध पीने में जितना फायदेमंद होता है उतना ही खूबसूरती निखारने में भी। कच्चे दूध का इस्तेमाल क्लींजर के रूप में किया जा सकता है। रुई के फाहे में कच्चा दूध लगाकर इससे मेकअप छुड़ाएं।  रोमछिद्रों से गंदगी हटाने में कच्चा दूध काफी लाभदायक होता है। कच्चे दूधमें मॉश्चराइजिंग के गुण होने के साथ ये त्वचा को ठंडक पहुंचाता है। इसके अलावा बालों को धोने के लिए कंडीशनर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इतना ही नहीं नहाने के पानी में दूध मिलाने से आपकी त्वचा को काफी फायदे पहुंचाता है।

पुदीना खाने के औसधीय फायदे

पुदीना खाने

तनाव को करें दूर

पुदीने से आने वाली तेज खुशबू और इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स हमें तनाव से छुटकारा दिलवाने में मदद करते हैं ।

पेट की बीमारियां होंगी दूर

पुदीने की पत्तियों का ताजा रस नींबू और शहद के साथ समान मात्रा में लेने से पेट की सभी बीमारियों में आराम मिलता है।

मुंह की बदबू होगी दूर

दो औषधियों के जरिये पा सकते है सफेद दांत

दो औषधियों के जरिये पा सकते है सफेद दांत

बेहद व्यस्त दिनचर्या के चलते हम अपने शरीर के महत्वपूर्ण अंगों की सही से देखभाल नहीं कर पाते जिनमें दांत एक है | हम सब पीले दांतों से परेशान है और सफेद दांतों के बारे में भूलते जा रहे है | आज के दिनों में सफेद दांत होना अति आवश्क है |अगर आपके पास सफेद दांत है तो आप खुल के हस पायेगे, किसी के नजदीक जा पायेगे | अगर आपके दांत पीले और गंदे हैं तो आप अपनी इज्जत की खातिर हसना भूल जायेगे,, शर्म के मारे किसी के नजदीक नहीं जा पायेगें |

खुबसूरत बाल हर कोई चाहता है

खुबसूरत बाल हर कोई चाहता है

बालों को झड़ने से रोकने के लिए बालों पर प्याज़ के प्रयोग का सबसे बेहतरीन तरीका प्याज का रस के रूप में प्रयोग करना है। प्याज के रस के फायदे, 3-5 प्याज छीलें और उन्हें अच्छे से पीस लें। इस पेस्ट को अपने हाथों से निचोड़कर इसका रस निकाल लें। अब इस रस को अपने सिर पर तथा बालों पर लगाएं। अब इस रस को सिर पर आधे घंटे तक रहने दें एवं एक हलके शैम्पू का प्रयोग करके इसे धो दें। हफ्ते में 3 बार इस पद्दति का इस्तेमाल करने से मनचाहे परिणामों की प्राप्ति होगी। तुरंत अच्छे परिणाम पाने की आशा ना करें क्योंकि प्राकृतिक उपचारों में काफी समय लगता है।

जम कर नींद ले और मधुमेह से बचें

मधुमेह की शुरुआत जिन लोगो में हो रही है यदि वे पर्याप्त नींद लेना शुरू कर दे तो उनमे मधुमेह होने का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है एक नये अध्ययन में दावा किया गया है कि अगर आप भरपूर नींद लेते हैं तो आप में टाइप ..2 मधुमेह होने का जोखिम काफी कम हो जाता है।लास ऐंजिलिस बायोमेडिकल रिसर्च इस्टीट्यूट के अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि सप्ताहांत में तीन रात की अच्छी नींद काफी हद तक इंसुलिन की सक्रियता बढा देती जिसके न बनने अथवा शरीर पर उसकी प्रतिक्रिया नहीं होने से यह बीमारी होती ।

इडली को क्‍यूं माना जाता है वर्ल्‍ड का बेस्‍ट ब्रेकफास्‍ट

इडली को क्‍यूं माना जाता है वर्ल्‍ड का बेस्‍ट ब्रेकफास्‍ट

साउथ इंडिया का सबसे पॉपुलर ब्रेकफास्‍ट अगर किसी को माना जाता है तो वह है इडली। इडली, सांभर और नारियल की चटनी ना केवल खाने में ही टेस्‍टी होते हैं बल्‍कि नाश्ते के लिए संतुलित पोषण से भी भरी हुई है।

क्‍या आप जानते हैं कि इडली को विश्‍व का बेस्‍ट ब्रेकफास्‍ट माना गया है क्‍योंकि इसमें ढेर सारा प्रोटीन, विटामिन और मिनरल होता है। इडली को उड़द की दाल और उसने चावल से तैयार किया जाता है जो कि अन्‍य चावल के मुकाबले ज्‍यादा अच्‍छा होता है। इसी के साथ उड़द दाल में भी उच्‍च मात्रा में फाइबर, 26% प्रोटीन, विटामिन B1/B2/B6 और कुछ मात्रा में मिनरल्‍स होते हैं।

गर्भावस्था में लें सही आहार

गर्भावस्था में लें सही आहार

हर महिला कि यह इच्छा होती है कि वह एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दे। इस इच्छा को पूर्ण करने के लिए गर्भावस्था मे पौष्टिक आहार का सेवन पर्याप्त मात्रा मे करना बेहद जरुरी है। गर्भस्थ शिशु का विकास माता के आहार पर निर्भर होता है। गर्भवती महिला को ऐसा आहार करना चाहिए जो उसके गर्भस्थ शिशु के पोषण कि आवश्यक्ताओ को पुरा कर सके।
 

नीलगिरी तेल के फायदे बेशुमार

नीलगिरी तेल के फायदे बेशुमार

ऐसे कई एसेंशियल ऑयल हैं, जो हमारी त्वचा एवं बालों की समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं. इनमें से एक है नीलगिरी का तेल, जो त्वचा एवं बालों से संबंधित हर समस्या को दूर करता है.

नीलगिरी तेल के क्या-क्या फायदे हैं जानिये...

त्वचा के लिए : प्रदूषण के साथ नमी त्वचा को नुकसान पहुंचाती है. हवा में मौजूद नमी के कारण हमारी त्वचा को सूक्ष्म जीवाणुओं द्वारा नुकसान पहुंचने की संभावना होती है.

अब ई-स्किन पर होगा कॉस्मेटिक उत्पादों का परीक्षण

मोटापे का इलाज

मोटापे का इलाज

(१) खाना खूब चबा-चबाकर खायें |
(२) चूना खाना है (एक गेहूं के दाने के बराबर दिन में एक बार ) दस मिनट धूप में टहलें |
(३) त्रिफला चूर्ण एक चम्मच एक गिलास गर्म पानी में उबालकर दो चम्मच गुड़ या शहद मिलाकर काढ़ा बनाकर पियें |
(४) त्रिफला और गिलोय चूर्ण तीन-तीन ग्राम में मिलाकर चाटना है |
(५) पानी हमेशा बैठकर घूँट-घूँट पियें |
(६) भोजन तीन बार से अधिक न करें, भोजन भूख से थोड़ा कम करें |
(७) दिन में कभी न सोयें |
रोग मुक्ति के लिये आवश्यक नियम :
पानी के सामान्य नियम :
१) सुबह बिना मंजन/कुल्ला किये दो गिलास गुनगुना पानी पिएं ।

चीनी का स्क्रब दे दमकती त्वचा

चीनी का स्क्रब दे दमकती त्वचा

चेहरे और हाथों की मृत त्वचा हटाने के लिए चीनी केस्क्रब का इस्तेमाल करें। चीनी में नींबूऔर मलाई मिलाकर इसे कुछ देर के लिए रख दें। इसके बाद इस मिश्रण को चेहरे पर लगा लें। कुछ देर सूखने के बाद इसे गोलाई से मलकर स्क्रब की तरह छुड़ा लें। इस स्क्रब का इस्तेमाल होठों की मृत त्वचा हटाने केलिए किया जा सकता है। स्क्रब में मौजूद नींबू में ब्लीचिंग के गुण होते हैं, जिससे त्वचा के दाग-धब्बे दूर होते हैं। चीनी प्राकृतिक स्क्रब का काम करती है, वहींमलाई त्वचा में चमक लाती है।

खीरा खाने के फायदे

खीरा खाने के फायदे

बालों  त्वचा की देखभाल

खीरे में सिलिकन व सल्फर बालों की ग्रोथ में मदद करते हैं। अच्छे परिणाम के लिए आप चाहें तो खीरे के जूस को गाजर व पालक के जूस के साथ भी मिलाकर ले सकते हैं। फेस मास्क में शामिल खीरे के रस त्वचा में कसाव लाता है। इसके अलावा खीरा त्वचा को सनबर्न से भी बचाता है। खीरे में मौजूद एस्कोरबिक एसिड व कैफीक एसिड पानी की कमी( जिसके कारण आंखों के नीचे सूजन आने लगती है।) को कम करता है।

नारियल के तेल में काफी बड़ी मात्रा में कैप्रेलिक

नारियल के तेल में काफी बड़ी मात्रा में कैप्रेलिक

नारियल का तेल 

नारियल के तेल में काफी बड़ी मात्रा में कैप्रेलिक एसिड पाया जाता है जो शरीर में होने वाले संक्रमण के प्रभाव को कम कर, उसे बढ़ने से रोकता है। यह इंफेक्शन को दूर करने के लिए प्रयोग की जानें वाली दवाओं में भी कैप्रेलिक एसिड ही पाया जाता है। इसलिए नारियल का तेल इसके लिए उपयुक्त माना गया है।

कैसे खाएं 

  • अपना टूथ पेस्ट खुद बनाएं जिसमें नारियल के तेल मिलाएं जिसमें एंटीबायोटिक होता है। नारियल के तेल से आयल पुल्लिंग करें इससे मुँह के बैक्टीरिया ख़त्म हो जाएंगे।

पथरी का सबसे बढि़या आयुर्वेदिक इलाज

पथरी का सबसे बढि़या आयुर्वेदिक इलाज

वृक्क अश्मरी या गुर्दे की पथरी (वृक्कीय कैल्कली, नेफरोलिथियासिस) (अंग्रेजी:Kidney stones) मूत्रतंत्र की एक ऐसी स्थिति है जिसमें, वृक्क (गुर्दे) के अन्दर छोटे-छोटे पत्थर सदृश कठोर वस्तुओं का निर्माण होता है। गुर्दें में एक समय में एक या अधिक पथरी हो सकती है। सामान्यत: ये पथरियाँ बिना किसी तकलीफ मूत्रमार्ग से शरीर से बाहर निकाल दी जाती हैं, किन्तु यदि ये पर्याप्त रूप से बड़ी हो जाएं (२-३ मिमी आकार के) तो ये मूत्रवाहिनी में अवरोध उत्पन्न कर सकती हैं। इस स्थिति में मूत्रांगो के आसपास असहनीय पीड़ा होती है।

फिजियोथेरपिस्ट की जरूरत कब?

