
थायराइड: लक्षण और असरकारक घरेलू उपाय
थायराइड क्या है?
थायराइड एक ग्रंथि है जो हार्मोन का उत्पादन करती है और शरीर के विभिन्न कार्यों को नियंत्रित करती है। जब यह ग्रंथि सही से काम नहीं करती तो कई तरह की शारीरिक समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
थायराइड के लक्षण:
कब्ज:
थायराइड होने पर पाचन क्रिया प्रभावित होती है, जिससे कब्ज की समस्या हो सकती है। खाना पचाने में दिक्कत होती है और गले से नीचे आसानी से नहीं उतरता।हाथ-पैर ठंडे रहना:
थायराइड ग्रंथि के असंतुलन के कारण शरीर का तापमान सामान्य (98.4°F या 37°C) होते हुए भी हाथ-पैर ठंडे महसूस होते हैं।रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होना:
थायराइड होने से इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है, जिससे बार-बार बीमारियाँ होने लगती हैं।थकान और सुस्ती:
थायराइड से ग्रस्त व्यक्ति जल्दी थक जाता है, सुस्त महसूस करता है और शरीर की ऊर्जा खत्म होने लगती है।त्वचा का रूखा होना:
थायराइड की समस्या से त्वचा शुष्क और बेजान हो जाती है।जुकाम रहना:
थायराइड से ग्रस्त व्यक्ति को बार-बार जुकाम होता है जो सामान्य जुकाम से अलग होता है और जल्दी ठीक नहीं होता।डिप्रेशन:
थायराइड होने पर मानसिक तनाव, डिप्रेशन और एकाग्रता में कमी महसूस होती है। व्यक्ति का दिमाग सुस्त हो जाता है और याददाश्त कमजोर हो जाती है।बाल झड़ना:
थायराइड की समस्या से सिर के बाल और भौहों के बाल तेजी से झड़ने लगते हैं।मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द:
शरीर की मांसपेशियाँ और जोड़ों में कमजोरी और दर्द महसूस होना भी थायराइड का लक्षण हो सकता है।शारीरिक और मानसिक विकास में बाधा:
थायराइड से शरीर और दिमाग का विकास धीमा हो जाता है।
थायराइड के घरेलू उपाय:
लौकी का जूस:
रोज सुबह खाली पेट ताज़ा लौकी का जूस पिएं। यह थायराइड को संतुलित करने में मदद करता है।गेहूँ के जवारों का जूस:
घर पर ही गेहूं के जवारों का जूस निकालकर पिएं, यह शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है।एलोवेरा और तुलसी का सेवन:
एक गिलास पानी में 30 मिली एलोवेरा जूस और 2 बूँद तुलसी डालकर पिएं। यह इम्यूनिटी को मजबूत करता है और थायराइड को नियंत्रित करता है।प्राणायाम करें:
सुबह उठकर अनुलोम-विलोम, भस्त्रिका और कपालभाति जैसे योगासन करें। यह हार्मोन संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।संतुलित आहार लें:
अपनी डाइट में आयोडीन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे दही, मूंगफली, केला और अंकुरित अनाज शामिल करें।ऑर्गेनिक पांच तुलसी का सेवन करें:
बाजार में उपलब्ध ऑर्गेनिक पांच तुलसी की कुछ बूँदें रोजाना पानी में डालकर पिएं।
निष्कर्ष:
अगर आपको उपरोक्त लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। साथ ही, ऊपर बताए गए घरेलू उपायों को अपनाकर अपने थायराइड को नियंत्रित रख सकते हैं। प्राकृतिक और आयुर्वेदिक उपायों से शरीर को संतुलित किया जा सकता है।
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