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23 March 2025

दूध पीने के आयुर्वेदिक नियम और उनके फायदे
दूध जहाँ पौष्टिक माना जाता है, वहीं कुछ लोग इसे पीने से परहेज करते हैं। बचपन में माँ बार-बार दूध पिलाने का प्रयास करती थीं, लेकिन हम बचकर भागते थे। आज हम अपने बच्चों को दूध पिलाने का प्रयास करते हैं। दूध शरीर के लिए अत्यंत लाभकारी होता है, परंतु इसे पीने के भी कुछ नियम होते हैं।
आयुर्वेद के अनुसार दूध पीने के नियम
कुछ लोगों को दूध पीने के बाद पाचन से जुड़ी समस्याएँ होती हैं, जैसे कि पेट फूलना या बार-बार खराब होना। आयुर्वेद के अनुसार, यदि कुछ नियमों का पालन किया जाए, तो दूध आसानी से हजम हो सकता है।
1. बिना शक्कर मिला दूध
- आमतौर पर लोग दूध में शक्कर मिलाकर पीते हैं, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार रात में बिना शक्कर का दूध पीना अधिक फायदेमंद होता है।
- यदि संभव हो, तो दूध में एक या दो चम्मच गाय का घी मिलाना चाहिए।
2. ताजा व जैविक दूध
- आजकल पैकेट वाला दूध अधिकतर लोग इस्तेमाल करते हैं, लेकिन यह न तो ताजा होता है और न ही जैविक।
- आयुर्वेद के अनुसार, ताजा, जैविक और बिना हार्मोन की मिलावट वाला दूध सबसे अच्छा होता है।
3. उबला हुआ दूध
- कुछ लोग कच्चा दूध पीना पसंद करते हैं, लेकिन आयुर्वेद में इसे स्वास्थ्य के लिए उचित नहीं माना जाता।
- दूध को हमेशा उबालकर और हल्का गर्म अवस्था में ही पीना चाहिए।
- यदि दूध भारी लग रहा हो, तो उसमें थोड़ा पानी मिलाया जा सकता है।
4. देसी गाय का दूध
- आयुर्वेद में देसी गाय के दूध को सर्वोत्तम माना गया है।
- यदि संभव हो, तो बाजार के दूध के बजाय देसी गाय का शुद्ध दूध ही पीना चाहिए।
5. दूध में लौंग व इलायची मिलाना
- जिन लोगों को दूध हजम नहीं होता, वे दूध में अदरक, लौंग, इलायची, केसर, दालचीनी और जायफल आदि मिला सकते हैं।
- यह मिश्रण पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और दूध को आसानी से हजम करने में मदद करता है।
6. दूध और केसर का सेवन
- अगर रात का खाना नहीं खा पाए हैं, तो एक चुटकी जायफल और केसर डालकर दूध पी सकते हैं।
- इससे नींद अच्छी आती है और शरीर को ऊर्जा भी मिलती है।
7. नमकीन चीज़ों व मछली के साथ दूध न लें
- आयुर्वेद के अनुसार, दूध के साथ किसी भी नमकीन चीज़ का सेवन नहीं करना चाहिए।
- दूध के साथ खट्टे फल भी नहीं खाने चाहिए।
- दूध और मछली एक साथ खाने से त्वचा पर सफेद या भूरे धब्बे उभर सकते हैं।
निष्कर्ष
दूध शरीर के लिए अत्यंत लाभकारी होता है, लेकिन इसे सही तरीके से पीना आवश्यक है। यदि आप आयुर्वेद के इन नियमों का पालन करेंगे, तो दूध का अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकते हैं और पाचन संबंधी समस्याओं से बच सकते हैं।
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