फिजियोथेरपिस्ट की जरूरत कब?

अगर 8-10 दिन बाद भी दर्द कम न हो तो फिजियोथेरपिस्ट के पास जाएं। दर्द की वजह से जिन जॉइंट्स का लंबे समय तक नहीं मूव नहीं कर पाते, वे अकड़ जाते हैं। फिजियोथेरपिस्ट उन जॉइंट्स को चलाते हैं और इसमें दर्द भी नहीं होता। 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को फिजियोथेरपी की ज्यादा जरूरत पड़ती है। 8-10 सिटिंग्स में जॉइंटस से राहत मिल जाती है। वैसे, ज्यादा दर्द होने पर आप फिजियोथेरपिस्ट से टेंस (TENS) भी खरीद सकते हैं। यह छोटी-सी मशीन होती है तो जो हल्के इलेक्ट्रिकल करंट से नर्व्स को स्टिमुलेट करती है और पेन को ब्लॉक करती है। इसकी सेटिंग फिजियोशेरपिस्ट से करानी चाहिए। यह 2-4 हजार रु. में आती है।

बाल झड़ने की समस्या से बचने के लिए कुछ टिप्स

बालों का झड़ना और गंजापन आजकल एक आम समस्या है। पहले 40-45 साल की उम्र के बाद ही बालों के झड़ने की समस्या सामने आती थी, लेकिन अब कम उम्र में ही बाल झड़ने लगते हैं।
बालों को पकड़े हुए आदमी
 
बाल झड़ने की एक बड़ी वजह अनियमित जीवनशैली और प्रदूषण है। हालांकि कई बार इसके पीछे अनुवांशिक कारण भी होते हैं। लेकिन समय रहते अगर बालों की सही देखभाल की जाए तो काफी हद तक गंजेपन की समस्या से बचा जा सकता है। अगर आपके बाल बहुत तेजी से झड़ रहे हैं तो आप निम्न कुछ टिप्स आजमा कर देख सकते हैं।
 
 
गंजेपन के कारण

बैक्टीरिया से लड़ता है नीम

बैक्टीरिया

दुनिया बैक्टीरिया से भरी पड़ी है। हमारा शरीर बैक्टीरिया से भरा हुआ है। एक सामान्य आकार के शरीर में लगभग दस खरब कोशिकाएँ होती हैं और सौ खरब से भी ज्यादा बैक्टीरिया होते हैं। आप एक हैं, तो वे दस हैं। आपके भीतर इतने सारे जीव हैं कि आप कल्पना भी नहीं कर सकते। इनमें से ज्यादातर बैक्टीरिया हमारे लिए फायदेमंद होते हैं। इनके बिना हम जिंदा नहीं रह सकते, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं, जो हमारे लिए मुसीबत खड़ी कर सकते हैं। अगर आप नीम का सेवन करते हैं, तो वह हानिकारक बैक्टीरिया को आपकी आंतों में ही नष्ट कर देता है।

मूंगफली खाना सेहत के लिए होता है फायदेमंद

मूंगफली सर्दियों की सबसे लोकप्रिय चीज है. इसमें सेहत का खजाना छुपा होता है. इसे सस्ता बादाम भी कहा जाता है. क्योंकि इसमें लगभग वो सारे तत्व पाए जाते हैं जो बादाम में होते हैं.

मूंगफली की अपनी मीठास होती है, लेकिन कम लोगों को ही पता होगा कि यह स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है. ज्यादातर लोग तो इसे स्वाद के लिए ही खाते हैं. लेकिन यकीन मानिए इससे होने वाले फायदे जानकर आप भी चौंक जाएंगे.

आइये जानते हैं तुलसी के फायदे...

आइये जानते हैं तुलसी के फायदे...

1. तुलसी रस से बुखार उतर जाता है। इसे पानी में मिलाकर हर दो-
तीन घंटे में पीने से बुखार कम हो जाता है।

2. कई आयुर्वेदिक कफ सिरप में तुलसी का इस्तेमाल अनिवार्य है।
यह टी.बी,ब्रोंकाइटिस और दमा जैसे रोंगो के लिए भी फायदेमंद
है।

3. जुकाम में इसके सादे पत्ते खाने से भी फायदा होता है।

4. सांप या बिच्छु के काटने पर इसकी पत्तियों का रस,फूल और
जडे विष नाशक का काम करती हैं।

5. तुलसी के तेल में विटामिन सी,कै5रोटीन,कैल्शियम और
फोस्फोरस प्रचुर मात्रा में होते हैं।

इन चीजों के सेवन से कभी नहीं होगी आयरन की कमी

पालक में आयरन काफी अधिक मात्रा में होता है। हीमोग्‍लोबिन की कमी होने पर पालक का सेवन करने से 

लंच करने के बाद ना करें ये गलतियां

लंच करने के बाद ना करें ये गलतियां

क्या आप एक भारी लंच करने के बाद तुरंत टहलने के लिये निकल जाते हैं? हो सकता है आप ना जाते हों लेकिन आप जैसे बहुत से लोग ऐसा रोज करते हैं। यह एक बहुत ही हानिकारक आदत है जिसे तुरंत रोक देनी चाहिये। एक्सपर्ट के मुताबिक हमारा पाचन तंत्र इतना मजबूत है कि आप लंच में चाहे जो कुछ भी उल्टा सीधा क्यूं ना खा लें, वह सब कुछ हजम कर लेगा।

साइकिल चलाने के चमत्कारी फ़ायदे

साइकिल चलाने के 7 फ़ायदे

यदि आप वज़न घटाने की कोशिशों में लगे हुए हैं तो हमारी सलाह पर एक बार साइक्लिंग करके देखें. जल्द ही आप अपनी जान-पहचान के सबसे फ़िट लोगों में शुमार हो जाएंगे. 
आइए जानते हैं नियमित रूप से साइकिल चलाने के 7 फ़ायदे 

1. रोगप्रतिरोधक क्षमता होगी स्ट्रॉन्ग 
नियमित रूप से साइक्लिंग करने से इम्यून सिस्टम मज़बूत बनता है. यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैरोलाइना में एक रिसर्च के बाद पाया गया कि जो लोग सप्ताह में कम से कम पांच दिन आधा घंटा साइकिल चलाते हैं, उनके बीमार पड़ने की संभावना 50 प्रतिशत तक कम हो जाती है. 

पत्ता गोभी के फायदे

पत्ता गोभी के फायदे

पत्‍ता गोभी कई रंगों और कई किस्‍मों में आती है। लाल और हरे रंग की पत्‍ता गोभी सबसे ज्‍यादा मिलती है। इसे पका कर या कच्‍चा सलाद के रूप में भी खाया जा सकता है। पत्‍ता गोभी का स्‍वाद हल्‍का सा मीठा होता है। इसमें विटामिन, आयरन और पोटेशियम भरपूर मात्रा में होते है। इसे इंडियन और वेस्‍टर्न दोनों तरह के फूड को पकाने में इस्‍तेमाल किया जाता है।

कैंसर को रोकने में मदद करता है

ऐसे व्‍यायाम जो चेहरा बनाए टाइट और चमकदार

● क्‍या आप कभी कभी ऐसा नहीं सोचती कि काश कोई ऐसी एक्‍सरसाज होती जो आपके चेहरे को एक बार में ही निखार सकती? रोज जिम जा कर घंटो पसीना बहा कर भी शरीर पर उतना फरक नहीं दिखता जितना कि आप इन वर्कआउट से खुद को निखार सकती हैं। अगर आपको चमकदार और झर्रियों रहित चेहरा चाहिये तो अपनाएं हमारे दिये हुए व्‍यायाम। ये व्‍यायाम करने मे बिल्‍कुल भी कठिन नहीं हैं।

आपका चेहर तभी खूबसूरत और स्‍वस्‍थ दिख सकता है जब उसमें ब्‍लड का सर्कुलेशन अच्‍छा हो। क्‍योंकि ब्‍लड सर्कुलेशन से चेहरे पर ग्‍लो आता है। तो देर किस बात की है अब ब्‍यूटी पार्लर पर पैसे खर्च करना बंद करिये और अपनाइये इन व्‍यायामों को।

विटामिन सी के सेवन से खत्म होगी मार्निंग वॉक

न्यूयॉर्क। शोधकर्ताओं ने अपने इस नए शोध को अमेरिका में जार्जिया के सेवन्नाह में एंडोथलीन पर आयोजित 14वें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रस्तुत किया गया है। अगर आप सुबह की सैर के लिए उठ नहीं पाते हैं तो चिंता की बात नहीं। शोधकर्ताओं ने आपकी इस परेशानी का हल ढूंढ लिया है। एक शोध में यह पाया गया है कि रोजाना विटामिन सी के सेवन से मोटापे से ग्रस्त लोगों को वही फायदा प्राप्त हो सकता है जो आपको रोजाना सुबह की सैर और व्यायाम से प्राप्त होता है।

