
पैरों और टांगों में नसों का ऐंठन, सूजन और दर्द – कारण और उपचार
कई लोग रात के समय सोते वक्त टांगों में ऐंठन या दर्द महसूस करते हैं, जिससे नींद में खलल पड़ता है। यह समस्या केवल रात तक ही सीमित नहीं रहती, बल्कि दिनभर भी कभी-कभी पैरों में दर्द, जलन, या सुन्नपन महसूस हो सकता है। नसों का ऐंठन, सूजन, दर्द और मांसपेशियों का खिंचाव एक सामान्य समस्या है, जो कई कारणों से उत्पन्न होती है।
पैरों और टांगों में ऐंठन के कारण:
- अनियंत्रित मधुमेह: मधुमेह के कारण शरीर में खून का प्रवाह और नसों की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है, जिससे टांगों में ऐंठन या दर्द हो सकता है।
- खनिज तत्वों की कमी: शरीर में पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम जैसे खनिज तत्वों की कमी से नसों और मांसपेशियों में ऐंठन हो सकती है।
- डाययूरेटिक दवाएं: पेशाब की अधिकता उत्पन्न करने वाली दवाएं, जैसे लेसिक्स, शरीर से जल और खनिज तत्वों को निकाल देती हैं, जिसके कारण नसों में खिंचाव और ऐंठन हो सकती है।
- हृदय रोग या उच्च रक्तचाप की दवाएं: कुछ हृदय रोगियों के लिए उपयोग की जाने वाली 'Beta-blockers' दवाएं भी इस समस्या का कारण बन सकती हैं।
- कठोर व्यायाम या शारीरिक श्रम: अत्यधिक मेहनत, कठोर व्यायाम या खेलकूद से भी नसों में ऐंठन और दर्द हो सकता है।
- पैरों को एक ही स्थिति में लंबे समय तक रखना: लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठना या खड़ा रहना, मांसपेशियों की थकान और ऐंठन का कारण बन सकता है।
- कोलेस्ट्रॉल का जमा होना: रक्त धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमा होने से रक्त प्रवाह कम हो जाता है, जिससे पैरों में ऐंठन हो सकती है।
- सिगरेट, शराब, और तंबाकू का सेवन: इनका अत्यधिक सेवन भी नसों की समस्या को बढ़ा सकता है।
घरेलू उपाय:
- आराम करें और पैरों को ऊंचाई पर रखें: पैरों को ऊंचा करके आराम करना मांसपेशियों और नसों को आराम देता है।
- ठंडी और गर्म सिकाई: 15 मिनट तक बर्फ की सिकाई करें। इसके बाद गर्म सिकाई करें। यह प्रक्रिया दर्द और ऐंठन से राहत देती है।
- मालिश करें: ऐंठन वाले हिस्से की हल्की मालिश करें, जिससे रक्त प्रवाह बढ़ता है और दर्द में राहत मिलती है।
- वेरीकोज वेन के लिए: पैरों को ऊंचाई पर रखें और इलास्टिक पट्टी बांधें, ताकि खून का संचरण ठीक तरीके से हो।
- पानी और पोषण: शरीर में पानी और खनिज तत्वों की कमी नहीं होने दें।
- खानपान में सुधार: उचित आहार लें, जैसे फलों और सब्जियों का सेवन करें, और ताजे पानी का पर्याप्त सेवन करें।
- सही जूते पहनें: आरामदायक और सही आकार के जूते पहनें, ताकि पैरों पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।
- व्यायाम करें: रोज सैर करें या हल्का व्यायाम करें। इससे मांसपेशियों को मजबूती मिलती है और नसों में ऐंठन कम होती है।
- फाइबर युक्त भोजन: चपाती, ब्राउन ब्रेड, सब्जियां और फल खाएं। रिफाइंड फूड से बचें।
भोजन में शामिल करें:
- फलों का सेवन करें: नींबू-पानी, नारियल पानी, मौसमी फल, पपीता, अनार, सेब आदि।
- सब्जियां: पालक, टमाटर, गाजर, चुकंदर, आलू, सलाद।
- सिरस, नट्स, और द्रव्य: 2-3 अखरोट, 2-5 पिस्ता, 5-10 किशमिश, 5-10 बादाम रोज़ खाएं।
- मांसाहारी लोग मछली का सेवन कर सकते हैं: मछली में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है, जो नसों के लिए फायदेमंद होता है।
चिकित्सक से परामर्श लें:
यदि पैरों में दर्द, सूजन, लाली, बुखार, या नीले-पीले पैरों की स्थिति हो और घरेलू उपाय से राहत न मिले, तो चिकित्सक से परामर्श लेना आवश्यक है। यह स्थिति गंभीर हो सकती है और तुरंत इलाज की आवश्यकता हो सकती है।
एक्यूप्रेशर:
पैरों के तलवों पर एक्यूप्रेशर रोलर करने से भी आराम मिलता है। इसे दिन में 5-7 बार 2 मिनट तक करें। रोलर करते समय पैरों पर हल्का पाउडर लगाएं, जिससे दबाव अधिक प्रभावी होता है।
मालिश के उपाय:
पैरों के तलवों और अंगूठे के नीचे दबाव डालकर मालिश करें। इसके अलावा, छोटे उंगली के नीचे भी दबाव डालें। एड़ी पर दबाव डालने से भी राहत मिलती है। यह प्रक्रिया दिन में 2-3 बार 15-15 सेकंड करें।
बचाव के उपाय:
- मधुमेह और उच्च रक्तचाप पर नियंत्रण रखें।
- व्यायाम करें, जिससे मांसपेशियां और जोड़ मजबूत रहें।
- संतुलित और पोषक भोजन करें।
- अत्यधिक शराब, तंबाकू, सिगरेट का सेवन न करें।
निष्कर्ष:
पैरों और टांगों में नसों का ऐंठन और दर्द एक सामान्य समस्या हो सकती है, लेकिन सही खानपान, व्यायाम, और घरेलू उपायों से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। यदि समस्या बढ़ जाए, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
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