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क्या पेनकिलर ले सकते हैं? अगर हां, तो कब और कितनी मात्रा में?

क्या पेनकिलर ले सकते हैं? अगर हां, तो कब और कितनी मात्रा में?

ज्यादा दर्द होने पर पेनकिलर ले सकते हैं लेकिन डेंगू की आशंका पूरी तरह खत्म होने के बाद ही।  हार्ट, डायबिटिज और किडनी के मरीजों को खासतौर पर पेनकिलर से बचना चाहिए। जरूरत लगे तो पैरासिटामोल (Paracetamol) लें। 500-650 Mg की दिन में दो-तीन बार ले सकते हैं। यह मार्केट में क्रोसिन (Crocin), कालपोल (Calpol) आदि ब्रैंड नेम से मिलती है। बच्चों को हर चार घंटे में 1 मिली प्रति किलो वजन के अनुसार इसकी लिक्विड दवा दे सकते हैं। यह बुखार के अलावा पेनकिलर भी है। जिन्हें बुखार नहीं है, वे ट्रामाडोल (Tramadol) ले सकते हैं। यह मार्केट में अल्ट्रासेट (Ultracet), एक्युपेन (Acupain), डामोडोल (Domadol) आदि नाम से

तेज पत्ता के फायदे

तेज पत्ता

पाचन में सहायक  तेजपत्ता, पाचन में सहायक होता है और इसके सेवन से कई प्रकार के पाचन सम्बंधी विकार सही हो जाते हैं। अगर आपको कब्ज, एसिड और ऐंठन की शिकायत रहती है तो तेजपत्ता आपके लिए रामबाण साबित हो सकता है।

 

गठिया के रोग में आराम

तेजपत्ते में एंटीफंगल और एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं, यह फंगल या बैक्टीरियल इंफेक्शन को दूर करने में कारगर होता है। इसके प्रयोग से गठिया के रोग में आराम मिलता है।

 

रूसी दूर करें

बैक्टीरिया से लड़ता है नीम

बैक्टीरिया

दुनिया बैक्टीरिया से भरी पड़ी है। हमारा शरीर बैक्टीरिया से भरा हुआ है। एक सामान्य आकार के शरीर में लगभग दस खरब कोशिकाएँ होती हैं और सौ खरब से भी ज्यादा बैक्टीरिया होते हैं। आप एक हैं, तो वे दस हैं। आपके भीतर इतने सारे जीव हैं कि आप कल्पना भी नहीं कर सकते। इनमें से ज्यादातर बैक्टीरिया हमारे लिए फायदेमंद होते हैं। इनके बिना हम जिंदा नहीं रह सकते, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं, जो हमारे लिए मुसीबत खड़ी कर सकते हैं। अगर आप नीम का सेवन करते हैं, तो वह हानिकारक बैक्टीरिया को आपकी आंतों में ही नष्ट कर देता है।

क्या आप भी पेट की समस्याओं से परेशांन हैं?

क्या आप भी पेट की समस्याओं से परेशांन हैं?

आजकल पेट की समस्याएं कब्ज, गैस, एसिडिटी, बहुत ही आम हो गईं हैं।  यह छोटी लगने वाली पेट की समस्याएं ही आगे चल कर गम्भीर बीमारियों में बदल जाती हैं। कब्ज अर्थात पेट का ठीक से साफ न होना हज़ार बीमारियों की जड़ माना जाता है।यदि अधिक समय तक कब्ज बनी रहे तो अल्सरेटिव कोलायटिस, कोलन कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी होने की आशंका रहती है। एसिडिटी के कारण पेट व् छोटी आंत में अल्सर हो जाते जाते है। जिनका भी आगे चलकर कैंसर में बदलने का खतरा बना रहता है। इसके अतिरिक्त शरीर का अम्ल क्षार घनत्व भी बिगड़ जाता है। जिसके कारण भी शरीर में विभिन्न संमस्याएँ हो जाती हैं। पेट में एसिडिटी रोकने की दवाएं जैसे ओमेप्रजोल( जो

जानिए: बाबा रामदेव जी कैसे बिताते हैं पूरा दिन.

जानिए: बाबा रामदेव जी कैसे बिताते हैं पूरा दिन.

सुबह 3:30 बजे: बाबा रामदेव अपने दिन की शुरुआत 1-2 गिलास गरम पानी पीने के बाद आंवला और एलोवेरा जूस पीकर करते हैं।   तकरीबन आधा घंटे में फ्रेश हो जाते हैं।

4:00 बजे: योग शिविर जाने से पहले वॉर्मअप में तकरीबन आधा घंटे बिताते हैं। खासतौर पर स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करते हैं। कुछ पर्सनल नोट्स लिखते हैं। इसमें दिन भर के काम और अपने आगे के अजेंडे के बारे में लिखते हैं।

4:30 बजे : योग शिविर से उनके निवास की दूरी तकरीबन 1 किमी है। वह यह दूरी दौड़ कर पूरी करते हैं। इसे वह अपना रोज का रुटीन बताते हैं।

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