तेजपत्ते में होते हैं ये औषधीय गुण

तेजपत्ते में होते हैं ये औषधीय गुण

तेजपत्ते का इस्तेमाल ज्यादातर पकवानों में किया जाता है। मसाले के तौर पर इस्तेमाल होने वाली इन पत्तियों में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं। इसमें भरपूर मात्रा में ऐंटी-ऑक्सिडेंट पाया जाता है। इसके अलावा इन पत्तियों में कई तरह के प्रमुख तत्व जैसे कॉपर, पोटैशियम, कैल्शियम, सेलेनियम और आयरन पाया जाता है। किडनी स्टोन और किडनी से जुड़ी ज्यादातर समस्याओं के लिए तेजपत्ते का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद होता है। तेजपत्ते को उबालकर उस पानी को ठंडा करके पीने से किडनी स्टोन और किडनी से जुड़ी दूसरी समस्याओं में फायदा मिलता है। सोने से पहले तेजपत्ते का इस्तेमाल करना अच्छी नींद के लिए बहुत फायदेमंद है। तेजपत्ते के त

पेट कम करना सबसे चुनौतीपूर्ण है इसलिए

पेट कम करना सबसे चुनौतीपूर्ण है इसलिए

शरीर का वज़न घटाना एक बार के लिए आसान भी हो सकता है, लेकिन पेट कम करना सबसे चुनौतीपूर्ण है इसलिए ही हम आपको पेट कम करने के 5 आसान से टिप्स दे रहे हैं.

प्रोटीन का सेवन करें: हम सभी को शाम 4 बजे के आसपास तेज़ भूख लगती है. उस समय भूख मिटाने के लिए आलू के चिप्स खाने से परहेज़ करें. इसके बजाय प्रोटीन बार, लो फ़ैट चीज़ या थोड़े-से बादाम का सेवन करें. ऐसे खाद्य पदार्थ मेटाबॉलिज़्म बढ़ाने में मदद करते हैं.

नाशपाती आयरन का एक अच्छा स्त्रोत हैं

नाशपाती आयरन का एक अच्छा स्त्रोत हैं

सेब की तहर स्वाद देने वाला फल नाशपाती एक मीठा और रसीला फल है. इस फल के स्वास्थ्य लाभ इतने हैं कि आप गिनते-गिरते थक जाएंगे.

1-नाशपाती आयरन का एक अच्छा स्त्रोत हैं जो हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाता हैं और एनीमिया से ग्रस्त रोगियों को सुरक्षा प्रदान करता हैं.

2-नाशपाती में पक्टिन होता है जो कि कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है. इसका रस सभी को पीना चाहिये.

3-एक गिलास नाशपाती का रस पीने से जल्दी ही बुखार से राहत मिल सकता है. यह तपते हुए शरीर को ठंड कर देता है.

क्या होता है जब आप नियमित खाते हैं साबूदाना

क्या होता है जब आप नियमित खाते हैं साबूदाना

छोटे-छोटे मोतियों की तरह दिखने वाले साबूदाने अक्सर व्रत में ही खाए जाते हैं। अगर स्वास्थ्य के लिहाज से देखा जाए तो इनमें काफी पोषण होता है जो आपके पूरे स्वास्थ्य और लाभ पहुंचा सकते हैं। चाहे साबूदाने की खिचड़ी खाइये या फिर साबूदाने की खीर, साबूदाने से बनी हरी ची$ज स्वादिष्ट तो होती ही है और साथ साथ एनीमिया, बीपी, पेट से जुड़ी बीमारियों और अन्य बीमारियों को दूर करने में मददगार होती है। आपको जानकार हैरानी होगी कि साबूदाने में आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन तथा मिनरल्स की भरमार होती है। इसलिये आपको इसे केवल व्रत में ही नहीं बल्कि आम दिनों में भी खाना चाहिये। मासपेशियां बनती हैं – साबुदाने

पोहा को माना जाता है सबसे हेल्दी नाश्ता

पोहा को माना जाता है सबसे हेल्दी नाश्ता

शरीर को फिट रखने के लिए यह ज़रूरी है की आप डाइट में हेल्दी चीजें शामिल करें। चाहे नाश्ता हो या लंच या डिनर पूरे दिन आप जो भी खाएं तो ये जरुर ध्यान रखें की कहीं कोई ऐसे चीज तो नहीं खा रहे जो शरीर के लिए नुकसानदायक हो।

पूरे दिन की डाइट में सबसे ज्यादा महत्त्व ब्रेकफास्ट का होता है और इसलिए डॉक्टर यह सलाह देते हैं की नाश्ते में अधिक से अधिक हेल्दी चीजों को शामिल करें। पोहा एक ऐसी ही डिश है जो कई तरह से आपके लिए फायदेमंद है।

आइये जानते हैं की आखिर पोहा को सबसे पौष्टिक नाश्ता क्यों माना जाता है...

अदरक एंटीबायोटिक का श्रोत है

अदरक

अदरक एंटीबायोटिक का श्रोत है, अदरक खांसी, सांस समस्या, संक्रामण, जुकाम, सर्दी, व शरीर को आंतरिक रूप से बैक्टीरियल होने से बचाता है।

कैसे खाएं 

  • अदरक का पाउडर बनाकर कांच की शीशी में रखें जोकि हर मौसम में इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • साथ ही इसे छील खाएं या ऐसे ही निगल जाएँ
  • और आप अदरक की चाय भी बना कर पी सकते हैं।
  •  

सीताफल से उग आएंगे सिर के उड़े हुए बाल

सीताफल से उग आएंगे सिर के उड़े हुए बाल

सीताफल न केवल एक अच्छा फल है बल्कि अपनी बहुत सारी खूबियों के साथ यह हमारी सेहत के लिए कमाल का होता है सीताफल इतने गुणों से भरपूर है कि शायद ही शरीर का कोई हिस्सा ऐसा हो जिसे यह फायदा न पहुंचाता हो। क्योंकि सीताफल शरीर की कमजोरी के लिए दूर करने के लिए सीताफल एक अच्चा विकल्प हो सकता है और साथ ही रोगप्रतिरोधक क्षमता को कैसे बढाता है हम आपको सीताफल के गुणों के बारे में बताते हैं 

ग्रीन टी पीने का सही तरीका क्‍या है

ग्रीन टी पीने का सही तरीका क्‍या है

हरी चाय (अंग्रेज़ी: ग्रीन टी) एक प्रकार की चाय होती है, जो कैमेलिया साइनेन्सिस नामक पौधे की पत्तियों से बनायी जाती है। इसके बनाने की प्रक्रिया में ऑक्सीकरण न्यूनतम होता है। इसका उद्गम चीन में हुआ था और आगे चलकर एशिया में जापान से मध्य-पूर्व की कई संस्कृतियों से संबंधित रही। इसके सेवन के काफी लाभ होते हैं। प्रतिदिन कम से कम आठ कप ग्रीन टी हृदय रोग होने की संभावनाओं को कम करने कोलेस्ट्राल को कम करने के साथ ही शरीर के वजन को भी नियंत्रित करने में सहायक सिद्ध होती है। प्रायः लोग ग्रीन टी के बारे में जानते हैं लेकिन इसकी उचित मात्र न ले पाने की वजह से उन्हें उनका पूरा लाभ नहीं मिल पाता है।

पेनकिलर स्प्रे या जेल लगाएं या नहीं?

पेनकिलर स्प्रे या जेल लगाएं या नहीं?

दर्द होने पर पेनकिलर स्प्रे या जेल लगा सकते हैं। ध्यान रखें कि वॉटर बेस्ड स्प्रे जल्दी शरीर में जज्ब होते हैं। ये पेनकिलर हैं और दर्द के अलावा सूजन भी कम करते हैं। आयोडेक्स भी लगा सकते हैं।कुछ एक्सपर्ट मानते हैं कि डिक्लोफिनैक सोडियम (Diclofenac Sodium) वाले जेल उम्रदराज लोगों के लिए सेफ नहीं हैं। ये मार्कट में वोविरॉन (Voveron), डोलो (Dolo), वोलिनी (Volini) आदि नाम से मिलते हैं।बुजुर्गों को पैरासिटामोल (Paracetamol) या ट्रामाडोल (Tramadol) देने की सलाह दी जाती है। ट्रामाडोल अल्ट्रासेट (Ultracet), एक्युपेन (Acupain), डोमाडोल (Domadol) आदि नाम से मिलता है। जेल या स्प्रे दिन में 2-3 बार लगा स

पानी हमेशा घूँट-घूँट और बैठ कर पिएं !

पानी हमेशा घूँट-घूँट और बैठ कर पिएं !

