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साधना के लिए नीम

साधना के लिए नीम

नीम आपके सिस्टम को साफ रखने के साथ उसको खोलने में भी खास तौर से लाभकारी होता है। इन सबसे बढ़ कर यह शरीर में गर्मी पैदा करता है।   शरीर में इस तरह की गर्मी हमारे अंदर साधना के द्वारा तीव्र और प्रचंड ऊर्जा पैदा करने में बहुत मदद करती है।रोजाना नीम की चार-पांच कोमल पत्तियां चबाकर खाने से खून साफ होता है और कई प्रकार की संक्रामक बीमारियों से बचाव होता है।
1. चेचक का इंफेक्शन होने पर नीम के पत्तों को पानी में उबालकर नहाने से लाभ होता है।
2. फोड़े-फुंसियों पर भी नीम के पत्तों का लेप लगाने से फायदा होता है।

गुड़ के बडे़ बडे़ गुण

गुड़ के बडे़ बडे़ गुण

गुड़ गन्ने से तैयार एक शुद्ध, अपरिष्कृत पूरी चीनी है। यह खनिज और विटामिन है जो मूल रूप से गन्ने के रस में ही मौजूद हैं। यह प्राकृतिक होता है।   इसे चीनी का शुद्धतम रूप माना जाता है। गुड़ का उपयोग मूलतः दक्षिण एशिया मे किया जाता है। भारत के ग्रामीण इलाकों मे गुड़ का उपयोग चीनी के स्थान पर किया जाता है। गुड़ लोहतत्व का एक प्रमुख स्रोत है और रक्ताल्पता (एनीमिया) के शिकार व्यक्ति को चीनी के स्थान पर इसके सेवन की सलाह दी जाती है। भारतीय आयुर्वेदिक चिकित्सा के अनुसार गुड़ का उपभोग गले और फेफड़ों के संक्रमण के उपचार में लाभदायक होता है। गांधी जी के अनुसार चूँकि गुड़ तेजी से रक्त में नही मिलता है इ

नीम का तेल + कपूर = (All Out) तथा मोर्टीन का बाप

नीम का तेल + कपूर =   (All Out) तथा मोर्टीन का बाप

★ (All Out) की केमिकल वाली खाली रिफिल आपको आपने घर में मिल जायेगी ! अब बाजार से आपको दो चीज लानी है एक तो नीम का तेल और कपूर ! 

★ खाली रिफिल में आप नीम का तेल डाले और थोड़ा सा कपूर भी डाल दे और रिफिल को मशीन में लगा दे पूरी रात मच्छर नही आयेगे !

★ जब एक प्राकृतिक तरीके से मच्छरो से छुटकारा मिल जाए तो पेस्टीसाइड का जहर अपने जिंदगी मे क्यो घोल रहे है !

★ मच्छर भगाने वाली क्वायल 100 सिगरेट के बराबर नुकसान करती है ! तो सावधान रहिए मच्छर भगाने का सबसे सस्ता, टिकाऊ, आसान और देसी तरीका है पैसे और स्वास्थ्य दोनों की बचत है !

कहीं आपमें खून की कमी तो नहीं?

कहीं आपमें खून की कमी तो नहीं?

सामान्यतः जिसे हम खून की कमी होना कहते हैं।वस्तुतः वह खून में हीमोग्लोबिन नमक तत्व की कमी होती है। मेडिकल भाषा में इसे एनेमिया कहते हैं। हीमोग्लोबिन के कारण ही खून का रंग लाल होता है। लाल रक्त कणिकाओं का मुख्य भाग हीमोग्लोबिन ही होता है। खून की कमी का पता हमें तब ही चल पाता है जब किसी वजह से या डॉ के कहने पर खून की जाँच करवाते हैं।कभी कभी जब हमारे किसी प्रियजन को खून की आवश्यकता होती है और हम रक्त दान करने ब्लड बैंक जाते हैं, रक्त दान से पहले खून की जांच होती है जिसमे लोगों को अक्सर पता चलता है कि खून में हीमोग्लोबिन कम है।इस कारण आप रक्त दान नही कर सकते हैं। इस लेख में हम आपको बताएँगे की क

वात रोग : का उपचार

वात रोग

वात, पित्त और कफ तीनों में से वात सबसे प्रमुख होता है क्योंकि पित्त और कफ 
भी वात के साथ सक्रिय होते हैं। शरीर में वायु का प्रमुख स्थान पक्वाशय में होता है
 और वायु का शरीर में फैल जाना ही वात रोग कहलाता है। हमारे शरीर में वात 
रोग 5 भागों में हो सकता है जो 5 नामों से जाना जाता है।
वात के पांच भाग निम्नलिखित हैं-
• उदान वायु - यह कण्ठ में होती है।
• अपान वायु - यह बड़ी आंत से मलाशय तक होती है।
• प्राण वायु - यह हृदय या इससे ऊपरी भाग में होती है।
• व्यान वायु - यह पूरे शरीर में होती है।
• समान वायु - यह आमाशय और बड़ी आंत में होती है।

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