सर्दियों में तिल से लगाएं दिल दूर होगी स्वास्थ्य सबंधी मुश्किल

सर्दियों में तिल के फायदों का खजाना: जानिए कैसे तिल आपके स्वास्थ्य को बना सकता है बेहतर
1. हड्डियां मजबूत करें

तिल में भरपूर मात्रा में कैल्शियम और कॉपर पाया जाता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। यह गठिया जैसी बीमारियों में भी बेहद लाभकारी है क्योंकि इसमें मौजूद कॉपर सूजन और दर्द को कम करने में मदद करता है।

सावन व् भादो मास में खान पान का विशेष् ध्यान रखे।

सावन और भादो मास में खान-पान पर विशेष ध्यान रखें: स्वास्थ्य संबंधी सलाह
1. वर्षा ऋतु में खानपान का महत्व

सावन और भादो मास में जलवायु में बदलाव और मच्छर, कीटाणुओं का प्रभाव बढ़ता है, जिससे पाचन शक्ति (जठराग्नि) कमजोर हो जाती है। इस दौरान वात, पित्त और कफ रोग बढ़ सकते हैं। इसलिए, इस मौसम में खानपान पर विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। आयुर्वेद के अनुसार इस मौसम में ताजे और जल्दी पचने वाले भोजन का सेवन करना चाहिए।

तुलसी के गुण

तुलसी: एक अद्भुत औषधि

तुलसी, जिसे भारतीय आयुर्वेद में "सत्पात्र औषधि" माना गया है, में गजब की रोगनाशक शक्ति है। विशेषकर सर्दी, खांसी और बुखार में तुलसी अद्भुत रूप से काम करती है। भारतीय आयुर्वेद के प्रमुख ग्रंथ 'चरक संहिता' में तुलसी के बारे में कहा गया है कि यह हिचकी, खांसी, जहर का प्रभाव, पसली का दर्द, और कई अन्य बीमारियों को दूर करने में सहायक है। इसके अलावा, तुलसी के सेवन से पित्त की वृद्धि और दूषित वायु खत्म होती है, जिससे शरीर स्वस्थ रहता है।

जानें सोंठ और सूखी अदरक के फायदे

सोंठ के अद्भुत स्वास्थ्य लाभ

सूखी अदरक, जिसे हम सोंठ के नाम से जानते हैं, एक आयुर्वेदिक औषधि के रूप में कई वर्षों से उपयोग की जा रही है। यह न केवल भोजन में स्वाद बढ़ाने के लिए बल्कि कई स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए भी उपयोगी होती है। आइए जानते हैं सोंठ के विभिन्न स्वास्थ्य लाभ:

1. हिचकी और पसलियों के दर्द में राहत

सोंठ को दूध में उबालकर ठंडा करके पीने से हिचकी आना बंद हो जाती है। वहीं, पसलियों में दर्द होने पर इसे पानी में उबालकर ठंडा कर दिन में कम से कम चार बार पीने से राहत मिलती है।

शरीर शुद्धिकर फल – नींबू

शरीर शुद्धिकर फल – नींबू

नींबू एक अनूठा प्राकृतिक फल है जो शरीर की शुद्धि और स्वास्थ्य संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह न तो अत्यधिक गर्म होता है और न ही अत्यधिक ठंडा, जिससे यह सभी प्रकार के शरीरों के लिए अनुकूल रहता है। नींबू पाचन शक्ति को बढ़ाता है, पित्त और वात को संतुलित करता है तथा रक्त, हृदय और यकृत की शुद्धि करता है। यह कृमिनाशक गुणों से भरपूर है और पेट के लिए अत्यधिक लाभकारी माना जाता है।

लाख दुखों की एक दवा : नीम

 नीम: एक चमत्कारी औषधीय वृक्ष
 परिचय

नीम को भारत में ‘गांव का दवाखाना’ कहा जाता है क्योंकि इसमें इतने औषधीय गुण होते हैं कि यह कई प्रकार की बीमारियों के इलाज में सहायक है। अपने एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीवायरल गुणों के कारण, यह आयुर्वेदिक चिकित्सा में पिछले चार हजार सालों से उपयोग किया जा र

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