पानी हमेशा घूँट-घूँट और बैठ कर पिएं !
पानी सदैव धीरे-धीरे पीना चाहिये अर्थात घूँट-घूँट
कर पीना चाहिये, यदि हम धीरे-धीरे पानी पीते हैं
तो उसका एक लाभ यह है कि हमारे हर घूँट में मुँह की
लार पानी के साथ मिलकर पेट में जायेगी और पेट में
बनने वाले अम्ल को शान्त करेगी क्योंकि हमारी
लार क्षारीय होती है और बहुत मूल्यवान होती है।
हमारे पित्त को संतुलित करने में इस क्षारीय लार
का बहुत योगदान होता है। जब हम भोजन चबाते हैं
तो वह लार में ही लुगदी बनकर आहार नली द्वारा
अमाशय में जाता है और अमाशय में जाकर वह पित्त

एनीमिया की शिकार महिलाओं के लिए चुकंदर रामबाण

एनीमिया की शिकार महिलाओं के लिए चुकंदर रामबाण

खून की कमी यानी एनीमिया की शिकार महिलाओं के लिए चुकंदर रामबाण के समान है। चुकन्दर के कन्द के अलावा चुकन्दर की हरी पत्तियों का सेवन भी बेहद लाभदायी है। इन पत्तियों में कन्द की तुलना में तीन गुना लौह तत्व अधिक होता है। पत्तियों में विटामिन ए भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। कन्द व इसकी पत्तियां रक्त निर्माण के अलावा हानिकारक तत्वों को शरीर से बाहर निकालने अर्थात 'क्‍लिंजर' के रूप में कार्य करते हैं। चुकन्दर में पोटेशियम, सोडियम, कैल्शियम, मैग्नीज व रेशे की पर्याप्त मात्रा होती है। पाचन योग्य शर्करा की उपस्थिति के कारण चुकन्दर का सेवन ऊर्जा भी प्रदान करता है।

मोटापा करे कम घर के नुस्खों में है दम

 मोटापा करे कम घर के नुस्खों में है दम

 ● खाने के बाद गुनगुना पानी ही पीएं।
● सुबह नींबू पानी पीना चाहिए।
● टमाटर और पुदीना की पत्ती युक्त सलाद खाएं।
● हर्बल टी पीने की आदत डालें।

दही दूर कर सकता है अपके पैरों का फंगल इंफेक्शन

दही दूर कर सकता है अपके पैरों का फंगल इंफेक्शन

फंगल इंफैक्शन एक प्रकार की स्किन एलर्जी होती है जो हमारी बॉडी के किसी भी हिस्से पर कभी भी हो सकती है। पर अक्सर फंगल इन्फेक्शन की समस्या पैरो की उंगलियों में ही होती है, फंगल इन्फेक्शन होने पर पैरों की उंगलियों की स्किन में लाल पपड़ी जैसे दाग हो जाते है जिनमे बहुत खुलजी, रैशेज और दर्द होती है। कभी कभी फंगल इन्फेक्शन के कारण पैरों में सूजन और नाखुनों का पीलापन भी आ जाता है। फंगल इंफैक्शन होने का कारण पसीना आना, एंटीबॉयोटिक दवाओं के साइड इफैक्ट्स, साफ सफाई न रखना, शरीर में गर्मी, अधिक देर तक पैरों का गीला रहना और ब्लड सर्कुलेशन की कमी भी हो सकता है, पर आज हम आपको एक ऐसा उपाय बताने जा रहे है जि

माइग्रेन से होने वाले दर्द की रोक-थाम के लिए कुछ घरेलू नुस्खे

माइग्रेन से होने वाले दर्द की रोक-थाम के लिए कुछ घरेलू नुस्खे

मस्तिष्क संबंधी विकार माइग्रेन सिर दर्द के मुख्य कारणों में एक हैं. ध्वनि, प्रकाश, उल्टियाँ और सिर के केंद्र में होने वाला दर्द इसके प्रमुख लक्षण हैं. माइग्रेन से होने वाले दर्द की रोक-थाम के लिए कुछ घरेलू नुस्खे निम्न हैं.

1-बर्फ का पैक- बर्फ के टुकड़े एक पैक में लेकर सिर दर्द की जगह पर रखें. बर्फ में एंटी इंफ्लैमटरी गुण होते है जिससे सिर का दर्द ठीक हो सकता है. आप चाहें तो किसी और ठंडी चीज़ का पैक भी बना सकते है.

2-कमरे में अंधेरा करना- अक्सर तेज़ रोशनी से सिर का दर्द बढ़ जाता है. इस कारण अँधेरे और शांत कमरे में बैठने से भी माइग्रेन ठीक होता है.

डायबिटीज से बचने के लिए जरूरी है भरपूर नींद लेना

डायबिटीज से बचने के लिए जरूरी है भरपूर नींद लेना

आज की लाइफस्टाइल और खानपान के कारण हर दूसरा-तीसरा व्यक्ति डायबिटीज का शिकार हो रहा है. अगर आप इसके खतरे को कम करना चाहते हैं तो आपको अपनी नींद पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। जी हां, भरपूर नींद डायबिटीज के खतरे को कम करने में सहायक है। हाल में हुए इस शोध में में दावा किया गया है कि अगर आप भरपूर नींद लेते हैं तो आपको टाइप 2 डायबिटीज होने का खतरा काफी कम होता है। लॉस एंजलिस बायोमेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं ने पाया कि हफ्ते में तीन रात की अच्छी नींद काफी हद तक इंसुलिन की सक्रियता बढ़ा देती है। इंसुलिन जिसके न बनने से यह बीमारी होती है। प्रमुख शोर्धी डॉ.

खुशखबरी! लंबे समय तक जीते हैं कॉफी पीने वाले लोग

खुशखबरी! लंबे समय तक जीते  हैं कॉफी पीने वाले लोग

कॉफी पीने से आप लंबे समय तक जी सकते हैं। इस बात का खुलासा दक्षिणी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय (यूएससी) में अमेरिकी शोधकर्ताओं ने किया है।

180,000 से अधिक प्रतिभागियों के एक अध्ययन में, शोधकर्ताओं ने पाया कि रेगुलर या डिकैफ़िनेटेड कॉफी पीने वाले लोग स्वस्थ रहते हैं और उनकी उम्र बढ़ती है।

शोधकर्ताओं ने जर्नल ऐनलल्स ऑफ़ इंटरनल मेडिसिन में रिपोर्ट दी है कि जो लोग दिन में एक कप कॉफी का सेवन करते हैं, उनके उन लोगों की तुलना में मरने की संभावना 12 फीसदी कम होती है, जो कॉफ़ी नहीं पीते हैं।

नीम का पेड़ अनेक रोगों में फायदेमंद माना गया है।

नीम का पेड़ अनेक रोगों में फायदेमंद माना गया है।

नीम का पेड़ अनेक रोगों में फायदेमंद माना गया है। नीम में इतने गुण हैं कि ये कई तरह के रोगों के इलाज में काम आता है। यहाँ तक कि इसको भारत में ‘गांव का दवाखाना’ कहा जाता है। यह अपने औषधीय गुणों की वजह से आयुर्वेदिक मेडिसिन में पिछले चार हजार सालों से भी ज्यादा समय से इस्तेमाल हो रहा है। नीम को संस्कृत में ‘अरिष्ट’ भी कहा जाता है, जिसका मतलब होता है, ‘श्रेष्ठ, पूर्ण और कभी खराब न होने वाला।’

 

चर्बी घटाने का सबसे आसान तरीका

चर्बी घटाने

बढ़ते वजन से परेशान ज्‍यादातर लोगों के लिए वजन घटाने की कोशिश एक मुद्दे की तरह होती है। इसके लिए वह जिम, योग और विशेष प्रकार की डाइट को भी अपनाते हैं। इन तरीकों में से अधिकांश बहुत प्रभावी होते हैं। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि कुछ खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल कर आप आसानी से फैट कम करने में सफल हो सकते हैं। हालांकि आपको इस बात पर विश्‍वास नहीं हो रहा होगा लेकिन यह सच है ऐसे खाद्य पदार्थ चयापचय को बढ़ाकर, फैट की रिहाई करने वाले हार्मोंन को उत्‍तेजित कर, शरीर के विषैले पदार्थों को बाहर कर फैट घटाने में मदद करते हैं। इसलिए इन खाद्य पदार्थों को अपने स्‍वस्‍थ आहार योजना का हिस्‍सा बनाना

पीपल के पेड़ के हैरान कर देने वाले फायदे!

पवित्र पीपल के पेड़ को अनंतकाल से ही हिंदुओं द्वारा पूजा जाता है, लेकिन पीपल का पेड़ धार्मिक मान्यता के अलावा कई तरह की औषधीय गुणों से भरपूर होता है.

भारत में उगने वाले पीपल के पेड़ को औषधीय गुणों का भंडार भी माना जाता है. इसके इस्तेमाल से अस्थमा, गुर्दे, कब्ज, पेट दर्द आदि बीमारियों का इलाज भी किया जा सकता है.

आइए जानते हैं पीपल के पेड़ के हैरान कर देने वाले फायदे:

सुंदरता का खजाना विक्स वेपोरब

सुंदरता का खजाना  विक्स वेपोरब

जुकाम हो या कफ, विक्स वेपो रब की मालिश सालों से हमारे घरों में आम है। आपको जानकर हैरानी होगी कि विक्स का इस्तेमाल न सिर्फ जुकाम में फायदेमंद है बल्कि यह कई समस्याओं से निजात दिलाने में मददगार हो सकता है।अलग-अलग शोधों के आधार पर जानिए विक्स वेपो रब के चौकाने वाले इस्तेमाल क्या-क्या हो सकते हैं।

दर्द की स्थिति में कितना मूवमेंट करें?

दर्द की स्थिति में कितना मूवमेंट करें?

जब तक बुखार रहे, पूरी तरह बेड रेस्ट करें। बुखार के दौरान बेड पर ही जोड़ों का हल्का-फुल्का मूवमेंट शुरू करें। मूवमेंट से ब्लड सप्लाई बढ़ती है और हीलिंग जल्दी होती है। चार-पांच दिन बाद रूटीन काम शुरू करें। हफ्ते भर बाद नॉर्मल लाइफ शुरू कर सकते हैं। बुखार ना हो, पर दर्द हो तो भी आराम ही करें। आराम न करने से दर्द बढ़ता है।

 

थायराइड के लक्षण और घरेलू उपचार

थायराइड

थायराइड की समस्या आजकल एक गंभीर समस्या बनी हुई है। थाइराइड गर्दन के सामने और स्वर तंत्र के दोनों तरफ होती है। ये तितली के आकार की होती है। थायराइड दो तरह का होता है। हाइपरथायराइडिज्म और हाइपोथायराइड। पुरूषों में आजकल थायराइड की दिक्कत बढ़ती जा रही है। थायराइड में वजन अचानक से बढ़ जाता है या कभी अचानक से कम हो जाता है। इस रोग में काफी दिक्कत होती है। आयुर्वेद में थायराइड को बढ़ने से रोकने के बेहद सफल प्रयोग बताएं गए हैं।

 

पुरूषों में थायराइड के लक्षण ( Thyriod Symptoms for men ) :

त्वचा के लिए हानिकारक हो सकते हैं नकली टैटू

त्वचा के लिए हानिकारक हो सकते हैं नकली टैटू

असली टैटू बनवाने में होने वाले दर्द से बचने के लिए अगर आप नकली टैटू बनावाने की सोच रहे हैं तो सतर्क हो जाइए क्योंकि क्योंकि इनसे एलर्जी हो सकती है. अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की एक रिपोर्ट में नकली टैटू को लेकर सचेत किया गया है.

