सहजन की पत्तियों से बने बिस्कुट देंगे स्वाद और सेहत

इलाहाबाद: सहजन और इसकी पत्तियां सेहत के लिए स्वास्थ्यवर्धक हैं, लेकिन बच्चे ही नहीं कई बड़े भी इसके स्वाद के चलते इससे दूर भागते हैं। लेकिन अब दोनों ही सहजन को स्वाद लेकर खाएंगे, क्योंकि जल्द ही बाजार में सहजन की पत्तियों से बने बिस्कुट आएंगे, जो पौष्टिक ही नहीं स्वादिष्ट भी होंगे। ​(देश-विदेश की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें) सहजन की पत्तियों का इस्तेमाल कर इस बिस्कुट को द इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड सांसेज ने तैयार किया है। इंस्टीट्यूट का दावा है कि यह बिस्कुट बाजार में मौजूद बिस्कुट की अपेक्षा ज्यादा सेहतमंद और सस्ता होगा। हालांकि अभी इसके बाजार में आने में कुछ समय लगेगा क्योंकि इसे तैया

योग के 10 फायदे

योग के 10 फायदे

1) योग का प्रयोग शारीरिक , मानसिक और आध्यत्मिक लाभों के लिए हमेशा से होता रहा है l आज की चिकित्सा शोधों ने ये साबित कर दिया है की योग शारीरिक और मानसिक रूप से मानवजाति के लिए वरदान है |

2) जहाँ जिम आदि से शरीर के किसी खास अंग का ही व्यायाम होता है वहीँ योग से शरीर के समस्त अंग प्रत्यंगों,ग्रंथियों का व्यायाम होता है जिससे अंग प्रत्यंग सुचारू रूप से कार्य करने लगते हैं |

3) योगाभ्यास से रोगों से लड़ने की शक्ति बढती है | बुढ़ापे में भी जवान बने रह सकते हैं त्वचा पर चमक आती है शरीर स्वस्थ,निरोग और बलवान बनता है |

माइग्रेन के लिए 11 घरेलु उपाय.

माइग्रेन के लिए 11 घरेलु उपाय.

1) बादाम 10-12 नग प्रतिदिन खाएं। यह माईग्रेन का बढिया उपचार है।

2) बन्द गोभी को कुचलकर एक सूती कपडे में बिछाकर मस्तक (ललाट) पर बांधें। रात को सोते वक्त या दिन में भी सुविधानुसार कर सकते हैं। जब गोभी का पेस्ट सूखने लगे तो नया पेस्ट बनाककर पट्टी बांधें। मेरे अनुभव में यह माईग्रेन का सफ़ल उपाय हैं।

3) अंगूर का रस 200 मिलि सुबह-शाम पीयें। बेहद कारगर नुस्खा है।

4) नींबू के छिलके कूट कर पेस्ट बनालें। इसे ललाट पर बांधें । जरूर फ़ायदा होगा।

5) गाजर का रस और पालक का रस दोनों करीब 300 मिलि पीयें आधाशीशी में गुणकारी है।

शरीर शुद्धिकर फल – नींबू

शरीर शुद्धिकर फल – नींबू

शरीर शुद्धिकर फल – नींबू
नींबू अनुष्ण अर्थात न अति उष्ण है, न अति शीत | यह उत्तम जठराग्निवर्धक, पित्त व वातशामक, रक्त, ह्रदय व यकृत की शुद्धि करनेवाला, कृमिनाशक तथा  पेट के लिए हितकारी है | ह्रदयरोगों को ठीक करने
में यह अंगूर से भी अधिक गुणकारी सिद्ध हुआ है |
इसमें प्रचुर मात्रा में उपलब्ध विटामिन ‘सी’ शरीर की रोगप्रतिकारक शक्ति को बढाता है |

शहद : स्वास्थ्य और सौंदर्य के लिए शहद

शहद : स्वास्थ्य और सौंदर्य के लिए शहद

शहद या मधु एक प्राकृतिक मधुर पदार्थ है जो मधुमक्खियों द्वारा फूलों के रस को चूसकर तथा उसमें अतिरिक्त पदार्थों को मिलाने के बाद छत्ते के कोषों में एकत्र करने के फलस्वरूप बनता है। शहद हर किसी के जीवन में महत्व रखता है। फिर चाहे वह खानपान, चिकित्सा से संबंधित हो या फिर सौंदर्य से। इसमें प्रचुर मात्रा में गुण हैं। आज से हजारों वर्ष पहले से ही दुनिया के सभी चिकित्सा शास्त्रों, धर्मशास्त्रों, पदार्थवेत्ता-विद्वानों, वैधों-हकीमों ने शहद की उपयोगिता व महत्व को बताया है। आयुर्वेद के ऋषियों ने भी माना है कि तुलसी व मधुमय पंचामृत का सेवन करने से संक्रमण नहीं होता और इसका विधिवत ढंग से सेवन कर अनेक रोग

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