
बढ़ती उम्र और मांसपेशियों की मजबूती: नया शोध
न्यूयॉर्क। बढ़ती उम्र के साथ मांसपेशियों में कमजोरी और क्षरण एक सामान्य समस्या बन जाती है। यूनिवर्सिटी ऑफ आयोवा के वैज्ञानिकों ने इस समस्या के मूल कारण का पता लगाने के दौरान दो प्राकृतिक यौगिकों की खोज की है, जो मांसपेशियों को कमजोर करने वाले प्रोटीन की सक्रियता को कम कर सकते हैं। इससे मांसपेशियों के क्षरण और कमजोरी को कम किया जा सकता है।
मांसपेशियों में कमजोरी का कारण:
वैज्ञानिकों के अनुसार, एटीएफ4 नामक प्रोटीन मांसपेशियों के जीन की अभिव्यक्ति में बदलाव लाता है, जिससे मांसपेशियों के प्रोटीन संश्लेषण, ताकत और घनत्व में कमी आ जाती है। यह प्रोटीन उम्र बढ़ने के साथ अधिक सक्रिय हो जाता है, जिससे शरीर की मांसपेशियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
प्राकृतिक समाधान:
शोधकर्ताओं ने सेब में पाए जाने वाले अर्सोलिक एसिड और हरे टमाटरों में पाए जाने वाले टोमेटिडाइन को ऐसे सूक्ष्म अणुओं के रूप में पहचाना है, जो भूख और असक्रियता के कारण मांसपेशियों को होने वाले नुकसान को रोक सकते हैं।
शोध निष्कर्ष:
अध्ययन के वरिष्ठ लेखक और इंटरनल मेडिसिन के प्रध्यापक क्रिस्टोफर एडम्स के अनुसार, यह खोज भविष्य में मांसपेशियों की कमजोरी और क्षरण को रोकने के लिए नए उपचार विकसित करने में मदद कर सकती है। वैज्ञानिकों ने चूहों पर किए गए प्रयोगों में पाया कि इन यौगिकों के उपयोग से:
- मांसपेशियों के घनत्व में 10% की वृद्धि देखी गई।
- मांसपेशियों की ताकत और गुणवत्ता में 30% तक सुधार पाया गया।
महत्वपूर्ण जानकारी:
यह अध्ययन प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिका 'जर्नल ऑफ बायोलॉजिकल केमिस्ट्री' में प्रकाशित हुआ है। इस शोध के नतीजे बताते हैं कि प्राकृतिक यौगिकों का सही उपयोग मांसपेशियों की कमजोरी को रोकने और स्वस्थ जीवन बनाए रखने में कारगर साबित हो सकता है।
निष्कर्ष:
यदि आप उम्र बढ़ने के साथ अपनी मांसपेशियों की ताकत बनाए रखना चाहते हैं, तो अपने आहार में सेब और हरे टमाटर जैसे प्राकृतिक खाद्य पदार्थों को शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। यह शोध भविष्य में मांसपेशी क्षरण से बचाने के लिए नए उपचारों का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
- Log in to post comments