इसमें कहा गया है कि अस्थाई टैटू से त्वचा पर फफोले और चकत्ते पड़ सकते हैं इसके साथ ही त्वचा में बदलाव, धूप में संवेदनशीलता बढ़ने जैसे दीर्घकालिक दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं. रिपोर्ट में कहा गया कि बबल गम के साथ मिलने वाले वेट-एंड-प्रेस टैटू के साथ अस्थायी टैटू के कई प्रकार हैं जिनमें संयत्र आधारित सिंथेटिक रंगों का प्रयोग किया जाता है.

चमकती-दमकती त्वचा का राज

 चमकती-दमकती त्वचा का राज

1) सूखी हल्दी की गांठ को नींबू के रस में मिलाकर लगाने से फेस के दाग-धब्बे तेजी से मिटने लगते हैं। 
2) ड्राय स्कीन के दाग-धब्बे मिटाने के लिए दूध में चंदन की लकड़ी घिसकर लगाएं।

इम्सोम्निआ से निपटने के कारगर तरीक़े

इम्सोम्निआ से निपटने के कारगर तरीक़े

यदि आप झपकी नहीं लेतीं तो आप बहुत कुछ खो रही हैं. लेकिन यदि नींद आपके लिए दूर की कौड़ी है तो आपको जल्द से जल्द इन्सोम्निआ (अनिन्द्रा) से निपटने की ज़रूरत है. इस समस्या को दूर करने में हम आपकी सहायता कर रहे हैं

वजन कम करने के लिए कितना खाना चाहिए?

वजन कम करने के लिए कितना खाना चाहिए?

यदि आप अपने शरीर की जरूरत से अधिक आहार का उपभोग करते हैं, तो आपको इन अतिरिक्त कैलोरी को जलाने के लिए व्यायाम करना चाहिए। अन्यथा चर्बी जमा होने के कारण आपका वजन बढ़ेगा। अपना वजन कम करने के लिए आपको कम खाना खाने और भूखे नहीं रहना हैं। लेकिन कम कैलोरी युक्त खाद्य पदार्थ खाने की जरूरत हैं। अपने आहार का चयन एक स्वस्थ तरीके से वजन कम करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

यदि आप अपने रेशा युक्त आहार (कार्बोहाइड्रेट) में कटौती करने की सोच रहे हैं तो यह एक बुरा विचार हैं।

बरसाती रोगों से बचने के लिए पिएं वेजिटेबल सूप

बरसाती रोगों से बचने के लिए पिएं वेजिटेबल सूप

मानसून का मौसम अपने साथ कई रोग लेकर आता है। इसलिए इन दिनों आपको अपना विशेष ख्याल रखना चाहिए। हम आपको कुछ ऐसे चीजों के बारे में में बता रहे हैं, जिन्हें पीकर आप इस मौसम में हेल्दी और फिट रह सकते हैं।

1) दालचीनी का पानी

दालचीनी से आपको कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं। इसे रातभर पानी में भिगोकर रखें। अगली सुबह इस पानी को पी लें। इससे आप पेट की सभी समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं।

2) तुलसी के पत्तों का पानी

पिंपल से हैं परेशान तो अपनाएं ये टिप्स

पिंपल से हैं परेशान तो अपनाएं ये टिप्स

मुंहासे होना आम समस्या है और इससे छुटकारा पाने के लिए अधिकांश युवतियां टूथपेस्ट, नींबू आदि लगाती है, जो त्वचा को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि मुंहासा प्रभावित हिस्से को छूना भी नहीं चाहिए.

'द बॉडी शॉप' की शिखी अग्रवाल (हेड ट्रेनिंग) और ल्यूमियर डर्मेटोलॉजी की त्वचा विशेषज्ञ किरण लोहिया ने मुंहासों से छुटकारा पाने के लिए ये सुझाव दिए हैं :

करी पत्ता खाने के ये पांच फायदे?

करी पत्ता खाने के ये पांच फायदे?

करी पत्ता खाने के स्वाद और खूशबू दोनों को ही बढ़ा देता है और सॉउथ इंडियन खाने में तो इसका खूब उपयोग किया जाता है. करी पत्ता खाने के स्वाद के अलावा सेहत को भी स्वस्थ बनाएं रखने में मदद करता है.

जनरल ऑफ प्लांट फूड्स फॉर न्यूट्रीशन के एक अध्ययन के अनुसार करी पत्ता ब्लड-शुगर का स्तर घटाता है. मधुमेह रोगियों के अलावा जो लोग वजन घटाना चाहते हैं, उन्हें भी करी पत्ता डाइट में शामिल करना चाहिए. आयुर्वेद के अनुसार, करी पत्ते में मौजूद पोषक तत्व स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं...

कॉफी लवर्स जरुर पढ़ें, रोजाना 3 कप कॉफ़ी पीने से होते हैं ये फायदे

कॉफ़ी को लेकर लोगों में बहुत सारी गलतफहमियाँ हैं। कुछ लोगों का कहना है कि कॉफ़ी पीना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है और कुछ लोगों का मानना है कि इसका सेवन करने से उनके शरीर पर बुरा असर पड़ता है। आपको बता दें कि यह निर्भर करता है कि आप कितना कॉफ़ी पीते हैं। अध्ययन के अनुसार उचित मात्रा में कॉफ़ी को पीना स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है।

साउथैम्प्टन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के अनुसार एक दिन में 3 से 4 कप कॉफ़ी पीना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है। अगर आप दिन भर में 3 कप कॉफ़ी पीते हैं तो आपको लिवर की समस्या, डायबिटीज, पागलपन और कुछ हद तक कैंसर होने की संभावना कम होती है।

दालचीनी कैंडिडा जैसे फंगल इन्फेक्शन को ख़त्म करता है

दालचीनी  कैंडिडा

दालचीनी 

यह कैंडिडा जैसे फंगल इन्फेक्शन को ख़त्म करता है शोधकर्ताओं की माने तो दालचीनी का तेल इ कोली बैक्टीरिया से लड़ने में सक्षम है।

कैसे खाएं 

  • इसे अपने खाने में मसाले की तरह डाल कर खा सकती हैं
  • दालचीनी चाय बना कर पियें। इसके लिए आप दालचीनी की छड़ी को ½ कप पानी में 10 मिनट के लिए उबाल लें और फिर पीएं
  • इससे आपको आंतों के बैक्टीरिया से छुटकारा मिल जाएगा है।

सर्दियों में फ्लू और खांसी के संक्रमण से बचने के उपाय

सर्दियों में फ्लू

सर्दी-जुकाम से तकलीफ बढ़ जाती है। हालांकि यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है लेकिन यह देखा जाता है कि इस बीमारी में दवाईयों का असर भी कम होता है। इसके लिए सबसे अच्छा होता है घरेलू यानी देसी नुस्खे का इस्तेमाल। घर में बनाए जाने वाले इन देसी नुस्खों से आप आसानी से सर्दी जुकाम को काबू में कर अपना इलाज कर सकते है। पेश है पांच घर में आसानी से बनाए जानेवाले घरेलू उपाय जिनकी मदद से आप सर्दी-जुकाम से चंद घंटों में निजात पा सकते हैं।

क्या पेनकिलर ले सकते हैं? अगर हां, तो कब और कितनी मात्रा में?

क्या पेनकिलर ले सकते हैं? अगर हां, तो कब और कितनी मात्रा में?

ज्यादा दर्द होने पर पेनकिलर ले सकते हैं लेकिन डेंगू की आशंका पूरी तरह खत्म होने के बाद ही। हार्ट, डायबिटिज और किडनी के मरीजों को खासतौर पर पेनकिलर से बचना चाहिए। जरूरत लगे तो पैरासिटामोल (Paracetamol) लें। 500-650 Mg की दिन में दो-तीन बार ले सकते हैं। यह मार्केट में क्रोसिन (Crocin), कालपोल (Calpol) आदि ब्रैंड नेम से मिलती है। बच्चों को हर चार घंटे में 1 मिली प्रति किलो वजन के अनुसार इसकी लिक्विड दवा दे सकते हैं। यह बुखार के अलावा पेनकिलर भी है। जिन्हें बुखार नहीं है, वे ट्रामाडोल (Tramadol) ले सकते हैं। यह मार्केट में अल्ट्रासेट (Ultracet), एक्युपेन (Acupain), डामोडोल (Domadol) आदि नाम से

अंकुरित दानों का सेवन सुबह नाश्ते के समय ही करना चाहिये।

अंकुरित दानों का सेवन केवल सुबह नाश्ते के समय ही करना चाहिये। 
अंकुरित आहार शरीर को नवजीवन देने वाला अमृतमय आहार कहा गया है।
अंकुरित भोजन क्लोरोफिल, विटामिन (`ए´, `बी´, `सी´, `डी´ और `के´) कैल्शियम, फास्फोरस, पोटैशियम, मैगनीशियम, आयरन, जैसे खनिजों का अच्छा स्रोत होता है।
अंकुरीकरण की प्रक्रिया में अनाज/दालों में पाए जाने वाले कार्बोहाइट्रेड व प्रोटीन और अधिक सुपाच्य हो जाते हैं।

खरबूजे खाकर फिट रहिये.

