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आयर्वेद में बुखार और दर्द का क्या इलाज है?

आयर्वेद में बुखार और दर्द का क्या इलाज है?

आयर्वेद में चिकनगुनिया फीवर का जिक्र नहीं है, लेकिन इसी से मिलते-जुलते संधि ज्वर का जिक्र है, जिसके लक्षण बुखार, जोड़ों में दर्द और सूजन आदि हैं।
- गिलोय (गुडुची या अमृता) का सेवन करें। बेल से रस निकालकर दिन में 2 बार (5-10 ML) करीब एक-एक टी-स्पून लें। इसके कैप्सूल भी आते हैं। 500 Mg का एक-एक दिन में दो बार कैप्सूल ले सकते हैं।
- तुलसी के 7-8 पत्तों को गर्म पानी, चाय या दूध में उबालकर दिन में दो-तीन बार लें। तुलसी कैप्सूल लेना है तो 500 Mg का दिन में दो बार लें।
- सौंठ शहद में मिलाकर ले सकते हैं, 5-5 ग्राम सुबह और शाम।

थायराइड के लक्षण और घरेलू उपचार

थायराइड

थायराइड की समस्या आजकल एक गंभीर समस्या बनी हुई है। थाइराइड गर्दन के सामने और स्वर तंत्र के दोनों तरफ होती है। ये तितली के आकार की होती है। थायराइड दो तरह का होता है। हाइपरथायराइडिज्म और हाइपोथायराइड। पुरूषों में आजकल थायराइड की दिक्कत बढ़ती जा रही है। थायराइड में वजन अचानक से बढ़ जाता है या कभी अचानक से कम हो जाता है। इस रोग में काफी दिक्कत होती है। आयुर्वेद में थायराइड को बढ़ने से रोकने के बेहद सफल प्रयोग बताएं गए हैं।

 

पुरूषों में थायराइड के लक्षण ( Thyriod Symptoms for men ) :

पथरी का आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक इलाज

पथरी का आयुर्वेदिक

पथरी का आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक इलाज 
सबसे पहले कुछ परहेज !
मित्रो जिसको भी शरीर मे पथरी है वो चुना कभी ना खाएं ! (काफी लोग पान मे डाल कर खा जाते हैं )
क्योंकि पथरी होने का मुख्य कारण आपके शरीर मे अधिक मात्रा मे कैलशियम का होना है | मतलब जिनके शरीर मे पथरी हुई है उनके शरीर मे जरुरत से अधिक मात्रा मे कैलशियम है लेकिन वो शरीर मे पच नहीं रहा है वो अलग बात हे| इसलिए आप चुना खाना बंद कर दीजिए|
आयुर्वेदिक इलाज !
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वेरीकोज नसों का कारण क्या हैं?

वेरीकोज नसों का कारण क्या हैं?

घरेलू उपचार स्पाइडर नस या वेरिकोस वेंस के इलाज के लिए...
वेरीकोज वेन्स/मकड़ी नस वे नसें होती हैं जो त्वचा की ऊपरी सतह से उभरी हुयी दिखाई देती हैं। 
अधिक दबाव पड़ने के कारण नसों के वाल्व (द्वार) खराब हो जाते हैं जिसकी वजह से ऐसा होता है।
सूजीं, मुड़ीं हुईं और उभरी हुयी ये नसें लाल या नीले रंग की होती हैं जो मुख्य रूप से जाँघों या पिंडलियों में दिखाई देती हैं।

ज़ुकाम होने पर क्या सावधानी बरतें ?

ज़ुकाम होने पर क्या सावधानी बरतें ?

अब आप लोग समझ ही गए होंगे की कफ हमारे शरीर में कब कहाँ और क्यों बनता है अब हम आपको बताते हैं की यदि आप ज़ुकाम से पीड़ित हैं तो आपको क्या करना चाहिये

आपको यह भी जानना चाहिये की शरीर में पानी की मात्रा कम कैसे होती है इसके कुछ मुख्य कारण निम्न है

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