खरबूजा देखने में जहां आकर्षक  है वहीं यह अपने में कई गुण समेटे रहता है|  इसमें पानी की भरपूर  मात्रा होती है| इसका सेवन शरीर को शीतलता प्रदान करता है| और जलन  जैसी समस्या से निजात मिलती है|            किडनी को हेल्थी रखने के लिये खरबूजे का नियमित सेवन करना जरूरी है| आजकल हर कोई स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना चाहता है| ऐसे में खरबूजा बेहतर विकल्प है\ खरबूजे  में शुगर और केलरी नहीं के बराबर होती है| इसलिए यह डाईटिंग कर रहे लोगों के लिये आदर्श है| खरबूजे में एंटी ऑक्सीडेंट्स   प्रचुर मात्रा में  होते हैं| अत; यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढाता है|खरबूजे को विटामिन सी का अच्छा स्रोत माना

मेंटल स्ट्रैस से फ्री होने के पांच लेटेस्ट तरीके

मेंटल स्ट्रैस से फ्री होने के पांच लेटेस्ट तरीके

अधिकांश लोगों में धर्म के अलावा लाइफ को लेकर भी कई गलत धारणाएं बनी रहती है। जरूरत से ज्यादा एबिशियस होना, हर पल बढ़ता कॉम्पिटिशन, एक्ट्रा वर्क लोड और पर्सनल रिलेशनशिप के प्रॉब्लंस ये सभी कारण है जिसकी वजह से आजकल मेंटल स्ट्रैस का लेवल बहुत बढ गया है।

यही सब कारण जन्म देते हैं मेंटल स्ट्रैस को। मेंटल स्ट्रैस दूर करने के लिए सबसे पहले अपने अंदर पॉजीटिविटी लाने की आवश्यकता है। आने वाले स्ट्रैस की चींता को छोड़ कर प्रेजेंट में जीना चाहिए।

कैसे तेजी से घटाएं अपना वज़न ?

 कैसे तेजी से घटाएं अपना वज़न ?

● Weight Lose या Reduce करना एक ऐसा topic है जिसपे जितने मुंह उतनी बातें सुनने को मिलती हैं. लोग एक से एक tips या diet-plan बताते हैं, जिसके हिसाब से Weight Reduce करना मानो बच्चों का खेल हो. पर हकीकत तो आप जानते ही हैं कि ये असल में कितना challenging काम है. इसीलिए मैं आज आपके साथ How to reduce weight, Hindi में share कर रहा हूँ. मेरी कोशिश होगी की यह लेख Hindi में इस विषय पर लिखे गए सबसे अच्छे लेखों में से एक हो.

सोने के समय ये करें || ये बिल्कुल न करें

सोने के समय ये करें || ये बिल्कुल न करें

हल्के-फुल्के बदलाव आपको हर रोज़ अच्छी नींद देंगे
* अपनी जीवनशैली के लिए उपयुक्त सोने और उठने का समय निर्धारित करें और हर रोज़ उसी का पालन करें. यहां तक कि सप्ताहांत में भी. आठ घंटे की नींद ज़रूर पूरी करें. 
* दिन में सोए नहीं. अपनी नींद की समय सारणी के अनुसार ही काम करें.
* सोने से 3 से 6 घंटे पहले वर्कआउट करें. दिन में हल्की-फुल्की एक्सरसाइज़ करें.
* सोने से कम से कम दो घंटे पहले डिनर करें. यदि आपको देर रात भूख लगी हो और आपको अपचन की समस्या न हो तो आप कार्बोहाइड्रेट समृद्ध भोजन कर सकती हैं. कम-शुगर वाले सिरीयल्स या केला सबसे बेहतरीन हैं.

क्या आपका बच्चा चाय पीता है, तो जरूर पढ़ें

क्या आपका बच्चा चाय पीता है, तो जरूर पढ़ें

आप सभी के घर में सुबह-शाम चाय जरूर बनती होगी। लेकिन क्या घर में बड़ों के साथ-साथ बच्चे भी चाय पीते तो सावधान हो जाए, क्योंकि बच्चों को अभी से चाय की लत न डालें। वैसे यह माना जाता है कि चाय से पाचन क्रिया सही होती है, मौसमी बीमारियां दूर रहती हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। लेकिन यदि आप सोचते हैं कि बच्चों को भी इन फायदों के लिए बड़ों की तरह चाय देनी चाहिए तो आप गलत हैं। इसमें ज्यादा दूध मिलाकर देने और बिस्कुट आदि देने से बच्चों पर चाय के हानिकारक प्रभाव कम नहीं होंगे।

महीने में 6 किलो वजन कम करने के लिए पिएं ये खास जूस

महीने में 6 किलो वजन कम करने के लिए पिएं ये खास जूस

हम आपको एक प्राकृतिक उपाय बता रहे हैं, जिसके जरिए आपको आसानी से वजन कम करने में मदद मिल सकती है। जैसा कि आप जानते हैं, प्राकृतिक उपचार कई बीमारियों का इलाज कर सकते हैं और शरीर के वजन को कम करना भी उन्ही में से एक है।

एक महीने में 6 किलो वजन कम करने के लिए पिएं यह जूस

आवश्यक सामग्री:

ताजा गाजर का रस - आधा गिलास

एप्पल पल्प - आधा गिलास

अदरक का रस - 1 चम्मच

इस प्राकृतिक उपाय को रोजाना इस्तेमाल करने से आपको वजन कम करने में मदद मिलती है।

बालों की लम्बाई बढ़ाने और सदैव काले रखने के तरीके, जरूर अपनाएँ!!

बालों की लम्बाई

काले, घने और लंबे बालों के लिए बालों को पोषण मिलना जरुरी है। बालों के पोषण से मतलब है बालों की जड़ों को प्रोटीन मिलते रहना। बाल की जड़ यानि स्कैल्प जितनी मजबूत होगी बाल उतनी तेजी से बढ़ेंगे। बालों की बढ़ने की गति आपकी सेहत, खान-पान की आदत, बालों की देखभाल और आनुवांशिक कारणों से प्रभावित होती है।

हेयर ग्रोथ के टॉप टिप्स

1. हेल्दी डाइट

लंबे और घने बालों के लिए डाईट में प्रोटीन, विटामिन्स और मिनरल्स जरुरी है। अपनी डाईट में वैसे फूड को शामिल करें जिसमें विटामिन ए, बी, सी, ई के साथ-साथ आयरन, जिंक, मैग्नेशियम और सेलेनियम जैसे तत्वों की अच्छी मात्रा मौजूद हो।

गर्म पानी : इसके ये फायदे कर देंगे आपको हैरान

गर्म पानी पीने में भले ही अच्‍छा न लगे लेकिन इसके हेल्‍थ बेनिफिट्स आपको जरूर इसे पीने पर मजबूर कर देंगे. यूं तो 8 से 10 ग्‍लास पानी पीना शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है लेकिन अगर दिन में तीन बार गर्म पानी पीने की आदत डाल ली जाए तो शरीर को बीमारियों से आसानी से बचाया जा सकता है. 
1. वजन कम करे 
अगर आपका वेट लगातार बढ़ रहा है और आपकी लाख कोशिशों के बावजूद भी कुछ फर्क नहीं पड़ रहा है तो आप गर्म पानी में शहद और नींबू मिलाकर लगातार तीन महीने ते पिएं. आपको फर्क जरूर महसूस होगा. अगर आप ये हेल्‍दी ड्रिंक नहीं पीना चाहते हैं तो आप खाना खाने के बाद एक कप गर्म पानी पीना शुरू करें. 

काइन पेपर का इस्तेमाल विभिन्न रोग-विकारों की दवाइयां बनाने में किया जाता हैं।

काइन पेपर

आयुर्वेद में काइन पेपर का इस्तेमाल विभिन्न रोग-विकारों की दवाइयां बनाने में किया जाता हैं। काइन पेपर के गुणों से परिचित होने के बाद बहुत सारे लोग घरेलू औषधि के रूप में भी करने लगे हैं। यह कफ, खांसी और जुकाम को ठीक करने में बहुत फायदेमंद है। कम भूख लगना, बदहजमी, अफारा और साँस की बीमारी जैसे दमा आदि में काइन पेपर के सेवन से बहुत लाभ होता है।

कैसे खाएं 

लहसुन प्राकृतिक रूप एंटीबायोटिक का श्रोत है।

लहसुन प्राकृतिक रूप एंटीबायोटिक का श्रोत है।

लहसुन प्राकृतिक रूप से सबसे ज्यादा एंटीबायोटिक का श्रोत है। लहसुन को हम रोज़ाना सब्जी, दाल, या किसी अन्य खाद्य पदार्थ में डाल कर सेवन करते हैं । इसमें एंटीबायोटिक, एंटीवायरल, एंटी-फ़ंगल और एंटीबायोटिक गुण होते हैं। लहसुन हर तरह के रोगों को नष्ट करने में फायदेमंद है।

कैसे खाएं 

  • अपने खाने में लहसुन का तड़का लगा कर खाएं।
  • इसकी कुछ कलियाँ पीस कर उबालें और चाय की तरह पीएं
  • सर्दी लगने पर कच्ची लहसुन खाएं
  •  

वायु प्रदूषण के चलते शरीर पर बेअसर हो रही दवाइयां

वायु प्रदूषण के चलते शरीर पर बेअसर हो रही दवाइयां

दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण से हम सभी लोग बेहाल हैं। लोग कई बीमारियों से घिर चुके हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वायु प्रदूषण से जीवाणुओं की क्षमता में वृद्धि होने जाने से सांस संबंधी संक्रमण के इलाज में दी जाने वाली एंटीबॉयोटिक दवाएं बेअसर हो जाती हैं। यह बात एक शोध में सामने आई।

गर्मी के दिनों में क्या खाएं क्या न खाएं?

गर्मी के दिनों में क्या खाएं क्या न खाएं?

बदलती ऋतुओं के अनुसार शरीर में स्वाभाविक  रासायनिक परिवर्तन होते हैं और इस परिवर्तन में  ऋतूचर्यानुसार  खाध्य  पदार्थों  का सेवन किया जाए तो वात-पित्त-कफ के उभार से होने वाले रोगों से बचा जा सकता है| यहाँ मैं  गर्मी की ऋतू  में अच्छी सेहत के लिए  सेहतमंद दिन चर्या  की बात करूँगा-

बुढ़ापा दूर रखने वाला संजीवनी पेय

शरीरशास्त्री वैज्ञानिकों का मानना है कि जब तक शरीर के कोषाणुओं (Cells) का पुनर्निर्माण ठीक-ठाक होता रहेगा, तब तक बुढ़ापा दूर रहेगा और शरीर युवा बना रहेगा। जब इस प्रक्रिय में विघ्न पड़ता है और कोषाणुओं के पुनर्निर्माण की गति मंद होने लगती है, तब शरीर बूढ़ा होने लगता है।

फिट रहना है तो प्याज से करें प्यार

प्याज से करें प्यार

प्याज का प्रयोग लगभग प्रत्येक भारतीय रसोई में कच्चे एवं पक्के दोनों रूप में किया जाता है। इसका लैटिन नाम ऐलियम सिफा है। यह जमीन के अंदर उगती है। इसकी ऊपरी शक्ल गहरे कत्थई, लाल तथा सफेद रंगों में होती है। प्याज की प्रकृति गर्म और खुश्क होती है। रसोई में इसकी पैठ मध्य तथा उत्तर भारत में बहुतायत से है। इसे गरीबों की कस्तूरी कहा जाता है। इसका उत्पादन गर्मी में ज्यादा होता है। यही कारण है कि गर्मी में लगने वाली लू का इलाज भी यही प्याज है।

एक हफ्ते में वाटर वेट से छुटकारा पाना है तो ये तरीके आजमाएं

एक हफ्ते में वाटर वेट से छुटकारा पाना है तो ये तरीके आजमाएं

अक्सर यह माना जाता है कि पानी पीना सेहत के लिए अच्छा होता है लेकिन कभी कभी ज्यादा पानी पीना भी हमारी सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

आप सोंच रहे होंगे भला ये क्‍या बात होती है, पानी से भला कैसे नुकसान हो सकता है। पर क्‍या आपने वॉटर वेट के बारे में सुना है।

क्‍या आपके फेस पर या बॉडी में सूजन दिखती है या फिर क्‍या लाख जिम में वर्कआउट करने के बाद भी वजन कम होने का नाम नहीं लेता। तो इसका साफ मतलब है कि आपका वजन पानी की वजह से बढा हुआ है।

स्किन के हिसाब से करे साबुन का चुनाव

स्किन के हिसाब से करे साबुन का चुनाव

अक्सर देखा जाता है कि लोग कोई भी सोप इस्तेमाल कर लेते हैं क्योंकि अधिकतर लोगों को लगता है कि इससे त्वचा की सफाई ही तो होनी है. लेकिन ऐसा नहीं होता है त्वचा की सफाई के साथ ही यह भी जरूरी है कि स्किन टाइप के अनुसार सोप का चुनाव किया जाए-

1-ग्लिसरीन युक्त साबुन मेडिकेटेड सोप होते हैं और यह मिली-जुली यानि कॉम्बिनेशन स्किन टाइप वालों के लिए फायदेमंद होता है. इसके अलावा जिनकी त्वचा रूखी और संवेदनशील होती है उन्हें भी इस सोप का इस्तेमाल करना चाहिए.

ऑफिस में स्ट्रेस से बचने के लिए खाने से ज्यादा नींद है जरूरी

ऑफिस में स्ट्रेस से बचने के लिए खाने से ज्यादा नींद है जरूरी

ऑफिस में थकान, तनाव और मूड खराब रहना आम बात है। एक नई स्टडी में कहा गया है कि बेहतर नींद से नौकरी के तनाव और शाम को खाए गए अस्वस्थ खाने से सुरक्षा मिल सकती है।

यह स्टडी ऑफिस में लोगों की खानपान की आदतों को जानने के लिए किया गया था। अध्‍ययन में पता चला कि जिन लोगों का ऑफिस में दिन अच्छा नहीं गुज़रा वो रात को डिनर टेबल पर भी सुस्त और उदास दिखाई दिए।

इस अध्‍ययन के सह शोधकर्ता चू-ह्सियांग डेसी चैंग का कहना है कि ऑफिस में बीते खराब दिन के कारण लोगों के मन में अधिक नकारात्मक विचार रहे और उन्होंने सेहतमंद खाने की जगह जंक फूड को प्राथमिकता दी।

बारिश के दौरान मांसपेशियों में दर्द को रोकने के 5 आसान तरीके

बारिश

बारिश के दिनों कई लोगों को थकान, मांसपेशियों में दर्द और शरीर में काफी दर्द होता है। इसलिए इन दिनों अपनी सेहत का ख्याल रखना बहुत जरूरी है!

आज हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसे ही तरीके जो इस मौसम में आपकी मांसपेशियों की अकड़न को रोक सकते हैं।

1) व्हे प्रोटीन का सेवन बढ़ाएं- इससे आपकी मांसपेशियों का दर्द तो कम नहीं होगा लेकिन मांसपेशियों को जल्दी से ठीक होने में मदद मिलेगी, इसलिए आपको ज़्यादा समय तक दर्द महसूस नहीं होगा। कसरत के पहले और बाद में 10 ग्राम व्हे प्रोटीन लेने से मांसपेशियों में दर्द के लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है।

दालचीनी रोक सकती है फूड प्वॉइजनिंग

दालचीनी रोक सकती है फूड प्वॉइजनिंग

एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि मसाले के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली दालचीनी न सिर्फ स्वाद बढ़ाती है, बल्कि यह एक प्रभावी एंटिबायोटिक भी है, जो गंभीर फूड प्वॉइजनिंग को रोकने में सहायक है. निष्कर्ष के मुताबिक, खाद्य उद्योग में दालचीनी का उपयोग एक प्राकृतिक एंटिबायोटिक के तौर पर किया जाता है.
अमेरिका के वाशिंगटन स्टेट यूनिवर्सिटी की लीना शेंग ने कहा, 'मांस और अन्य खाने वाले सामानों को ताजा रखने के लिए उसकी पैकिंग के डिब्बों में दालचीनी के तेल का इस्तेमाल किया जाता है.'

खाना खाने के बाद आपके पेट में क्यों दर्द होता है

हम कभी नहीं चाते हैं कि एक शानदार डिनर लेने के बाद हमारा पेट दर्द हो या हमें अच्‍छा महसूस न हो। लेकिन कई बार ऐसा हम सभी के साथ होता है।

भोजन करने के बाद पेट का दुखना, डास्‍सेप्सिया कहलाता है जोकि अपच का ही एक नाम है। इसमें व्‍यक्ति के पेट में दर्द होता है, ऐंठन होती है और आपको पेट में बहुत ज्‍यादा भारीपन महसूस हो।

ऐसा अक्‍सर भोजन करने के बाद ही लगता है। पेट दुखने के कई कारण हो सकते हैं जिनके बारे में आज हम इस लेख में आपको विस्‍तापूर्वक बताएंगे। इनमें से सबसे प्रमुख कारण गैस्‍ट्रोएस्‍फोगल रिफ्लक्‍स बीमारी होती है।

कंप्‍यूटर पर काम करते हुए आंखों का रखे ख्याल

कंप्‍यूटर पर काम करते हुए आंखों का रखे ख्याल

आजकल सभी जगहों पर कंप्यूटर और लैपटॉप पर काम लिए जाते हैं। यदि उस पर काम नहीं कर रहे होते तो टेबलेट या स्मार्टफोन को देख ईमेल का जवाब देते हैं या फिर उस पर कोई वीडियो देख रहे होते हैं। इसलिए जब भी आप कंप्यूटर पर काम करते हैं तो स्क्रीन को देखते हैं, लेकिन इस इससे निकलने वाली रोशनी आंखें के लिए नुकसानदायक होती है।आंखों का ख्याल रखना जरूरीआप चाहे कुछ भी कर लें लेकिन स्क्रीन को देखे बिना इस डिजिटल दुनिया में काम करना मुश्किल नहीं बल्कि असंभव है। इसलिए आंखों का ख्याल रखना बहुत जरूरी है। लेकिन कुछ ऐसे तरीके भी जिनको आप कंप्यूटर या लैपटॉप पर काम करते हुए अपनाएं तो उसकी स्क्रीन से निकलने वाली रोशनी

लिवर को स्वस्थ रखने के लिए पीयें मुलेठी की चाय

मुलेठी की चाय

लिवर को स्वस्थ रखने के लिए पीयें मुलेठी की चाय------------------
यदि आप लिवर की समस्याओं से ग्रस्त हैं या अपने लिवर को हमेशा स्वस्थ बनाए रखना चाहते हैं तो आज से ही मुलेठी की चाय पीना शुरू कर दे। मुलेठी की चाय के औषधिक गुणों का जिक्र हमारे आर्युवेद में भी किया गया हैं। इसका नियमित रूप से सेवन करने से लिवर मजबूत बनता हैं। मुलेठी की चाय बनाने के लिए यह विधि अपनाए-
1-एक चुटकी मुलेठी के पाउडर को उबलते हुए पानी में डालें। इसके बाद उसमे थोड़ी सी चायपत्ती भी डालें। इस चाय को दस मिनट तक उबाल कर छान लें । जहाँ तक हो सके इसे सुबह गरमागरम ही पियें।

मुहांसे ठीक करने के हर्बल उपाय

मुहांसे ठीक करने के 10 हर्बल उपाय

किशोरों में अपने लुक्स को लेकर आजकल कुछ ज्यादा ही जागरूकता आ गई है। उन्हें अपनी त्वचा और चेहरे की सुंदरता को लेकर बड़ी चिंता बनी रहती है। किशोरावस्था के दौरान तेजी से होने वाले हॉर्मोनल परिवर्तन के कारण चेहरे तथा त्वचा संबंधित समस्याएं पैदा होती हैं। इस दौरान होने वाली प्रमुख समस्याओं में से एक मुहांसे भी हैं। मुहांसों से निपटने के लिए किशोर बाजार में उपलब्ध तमाम क्रीम और दवाओं का इस्तमाल करते हैं और जब परिणाम संतोषजनक नहीं मिलते तो मानसिक तनाव के शिकार हो जाते हैं। मुहांसों की वजह से चेहरा बदसूरत लगता है। इससे उनमें आत्मविश्वास की कमी हो जाती है। इस वजह से वे खुद को अपनी मित्र मंडली से दूर

बादाम खाएं ,मोटापा,कोलेस्ट्रोल घटाएं

अक्सर हम अपने स्वास्थ्य का  भली प्रकार ध्यान नहीं रख पाते हैं | इसकी वजह से हमारा शरीर सुस्ती और कमजोरी महसूस करने लगता है| कोइ काम करने में अनिच्छा  और आलस्य  अनुभव होता है|  इस  स्थिति से रूबरू  होने पर  हम सुस्ती भगाने के लिए व्यायाम  भी शुरू का देते हैं जो अच्छी बात है  लेकिन  अगर आप नियमित रूप से एक मुट्ठी भर बादाम  सेवन  करेंगे  तो आपकी सेहत में काफी बदलाव  आता नजर आएगा|  बादाम हमारे शरीर को सिर्फ तन्दुरस्त ही नहीं रखता बल्कि मोटापा भी कम करता है| 

नाश्‍ते के ये आहार, दूर रखें उम्र का असर

नाश्‍ते के ये सात आहार, दूर रखें उम्र का असर

जवां दिखना भला कौन नहीं चाहता हैं लेकिन इसके लिए आपको ब्यूटी प्रोडक्ट और एंटी एजिंग क्रीम की नहीं बल्कि खान-पान पर ध्‍यान देने की जरूरत है। और सबसे ज्‍यादा जरूरी हैं सुबह का नाश्ता।

डाइट में छुपा है राज वजन घटानें का

कामकाजी हो या गृहिणी, घर-बार के अलावा उन्हें खुद को संभालने का वक्त बहुत कम मिल पाता है। कम वक्त और सही जानकारी के अभाव में, सैकड़ों बार कोशिश करने के बावजूद हमारा वजन कभी कम नहीं हो पाता। लेकिन इस बार होगा, कैसे? आइए जानते हैं वजन कम करने के सही तरीके, बता रही हैं रुचि गुप्ता

बाल झड़ते है तो यह तरीका अपनाये

  1. बालों में आमतौर पर कुछ समस्याएं जैसे- बालो का गिरना, सफेद बाल, डैण्ड्रफ, सिर की त्वचा के रोग इत्यादि शामिल हैं। 
  2. लेकिन बालों की समस्या को थोड़ी सावधानी बरतकर आसानी से दूर किया जा सकता है। मजबूत तथा स्वस्थ बालों के लिए तेल से मालिश आवश्यक है। 
  3. सर की मालिश करने से बालों की जड़ो को पोषण मिलता है और बालों के झड़ने में कमी आती है। 
  4. सरसो के तेल में मेहंदी की पत्ती गर्म करें। ठंडा कर के बालों में लगायें, इससे बालों का झड़ना रूक सकता हैं। 

मूड खराब है तो अपनाएं ये टिप्स

मूड खराब है तो अपनाएं ये टिप्स

मूड में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। समय के साथ मूड ठीक भी हो जाता है, किंतु कुछ लोगों पर मानसिक दबाव इतने अधिक होते हैं कि वे सुगमता से अपने खराब मूड से बाहर नहीं निकल पाते। इसके लिए कई बार उन्हें ऐसी औषधियां लेनी पड़ती हैं, जो कुछ देर के लिए तो उन्हें इस हताश मानसिकता से बाहर निकाल देती हैं, लेकिन इन औषधियों के दुष्परिणाम भी कम नहीं होते। इसलिए बेहतर यही है कि अपनी मानसिक दशा को इतना सबल बनाएं कि नकारात्मक दृष्टिकोण आपको गिरफ्तार न कर सकें और अगर कर ही लें तो आपको उनसे बाहर निकलने के उपाय भी पता होने चाहिए। यहां हम आपको दे रहें ऐसे ही कुछ टिप्स -

 

मिठाई में इस्तेमाल होने वाला चांदी का वर्क असली है या नकली

मिठाई में इस्तेमाल होने वाला चांदी का वर्क असली है या नकली

खाद्य पदार्थों में मिलावट आम बात है। खासकर त्यौहारों के दौरान मिठाइयों में मिलावट होने के मामले अधिडी देखे जाते हैं।

आपको बता दें मिलावट वाली चीजें खाने से आपके स्वास्थ्य के लिए कई खतरे पैदा हो सकते हैं। इससे आपको पेट ख़राब होना, उल्टी और मतली का अनुभव हो सकता है।

इन दिनों मिठाइयों के साथ-साथ सबसे ज्यादा मिलावट मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाली सिल्वर लीफ यानी चांदी के वर्क में खूब मिलावट हो रही हैं।

इतना ही नहीं, चांदी के असली वर्क के नाम पर बाजार में एल्युमिनियम के वर्क भी बिक रहे हैं। इससे कैंसर, फेफड़े और दिमाग की बीमारियां हो सकती हैं।

हरा प्याज रखता है शुगर लेवल को कण्ट्रोल

हरा प्याज रखता है शुगर लेवल को कण्ट्रोल

हरे प्याज में विटामिन ए, विटामिन सी और विटामिन बी2 भरपूर पाए जाते हैं. इसके अलावा ये थायमीन और विटामिन के का भी एक अच्छा स्त्रोत है. जानिए, हरे प्याज खाने के बेमिसाल फायदे:

1-सर्दी-जुकाम में राहत के लिए स्प्रिंग अनियन का इस्तेमाल करना बहुत फायदेमंद होता है. ये श्वसन प्रक्रिया को बेहतर बनाता है.

2-हाल में हुए एक अध्ययन के मुताबिक, हरे प्याज में मिलने वाला सल्फर ब्लड प्रेशर को कम करने में सहायक होता है. ये इंसुलिन के स्तर को संतुुलित बनाए रखता है.

3-हरे प्याज में पर्याप्त मात्रा में सल्फर पाया जाता है. इसके सेवन से विभिन्न प्रकार के कैंसर होने का खतरा कम हो जाता है.

आपके स्‍मार्टफोन यूज़ से बिगड़ सकते हैं बच्‍चे

स्‍मार्टफोन यूज़

क्‍या आप घर पर रहकर ज्‍यादातर समय अपने स्‍मार्टफोन के साथ बिताते हैं? अगर ऐसा है तो आप अपने अपने बिगड़ते बच्‍चों के लिए स्‍वयं ही जिम्‍मेदार हैं।

हाल ही में एक रिसर्च से ये मालूम चला है कि आपका घर पर लगातार स्‍मार्टफोन चलाते रहना और बच्‍चों को पर्याप्‍त समय न देना, बच्‍चों को बिगाड़ सकता है और उनमें बुरे व्‍यवहार को विकसित कर सकता है।

एक नए अध्ययन से पता चलता है कि तकनीकी से ज्‍यादा जुड़े रहने के कारण आपके बच्‍चों को अतिसंवेदनशीलता और गुस्‍सा विकसित हो जाता है। कई बार वो गलत तरीके से बर्ताव भी करने लगते हैं।

एक आंवला दो संतरे के बराबर होता है।

आंवला

आंवले में सारे रोग दूर करने के गुण व शक्ति होती है। आंवला युवकों को भी यौवन शक्ति प्रदान करता है तथा बूढ़ों को युवा जैसी शक्ति देता है। बशर्ते आंवला किसी न किसी रूप में रोज सेवन करें। आंवले में विटामिन सी भरपूर होता है। हर इंसान को प्रतिदिन 50 मिली ग्राम विटामिन सी की जरूरत होती है। एक आंवला दो संतरे के बराबर होता है। आंवले का मुरब्बा ताकत देने वाला होता है।

1. गर्भवती स्त्रियों को आंवला अवश्य लेना चाहिये। किसी भी रूप में लें।

2. आंवला एक अंण्डे से अधिक बल देता है।

3. आंवला ब्लडप्रेशर वालों के लिये लाभप्रद है।

बाजरे की रोटी खाने के ये फायदे

आमतौर पर हम सभी के घरों में गेंहूं के आटे से बनी रोटियां ही खायी जाती हैं लेकिन कई जगहों पर लोग गेंहू की जगह बाजरे की रोटी खाना पसंद करते हैं.

बाजरा न केवल पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने का काम करता है बल्क‍ि ये कई तरह की बीमारियों से भी बचाता है.

बाजरा खाने के फायदे:

1. एनर्जी के लिए: 
बाजरा खाने से एनर्जी मिलती है. ये ऊर्जा एक बहुत अच्छा स्त्रोत है. इसके अलावा अगर आप वजन घटाना चाह रहे हैं तो भी बाजरा खाना आपके लिए फायदेमंद होगा. दरअसल, बाजरा खाने के बाद काफी देर तक भूख नहीं लगती है. जिससे वजन कंट्रोल करने में मदद मिलती है.

पानी पीने का मन नहीं होता तो इन भोजन को करें डायट में शामिल

पानी पीने

सर्दियों मे आपके शरीर में अक्सर पानी की कमी देखने को मिलती है क्योंकि इस समय आप पानी बहुत कम पीने लगते है। इसलिए आपकी सेहत को खतरा रह